विषय: रेलवे ग्रुप D – गणित (अंकगणित) अध्याय: 2.12 कैलेंडर और घड़ी विषय-वस्तु: कैलेंडर के नियम, घड़ी की कोणीय गति
कैलेंडर और घड़ी अंकगणित का वह अध्याय है जिसमें दो अलग-अलग प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं — कैलेंडर से संबंधित प्रश्न (किसी तिथि का दिन ज्ञात करना, विषम दिन, लीप वर्ष) तथा घड़ी से संबंधित प्रश्न (घड़ी की सुइयों के बीच का कोण, सुइयों का मिलना)। दोनों भाग अपने-अपने निश्चित नियमों पर आधारित हैं।
कैलेंडर के प्रश्नों का आधार 'विषम दिन' (odd days) की अवधारणा है। एक सामान्य वर्ष में 365 दिन होते हैं, जिसमें 52 सप्ताह और 1 अतिरिक्त दिन होता है, इस अतिरिक्त दिन को विषम दिन कहते हैं। लीप वर्ष में 366 दिन होते हैं, अतः 2 विषम दिन होते हैं। किसी तिथि का दिन ज्ञात करने के लिए उस तिथि तक के सभी विषम दिनों की गणना की जाती है।
घड़ी के प्रश्नों में घंटे की सुई और मिनट की सुई के बीच के कोण की गणना की जाती है। घंटे की सुई 12 घंटे में 360° चलती है, अर्थात प्रति मिनट 0.5°, और मिनट की सुई 60 मिनट में 360° चलती है, अर्थात प्रति मिनट 6°। दोनों सुइयों के बीच सापेक्ष चाल 5.5° प्रति मिनट होती है। इन्हीं आधारभूत तथ्यों से सभी प्रश्न हल होते हैं।
कैलेंडर के प्रश्न निम्न नियमों से हल किए जाते हैं:
उदाहरण 1 (विषम दिन): वर्ष 2023 में कुल विषम दिन कितने होंगे? हल: 2023 एक सामान्य वर्ष है, अतः कुल विषम दिन = 1।
उदाहरण 2 (दिन ज्ञात): 1 जनवरी 2026 का दिन क्या है, यदि 1 जनवरी 2025 बुधवार था? हल: 2025 एक सामान्य वर्ष है, अतः विषम दिन 1। बुधवार + 1 = गुरुवार। अतः 1 जनवरी 2026 = गुरुवार।
उदाहरण 3 (लीप वर्ष): निम्न में से कौन सा लीप वर्ष है — 2024, 2025, 2026, 1900? हल: 2024 लीप वर्ष है (4 से विभाज्य)। 1900 शताब्दी वर्ष है और 400 से विभाज्य नहीं, अतः लीप वर्ष नहीं है। उत्तर = 2024।
उदाहरण 4 (दिन): 15 अगस्त 2026 का दिन क्या होगा, यदि 1 जनवरी 2026 गुरुवार है? हल: 1 जनवरी से 15 अगस्त तक विषम दिन: जनवरी 3, फरवरी 0, मार्च 3, अप्रैल 2, मई 3, जून 2, जुलाई 3, अगस्त 1 (15 तक) = 17 विषम दिन। 17 ÷ 7 = 3 शेष। गुरुवार + 3 = रविवार। अतः 15 अगस्त 2026 = रविवार।
उदाहरण 5 (महीने के कोड): माह अप्रैल के लिए विषम दिनों की गणना करें। हल: जनवरी (3) + फरवरी (0) + मार्च (3) = 6 विषम दिन। अप्रैल का कोड = 6।
घड़ी के प्रश्नों में निम्न तथ्य उपयोग होते हैं:
उदाहरण 6 (कोण): 3:30 बजे घड़ी की सुइयों के बीच का कोण ज्ञात कीजिए। हल: कोण = |30 × 3 − 5.5 × 30| = |90 − 165| = 75°।
उदाहरण 7 (कोण): 6:40 बजे घड़ी की सुइयों के बीच का कोण ज्ञात कीजिए। हल: कोण = |30 × 6 − 5.5 × 40| = |180 − 220| = 40°।
उदाहरण 8 (सुइयाँ एक रेखा में): 6 बजे से 7 बजे के बीच घड़ी की दोनों सुइयाँ कब एक सीधी रेखा में विपरीत दिशा में होंगी? हल: 6 बजे पर कोण 180° है, अतः 6:00 पर ही सुइयाँ सीधी रेखा में हैं। उत्तर = 6:00।
