4.6 परिमाप Notes

4.6 परिमाप

विषय: रेलवे ग्रुप D – गणित (ज्यामिति और क्षेत्रमिति) अध्याय: 4.6 परिमाप विषय-वस्तु: विभिन्न आकृतियों का परिमाप

1. परिचय

किसी भी समतल आकृति की चारों ओर की कुल सीमा की लंबाई को उस आकृति का परिमाप कहते हैं। सीधे शब्दों में, यदि हम किसी आकृति की सीमा के साथ-साथ चलकर उसकी पूरी परिक्रमा करें, तो हमारे द्वारा तय की गई कुल दूरी ही परिमाप कहलाती है। 'परिमाप' शब्द 'परि' (चारों ओर) और 'माप' शब्दों से बना है, जिसका अर्थ है चारों ओर की माप। परिमाप को हमेशा लंबाई की इकाई जैसे मीटर, सेंटीमीटर, किलोमीटर आदि में व्यक्त किया जाता है, इसमें कभी भी वर्ग इकाई नहीं आती।

जीवन में परिमाप का उपयोग अनेक स्थानों पर होता है। जब हम किसी बगीचे के चारों ओर तार की बाड़ लगाते हैं, किसी मैदान के चारों ओर दौड़ की दूरी निकालते हैं, चित्र या फोटो के लिए फ्रेम बनवाते हैं, या कमरे के चारों ओर कंगनी लगाते हैं, तब हमें आकृति का परिमाप जानना आवश्यक होता है। इसलिए परिमाप केवल परीक्षा का विषय नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन की एक अत्यंत उपयोगी अवधारणा भी है। परिमाप से ही यह तय होता है कि किसी क्षेत्र को घेरने के लिए कितनी सामग्री की आवश्यकता होगी।

रेलवे ग्रुप D परीक्षा में परिमाप से संबंधित प्रश्न प्रायः सीधे सूत्र पर आधारित होते हैं और इन्हें हल करना अपेक्षाकृत सरल होता है। विद्यार्थी को वर्ग, आयत, त्रिभुज, समांतर चतुर्भुज, समचतुर्भुज, समलंब चतुर्भुज तथा वृत्त की परिधि के सूत्र कंठस्थ होने चाहिए। साथ ही, बाड़ लगाने, दौड़ लगाने, तार मोड़ने और आकृति के चारों ओर चक्कर लगाने वाले प्रश्नों में यह पहचानना आवश्यक है कि कब परिमाप का प्रयोग करना है और कब क्षेत्रफल का। इसी पहचान में गलती होने पर उत्तर गलत हो जाता है, अतः अवधारणा को भली-भांति समझना आवश्यक है।

2. विभिन्न आकृतियों के परिमाप सूत्र

इस भाग में सभी महत्वपूर्ण आकृतियों के परिमाप के सूत्र दिए जा रहे हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ें और बार-बार दोहराकर कंठस्थ करें।

इन सूत्रों में ध्यान देने योग्य बात यह है कि परिमाप में केवल लंबाई की इकाइयों का योग होता है, किसी प्रकार का गुणा जैसा क्षेत्रफल में होता है वैसा यहाँ नहीं है। जब दो भुजाओं की इकाई भिन्न हो, तो पहले उन्हें समान इकाई में बदलना चाहिए।

3. हल किए गए उदाहरण

निम्नलिखित हल किए गए उदाहरणों से परिमाप की अवधारणा स्पष्ट हो जाएगी।

उदाहरण 1: एक वर्ग की भुजा 12 सेमी है। इसका परिमाप ज्ञात कीजिए। हल: वर्ग का परिमाप = 4 × भुजा = 4 × 12 = 48 सेमी। अतः उत्तर 48 सेमी।

उदाहरण 2: एक आयत की लंबाई 15 मी और चौड़ाई 9 मी है। इसका परिमाप ज्ञात कीजिए। हल: परिमाप = 2(l + b) = 2 × (15 + 9) = 2 × 24 = 48 मी।

उदाहरण 3: एक वृत्त की त्रिज्या 7 सेमी है। इसकी परिधि ज्ञात कीजिए। (π = 22/7) हल: परिधि = 2πr = 2 × (22/7) × 7 = 2 × 22 = 44 सेमी।

उदाहरण 4: एक वृत्त का व्यास 42 सेमी है। परिधि ज्ञात कीजिए। (π = 22/7) हल: परिधि = πd = (22/7) × 42 = 22 × 6 = 132 सेमी।

उदाहरण 5: एक आयताकार पार्क की लंबाई 30 मी और चौड़ाई 20 मी है। इसके चारों ओर एक चक्कर लगाने में तय की गई दूरी ज्ञात कीजिए। हल: एक चक्कर में तय दूरी = परिमाप = 2 × (30 + 20) = 2 × 50 = 100 मी।

उदाहरण 6: उपरोक्त पार्क में 10 रुपये प्रति मीटर की दर से बाड़ लगाने का कुल खर्च ज्ञात कीजिए। हल: बाड़ की कुल लंबाई = परिमाप = 100 मी। कुल खर्च = 100 × 10 = 1000 रुपये।

