विषय: रेलवे ग्रुप D – गणित (बीजगणित) अध्याय: 3.2 बीजीय सर्वसमिकाएँ विषय-वस्तु: सर्वसमिकाएँ (a+b)^2, a^2-b^2 आदि
बीजीय सर्वसमिकाएँ (Algebraic Identities) वे समानताएँ हैं जो चरों के सभी मानों के लिए सत्य होती हैं। उदाहरण के लिए (a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2 किसी भी a और b के लिए सत्य है। सर्वसमिका समीकरण से इसलिए भिन्न है क्योंकि समीकरण केवल कुछ विशेष मानों के लिए सत्य होता है, जबकि सर्वसमिका सदैव सत्य रहती है। रेलवे ग्रुप D की परीक्षा में सर्वसमिकाओं पर आधारित प्रश्न सीधे सूत्र लगाने से हल हो जाते हैं, अतः इन सूत्रों को कंठस्थ करना अत्यंत आवश्यक है।
इस अध्याय में हम मुख्यतः वर्ग (Square) और घन (Cube) से संबंधित सर्वसमिकाओं का अध्ययन करेंगे। प्रमुख सर्वसमिकाएँ हैं: (a + b)^2, (a - b)^2, a^2 - b^2, (x + a)(x + b), (a + b)^3, (a - b)^3 तथा a^3 + b^3 और a^3 - b^3। इन सभी सर्वसमिकाओं का उपयोग व्यंजकों के गुणनफल को तुरंत लिखने, सरलीकरण करने तथा कठिन गणनाओं को सरल बनाने में होता है।
परीक्षा में सर्वसमिकाओं का उपयोग मुख्यतः तीन रूपों में होता है: (क) व्यंजक का विस्तार करना, (ख) दिए गए विस्तार से सूत्र की पहचान कर मान निकालना, (ग) गुणनफल जैसे 98 × 102 को सूत्र द्वारा शीघ्र हल करना। सर्वसमिकाओं के अच्छे अभ्यास से न केवल बीजगणित बल्कि संख्या पद्धति के प्रश्नों में भी गति बढ़ती है, क्योंकि 99^2, 101 × 99 जैसी गणनाएँ सूत्र से सेकंडों में हो जाती हैं।
निम्नलिखित सर्वसमिकाएँ प्रायः परीक्षा में पूछी जाती हैं:
(a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2(a - b)^2 = a^2 - 2ab + b^2a^2 - b^2 = (a + b)(a - b)(x + a)(x + b) = x^2 + (a + b)x + ab(a + b + c)^2 = a^2 + b^2 + c^2 + 2ab + 2bc + 2ca(a + b)^2 + (a - b)^2 = 2(a^2 + b^2)(a + b)^2 - (a - b)^2 = 4abध्यान देने योग्य: (a + b)^2 का विस्तार a^2 + b^2 कभी नहीं होता, इसमें मध्य पद 2ab अनिवार्य रूप से आता है। इसी प्रकार (a - b)^2 = a^2 - 2ab + b^2 में मध्य पद ऋणात्मक होता है, परंतु अंतिम पद सदैव धनात्मक रहता है।
हल किया गया उदाहरण 1: (3x + 4)^2 का विस्तार कीजिए।
(a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2 में a = 3x, b = 4 रखने पर(3x)^2 = 9x^2; 2ab = 2 × 3x × 4 = 24x; b^2 = 169x^2 + 24x + 16।हल किया गया उदाहरण 2: (5x - 2y)^2 का विस्तार कीजिए।
(a - b)^2 = a^2 - 2ab + b^2 में a = 5x, b = 2y रखने पर25x^2 - 2(5x)(2y) + 4y^225x^2 - 20xy + 4y^2।हल किया गया उदाहरण 3: सूत्र से 99^2 का मान ज्ञात कीजिए।
