15.3 अपघटन अभिक्रिया Notes

15.3 अपघटन अभिक्रिया

विषय: रेलवे ग्रुप D – रसायन विज्ञान (अभिक्रियाएँ और रासायनिक गुण) अध्याय: 15.3 अपघटन अभिक्रिया विषय-वस्तु: अपघटन अभिक्रिया, ऊष्माक्षेपी

1. परिचय

अपघटन अभिक्रिया वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें एक यौगिक ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत के प्रभाव में टूटकर दो या दो से अधिक सरल पदार्थों में बदल जाता है। इसका सामान्य रूप AB → A + B है। यह संयोजन अभिक्रिया की ठीक उल्टी है, क्योंकि संयोजन में कई अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं, जबकि अपघटन में एक यौगिक कई उत्पादों में विभाजित होता है। उदाहरण के लिए चूना पत्थर (CaCO3) को गर्म करने पर कैल्शियम ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड बनते हैं – यह एक प्रसिद्ध अपघटन अभिक्रिया है।

अपघटन अभिक्रियाएँ प्रायः ऊष्माशोषी होती हैं, अर्थात इनमें ऊर्जा अवशोषित होती है, क्योंकि यौगिक के आबंधों को तोड़ने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। अपघटन में प्रयुक्त ऊर्जा के स्रोत के आधार पर इसे तीन प्रकारों में बाँटा जाता है: ऊष्मीय अपघटन (ऊष्मा से), प्रकाश अपघटन या फोटोलिसिस (प्रकाश से) तथा विद्युत अपघटन (विद्युत धारा से)। इस अभ्यास में रासायनिक यौगिकों के विघटन की यह प्रक्रिया उद्योगों, फोटोग्राफी तथा विद्युत अपघटनीय शोधन जैसे अनेक क्षेत्रों में उपयोगी होती है।

RRB ग्रुप D की परीक्षा में अपघटन अभिक्रिया के उदाहरण, इसके प्रकार, ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी अभिक्रियाओं की पहचान तथा उत्पादों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। विशेष रूप से CaCO3 का अपघटन, 2AgCl का प्रकाश में अपघटन, तथा जल का विद्युत अपघटन सबसे अधिक परीक्षाओं में दोहराए गए हैं। इस अध्याय में हम इन्हीं अवधारणाओं को उदाहरण सहित विस्तार से समझेंगे, ताकि परीक्षा में इस प्रकार के प्रश्नों का उत्तर सटीकता से दे सकें।

2. अपघटन अभिक्रिया की परिभाषा और प्रकार

अपघटन अभिक्रिया में एक यौगिक ऊर्जा प्राप्त करके दो या अधिक सरल पदार्थों में टूट जाता है। इसका सामान्य रूप है:

ऊर्जा के स्रोत के आधार पर इसके तीन प्रकार हैं:

इन तीनों प्रकारों को याद रखने की सरल विधि है ऊर्जा के स्रोत को देखना। यदि समीकरण में ताप (Δ या गर्म करने का संकेत) है तो ऊष्मीय, सूर्य का प्रकाश या 'प्रकाश' शब्द है तो प्रकाश अपघटन, तथा विद्युत धारा या 'बिजली' का संकेत है तो विद्युत अपघटन।

3. प्रमुख अपघटन अभिक्रियाओं के उदाहरण

अपघटन अभिक्रियाओं के कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण उदाहरण निम्न हैं:

इन उदाहरणों में यह विशेष ध्यान रखना चाहिए कि अपघटन अभिक्रिया में हमेशा एक अभिकारक (यौगिक) होता है और उत्पाद दो या अधिक होते हैं। सिल्वर क्लोराइड तथा सिल्वर ब्रोमाइड के प्रकाश-अपघटन का उपयोग फोटोग्राफिक फिल्म में होता है, इसलिए ये दोनों उदाहरण RRB परीक्षा के लिए विशेष महत्वपूर्ण हैं।

4. ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी अभिक्रिया तथा कार्य उदाहरण

