विषय: रेलवे ग्रुप D – गणित (अंकगणित) अध्याय: 2.6 चक्रवृद्धि ब्याज विषय-वस्तु: चक्रवृद्धि ब्याज, अर्धवार्षिक, CI-SI अंतर
चक्रवृद्धि ब्याज साधारण ब्याज से भिन्न एक ऐसी प्रणाली है जिसमें ब्याज की गणना केवल मूलधन पर नहीं, बल्कि पिछले समय के ब्याज को मूलधन में जोड़कर नए मूलधन पर की जाती है। इसे 'ब्याज पर ब्याज' भी कहा जाता है। इस व्यवस्था में प्रत्येक निर्धारित अवधि के बाद अर्जित ब्याज को मूलधन में मिला दिया जाता है और अगली अवधि का ब्याज बढ़े हुए मूलधन पर लगता है। यह अध्याय रेलवे ग्रुप D की परीक्षा में प्रश्न-बहुल है।
इस अध्याय में हम चक्रवृद्धि ब्याज के मूल सूत्र, वार्षिक, अर्धवार्षिक और त्रैमासिक संयोजन की विधि, चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के अंतर के सूत्र, तथा विभिन्न दरों और समय के लिए राशि की गणना का अध्ययन करेंगे। रेलवे परीक्षा में इस अध्याय से प्रायः चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात करना, अर्धवार्षिक संयोजन के प्रश्न, 2 या 3 वर्ष में CI और SI का अंतर, तथा मूलधन ज्ञात करने के प्रश्न पूछे जाते हैं।
इस अध्याय की गणनाओं में भिन्नों का प्रयोग अत्यंत सहायक होता है। जब दर 10% हो, तो गुणक 11/10 बनता है; 20% के लिए 6/5; 5% के लिए 21/20। इन गुणकों की सहायता से राशि की गणना सरल हो जाती है। CI और SI का अंतर सीधे दिए गए सूत्रों से निकाला जा सकता है, इसलिए इन सूत्रों को रटना आवश्यक है। नियमित अभ्यास से यह अध्याय पूर्ण-अंक प्राप्त करने योग्य बन जाता है।
चक्रवृद्धि ब्याज की अवधारणा: चक्रवृद्धि ब्याज में प्रत्येक निर्धारित अवधि के अंत में ब्याज मूलधन में जोड़ दिया जाता है और अगली अवधि के लिए यही नया मूलधन बन जाता है।
उदाहरण 1: 10000 रुपये का 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात कीजिए।
हल: A = 10000 × (11/10)² = 10000 × 121/100 = 12100 रुपये। CI = 12100 - 10000 = 2100 रुपये। अतः चक्रवृद्धि ब्याज 2100 रुपये है।
उदाहरण 2: 8000 रुपये का 5% वार्षिक दर से 2 वर्ष की राशि ज्ञात कीजिए।
हल: A = 8000 × (21/20)² = 8000 × 441/400 = 8820 रुपये। अतः राशि 8820 रुपये है।
उदाहरण 3: 20000 रुपये का 20% वार्षिक दर से 2 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात कीजिए।
हल: A = 20000 × (6/5)² = 20000 × 36/25 = 28800 रुपये। CI = 28800 - 20000 = 8800 रुपये। अतः चक्रवृद्धि ब्याज 8800 रुपये है।
आधी और चौथाई अवधि का संयोजन: जब ब्याज का संयोजन साल में एक से अधिक बार होता है, तो दर को उतने भागों में बाँटकर और समय को उतना गुणा करके सूत्र लगाया जाता है।
उदाहरण 4: 10000 रुपये का 10% वार्षिक दर से 1 वर्ष का ब्याज अर्धवार्षिक संयोजन पर ज्ञात कीजिए।
हल: दर प्रति छमाही = 5%, समय = 2 छमाही। A = 10000 × (21/20)² = 10000 × 441/400 = 11025 रुपये। CI = 11025 - 10000 = 1025 रुपये। अतः चक्रवृद्धि ब्याज 1025 रुपये है।
