विषय: रेलवे ग्रुप D – सामान्य जागरूकता (अर्थव्यवस्था खेल और विज्ञान)
अध्याय: 22.2 बैंकिंग और मुद्रा
विषय-वस्तु: RBI, बैंकिंग, मुद्रा
1. परिचय
भारतीय बैंकिंग प्रणाली देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। बैंक जनता की बचत को एकत्र कर पूंजी निर्माण करते हैं तथा ऋण के माध्यम से विकास में योगदान देते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश का केंद्रीय बैंक है, जो मौद्रिक नीति का संचालन करता है और बैंकिंग प्रणाली की देखरेख करता है। बैंकिंग क्षेत्र की समझ रेलवे ग्रुप D परीक्षा के सामान्य जागरूकता खंड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रेलवे ग्रुप D परीक्षा में बैंकिंग और मुद्रा से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें RBI की भूमिका, बैंकों के प्रकार, रेपो दर, रिवर्स रेपो दर, सीआरआर, एसएलआर, मुद्रा की विशेषताएँ तथा करेंसी नोटों के मुद्रक से संबंधित तथ्य शामिल होते हैं। इन अवधारणाओं का स्पष्ट ज्ञान परीक्षा में निश्चित अंक दिलाने में सहायक होता है।
इस अध्याय में हम भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना, कार्य एवं नीतिगत दरों के साथ-साथ वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों तथा मुद्रा के मुद्रण और विशेषताओं का विस्तार से अध्ययन करेंगे। परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्यों को तालिकाओं के माध्यम से याद रखना आसान बनाया गया है।
2. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 के तहत कोलकाता में हुई थी। इसका राष्ट्रीयकरण 1 जनवरी 1949 को किया गया। RBI देश का केंद्रीय बैंक एवं बैंकों का बैंक कहलाता है।
RBI के प्रमुख कार्य:
मौद्रिक नीति का निर्माण एवं संचालन करना।
भारतीय मुद्रा (रुपया) का मुद्रण एवं संचालन करना।
बैंकों का नियंत्रक, पर्यवेक्षक एवं नियामक होना।
सरकार के बैंकर एवं एजेंट के रूप में कार्य करना।
विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन करना।
देश का अंतिम ऋणदाता (लेंडर ऑफ लास्ट रिजॉर्ट) होना।
मौद्रिक नीति के प्रमुख साधन:
रेपो दर: यह वह दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है। रेपो दर कम होने पर बैंकों को सस्ता ऋण मिलता है।
रिवर्स रेपो दर: जिस दर पर RBI वाणिज्यिक बैंकों से अपनी प्रतिभूतियाँ वापस खरीदती है, अर्थात बैंकों की अतिरिक्त जमा राशि को आकर्षित करती है।
CRR (कैश रिजर्व रेश्यो): बैंकों को अपनी कुल जमा का एक निश्चित प्रतिशत नकद रूप में RBI के पास रखना अनिवार्य होता है। इस पर बैंक को कोई ब्याज नहीं मिलता।
SLR (स्टैट्यूटरी लिक्विडिटी रेश्यो): बैंकों को अपनी जमा का एक निश्चित भाग सरकारी प्रतिभूतियों, सोने या नकद में रखना पड़ता है।
बैंक दर: वह दर जिस पर RBI बैंकों को दीर्घकालिक ऋण देता है। इसे रेडिस्काउंट दर भी कहते हैं।
RBI का मुख्यालय मुंबई में स्थित है। RBI के नोटों पर गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं। मुद्रा नोटों पर भारतीय रिजर्व बैंक का नाम देवनागरी सहित 15 भाषाओं में लिखा होता है।
3. बैंकिंग प्रणाली
भारतीय बैंकिंग प्रणाली को कई वर्गों में विभाजित किया जा सकता है:
केंद्रीय बैंक: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)।
वाणिज्यिक बैंक: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के बैंक, विदेशी बैंक एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक।
सहकारी बैंक: राज्य सहकारी बैंक, जिला सहकारी बैंक, प्राथमिक कृषि ऋण सोसायटियाँ।
विकास बैंक: नाबार्ड (NABARD), SIDBI, EXIM बैंक आदि।
प्रमुख बैंकिंग तथ्य:
भारतीय स्टेट बैंक (SBI): भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बैंक, स्थापना 1955 में।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की उत्पत्ति: इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया से हुई।
स्वर्ण युग: भारत में बैंकों का राष्ट्रीयकरण 1969 में 14 बड़े बैंकों का और 1980 में 6 और बैंकों का किया गया।
मुद्रा नोटों का मुद्रण: सरकार के नोट (1 रुपया) का मुद्रण वित्त मंत्रालय करता है, जबकि 2 रुपये से ऊपर के सभी नोटों का मुद्रण RBI करता है।
नोटों की छपाई: सिक्कों का निर्माण सरकार के टकसालों में होता है, जबकि नोटों की छपाई भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यालयों एवं सरकारी नोट प्रेसों में होती है।
रुपये का प्रतीक: भारतीय रुपये का चिन्ह (₹) 15 जुलाई 2010 को अपनाया गया, इसे डिजाइन किया था उदय कुमार ने।
नए बैंकिंग माध्यम:
UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस): तुरंत भुगतान की सुविधा, संचालन NPCI द्वारा।
IMPS: तत्काल मनी ट्रांसफर सेवा।