ऊर्जा के आधार पर अभिक्रियाओं को दो भागों में बाँटा जाता है:

अपघटन अभिक्रियाएँ सामान्यतः ऊष्माशोषी होती हैं, क्योंकि आबंध तोड़ने में ऊर्जा लगती है। परंतु कुछ अपघटन अभिक्रियाएँ स्वतः होने पर अत्यंत ऊष्माक्षेपी होती हैं, जैसे (NH4)2Cr2O7 का अपघटन जिसमें आग और ऊष्मा निकलती है।

उदाहरण 1: 2AgCl को सूर्य के प्रकाश में रखने पर क्या होता है? - उत्तर: सफेद सिल्वर क्लोराइड सिल्वर (ग्रे) और क्लोरीन गैस में बदल जाता है। - समीकरण: 2AgCl(s) → 2Ag(s) + Cl2(g) - यह प्रकाश अपघटन है।

उदाहरण 2: जल का विद्युत अपघटन करने पर कैथोड पर कौन-सी गैस बनती है? - उत्तर: कैथोड (ऋण ध्रुव) पर हाइड्रोजन गैस, एनोड (धन ध्रुव) पर ऑक्सीजन गैस। - आयतन अनुपात: H2 : O2 = 2 : 1 - समीकरण: 2H2O(l) → 2H2(g) + O2(g)

उदाहरण 3: 2Pb(NO3)2 को गर्म करने पर कौन-सी भूरी गैस निकलती है? - उत्तर: नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2)। - समीकरण: 2Pb(NO3)2(s) → 2PbO(s) + 4NO2(g) + O2(g) - यह ऊष्मीय अपघटन है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

क्रम अपघटन अभिक्रिया प्रकार ऊर्जा स्रोत
1 CaCO3 → CaO + CO2 ऊष्मीय ऊष्मा
2 2KClO3 → 2KCl + 3O2 ऊष्मीय ऊष्मा
3 2FeSO4 → Fe2O3 + SO2 + SO3 ऊष्मीय ऊष्मा
4 2AgCl → 2Ag + Cl2 प्रकाश सूर्य प्रकाश
5 2AgBr → 2Ag + Br2 प्रकाश सूर्य प्रकाश
6 2H2O → 2H2 + O2 विद्युत विद्युत धारा
7 2NaCl → 2Na + Cl2 विद्युत विद्युत धारा

तालिका 2

अभिक्रिया प्रकार ऊष्मा का प्रभाव उदाहरण
ऊष्माक्षेपी ऊष्मा बाहर निकलती है CaO + H2O → Ca(OH)2
ऊष्माक्षेपी ऊष्मा बाहर निकलती है C + O2 → CO2
ऊष्माशोषी ऊष्मा अवशोषित होती है CaCO3 → CaO + CO2
ऊष्माशोषी ऊष्मा अवशोषित होती है 2H2O → 2H2 + O2

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[अपघटन अभिक्रिया AB → A + B] --> B[ऊष्मीय अपघटन]
    A --> C[प्रकाश अपघटन]
    A --> D[विद्युत अपघटन]
    B --> B1[CaCO3 → CaO + CO2]
    B --> B2[2KClO3 → 2KCl + 3O2]
    B --> B3[2Pb(NO3)2 → 2PbO + 4NO2 + O2]
    C --> C1[2AgCl → 2Ag + Cl2]
    C --> C2[2AgBr → 2Ag + Br2]
    D --> D1[2H2O → 2H2 + O2]
    D --> D2[2NaCl → 2Na + Cl2]
    A --> E[लक्षण]
    E --> E1[एक अभिकारक, कई उत्पाद]
    E --> E2[प्रायः ऊष्माशोषी]
    E --> E3[संयोजन की उल्टी]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

अपघटन अभिक्रिया AB → A + B AB केवल एक अभिकारक A सरल पदार्थ B सरल पदार्थ ऊष्मा/प्रकाश/विद्युत प्रमुख उदाहरण CaCO3 → CaO + CO2 (ऊष्मीय) 2AgCl → 2Ag + Cl2 (प्रकाश) 2H2O → 2H2 + O2 (विद्युत) 2Pb(NO3)2 → 2PbO + 4NO2 + O2 (NH4)2Cr2O7 → N2 + Cr2O3 + 4H2O स्वर्ण नियम यदि एक अभिकारक कई उत्पाद बनाता है, तो वह अपघटन अभिक्रिया है।

