16.1 धातु और अधातु Notes

16.1 धातु और अधातु

विषय: रेलवे ग्रुप D – रसायन विज्ञान (धातु कार्बन और आवर्त सारणी) अध्याय: 16.1 धातु और अधातु विषय-वस्तु: धातु अधातु के गुण

1. परिचय

धातु और अधातु आवर्त सारणी के दो प्रमुख वर्ग हैं, जिनके गुण परस्पर विपरीत होते हैं। धातुएँ जैसे लोहा, सोना, ताँबा, एल्युमिनियम चमकीली होती हैं और विद्युत का सुचालन करती हैं। दूसरी ओर अधातुएँ जैसे ऑक्सीजन, सल्फर, कार्बन चमकहीन होती हैं और सामान्यतः कुचालक होती हैं। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में धातुओं और अधातुओं के गुणों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

आवर्त सारणी में कुल 118 तत्वों में से लगभग 90 से अधिक धातुएँ हैं। धातुएँ आवर्त सारणी के बाईं ओर तथा अधातुएँ दाईं ओर पाई जाती हैं। धातु और अधातु के बीच के तत्वों को उपधातु (Metalloids) कहते हैं, जैसे सिलिकॉन और बोरॉन। सामान्यतः धातुएँ ठोस अवस्था में पाई जाती हैं, परंतु पारा एकमात्र धातु है जो कमरे के ताप पर द्रव रहती है।

इस अध्याय में हम धातुओं और अधातुओं के भौतिक तथा रासायनिक गुणों, उनके अंतर और परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदुओं का विस्तार से अध्ययन करेंगे। साथ ही धातुओं की प्रकृति तथा उनके उपयोगों को भी समझेंगे, जो आगे के अध्यायों में अभिक्रियाशीलता श्रेणी को समझने की नींव है।

2. धातुओं के भौतिक और रासायनिक गुण

भौतिक गुण:

  1. धात्विक चमक (Metallic Lustre): धातुएँ चमकीली होती हैं, जैसे सोने और चाँदी की चमक।
  2. विद्युत एवं ऊष्मा चालकता: धातुएँ विद्युत और ऊष्मा की सुचालक होती हैं। चाँदी सर्वोत्तम विद्युत चालक है।
  3. आघातवर्धनीयता (Malleability): धातु को पीटकर पतली चादर बनाई जा सकती है।
  4. तन्यता (Ductility): धातु से पतले तार खींचे जा सकते हैं।
  5. कठोरता: अधिकांश धातुएँ कठोर होती हैं, परंतु सोडियम और पोटैशियम मुलायम होती हैं।
  6. अवस्था: सामान्य ताप पर सभी धातुएँ ठोस होती हैं, केवल पारा द्रव होता है।
  7. घनत्व और गलनांक: सामान्यतः अधिक होते हैं, परंतु सोडियम और पोटैशियम का घनत्व जल से कम होता है।

रासायनिक गुण:

  1. ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया: धातुएँ ऑक्सीजन के साथ मिलकर धातु ऑक्साइड बनाती हैं। उदाहरण: 4Na + O2 → 2Na2O; 2Mg + O2 → 2MgO।
  2. जल के साथ अभिक्रिया: सोडियम और पोटैशियम जल से तीव्र अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं।
  3. अम्ल के साथ अभिक्रिया: धातुएँ अम्ल से हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं। उदाहरण: Zn + 2HCl → ZnCl2 + H2।
  4. ऑक्सीजन से धातु ऑक्साइड बनाना: कुछ धातु ऑक्साइड जल में घुलकर क्षार बनाते हैं।

हल किया गया उदाहरण 1: जब जिंक को हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डाला जाता है तो क्या होता है?

3. अधातुओं के भौतिक और रासायनिक गुण

भौतिक गुण:

  1. चमक नहीं होती: अधिकांश अधातुएँ चमकहीन होती हैं, हालांकि हीरा और आयोडीन चमकीले होते हैं।
  2. कुचालक: अधातुएँ सामान्यतः विद्युत और ऊष्मा की कुचालक होती हैं, परंतु ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक है।
  3. भंगुर (Brittle): ठोस अधातुएँ भंगुर होती हैं और पीटने पर टूट जाती हैं।
  4. अवस्था: अधातुएँ ठोस, द्रव और गैस तीनों अवस्थाओं में पाई जाती हैं। ब्रोमीन एकमात्र द्रव अधातु है।
  5. कम घनत्व और निम्न गलनांक: सामान्यतः अधातुओं के घनत्व और गलनांक कम होते हैं।

रासायनिक गुण:

  1. ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया: अधातुएँ ऑक्सीजन से मिलकर अधातु ऑक्साइड बनाती हैं, जो प्रायः अम्लीय होते हैं। उदाहरण: S + O2 → SO2; C + O2 → CO2।
  2. जल के साथ अभिक्रिया: अधातुएँ प्रायः जल से अभिक्रिया नहीं करतीं।
  3. अम्ल के साथ अभिक्रिया: अधातुएँ प्रायः अम्ल से अभिक्रिया नहीं करतीं, हाइड्रोजन गैस नहीं मुक्त करतीं।
  4. क्षारों के साथ अभिक्रिया: कुछ अधातुएँ क्षारों से अभिक्रिया करती हैं।

हल किया गया उदाहरण 2: सल्फर को ऑक्सीजन में जलाने पर कौन-सा गैस बनता है?