RTGS: बड़ी राशि की तुरंत हस्तांतरण प्रणाली।
NEFT: राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर प्रणाली।
4. मुद्रा और मुद्रण
मुद्रा का अर्थ है मुद्रा या करेंसी, जो किसी देश में भुगतान के साधन के रूप में प्रचलित होती है। भारतीय मुद्रा का नाम रुपया है। रुपये के मुद्रण एवं जारीकरण का प्रमुख उत्तरदायित्व RBI का है।
मुद्रा के प्रमुख कार्य:
विनिमय का माध्यम होना।
मूल्य का मापक होना।
मूल्य संचय (बचत) का साधन होना।
आस्थगित भुगतान (कर्ज चुकाने) का मानक होना।
मुद्रा संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य:
1 रुपये का नोट: इस पर वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं।
बाकी सभी नोट: इन पर RBI गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं।
नोटों की सुरक्षा सुविधा: वाटरमार्क, सुरक्षा धागा, विंडो्ड सुरक्षा धागा, माइक्रो लेटरिंग आदि।
महात्मा गांधी नई पीढ़ी श्रृंखला: 2016 में जारी की गई। इसमें 500 और 2000 रुपये के नए नोट शामिल थे।
विमुद्रीकरण (नोटबंदी): 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट अमान्य कर दिए गए।
जीएसटी और मुद्रा: कर प्रणाली से जुड़ा भुगतान तंत्र।
करेंसी चेस्ट, नोट प्रेस (नाशिक एवं देवास), सिक्का टकसाल (मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, नोएडा) मुद्रा निर्माण के प्रमुख केंद्र हैं। भारतीय सिक्कों की स्थापना मुंबई में हुई थी। ब्रिटिश काल में सिक्कों का निर्माण कलकत्ता टकसाल में 1757 में शुरू हुआ था।
5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1
नीतिगत दर
परिभाषा
ब्याज मिलता है
रेपो दर
RBI से बैंकों को अल्पकालिक ऋण
बैंकों को ऋण पर ब्याज देना
रिवर्स रेपो दर
RBI बैंकों की जमा पर
बैंकों को ब्याज
CRR
नकद आरक्षित अनुपात
कोई ब्याज नहीं
SLR
वैधानिक तरलता अनुपात
ब्याज मिलता है
बैंक दर
दीर्घकालिक रेडिस्काउंट दर
बैंकों द्वारा देना
तालिका 2
संस्था/मुद्रा
स्थापना/तथ्य
प्रमुख भूमिका
RBI
1935
केंद्रीय बैंक
SBI
1955
सबसे बड़ा वाणिज्यिक बैंक
नोटबंदी
8 नवंबर 2016
500/1000 नोट अमान्य
रुपया चिन्ह
15 जुलाई 2010
₹ चिन्ह अपनाया
1 रुपया नोट
वित्त सचिव
सरकारी नोट
6. माइंड मैप
flowchart TD
A[बैंकिंग और मुद्रा] --> B[RBI]
A --> C[बैंकिंग प्रणाली]
A --> D[मुद्रा]
B --> E[रेपो दर]
B --> F[रिवर्स रेपो]
B --> G[CRR और SLR]
C --> H[वाणिज्यिक बैंक]
C --> I[सहकारी बैंक]
C --> J[विकास बैंक]
D --> K[रुपया]
D --> L[नोट मुद्रण]
D --> M[रुपया चिन्ह]
E --> N[मौद्रिक नीति]
F --> N
G --> N
L --> O[RBI मुद्रक]
L --> P[सरकारी नोट प्रेस]
7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
8. सामान्य गलतियाँ
रेपो और रिवर्स रेपो में भ्रम: रेपो में RBI बैंकों को ऋण देती है, जबकि रिवर्स रेपो में RBI बैंकों से उधार लेती है। दिशा उलटी है।
1 रुपये के नोट पर हस्ताक्षर: छात्र गलती से RBI गवर्नर के हस्ताक्षर मान लेते हैं, जबकि 1 रुपये के नोट पर वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं।
CRR पर ब्याज: कई छात्र मानते हैं कि CRR पर ब्याज मिलता है, परंतु ऐसा नहीं है।
बैंक दर और रेपो दर: दोनों अलग-अलग हैं; बैंक दर दीर्घकालिक जबकि रेपो दर अल्पकालिक है।
RBI स्थापना वर्ष: RBI 1935 में स्थापित हुआ, इसे 1947 या 1949 से नहीं जोड़ना चाहिए (राष्ट्रीयकरण 1949 में हुआ)।
सिक्के कौन बनाता है: सिक्के सरकार (टकसाल) बनाती है, न कि RBI; नोटों का मुद्रण RBI करता है।
9. परीक्षा युक्तियाँ
रेपो दर की दिशा याद रखें: "RBI → बैंक" रेपो है और "बैंक → RBI" रिवर्स रेपो है।
नोटबंदी की तिथि 8 नवंबर 2016 तथा अमान्य नोट 500 और 1000 रुपये याद रखें।
रुपये के चिन्ह का श्रेय उदय कुमार को तथा तिथि 15 जुलाई 2010 याद रखें।
CRR और SLR का सबसे आसान अंतर: CRR = नकद रिजर्व, SLR = प्रतिभूतियाँ/गिल्ट-एज्ड।
सभी नोटों पर RBI गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं, केवल 1 रुपये के नोट पर वित्त सचिव के।
UPI, IMPS, RTGS, NEFT जैसे भुगतान तंत्रों के पूर्ण रूप तैयार रखें।
10. निष्कर्ष
बैंकिंग और मुद्रा का अध्ययन भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव को समझने में सहायक है। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में RBI की नीतिगत दरें, बैंकों का वर्गीकरण और मुद्रा मुद्रण से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। अतः परिभाषाओं, तिथियों एवं दरों का नियमित अभ्यास करें और त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाओं का उपयोग करके अवधारणाओं को स्थायी रूप से याद रखें। स्पष्ट तार्किक समझ के साथ यह विषय परीक्षा में निश्चित सफलता दिला सकता है।