ऊष्माक्षेपी बनाम ऊष्माशोषी अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी ऊष्मा बाहर निकलती है CaO + H2O → Ca(OH)2 + ऊष्मा दहन, श्वसन अपघटन के विपरीत ऊष्माशोषी ऊष्मा अवशोषित होती है CaCO3 + ऊष्मा → CaO + CO2 2H2O + ऊर्जा → 2H2 + O2 अपघटन प्रायः ऊष्माशोषी स्वतः ऊष्माक्षेपी अपघटन (NH4)2Cr2O7 → N2 + Cr2O3 + 4H2O आग और ऊष्मा के साथ ज्वालामुखी जैसा विस्फोट इसे ज्वालामुखी अभिक्रिया कहते हैं स्वर्ण नियम अपघटन अभिक्रिया आबंध तोड़ती है, इसलिए प्रायः ऊष्माशोषी होती है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. प्रकार में गलती: 2AgCl → 2Ag + Cl2 को ऊष्मीय अपघटन बताना गलत है; यह प्रकाश अपघटन है।
  2. उत्पाद की पहचान: 2Pb(NO3)2 के अपघटन में निकलने वाली भूरी गैस को CO2 मान लेना गलत है, यह NO2 है।
  3. ऊर्जा दिशा: ऊष्माशोषी अभिक्रिया में ऊष्मा को उत्पाद पक्ष लिख देना गलत है; ऊष्मा अभिकारक पक्ष में अवशोषित होती है।
  4. संयोजन से भ्रम: CaCO3 → CaO + CO2 को संयोजन अभिक्रिया समझ लेना सामान्य भूल है; यह अपघटन है।
  5. गैस का आयतन अनुपात: जल के विद्युत अपघटन में H2 : O2 का अनुपात 2:1 होता है, इसे 1:2 लिखना गलत है।
  6. कैथोड-एनोड में उलझन: कैथोड पर H2 और एनोड पर O2 बनती है, इसे उल्टा कर लेना गलत है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. अपघटन के तीन प्रकारों के लिए ऊर्जा स्रोत देखें: गर्म करना = ऊष्मीय, प्रकाश = फोटो, बिजली = विद्युत।
  2. फोटोग्राफिक फिल्म से जुड़े उदाहरण AgCl और AgBr हमेशा याद रखें।
  3. CaCO3, 2KClO3, 2FeSO4 के अपघटन उत्पाद रटने के बजाय तत्व-संतुलन से समझें।
  4. ऊष्माशोषी अपघटन के विपरीत CaO + H2O जैसी ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ भी अभ्यास करें, ताकि भ्रम न हो।
  5. भूरी गैस पूछे जाने पर तुरंत NO2 को याद करें; यह बार-बार पूछा जाने वाला तथ्य है।

10. निष्कर्ष

अपघटन अभिक्रिया वह प्रक्रिया है जिसमें एक यौगिक ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत की सहायता से टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थ बनाता है, और यह संयोजन अभिक्रिया की ठीक उल्टी होती है। इसके तीन मुख्य प्रकार – ऊष्मीय, प्रकाश और विद्युत अपघटन – ऊर्जा के स्रोत पर आधारित हैं। चूना पत्थर का अपघटन, सिल्वर क्लोराइड का प्रकाश-अपघटन तथा जल का विद्युत अपघटन इस अध्याय के सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण हैं। अपघटन अभिक्रियाएँ प्रायः ऊष्माशोषी होती हैं, क्योंकि आबंध तोड़ने में ऊर्जा लगती है। परीक्षा में केवल अभिकारक और उत्पादों की संख्या तथा ऊर्जा स्रोत पर ध्यान देकर इन प्रश्नों को सरलता से हल किया जा सकता है।