16.3 संक्षारण Notes

16.3 संक्षारण

विषय: रेलवे ग्रुप D – रसायन विज्ञान (धातु कार्बन और आवर्त सारणी) अध्याय: 16.3 संक्षारण विषय-वस्तु: संक्षारण, जंग लगना

1. परिचय

जब धातुएँ वायुमंडल की नमी, ऑक्सीजन तथा अम्लीय गैसों के संपर्क में आती हैं, तो धीरे-धीरे नष्ट होने लगती हैं। धातुओं के इस रासायनिक नष्ट होने की प्रक्रिया को संक्षारण (Corrosion) कहते हैं। संक्षारण सबसे आम रूप में लोहे पर जंग लगने (Rusting) के रूप में दिखाई देता है। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में संक्षारण, जंग लगने के कारण और संक्षारण रोकने के उपायों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

लोहे में जंग लगने की प्रक्रिया में लोहा वायु की ऑक्सीजन तथा नमी के साथ अभिक्रिया करके आयरन ऑक्साइड बनाता है। यह आयरन ऑक्साइड लाल-भूरे रंग का पदार्थ है, जिसे जंग (Rust) कहते हैं। जंग लगने पर लोहा कमजोर हो जाता है और धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है। जंग का रासायनिक सूत्र Fe2O3.xH2O होता है।

संक्षारण केवल लोहे तक सीमित नहीं है; चाँदी पर काला धब्बा (सिल्वर सल्फाइड), ताँबे पर हरा धब्बा (कॉपर कार्बोनेट) तथा एल्युमिनियम पर सफेद परत बनना भी संक्षारण के ही उदाहरण हैं। ये सभी धातुओं के वायुमंडलीय कारकों के साथ रासायनिक अभिक्रिया का परिणाम होते हैं।

2. जंग लगने की प्रक्रिया और कारक

जंग लगना लोहे के संक्षारण की प्रक्रिया है। लोहा वायु की ऑक्सीजन और नमी (जल) के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रेटेड आयरन (III) ऑक्साइड बनाता है। इस प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन और नमी दोनों आवश्यक हैं; केवल एक की उपस्थिति से जंग नहीं लगती।

जंग लगने की प्रक्रिया:

जंग लगने को प्रभावित करने वाले कारक:

  1. नमी: नमी जितनी अधिक होगी, जंग उतनी तेजी से लगेगी।
  2. ऑक्सीजन: वायु की ऑक्सीजन अनिवार्य है।
  3. लवण: नमक जंग लगने की प्रक्रिया को तेज करता है, इसीलिए समुद्री क्षेत्रों में जंग जल्दी लगती है।
  4. अम्लीय गैसें: वायु में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड जंग को बढ़ाती हैं।

हल किया गया उदाहरण 1: शुष्क वायु में लोहे पर जंग क्यों नहीं लगती?

3. अन्य धातुओं का संक्षारण

संक्षारण केवल लोहे तक सीमित नहीं है; विभिन्न धातुओं पर अलग-अलग प्रकार के संक्षारण देखे जाते हैं:

हल किया गया उदाहरण 2: ताँबे पर हरी परत क्यों बन जाती है?

4. संक्षारण रोकने के उपाय

संक्षारण से धातुओं को बचाने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जाते हैं:

  1. रंगना और पेंट करना: धातु की सतह पर पेंट लगाने से वह नमी और ऑक्सीजन से अलग हो जाती है। जंग से बचाने के लिए लोहे की कीलों पर जिंक की परत चढ़ाई जाती है।
  2. तैल लगाना: मशीनों के धात्विक पुर्जों पर तेल लगाने से जंग नहीं लगती।
  3. ग्रीस लगाना: बियरिंग और गियर जैसे पुर्जों पर ग्रीस लगाई जाती है।
  4. गैल्वेनीकरण (Galvanisation): लोहे की सतह पर जिंक की पतली परत चढ़ाना गैल्वेनीकरण कहलाता है। यह विधि जंग से सबसे अच्छी सुरक्षा देती है। जस्ती लोहा (galvanised iron) छतों और पानी की टंकियों में उपयोग होता है।
  5. टिन का लेपन (Tinning): लोहे की सतह पर टिन की परत चढ़ाना, जैसे खाद्य डिब्बों में।
  6. क्रोमियम लेपन: सजावटी वस्तुओं पर क्रोमियम की परत चढ़ाई जाती है, जैसे नल और हैंडल।
  7. ऐनोडिक सुरक्षा और सैक्रिफिशियल इलेक्ट्रोड: जिंक या मैग्नीशियम का ब्लॉक लोहे से जोड़कर लोहे को बचाया जाता है; यह अधिक अभिक्रियाशील धातु पहले क्षरित होती है।

हल किया गया उदाहरण 3: गैल्वेनीकरण क्या है और इसका उपयोग कहाँ होता है?