4. धातु और अधातु में तुलना

धातुओं और अधातुओं की तुलना उनके गुणों के आधार पर की जाती है:

हल किया गया उदाहरण 3: ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक कैसे है, जबकि यह कार्बन है?

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: धातु और अधातु के भौतिक गुणों की तुलना

गुण धातु अधातु
चमक धात्विक चमक चमकहीन (हीरा, आयोडीन अपवाद)
चालकता विद्युत, ऊष्मा की सुचालक कुचालक (ग्रेफाइट अपवाद)
आघातवर्धनीयता होती है भंगुर
तन्यता होती है नहीं होती
अवस्था ठोस (पारा द्रव) ठोस, द्रव, गैस
द्रव धातु/अधातु पारा ब्रोमीन

तालिका 2: धातु और अधातु के रासायनिक गुण

अभिक्रिया धातु अधातु
ऑक्सीजन से धातु ऑक्साइड (क्षारीय) अधातु ऑक्साइड (अम्लीय)
जल से हाइड्रोजन गैस (कुछ धातुएँ) सामान्यतः अभिक्रिया नहीं
अम्ल से हाइड्रोजन गैस सामान्यतः अभिक्रिया नहीं
इलेक्ट्रॉन त्यागती हैं ग्रहण करती हैं

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[16.1 धातु और अधातु] --> B[धातु]
    A --> C[अधातु]
    A --> D[तुलना]
    B --> B1[चमक चालकता]
    B --> B2[आघातवर्धनीयता]
    B --> B3[पारा द्रव धातु]
    C --> C1[चमकहीन]
    C --> C2[भंगुर कुचालक]
    C --> C3[ब्रोमीन द्रव अधातु]
    D --> D1[क्षारीय ऑक्साइड]
    D --> D2[अम्लीय ऑक्साइड]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

धातु और अधातु के गुण धातु चमकीली सुचालक आघातवर्धनीय तन्य उदाहरण: सोना, लोहा, ताँबा अधातु चमकहीन कुचालक भंगुर गैस, द्रव, ठोस उदाहरण: ऑक्सीजन, सल्फर विशेष तथ्य पारा द्रव धातु, ब्रोमीन द्रव अधातु स्वर्ण नियम धातुएँ इलेक्ट्रॉन त्यागती हैं और अधातुएँ ग्रहण करती हैं।

धातु ऑक्साइड और अधातु ऑक्साइड धातु ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति 2Mg + O2 = 2MgO अधातु ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति S + O2 = SO2 परीक्षण लाल लिटमस धातु ऑक्साइड से नीला होता है नीला लिटमस अधातु ऑक्साइड से लाल होता है स्वर्ण नियम धातु ऑक्साइड जल में घुलकर क्षार और अधातु ऑक्साइड अम्ल बनाते हैं।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. विद्यार्थी पारे को अधातु मान लेते हैं; पारा (Hg) एक धातु है जो कमरे के ताप पर द्रव रहती है।
  2. कई विद्यार्थी ब्रोमीन को धातु मानते हैं; ब्रोमीन एकमात्र द्रव अधातु है।
  3. ग्रेफाइट को विद्युत कुचालक समझना गलत है; ग्रेफाइट कार्बन का अपररूप है जो विद्युत का सुचालक है।
  4. यह गलती आम है कि सभी धातुएँ भारी होती हैं; सोडियम और पोटैशियम जल से हल्के होते हैं।
  5. कुछ विद्यार्थी मानते हैं कि सभी धातुएँ कठोर होती हैं; सोडियम और पोटैशियम चाकू से काटे जा सकते हैं।
  6. अधातु ऑक्साइड को क्षारीय मान लेना सामान्य गलती है; अधातु ऑक्साइड अम्लीय होते हैं।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. द्रव अवस्था वाले तत्व याद रखें: पारा (धातु) और ब्रोमीन (अधातु), ये प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।
  2. धातु ऑक्साइड क्षारीय और अधातु ऑक्साइड अम्लीय होते हैं, इसे लिटमस परीक्षण से जोड़कर याद करें।
  3. सर्वोत्तम विद्युत चालक चाँदी है, जबकि सोना दूसरे स्थान पर है।
  4. ग्रेफाइट और हीरा दोनों कार्बन के अपररूप हैं; ग्रेफाइट सुचालक, हीरा कठोरतम पदार्थ।
  5. जिंक अम्ल से हाइड्रोजन गैस मुक्त करता है: Zn + 2HCl → ZnCl2 + H2, यह समीकरण याद रखें।
  6. अभिक्रिया याद रखें: 4Na + O2 → 2Na2O और S + O2 → SO2, ये अक्सर पूछे जाते हैं।

10. निष्कर्ष

धातुएँ चमकीली, सुचालक, आघातवर्धनीय और तन्य होती हैं, जबकि अधातुएँ चमकहीन, कुचालक और भंगुर होती हैं। धातुएँ इलेक्ट्रॉन त्यागकर क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं, जबकि अधातुएँ इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके अम्लीय ऑक्साइड बनाती हैं। पारा द्रव धातु और ब्रोमीन द्रव अधातु है। इन गुणों की स्पष्ट समझ रेलवे ग्रुप D परीक्षा में धातु और अधातु से संबंधित प्रश्नों को सही उत्तर देने के साथ-साथ अभिक्रियाशीलता श्रेणी और आवर्त सारणी जैसे आगे के अध्यायों को समझने में भी सहायक होती है।