14.7 परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या Notes

14.7 परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या

विषय: रेलवे ग्रुप D – रसायन विज्ञान (पदार्थ और परमाणु संरचना) अध्याय: 14.7 परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या विषय-वस्तु: Z और A, समस्थानिक

1. परिचय

किसी तत्व के परमाणु की पहचान उसकी परमाणु संख्या (Z) और द्रव्यमान संख्या (A) से होती है। परमाणु संख्या प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होती है, जबकि द्रव्यमान संख्या प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों के योग के बराबर होती है। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में इन दोनों संख्याओं की गणना और समस्थानिकों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

परमाणु संख्या का प्रतीक 'Z' और द्रव्यमान संख्या का प्रतीक 'A' होता है। जब किसी परमाणु को लिखा जाता है, तो द्रव्यमान संख्या ऊपर और परमाणु संख्या नीचे की ओर लिखी जाती है। उदाहरण के लिए, सोडियम परमाणु को निम्न प्रकार लिखते हैं: ऊपर 23 (द्रव्यमान संख्या), नीचे 11 (परमाणु संख्या)।

इस अध्याय में हम परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या की परिभाषा, उनसे न्यूट्रॉन की गणना, समस्थानिक, समभारिक और समन्यूट्रॉनिक की अवधारणाओं को विस्तार से समझेंगे। समस्थानिकों का दैनिक जीवन और चिकित्सा में विशेष महत्व है, जैसे कार्बन-14 का कार्बन डेटिंग में तथा आयोडीन-131 का उपयोग।

2. परमाणु संख्या (Z)

किसी तत्व के परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या को परमाणु संख्या कहते हैं। इसे 'Z' से निरूपित किया जाता है।

परमाणु संख्या की मुख्य विशेषताएँ:

  1. उदासीन परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या = परमाणु संख्या।
  2. परमाणु संख्या से ही किसी तत्व की पहचान होती है।
  3. अलग-अलग तत्वों की परमाणु संख्या अलग-अलग होती है।
  4. आवर्त सारणी में तत्वों को उनकी परमाणु संख्या के क्रम में व्यवस्थित किया गया है।
  5. उदाहरण: हाइड्रोजन (Z=1), कार्बन (Z=6), ऑक्सीजन (Z=8), सोडियम (Z=11), कैल्शियम (Z=20)।

हल किया गया उदाहरण 1: यदि किसी परमाणु में 8 प्रोटॉन हैं, तो उसकी परमाणु संख्या और उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या कितनी होगी?

3. द्रव्यमान संख्या (A) और न्यूट्रॉन की गणना

किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या को द्रव्यमान संख्या कहते हैं। इसे 'A' से निरूपित किया जाता है।

सूत्र: द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉनों की संख्या (Z) + न्यूट्रॉनों की संख्या (n)

अतः न्यूट्रॉनों की संख्या = A - Z।

हल किया गया उदाहरण 2: सोडियम की परमाणु संख्या 11 और द्रव्यमान संख्या 23 है। न्यूट्रॉनों की संख्या ज्ञात कीजिए।

हल किया गया उदाहरण 3: कार्बन परमाणु में 6 प्रोटॉन और 6 न्यूट्रॉन हैं। परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए।

4. समस्थानिक (Isotopes), समभारिक (Isobars) और समन्यूट्रॉनिक (Isotones)

समस्थानिक (Isotopes): एक ही तत्व के ऐसे परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान होती है परंतु द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है। न्यूट्रॉनों की संख्या में अंतर के कारण द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है।

समस्थानिकों के रासायनिक गुण समान होते हैं, क्योंकि रासायनिक गुण इलेक्ट्रॉनों पर निर्भर करते हैं। भौतिक गुण (जैसे द्रव्यमान) में अंतर होता है।

समस्थानिकों के उपयोग:

समभारिक (Isobars): अलग-अलग तत्वों के ऐसे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान होती है परंतु परमाणु संख्या भिन्न होती है। उदाहरण: आर्गन (Z=18, A=40) और कैल्शियम (Z=20, A=40)।

समन्यूट्रॉनिक (Isotones): अलग-अलग तत्वों के ऐसे परमाणु जिनमें न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती है। उदाहरण: कार्बन-14 (Z=6, n=8) और नाइट्रोजन-15 (Z=7, n=8)।

हल किया गया उदाहरण 4: ड्यूटेरियम और ट्राइटियम को समस्थानिक क्यों कहते हैं?