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: विभिन्न धातुओं का संक्षारण

धातु संक्षारण उत्पाद रंग उत्पाद का नाम
लोहा Fe2O3.xH2O लाल-भूरा जंग
चाँदी Ag2S काला सिल्वर सल्फाइड
ताँबा CuCO3 हरा कॉपर कार्बोनेट
एल्युमिनियम Al2O3 सफेद एल्युमिनियम ऑक्साइड

तालिका 2: संक्षारण रोकने की विधियाँ

विधि विवरण उपयोग
गैल्वेनीकरण जिंक की परत चढ़ाना छत, टंकी, तार
टिन लेपन टिन की परत चढ़ाना खाद्य डिब्बे
क्रोमियम लेपन क्रोमियम की परत नल, हैंडल
पेंट/तैल सतह का लेपन मशीनें, पुल

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[16.3 संक्षारण] --> B[लोहे का संक्षारण]
    A --> C[अन्य धातु]
    A --> D[रोकने के उपाय]
    B --> B1[Fe2O3.xH2O]
    B --> B2[ऑक्सीजन और नमी आवश्यक]
    C --> C1[चाँदी पर काला Ag2S]
    C --> C2[ताँबे पर हरा CuCO3]
    D --> D1[गैल्वेनीकरण]
    D --> D2[पेंट तैल टिन लेपन]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

लोहे में जंग लगने की प्रक्रिया लोहा + ऑक्सीजन + नमी = जंग ऑक्सीजन वायु से नमी जलवाष्प से जंग = Fe2O3.xH2O लाल-भूरे रंग का पदार्थ महत्वपूर्ण तथ्य केवल ऑक्सीजन या केवल नमी से जंग नहीं लगती नमक और अम्लीय गैसें जंग की प्रक्रिया तेज करती हैं स्वर्ण नियम: जंग लगने के लिए ऑक्सीजन और नमी दोनों आवश्यक हैं।

संक्षारण रोकने की विधियाँ गैल्वेनीकरण जिंक की परत चढ़ाना छत, टंकी, तार टिन लेपन टिन की परत चढ़ाना खाद्य डिब्बे क्रोमियम लेपन क्रोमियम की परत नल, हैंडल पेंट और तैल सतह का लेपन मशीनें, पुल जंग से बचाव का सिद्धांत धातु को नमी और ऑक्सीजन के संपर्क से अलग करना ही संक्षारण रोकने का मुख्य उपाय है स्वर्ण नियम जंग से बचने के लिए लोहे की सतह को नमी और ऑक्सीजन के संपर्क से बचाएं।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. कई विद्यार्थी मानते हैं कि जंग लगने के लिए केवल ऑक्सीजन पर्याप्त है; वास्तव में नमी और ऑक्सीजन दोनों आवश्यक हैं।
  2. जंग का सूत्र केवल Fe2O3 लिखना गलत है; सही सूत्र Fe2O3.xH2O (हाइड्रेटेड रूप) होता है।
  3. चाँदी पर काली परत को चाँदी का ऑक्साइड समझना गलत है; यह सिल्वर सल्फाइड (Ag2S) है।
  4. ताँबे पर हरी परत को ऑक्साइड मानना गलत है; यह कॉपर कार्बोनेट (CuCO3) है।
  5. एल्युमिनियम पर बनी Al2O3 परत को हानिकारक मानना गलत है; यह परत एल्युमिनियम को आगे क्षरण से बचाती है।
  6. गैल्वेनीकरण को लोहे पर लोहे की परत चढ़ाना समझना गलत है; इसमें जिंक की परत चढ़ाई जाती है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. जंग लगने के लिए ऑक्सीजन और नमी दोनों आवश्यक हैं, यह सबसे पूछा जाने वाला तथ्य है।
  2. जंग का सूत्र Fe2O3.xH2O और रंग लाल-भूरा याद रखें।
  3. संक्षारण उत्पाद याद रखें: लोहा-जंग, चाँदी-Ag2S (काला), ताँबा-CuCO3 (हरा), एल्युमिनियम-Al2O3 (सफेद)।
  4. गैल्वेनीकरण = लोहे पर जिंक की परत, यह सबसे अधिक पूछा जाने वाला उपाय है।
  5. नमक जंग को तेज करता है, इसीलिए समुद्री जलवायु में जंग जल्दी लगती है।
  6. पेंट, तैल, ग्रीस और टिन लेपन संक्षारण रोकने के सामान्य उपाय हैं, इन्हें उदाहरण सहित याद करें।

10. निष्कर्ष

संक्षारण धातुओं के वायुमंडलीय कारकों के साथ अभिक्रिया करके नष्ट होने की प्रक्रिया है। लोहे में जंग लगना संक्षारण का सबसे आम रूप है, जिसमें नमी और ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है और हाइड्रेटेड आयरन ऑक्साइड (Fe2O3.xH2O) बनता है। चाँदी, ताँबा और एल्युमिनियम का भी अपना विशेष संक्षारण होता है। गैल्वेनीकरण, पेंट, तैल और लेपन द्वारा संक्षारण को रोका जा सकता है। इन अवधारणाओं की स्पष्ट समझ रेलवे ग्रुप D परीक्षा में संक्षारण से संबंधित प्रश्नों को हल करने के लिए आवश्यक है।