उदाहरण 9 (मिलना): 2 बजे के बाद दोनों सुइयाँ कब मिलेंगी? हल: 2 बजे पर घंटे की सुई 60° आगे है। सुइयों को मिलने के लिए 60° का अंतर समाप्त होना है। समय = 60/5.5 = 10.91 मिनट। उत्तर = 2 बजकर 10 10/11 मिनट।
उदाहरण 10 (समकोण): 9 बजे से 10 बजे के बीच सुइयाँ कब 90° का कोण बनाएंगी (पहली बार)? हल: 9 बजे पर कोण = 270° (अर्थात 90°)। अतः 9:00 पर ही पहली बार 90° बनता है।
कुछ प्रश्नों में वर्ष की कुल संख्या के विषम दिनों की गणना की जाती है। इसके लिए पूर्ण वर्षों के विषम दिनों की गणना अलग से और वर्तमान वर्ष के दिनों की गणना अलग से की जाती है।
उदाहरण 11 (कुल दिन): 2000 से 2023 तक (2000 और 2023 सहित) कुल विषम दिन कितने होंगे? हल: 24 वर्षों में लीप वर्ष = 6 (2000, 2004, 2008, 2012, 2016, 2020)। कुल दिन = 24 × 365 + 6 = 8766। विषम दिन = 8766 ÷ 7 = 1252 सप्ताह और 2 शेष। उत्तर = 2 विषम दिन।
उदाहरण 12 (दिन): 1 जनवरी 2020 बुधवार था। 1 जनवरी 2021 का दिन क्या होगा? हल: 2020 लीप वर्ष है, अतः विषम दिन 2। बुधवार + 2 = शुक्रवार। उत्तर = शुक्रवार।
उदाहरण 13 (कोण 180 से अधिक): 7:00 बजे घड़ी की सुइयों के बीच का कोण ज्ञात कीजिए। हल: कोण = |30 × 7 − 5.5 × 0| = 210°। 180° से अधिक है, अतः 360 − 210 = 150°।
उदाहरण 14 (मिलने की संख्या): 12 घंटे में दोनों सुइयाँ कितनी बार मिलती हैं? हल: सुइयाँ प्रत्येक घंटे में एक बार मिलती हैं, परंतु 11 और 12 के बीच मिलने की गिनती 12 पर नहीं होती। अतः कुल 11 बार।
उदाहरण 15 (लीप वर्ष नियम): 2100 लीप वर्ष है या नहीं? हल: 2100 शताब्दी वर्ष है और 400 से विभाज्य नहीं है, अतः लीप वर्ष नहीं है।
| स्थिति | मान |
|---|---|
| सामान्य वर्ष में विषम दिन | 1 |
| लीप वर्ष में विषम दिन | 2 |
| 100 वर्षों में विषम दिन | 5 |
| 400 वर्षों में विषम दिन | 0 |
| दिनों का कोड (रविवार) | 0 |
| लीप वर्ष की शर्त | 4 से विभाज्य, शताब्दी 400 से |
| स्थिति | मान |
|---|---|
| मिनट की सुई की गति | 6°/मिनट |
| घंटे की सुई की गति | 0.5°/मिनट |
| सापेक्ष गति | 5.5°/मिनट |
| कोण सूत्र | |30H − 5.5M| |
| 12 घंटे में सुइयों का मिलना | 11 बार |
| मिलने का अंतराल | 65.45 मिनट |
flowchart TD
A[2.12 कैलेंडर और घड़ी] --> B[कैलेंडर]
A --> C[घड़ी]
B --> B1[विषम दिन]
B --> B2[लीप वर्ष]
B --> B3[दिनों का कोड]
C --> C1[कोणीय गति]
C --> C2[कोण सूत्र 30H − 5.5M]
C --> C3[सुइयों का मिलना]
कैलेंडर और घड़ी के अध्याय में कैलेंडर के प्रश्न विषम दिनों की गणना तथा लीप वर्ष के नियम पर आधारित होते हैं, जबकि घड़ी के प्रश्न सुइयों की कोणीय गति (घंटे की 0.5°/मिनट तथा मिनट की 6°/मिनट) पर आधारित होते हैं। कोण सूत्र |30H − 5.5M| और विषम दिनों के कोड को कंठस्थ करके इस अध्याय के सभी प्रश्न शीघ्रता से हल किए जा सकते हैं। नियमित अभ्यास से रेलवे ग्रुप D में इस अध्याय में पूर्ण अंक प्राप्त हो सकते हैं।