21.10 चुनाव और राजनीतिक व्यवस्था Notes

21.10 चुनाव और राजनीतिक व्यवस्था

विषय: रेलवे ग्रुप D – सामान्य जागरूकता (भूगोल और राजव्यवस्था) अध्याय: 21.10 चुनाव और राजनीतिक व्यवस्था विषय-वस्तु: चुनाव, राजनीतिक दल

1. परिचय

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहाँ नियमित अंतराल पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होते हैं। चुनाव भारतीय लोकतंत्र का आधार हैं, जिनके माध्यम से जनता अपने प्रतिनिधियों का चयन करती है। रेलवे ग्रुप डी परीक्षा में चुनाव प्रणाली, मतदान की आयु, चुनाव आयोग, राजनीतिक दलों के प्रकार और आदर्श आचार संहिता से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। चुनाव आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत गठित एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है, जो चुनावों के संचालन को सुनिश्चित करता है।

भारत में चुनाव लोकसभा, राज्य विधानसभा, राज्यसभा, विधान परिषद, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए होते हैं। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव प्रत्यक्ष मतदान से होते हैं, जबकि राज्यसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होते हैं। मतदान का अधिकार 61वें संविधान संशोधन (1988) द्वारा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया। इससे युवाओं की भागीदारी बढ़ी और लोकतंत्र मजबूत हुआ।

राजनीतिक दल लोकतंत्र की रीढ़ होते हैं, क्योंकि वे जनता को विकल्प प्रदान करते हैं और सरकार बनाने में सहायक होते हैं। भारत में राष्ट्रीय राजनीतिक दल, क्षेत्रीय राजनीतिक दल और पंजीकृत (अन्य) दल जैसी श्रेणियाँ हैं। राजनीतिक दलों की मान्यता चुनाव आयोग द्वारा दी जाती है। इस अध्याय में चुनाव प्रणाली, मतदान की प्रक्रिया, राजनीतिक दलों के प्रकार और आदर्श आचार संहिता का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

2. चुनाव प्रणाली और चुनाव आयोग

भारत में चुनाव कराने का पूर्ण अधिकार चुनाव आयोग (अनुच्छेद 324) को है। चुनाव आयोग की संरचना और कार्य निम्नलिखित हैं:

चुनाव आयोग के कार्य निम्नलिखित हैं:

  1. लोकसभा और विधानसभा के चुनावों की अधिसूचना जारी करना।
  2. मतदाता सूची तैयार करवाना और उसका संशोधन करवाना।
  3. मतदान केंद्रों की स्थापना और ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) का उपयोग सुनिश्चित करना।
  4. राजनीतिक दलों की मान्यता और चुनाव चिह्न आवंटन।
  5. आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई।
  6. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव का संचालन।

भारत की चुनाव प्रणाली की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  1. प्रत्यक्ष चुनाव: लोकसभा और विधानसभा के सदस्य सीधे मतदाताओं द्वारा चुने जाते हैं।
  2. अप्रत्यक्ष चुनाव: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यसभा और विधान परिषद के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं।
  3. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार: 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को बिना भेदभाव मतदान का अधिकार।
  4. गुप्त मतदान: मतदाता अपने मत का चयन गुप्त रूप से करता है।
  5. एकल स्थानांतरणीय मत प्रणाली: राज्यसभा और राष्ट्रपति चुनाव में प्रयुक्त।

3. राजनीतिक दल और चुनाव चिह्न

राजनीतिक दल चुनावों में भाग लेने और सरकार बनाने की इकाइयाँ हैं। भारत में राजनीतिक दलों को तीन श्रेणियों में बाँटा गया है:

राजनीतिक दलों की मान्यता की शर्तें निम्नलिखित हैं:

  1. राष्ट्रीय दल के लिए कम से कम चार राज्यों में मान्यता या एक राज्य में मान्यता के साथ राष्ट्रीय स्तर पर निश्चित मत प्रतिशत।
  2. क्षेत्रीय दल के लिए एक राज्य में कम से कम 6 प्रतिशत मत प्राप्त होना।
  3. चुनाव चिह्न आयोग द्वारा आवंटित होते हैं, जो दल की पहचान होते हैं।

राजनीतिक दलों की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  1. दल का चुनाव चिह्न आयोग द्वारा आवंटित होता है।
  2. दलों को मीडिया पर समान अवसर प्राप्त होता है।
  3. दलों को अपनी आय का विवरण चुनाव आयोग को देना होता है।
  4. मान्यता प्राप्त दलों को निःशुल्क मतदान समय और राज्य में प्रचार के लिए सुविधाएँ मिलती हैं।

4. मतदान की प्रक्रिया और आदर्श आचार संहिता

मतदान की प्रक्रिया चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार संचालित होती है। मतदान के दिन मतदाता अपनी पहचान सिद्ध करके अपना मत ईवीएम के माध्यम से डालता है। मतदान से संबंधित प्रमुख तथ्य निम्नलिखित हैं:

आदर्श आचार संहिता (मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट) चुनाव आयोग द्वारा जारी नियमों का समूह है, जो चुनाव की घोषणा से लेकर मतदान समाप्ति तक सभी दलों और उम्मीदवारों पर लागू होती है। इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  1. चुनाव की घोषणा के बाद सत्तारूढ़ दल नई योजनाओं की घोषणा नहीं कर सकता।
  2. किसी भी दल या उम्मीदवार को जाति, धर्म या भाषा के आधार पर वोट माँगना प्रतिबंधित है।
  3. सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग प्रतिबंधित है।
  4. मतदाताओं को रिश्वत देने, भय दिखाने या धमकाने पर रोक है।
  5. मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में प्रचार प्रतिबंधित है।
  6. चुनाव के दिन मतदान समाप्ति तक आदर्श आचार संहिता प्रभावी रहती है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