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या की तुलना

विशेषता परमाणु संख्या (Z) द्रव्यमान संख्या (A)
परिभाषा प्रोटॉनों की संख्या प्रोटॉन + न्यूट्रॉन
स्थान नाभिक नाभिक
तत्व की पहचान हाँ नहीं
सूत्र Z = प्रोटॉन A = Z + न्यूट्रॉन
उदाहरण सोडियम Z=11 सोडियम A=23

तालिका 2: समस्थानिक, समभारिक और समन्यूट्रॉनिक

प्रकार परमाणु संख्या द्रव्यमान संख्या न्यूट्रॉन उदाहरण
समस्थानिक समान भिन्न भिन्न प्रोटियम, ड्यूटेरियम
समभारिक भिन्न समान भिन्न Ar-40, Ca-40
समन्यूट्रॉनिक भिन्न भिन्न समान C-14, N-15

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[14.7 परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या] --> B[परमाणु संख्या Z]
    A --> C[द्रव्यमान संख्या A]
    A --> D[समस्थानिक]
    A --> E[समभारिक व समन्यूट्रॉनिक]
    B --> B1[प्रोटॉनों की संख्या]
    B --> B2[तत्व की पहचान]
    C --> C1[प्रोटॉन + न्यूट्रॉन]
    C --> C2[न्यूट्रॉन = A - Z]
    D --> D1[Z समान A भिन्न]
    D --> D2[हाइड्रोजन के तीन]
    E --> E1[समभारिक A समान]
    E --> E2[समन्यूट्रॉनिक n समान]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

सोडियम परमाणु: Z = 11, A = 23 नाभिक 11P + 12N K = 2 L = 8 M = 1 स्वर्ण नियम न्यूट्रॉनों की संख्या = द्रव्यमान संख्या - परमाणु संख्या = A - Z।

हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक 1P 1e प्रोटियम Z=1, A=1 1P+1N 1e ड्यूटेरियम Z=1, A=2 1P+2N 1e ट्राइटियम Z=1, A=3 समस्थानिक की परिभाषा परमाणु संख्या समान, द्रव्यमान संख्या भिन्न होने पर समस्थानिक कहलाते हैं स्वर्ण नियम समस्थानिकों के रासायनिक गुण समान होते हैं क्योंकि उनके इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. कई विद्यार्थी परमाणु संख्या को न्यूट्रॉनों की संख्या मान लेते हैं; वास्तव में परमाणु संख्या प्रोटॉनों की संख्या होती है।
  2. द्रव्यमान संख्या को केवल प्रोटॉनों की संख्या मानना गलत है; द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन।
  3. न्यूट्रॉन की गणना में A - Z के स्थान पर Z - A लिखना सामान्य गलती है।
  4. समस्थानिक और समभारिक में भ्रम होता है; समस्थानिक में Z समान (A भिन्न), समभारिक में A समान (Z भिन्न) होती है।
  5. प्रोटियम, ड्यूटेरियम, ट्राइटियम को भिन्न तत्व मानना गलत है; तीनों हाइड्रोजन के समस्थानिक हैं।
  6. कार्बन-14 का उपयोग कैंसर उपचार में समझना गलत है; कार्बन-14 कार्बन डेटिंग में और कोबाल्ट-60 कैंसर उपचार में प्रयुक्त होता है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. न्यूट्रॉन निकालने का सूत्र हमेशा याद रखें: न्यूट्रॉन = A - Z।
  2. समस्थानिक पहचानने के लिए Z देखें (समान होना चाहिए); समभारिक के लिए A देखें (समान होना चाहिए)।
  3. हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक और उनकी द्रव्यमान संख्या (1, 2, 3) कंठस्थ रखें।
  4. समस्थानिकों के उपयोग याद रखें: कार्बन-14 (डेटिंग), कोबाल्ट-60 (कैंसर), आयोडीन-131 (थायरॉइड), यूरेनियम-235 (नाभिकीय ईंधन)।
  5. परमाणु संख्या ही तत्व की पहचान है, यह कथन प्रश्नों में प्रायः आता है।
  6. समन्यूट्रॉनिक में न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती है; उदाहरण कार्बन-14 और नाइट्रोजन-15 याद रखें।

10. निष्कर्ष

परमाणु संख्या (Z) प्रोटॉनों की संख्या है जो तत्व की पहचान कराती है, जबकि द्रव्यमान संख्या (A) प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों का योग है। न्यूट्रॉनों की संख्या A - Z से ज्ञात की जाती है। समस्थानिक वे परमाणु होते हैं जिनकी परमाणु संख्या समान और द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है, जैसे हाइड्रोजन के प्रोटियम, ड्यूटेरियम और ट्राइटियम। समस्थानिकों के रासायनिक गुण समान होते हैं। इन अवधारणाओं की स्पष्ट समझ रेलवे ग्रुप D परीक्षा में Z, A और समस्थानिक से संबंधित प्रश्नों को हल करने में सहायक होती है।