विषय: रेलवे ग्रुप D – सामान्य जागरूकता (समसामयिकी और पर्यावरण)
अध्याय: 23.5 महत्वपूर्ण पुरस्कार और सम्मान
विषय-वस्तु: पुरस्कार, सम्मान
1. परिचय
पुरस्कार और सम्मान किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता को पहचान देने का माध्यम होते हैं। भारत में नागरिक सम्मान जैसे भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री प्रदान किए जाते हैं। वीरता पुरस्कार जैसे परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र सेना के वीरों को दिए जाते हैं। इसके साथ ही साहित्य, विज्ञान, खेल और कला के क्षेत्रों में भी विशेष पुरस्कार दिए जाते हैं।
रेलवे ग्रुप D परीक्षा के सामान्य जागरूकता खंड में पुरस्कारों और सम्मानों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें नागरिक सम्मानों की श्रेणियाँ, वीरता पुरस्कार, साहित्य एवं विज्ञान पुरस्कार, खेल पुरस्कार तथा नोबेल पुरस्कार विजेताओं से जुड़े तथ्य शामिल होते हैं। पुरस्कारों की स्थापना एवं उनके प्राप्तकर्ताओं की जानकारी परीक्षा में अंक दिलाती है।
इस अध्याय में हम नागरिक सम्मानों, वीरता पुरस्कारों, प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों का विस्तार से अध्ययन करेंगे। परीक्षा उपयोगी तथ्यों को स्मरणीय तालिकाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
2. नागरिक सम्मान
भारत के प्रमुख नागरिक सम्मान निम्न हैं:
भारत रत्न: भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान। 1954 में स्थापित।
पद्म विभूषण: दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान।
पद्म भूषण: तीसरा नागरिक सम्मान।
पद्म श्री: चौथा नागरिक सम्मान।
भारत रत्न से संबंधित तथ्य:
भारत रत्न की स्थापना 2 जनवरी 1954 को हुई।
प्रथम भारत रत्न प्राप्तकर्ता: सी. राजगोपालाचारी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी.वी. रमन (1954)।
विदेशी नागरिकों में नेल्सन मंडेला को भारत रत्न मिला।
भारत रत्न पाने वाली पहली महिला: इंदिरा गांधी।
भारत रत्न की सिफारिश प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति को की जाती है।
पद्म पुरस्कार:
पद्म पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की पूर्व संध्या पर की जाती है।
पद्म पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
ये पुरस्कार कला, समाज सेवा, विज्ञान, साहित्य, व्यापार, खेल आदि क्षेत्रों में दिए जाते हैं।
भारत रत्न पाने वाले प्रसिद्ध व्यक्तियों में भगवान दास, मदर टेरेसा, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, अटल बिहारी वाजपेयी, सचिन तेंदुलकर और लता मंगेशकर शामिल हैं। नागरिक सम्मानों की श्रेणी का क्रम भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्म श्री है।
3. वीरता पुरस्कार
भारत के प्रमुख वीरता पुरस्कार निम्न हैं:
परमवीर चक्र: सर्वोच्च वीरता पुरस्कार। युद्ध में अद्वितीय वीरता के लिए।
महावीर चक्र: दूसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार।
वीर चक्र: तीसरा वीरता पुरस्कार।
अशोक चक्र: शांतिकाल में वीरता के लिए सर्वोच्च पुरस्कार।
कीर्ति चक्र: शांतिकाल में दूसरा सर्वोच्च।
शौर्य चक्र: शांतिकाल में तीसरा।
वीरता पुरस्कारों से संबंधित तथ्य:
परमवीर चक्र पाने वाले पहले व्यक्ति: मेजर सोमनाथ शर्मा।
परमवीर चक्र पाने वाली पहली महिला: कोई नहीं (यह पुरस्कार केवल युद्ध में)।
अशोक चक्र पाने वाली पहली महिला: नीरजा भनोट।
परमवीर चक्र पाने वाली एकमात्र इकाई: ग्रेनेडियर्स (26वीं बटालियन)।
वीरता पुरस्कार की घोषणा गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस पर होती है।
परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है। अशोक चक्र शांतिकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। वीरता पुरस्कार युद्ध एवं शांति दोनों समय में अलग-अलग श्रेणियों में दिए जाते हैं।
4. साहित्य, विज्ञान, खेल और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार
साहित्य एवं विज्ञान पुरस्कार:
ज्ञानपीठ पुरस्कार: भारत का सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार।
साहित्य अकादमी पुरस्कार: प्रमुख साहित्यिक पुरस्कार।
नोबेल पुरस्कार: विश्व का सर्वोच्च सम्मान, स्थापना 1901।
रमन मैग्सेसे पुरस्कार: एशिया का नोबेल कहलाता है।
सरस्वती सम्मान: साहित्यिक पुरस्कार।
खेल पुरस्कार:
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न: सर्वोच्च खेल सम्मान।
अर्जुन पुरस्कार: उत्कृष्ट खिलाड़ी।
द्रोणाचार्य पुरस्कार: प्रशिक्षक।
ध्यानचंद पुरस्कार: आजीवन उपलब्धि।
अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार:
नोबेल पुरस्कार 1901 से प्रदान हो रहा है।
अल्फ्रेड नोबेल की इच्छा से नोबेल पुरस्कारों की स्थापना हुई।
नोबेल शांति पुरस्कार ओस्लो (नॉर्वे) में दिया जाता है।
साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा, अर्थशास्त्र और शांति में नोबेल पुरस्कार दिए जाते हैं।
भारतीय नोबेल विजेता:
रवींद्रनाथ टैगोर: साहित्य (1913)।
सी.वी. रमन: भौतिकी (1930)।
हरगोविंद खुराना: चिकित्सा (1968)।
अमर्त्य सेन: अर्थशास्त्र (1998)।
कैलाश सत्यार्थी: शांति (2014)।
वेणुकाकी रामकृष्णन: रसायन (2009)।
रमन मैग्सेसे पुरस्कार को एशिया का नोबेल कहा जाता है। ज्ञानपीठ भारत का सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार है। नोबेल पुरस्कार की स्थापना अल्फ्रेड नोबेल की इच्छा से हुई।
5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1
नागरिक सम्मान
क्रम
स्थापना
भारत रत्न
सर्वोच्च
1954
पद्म विभूषण
द्वितीय
1954
पद्म भूषण
तृतीय
1954
पद्म श्री
चतुर्थ
1954
तालिका 2
वीरता पुरस्कार
समय
श्रेणी
परमवीर चक्र
युद्धकाल
सर्वोच्च
महावीर चक्र
युद्धकाल
द्वितीय
वीर चक्र
युद्धकाल
तृतीय
अशोक चक्र
शांतिकाल
सर्वोच्च
कीर्ति चक्र
शांतिकाल
द्वितीय
6. माइंड मैप
flowchart TD
A[पुरस्कार और सम्मान] --> B[नागरिक सम्मान]
A --> C[वीरता पुरस्कार]
A --> D[साहित्य पुरस्कार]
A --> E[अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार]
B --> F[भारत रत्न]
B --> G[पद्म श्री]
C --> H[परमवीर चक्र]
C --> I[अशोक चक्र]
D --> J[ज्ञानपीठ]
E --> K[नोबेल]
E --> L[मैग्सेसे]
F --> M[1954 स्थापना]
K --> N[1901 से]
K --> O[रमन 1930]
7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
8. सामान्य गलतियाँ
भारत रत्न की स्थापना: भारत रत्न 1954 में स्थापित हुआ, इसे 1947 या 1950 से नहीं जोड़ना चाहिए।
परमवीर चक्र बनाम अशोक चक्र: परमवीर चक्र युद्धकाल और अशोक चक्र शांतिकाल का सर्वोच्च पुरस्कार है; दोनों में भ्रम नहीं होना चाहिए।
प्रथम भारत रत्न प्राप्तकर्ता: 1954 में तीन व्यक्तियों को भारत रत्न मिला, जिसमें राजगोपालाचारी, राधाकृष्णन और सी.वी. रमन थे।
नोबेल का वर्ष: नोबेल पुरस्कार 1901 से दिया जा रहा है, इसे 1896 से नहीं जोड़ना चाहिए।
रमन मैग्सेसे पुरस्कार: इसे एशिया का नोबेल कहते हैं, यह वास्तविक नोबेल नहीं है।
पद्म पुरस्कार घोषणा: पद्म पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर होती है, न कि स्वतंत्रता दिवस पर।
9. परीक्षा युक्तियाँ
नागरिक सम्मानों का क्रम (भारत रत्न → पद्म श्री) याद रखें।
युद्धकालीन और शांतिकालीन वीरता पुरस्कारों की सूची अलग-अलग बनाएं।
भारतीय नोबेल विजेताओं के नाम और वर्ष (रमन 1930, खुराना 1968, सेन 1998) याद रखें।
ज्ञानपीठ को साहित्य का सर्वोच्च भारतीय पुरस्कार बताते हुए याद रखें।
मेजर सोमनाथ शर्मा को प्रथम परमवीर चक्र धारक बताते हुए तैयार रहें।
पद्म पुरस्कारों की घोषणा की तिथि (26 जनवरी की पूर्व संध्या) याद रखें।
10. निष्कर्ष
पुरस्कार और सम्मान रेलवे ग्रुप D परीक्षा के सामान्य जागरूकता खंड का महत्वपूर्ण विषय है। नागरिक सम्मान, वीरता पुरस्कार, साहित्यिक पुरस्कार और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की सही जानकारी परीक्षा में निश्चित अंक दिलाती है। पुरस्कारों के क्रम, स्थापना वर्ष और प्राप्तकर्ताओं की स्मरणीय तालिकाओं के नियमित अभ्यास से इस विषय में महारत हासिल की जा सकती है।