उदाहरण 5: 8000 रुपये का 10% वार्षिक दर से 1 वर्ष का ब्याज त्रैमासिक संयोजन पर ज्ञात कीजिए।
हल: दर प्रति तिमाही = 2.5% = 1/40, समय = 4 तिमाही। A = 8000 × (41/40)^4। (41/40)^4 = 1.1038129, अतः A = 8000 × 1.1038129 ≈ 8830.5 रुपये। CI ≈ 830.5 रुपये। अतः ब्याज लगभग 830.5 रुपये है।
उदाहरण 6: 20000 रुपये का 8% वार्षिक दर से 1.5 वर्ष की राशि अर्धवार्षिक संयोजन पर ज्ञात कीजिए।
हल: दर प्रति छमाही = 4%, समय = 3 छमाही। A = 20000 × (26/25)³ = 20000 × 17576/15625 = 22497.28 रुपये। अतः राशि लगभग 22497.28 रुपये है।
चक्रवृद्धि और साधारण ब्याज के बीच संबंध: चक्रवृद्धि ब्याज साधारण ब्याज से अधिक होता है और इसका अंतर निश्चित सूत्रों से ज्ञात किया जाता है।
उदाहरण 7: 10000 रुपये पर 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष के चक्रवृद्धि और साधारण ब्याज का अंतर ज्ञात कीजिए।
हल: अंतर = P × (R/100)² = 10000 × (10/100)² = 10000 × 1/100 = 100 रुपये। अतः अंतर 100 रुपये है।
उदाहरण 8: 50000 रुपये पर 10% वार्षिक दर से 3 वर्ष के चक्रवृद्धि और साधारण ब्याज का अंतर ज्ञात कीजिए।
हल: अंतर = P × (R/100)² × (3 + R/100) = 50000 × 1/100 × 3.1 = 1550 रुपये। अतः अंतर 1550 रुपये है।
उदाहरण 9: यदि 2 वर्ष में CI और SI का अंतर 20 रुपये है और दर 10% है, तो मूलधन ज्ञात कीजिए।
हल: अंतर = P × (10/100)² = P/100 = 20, अतः P = 2000 रुपये। अतः मूलधन 2000 रुपये है।
| संयोजन | राशि का सूत्र |
|---|---|
| वार्षिक | A = P(1 + R/100)^T |
| अर्धवार्षिक | A = P(1 + R/200)^(2T) |
| त्रैमासिक | A = P(1 + R/400)^(4T) |
| मासिक | A = P(1 + R/1200)^(12T) |
| चक्रवृद्धि ब्याज | A - P |
| CI - SI (2 वर्ष) | P(R/100)² |
| CI - SI (3 वर्ष) | P(R/100)²(3 + R/100) |
| दर | 1 वर्ष गुणक | 2 वर्ष गुणक |
|---|---|---|
| 5% | 21/20 | 441/400 |
| 10% | 11/10 | 121/100 |
| 20% | 6/5 | 36/25 |
| 25% | 5/4 | 25/16 |
| 4% | 26/25 | 676/625 |
flowchart TD
A[2.6 चक्रवृद्धि ब्याज] --> B[मूल सूत्र]
A --> C[अर्धवार्षिक-त्रैमासिक]
A --> D[CI-SI अंतर]
B --> B1[A = P(1+R/100)^T]
B --> B2[CI = A - P]
B --> B3[गुणक विधि]
C --> C1[अर्धवार्षिक]
C --> C2[त्रैमासिक]
C --> C3[मासिक]
D --> D1[2 वर्ष का सूत्र]
D --> D2[3 वर्ष का सूत्र]
D --> D3[मूलधन ज्ञात करना]
चक्रवृद्धि ब्याज रेलवे ग्रुप D के अंकगणित का महत्वपूर्ण अध्याय है जिसमें संयोजन की अवधि, दर और समय का सही समन्वय ही सफलता की कुंजी है। वार्षिक, अर्धवार्षिक और त्रैमासिक सूत्रों का सटीक ज्ञान तथा गुणक विधि और CI-SI अंतर सूत्रों का अभ्यास करके इस अध्याय के प्रश्न न्यूनतम समय में हल किए जा सकते हैं। नियमित अभ्यास और सामान्य गलतियों से बचकर अभ्यर्थी इस अध्याय से पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।