99 = 100 - 1, अतः 99^2 = (100 - 1)^2100^2 - 2(100)(1) + 1^210000 - 200 + 1 = 9801।हल किया गया उदाहरण 4: (x + 5)(x + 7) का गुणनफल ज्ञात कीजिए।
x^2 + (a + b)x + ab में a = 5, b = 7 रखने परx^2 + (5 + 7)x + (5 × 7)x^2 + 12x + 35।हल किया गया उदाहरण 5: यदि a + b = 9 और ab = 20 हो तो a^2 + b^2 ज्ञात कीजिए।
(a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2 से, a^2 + b^2 = (a + b)^2 - 2ab9^2 - 2(20) = 81 - 40 = 41।सर्वसमिकाओं का उपयोग व्यंजकों के गुणनखंडन (Factorization) में भी होता है। किसी व्यंजक को दो या अधिक सरल व्यंजकों के गुणनफल के रूप में लिखने की प्रक्रिया को गुणनखंडन कहते हैं। प्रमुख गुणनखंडन सर्वसमिकाएँ:
a^2 - b^2 = (a + b)(a - b)a^3 + b^3 = (a + b)(a^2 - ab + b^2)a^3 - b^3 = (a - b)(a^2 + ab + b^2)a^2 + 2ab + b^2 = (a + b)^2a^2 - 2ab + b^2 = (a - b)^2हल किया गया उदाहरण 6: 49x^2 - 36y^2 का गुणनखंडन कीजिए।
49x^2 = (7x)^2 तथा 36y^2 = (6y)^2, अतः49x^2 - 36y^2 = (7x)^2 - (6y)^2(7x + 6y)(7x - 6y)।हल किया गया उदाहरण 7: x^2 + 10x + 25 का गुणनखंडन कीजिए।
x^2 + 10x + 25 = x^2 + 2(x)(5) + 5^2 = (x + 5)^2।(x + 5)(x + 5)।हल किया गया उदाहरण 8: a^3 + 27 का गुणनखंडन कीजिए।
a^3 + 27 = a^3 + 3^3 = (a + 3)(a^2 - 3a + 9)।हल किया गया उदाहरण 9: सूत्र से 102 × 98 का मान ज्ञात कीजिए।
102 = 100 + 2 तथा 98 = 100 - 2, अतः102 × 98 = (100 + 2)(100 - 2) = 100^2 - 2^210000 - 4 = 9996।घन सर्वसमिकाएँ (Cube Identities) भी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं:
(a + b)^3 = a^3 + 3a^2b + 3ab^2 + b^3(a - b)^3 = a^3 - 3a^2b + 3ab^2 - b^3a^3 + b^3 = (a + b)^3 - 3ab(a + b)a^3 - b^3 = (a - b)^3 + 3ab(a - b)a^3 + b^3 + c^3 - 3abc = (a + b + c)(a^2 + b^2 + c^2 - ab - bc - ca)विशेष नियम: यदि a + b + c = 0 हो तो a^3 + b^3 + c^3 = 3abc। यह नियम परीक्षा में बहुत उपयोगी है, जब x - y + y - z + z - x के रूप में तीन पदों का योग शून्य हो।
हल किया गया उदाहरण 10: (2x + y)^3 का विस्तार कीजिए।
(2x)^3 + 3(2x)^2(y) + 3(2x)(y)^2 + y^38x^3 + 12x^2y + 6xy^2 + y^3।हल किया गया उदाहरण 11: यदि a - b = 4 और ab = 5 हो तो a^3 - b^3 ज्ञात कीजिए।
a^3 - b^3 = (a - b)^3 + 3ab(a - b)(4)^3 + 3(5)(4) = 64 + 60 = 124।हल किया गया उदाहरण 12: 27x^3 - 8y^3 का गुणनखंडन कीजिए।
27x^3 = (3x)^3 तथा 8y^3 = (2y)^3, अतः(3x)^3 - (2y)^3 = (3x - 2y)(9x^2 + 6xy + 4y^2)।हल किया गया उदाहरण 13: यदि x + 1/x = 4 हो तो x^2 + 1/x^2 का मान ज्ञात कीजिए।
