22.10 उभरती तकनीक Notes

22.10 उभरती तकनीक

विषय: रेलवे ग्रुप D – सामान्य जागरूकता (अर्थव्यवस्था खेल और विज्ञान) अध्याय: 22.10 उभरती तकनीक विषय-वस्तु: AI, रोबोटिक्स, नई तकनीक

1. परिचय

तकनीकी विकास आधुनिक युग की सबसे तेज गति वाली प्रक्रिया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग, 5G, ड्रोन और नैनो तकनीक जैसी उभरती तकनीकें हमारे जीवन को बदल रही हैं। ये तकनीकें स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, परिवहन, बैंकिंग और रक्षा सहित हर क्षेत्र में क्रांति ला रही हैं।

रेलवे ग्रुप D परीक्षा के सामान्य जागरूकता खंड में उभरती तकनीक से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें AI के अनुप्रयोग, रोबोटिक्स, ड्रोन, डिजिटल भुगतान, ब्लॉकचेन, क्वांटम कंप्यूटिंग तथा साइबर सुरक्षा जैसे विषय शामिल होते हैं। इन तकनीकों की बुनियादी समझ परीक्षा में लाभदायक सिद्ध होती है।

इस अध्याय में हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग तथा अन्य उभरती तकनीकों का विस्तार से अध्ययन करेंगे। परीक्षा उपयोगी तथ्यों को स्मरणीय तालिकाओं में प्रस्तुत किया गया है।

2. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence, AI) वह तकनीक है जिसमें मशीनें मानव की तरह सोचने, समझने एवं निर्णय लेने की क्षमता प्राप्त करती हैं। AI का शब्द सबसे पहले जॉन मैककार्थी ने 1956 में प्रयोग किया।

AI की प्रमुख शाखाएँ:

  1. मशीन लर्निंग: मशीनें डेटा से सीखती हैं।
  2. डीप लर्निंग: मशीन लर्निंग की उन्नत विधि, न्यूरल नेटवर्क पर आधारित।
  3. नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP): मशीनें मानव भाषा समझती हैं।
  4. कंप्यूटर विजन: मशीनें चित्रों और वीडियो को पहचानती हैं।
  5. रोबोटिक्स: मशीनें कार्य स्वयं करती हैं।

AI के अनुप्रयोग:

भारत में AI को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय AI रणनीति और AI मिशन (IndiaAI) शुरू किया है। NITI आयोग ने AI पर कार्य किया है। कृषि में AI से फसल की निगरानी, मौसम का पूर्वानुमान और कीट नियंत्रण में सहायता मिलती है।

3. रोबोटिक्स और IoT

रोबोटिक्स विज्ञान की वह शाखा है जिसमें मशीनों (रोबोट) के डिजाइन, निर्माण और संचालन का अध्ययन किया जाता है। रोबोट स्वचालित मशीनें होती हैं जो कार्यों को करने में सक्षम होती हैं।

रोबोटिक्स के प्रकार:

  1. औद्योगिक रोबोट: कारखानों में असेंबली एवं विनिर्माण के लिए।
  2. सेवा रोबोट: सफाई, अस्पताल सेवा एवं ग्राहक सेवा के लिए।
  3. खोज एवं बचाव रोबोट: आपदा के समय बचाव कार्य के लिए।
  4. चिकित्सा रोबोट: सर्जरी में सहायता (जैसे डा विंची)।
  5. शैक्षिक रोबोट: बच्चों को प्रोग्रामिंग सिखाने के लिए।

इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT): इस तकनीक में दैनिक जीवन की वस्तुएँ (जैसे घड़ी, रेफ्रिजरेटर, कार) इंटरनेट से जुड़कर डेटा साझा करती हैं। स्मार्ट होम, स्मार्ट सिटी एवं पहनने योग्य उपकरण (स्मार्ट वॉच) IoT के प्रमुख उदाहरण हैं।

IoT के लाभ:

4. ब्लॉकचेन, क्लाउड और अन्य तकनीकें

ब्लॉकचेन एक विकेंद्रीकृत डिजिटल खाता-बही (लेज़र) तकनीक है जिसमें डेटा को श्रृंखला के रूप में सुरक्षित रखा जाता है। यह क्रिप्टोकरेंसी (जैसे बिटकॉइन) का आधार है। ब्लॉकचेन की विशेषताएँ:

क्लाउड कंप्यूटिंग: इसमें डेटा एवं सेवाएँ इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रमुख क्लाउड सेवाएँ:

  1. IaaS (इंफ्रास्ट्रक्चर एज़ अ सर्विस): वर्चुअल सर्वर।
  2. PaaS (प्लेटफ़ॉर्म एज़ अ सर्विस): डेवलपमेंट प्लेटफ़ॉर्म।
  3. SaaS (सॉफ्टवेयर एज़ अ सर्विस): तैयार सॉफ्टवेयर।

अन्य उभरती तकनीकें:

डिजिटल भुगतान तकनीक:

भारत में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत डिजिटल साक्षरता एवं ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। साइबर सुरक्षा इन तकनीकों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

तकनीक पूर्ण रूप/परिभाषा उपयोग
AI कृत्रिम बुद्धिमत्ता मशीन सोच और निर्णय
IoT इंटरनेट ऑफ थिंग्स स्मार्ट उपकरण
NLP नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग भाषा समझना
IaaS इंफ्रास्ट्रक्चर एज़ अ सर्विस वर्चुअल सर्वर
5G पांचवीं पीढ़ी तेज इंटरनेट

तालिका 2

तकनीक मुख्य विशेषता क्षेत्र
ब्लॉकचेन विकेंद्रीकृत लेज़र क्रिप्टो, बैंकिंग
रोबोटिक्स स्वचालित मशीनें उद्योग, चिकित्सा
ड्रोन मानव रहित विमान कृषि, रक्षा
क्वांटम कंप्यूटिंग तेज गणना अनुसंधान
नैनो तकनीक सूक्ष्म पैमाने पर निर्माण सामग्री विज्ञान

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[उभरती तकनीक] --> B[कृत्रिम बुद्धिमत्ता]
    A --> C[रोबोटिक्स]
    A --> D[IoT]
    A --> E[ब्लॉकचेन]
    A --> F[क्लाउड कंप्यूटिंग]
    B --> G[मशीन लर्निंग]
    B --> H[डीप लर्निंग]
    B --> I[NLP]
    C --> J[औद्योगिक रोबोट]
    C --> K[चिकित्सा रोबोट]
    D --> L[स्मार्ट होम]
    D --> M[स्मार्ट वॉच]
    E --> N[बिटकॉइन]
    F --> O[IaaS, PaaS, SaaS]
    G --> P[डेटा से सीखना]
    L --> Q[स्वचालन]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शाखाएँ AI मशीन लर्निंग डेटा से सीखना डीप लर्निंग न्यूरल नेटवर्क NLP भाषा समझना रोबोटिक्स स्वचालित मशीनें AI शब्द का प्रयोग जॉन मैककार्थी, 1956 स्वर्ण नियम मशीन लर्निंग में मशीनें डेटा से सीखती हैं।

उभरती तकनीकें तकनीकें ब्लॉकचेन विकेंद्रीकृत लेज़र क्लाउड कंप्यूटिंग इंटरनेट सेवाएँ 5G तकनीक तेज इंटरनेट डिजिटल भुगतान UPI, वॉलेट, ऑनलाइन बैंकिंग स्वर्ण नियम ब्लॉकचेन क्रिप्टोकरेंसी की आधार तकनीक है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. AI और मशीन लर्निंग: AI व्यापक क्षेत्र है, मशीन लर्निंग इसकी एक शाखा है; दोनों को समानार्थी नहीं मानना चाहिए।
  2. AI शब्द का जनक: AI शब्द जॉन मैककार्थी ने दिया, न कि ट्यूरिंग या किसी अन्य वैज्ञानिक ने।
  3. IoT का उदाहरण: स्मार्ट वॉच और स्मार्ट होम IoT के उदाहरण हैं; केवल मोबाइल को IoT नहीं कहा जाता।
  4. ब्लॉकचेन बनाम बिटकॉइन: बिटकॉइन ब्लॉकचेन पर आधारित क्रिप्टोकरेंसी है; दोनों एक नहीं हैं।
  5. IaaS, PaaS, SaaS: तीनों क्लाउड सेवाओं के प्रकार हैं; इनके पूर्ण रूप और अर्थ भिन्न हैं।
  6. क्वांटम कंप्यूटिंग: यह सामान्य कंप्यूटर से भिन्न है, अत्यधिक तेज गणना के लिए है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. AI की शाखाओं का क्रम (मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, NLP, कंप्यूटर विजन, रोबोटिक्स) याद रखें।
  2. AI शब्द के जनक जॉन मैककार्थी (1956) का तथ्य हमेशा तैयार रखें।
  3. क्लाउड सेवाओं IaaS, PaaS, SaaS के पूर्ण रूप एवं अंतर स्पष्ट रखें।
  4. ड्रोन, 5G और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकों के उपयोग के क्षेत्र याद रखें।
  5. UPI और डिजिटल भुगतान के माध्यमों की सूची तैयार रखें।
  6. भारत में 5G सेवाओं की शुरुआत के समय (2022-23) और डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के महत्व को याद रखें।

10. निष्कर्ष

उभरती तकनीकें रेलवे ग्रुप D परीक्षा के सामान्य जागरूकता खंड का आधुनिक एवं महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, IoT, ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल भुगतान जैसी तकनीकों की बुनियादी समझ से परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। नियमित अभ्यास, स्मरणीय तालिकाओं और माइंड मैप के उपयोग से इन अवधारणाओं को स्थायी रूप से याद रखा जा सकता है, जिससे परीक्षा में सफलता निश्चित होती है।