चुनाव प्रकार निर्वाचन प्रणाली
लोकसभा प्रत्यक्ष फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट
विधानसभा प्रत्यक्ष फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट
राज्यसभा अप्रत्यक्ष एकल स्थानांतरणीय मत
राष्ट्रपति अप्रत्यक्ष एकल स्थानांतरणीय मत

तालिका 2

विषय विवरण
मतदान की आयु 18 वर्ष (61वाँ संशोधन 1988)
चुनाव आयोग अनुच्छेद 324
मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष तक
पहला लोकसभा चुनाव 1951-52
ईवीएम का उपयोग 1982 से

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[चुनाव और राजनीतिक व्यवस्था] --> B[चुनाव आयोग]
    A --> C[चुनाव प्रणाली]
    A --> D[राजनीतिक दल]
    A --> E[आदर्श आचार संहिता]
    B --> F[अनुच्छेद 324]
    C --> G[प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष चुनाव]
    C --> H[18 वर्ष मतदान आयु]
    D --> I[राष्ट्रीय क्षेत्रीय पंजीकृत]
    E --> J[निष्पक्ष चुनाव के नियम]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

भारत में चुनाव के प्रकार प्रत्यक्ष चुनाव लोकसभा विधानसभा अप्रत्यक्ष चुनाव राष्ट्रपति राज्यसभा उपराष्ट्रपति चुनाव आयोग (अनुच्छेद 324) मुख्य चुनाव आयुक्त + 2 चुनाव आयुक्त मतदान आयु 18 वर्ष | ईवीएम 1982 से | वीवीपैट पहला चुनाव 1951-52, पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन स्वर्ण नियम: 61वें संशोधन 1988 से मतदान आयु 21 से घटकर 18 वर्ष हुई। लोकसभा प्रत्यक्ष और राष्ट्रपति अप्रत्यक्ष चुनाव से चुना जाता है।

राजनीतिक दलों के प्रकार राष्ट्रीय दल 4+ राज्यों में मान्यता 7 राष्ट्रीय दल क्षेत्रीय दल एक या दो राज्यों में डीएमके, टीएमसी पंजीकृत दल मान्यता नहीं केवल पंजीकरण आदर्श आचार संहिता घोषणा से मतदान तक, सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग नहीं स्वर्ण नियम: राष्ट्रीय दल को 4 राज्यों में मान्यता आवश्यक होती है। चुनाव चिह्न चुनाव आयोग द्वारा आवंटित होते हैं।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. मतदान आयु: मतदान की आयु को 21 वर्ष बताया जाता है, जबकि 61वें संशोधन (1988) के बाद यह 18 वर्ष है।
  2. प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष चुनाव: राष्ट्रपति चुनाव को प्रत्यक्ष बताया जाता है, जबकि यह अप्रत्यक्ष चुनाव है।
  3. चुनाव आयोग की संरचना: चुनाव आयोग को एकल सदस्यीय मान लिया जाता है, जबकि 1993 से यह त्रि-सदस्यीय है।
  4. राष्ट्रीय दलों की संख्या: राष्ट्रीय दलों की संख्या बदलती रहती है, वर्तमान में 7 हैं; इसे 8 या 6 नहीं समझना चाहिए।
  5. ईवीएम का आरंभ: ईवीएम का पहला प्रयोग 1982 में हुआ, इसे 2004 समझना गलत है।
  6. क्षेत्रीय दल की मान्यता: क्षेत्रीय दल की मान्यता के लिए 6 प्रतिशत मत आवश्यक है, इसे 10 प्रतिशत नहीं समझना चाहिए।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. मतदान की आयु (18 वर्ष) और 61वाँ संशोधन (1988) की तिथि एक साथ याद करें।
  2. प्रत्यक्ष चुनाव (लोकसभा, विधानसभा) और अप्रत्यक्ष चुनाव (राष्ट्रपति, राज्यसभा) की सूची बनाएं।
  3. चुनाव आयोग की संरचना (मुख्य चुनाव आयुक्त + 2) और अनुच्छेद 324 याद रखें।
  4. राष्ट्रीय दल (4+ राज्य) और क्षेत्रीय दल (एक राज्य, 6 प्रतिशत मत) की मान्यता की शर्तें याद करें।
  5. आदर्श आचार संहिता के प्रमुख नियमों (सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग निषेध, जाति-धर्म के आधार पर वोट न माँगना) याद करें।
  6. ईवीएम (1982) और वीवीपैट की जानकारी नोट करें।

10. निष्कर्ष

चुनाव और राजनीतिक व्यवस्था भारतीय लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को संचालित करती है, जिसमें चुनाव आयोग निष्पक्षता सुनिश्चित करता है और राजनीतिक दल जनता को प्रतिनिधित्व प्रदान करते हैं। मतदान की आयु, चुनाव के प्रकार, दलों की मान्यता और आदर्श आचार संहिता के नियम रेलवे ग्रुप डी के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन तथ्यों को तालिकाओं और संक्षिप्त नोट्स के माध्यम से याद करके परीक्षा में सटीक उत्तर दिए जा सकते हैं।