(x + 1/x)^2 = x^2 + 1/x^2 + 216 = x^2 + 1/x^2 + 2, अतः x^2 + 1/x^2 = 14।| सर्वसमिका | विस्तार/गुणनखंड |
|---|---|
| (a + b)^2 | a^2 + 2ab + b^2 |
| (a - b)^2 | a^2 - 2ab + b^2 |
| a^2 - b^2 | (a + b)(a - b) |
| (x + a)(x + b) | x^2 + (a + b)x + ab |
| (a + b)^3 | a^3 + 3a^2b + 3ab^2 + b^3 |
| (a - b)^3 | a^3 - 3a^2b + 3ab^2 - b^3 |
| a^3 + b^3 | (a + b)(a^2 - ab + b^2) |
| a^3 - b^3 | (a - b)(a^2 + ab + b^2) |
| व्यंजक | उपयुक्त सर्वसमिका | परिणाम |
|---|---|---|
| 103 × 97 | a^2 - b^2 | 100^2 - 3^2 = 9991 |
| 51^2 | (a + b)^2 | (50 + 1)^2 = 2601 |
| 49^2 | (a - b)^2 | (50 - 1)^2 = 2401 |
| (a + b)^2 + (a - b)^2 | योग सर्वसमिका | 2(a^2 + b^2) |
| (a + b)^2 - (a - b)^2 | अंतर सर्वसमिका | 4ab |
| x^2 + 1/x^2 | (x + 1/x)^2 - 2 | यदि x + 1/x ज्ञात हो |
flowchart TD
A[3.2 बीजीय सर्वसमिकाएँ] --> B[वर्ग सर्वसमिकाएँ]
A --> C[गुणनखंडन]
A --> D[घन सर्वसमिकाएँ]
A --> E[अनुप्रयोग]
B --> B1[(a + b)^2]
B --> B2[(a - b)^2]
B --> B3[a^2 - b^2]
B --> B4[(x + a)(x + b)]
C --> C1[a^2 - b^2 = (a + b)(a - b)]
C --> C2[a^3 + b^3]
C --> C3[a^3 - b^3]
D --> D1[(a + b)^3]
D --> D2[(a - b)^3]
D --> D3[a + b + c = 0 तो a^3 + b^3 + c^3 = 3abc]
E --> E1[99^2, 102 × 98 जैसी गणनाएँ]
E --> E2[a^2 + b^2, a^3 - b^3 का मान]
(a + b)^2 को a^2 + b^2 लिखना सबसे आम गलती है; मध्य पद 2ab छोड़ने से उत्तर गलत हो जाता है।(a - b)^2 = a^2 - 2ab + b^2 में अंतिम पद को ऋणात्मक लिखना गलत है; b^2 सदैव धनात्मक होता है।a^2 - b^2 के गुणनखंड (a - b)(a - b) लिखना गलत है; सही गुणनखंड (a + b)(a - b) है।a^3 + b^3 को (a + b)(a^2 + ab + b^2) लिखना गलत है; सही द्वितीय गुणनखंड में -ab होता है।a + b + c = 0 पर a^3 + b^3 + c^3 = 0 लिखना गलत है; सही परिणाम 3abc है।(-3)^2 = 9 लिखना आवश्यक है।a^2 + b^2 पूछे जाने पर याद रखें: a^2 + b^2 = (a + b)^2 - 2ab या (a - b)^2 + 2ab।a^3 + b^3 + c^3 = 3abc का नियम प्रयोग करें।बीजीय सर्वसमिकाएँ बीजगणित की वे शक्तिशाली उपकरण हैं जो विस्तार, गुणनखंडन तथा शीघ्र गणना में सहायता करती हैं। इन सूत्रों का नियमित अभ्यास रेलवे ग्रुप D परीक्षा में बीजगणित के प्रश्नों को तीव्रता से हल करने में सहायक होता है। वर्ग, अंतर तथा घन सर्वसमिकाओं की सटीक समझ से न केवल अंक बढ़ते हैं बल्कि शब्द समस्याओं में भी गति आती है। सर्वसमिकाओं को कंठस्थ करना और उनका सही उपयोग करना ही इस अध्याय में सफलता का मूल मंत्र है।