उदाहरण 7: एक समबाहु त्रिभुज की भुजा 7 सेमी है। इसका परिमाप ज्ञात कीजिए। हल: परिमाप = 3 × भुजा = 3 × 7 = 21 सेमी।

उदाहरण 8: 88 सेमी लंबे तार को वृत्त के रूप में मोड़ा गया। वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए। (π = 22/7) हल: परिधि = तार की लंबाई = 88 सेमी। 2πr = 88, अर्थात 2 × (22/7) × r = 88। अतः r = 88 × 7 ÷ 44 = 14 सेमी।

4. परिमाप पर आधारित विशेष स्थितियाँ

बाड़ और दौड़ से संबंधित प्रश्न: किसी आयताकार या वर्गाकार क्षेत्र के चारों ओर बाड़ लगाने या दौड़ लगाने में आवश्यक कुल लंबाई आकृति का परिमाप होती है। कुल खर्च = परिमाप × दर। यदि बाड़ में कोई द्वार छोड़ना हो तो द्वार की लंबाई परिमाप में से घटा दी जाती है।

तार मोड़ने वाले प्रश्न: जब एक ही तार को अलग-अलग आकृतियों में मोड़ा जाता है तो तार की लंबाई नियत रहती है, अर्थात सभी आकृतियों का परिमाप समान होता है। यदि तार से पहले वर्ग बनाया जाए और फिर वृत्त, तो वर्ग का परिमाप और वृत्त की परिधि बराबर होंगी।

चक्कर लगाने वाले प्रश्न: किसी वृत्ताकार या आयताकार मैदान के चारों ओर n चक्कर लगाने पर तय की गई कुल दूरी = n × परिमाप।

विकर्ण दिए होने पर: यदि वर्ग का विकर्ण d दिया हो तो परिमाप = 2√2 × d। यह सूत्र परीक्षा में सीधे पूछा जा सकता है, अतः इसे अवश्य याद रखें।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: आकृति और परिमाप सूत्र

आकृति परिमाप सूत्र
वर्ग 4 × भुजा
आयत 2 × (लंबाई + चौड़ाई)
समबाहु त्रिभुज 3 × भुजा
सामान्य त्रिभुज तीनों भुजाओं का योग
समद्विबाहु त्रिभुज 2 × बराबर भुजा + आधार
समांतर चतुर्भुज 2 × (आसन्न भुजाओं का योग)
समचतुर्भुज 4 × भुजा
समलंब चतुर्भुज सभी भुजाओं का योग
वृत्त 2πr = πd
अर्धवृत्त r(π + 2)
नियमित बहुभुज n × भुजा

तालिका 2: इकाई रूपांतरण और विशेष सूत्र

विषय मान / सूत्र
1 मीटर 100 सेमी
1 किलोमीटर 1000 मीटर
1 सेमी 10 मिमी
π का मान 22/7 या 3.14
वर्ग, विकर्ण से परिमाप 2√2 × विकर्ण
परिमाप में इकाई लंबाई की इकाई (मी, सेमी, किमी)

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[4.6 परिमाप] --> B[वर्ग का सूत्र 4a]
    A --> C[आयत का सूत्र 2(l+b)]
    A --> D[त्रिभुज का सूत्र a+b+c]
    A --> E[वृत्त की परिधि 2πr]
    A --> F[समांतर चतुर्भुज 2(a+b)]
    A --> G[समचतुर्भुज 4a]
    A --> H[समलंब चतुर्भुज a+b+c+d]
    A --> I[व्यावहारिक प्रश्न]
    I --> J[बाड़ लगाना]
    I --> K[दौड़ और चक्कर]
    I --> L[तार मोड़ना]
    A --> M[इकाइयाँ मी सेमी किमी]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

आयत और वर्ग का परिमाप लंबाई l चौड़ाई b आयत का परिमाप = 2(l + b) भुजा a वर्ग का परिमाप = 4a स्वर्ण नियम: परिमाप आकृति की सीमा की कुल लंबाई है और यह सदैव लंबाई की इकाई में ही होता है।

वृत्त की परिधि और त्रिभुज का परिमाप r वृत्त की परिधि = 2πr = πd a b c त्रिभुज का परिमाप = a + b + c स्वर्ण नियम: वृत्त के चारों ओर की दूरी को परिधि कहते हैं जो 2πr के बराबर होती है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. परिधि और क्षेत्रफल में भ्रम: वृत्त का क्षेत्रफल πr² होता है जबकि परिधि 2πr। अनेक विद्यार्थी इन दोनों सूत्रों को आपस में बदल देते हैं।
  2. परिमाप में वर्ग इकाई लगाना: परिमाप में वर्ग इकाई नहीं लगती; सेमी² या मी² केवल क्षेत्रफल की इकाई है।
  3. समचतुर्भुज और समांतर चतुर्भुज का भ्रम: समचतुर्भुज की सभी भुजाएँ बराबर होती हैं अतः परिमाप 4a, जबकि समांतर चतुर्भुज का परिमाप 2(a+b) होता है।
  4. π का मान गलत चुनना: जब त्रिज्या या व्यास 7 का गुणज हो तो π = 22/7 उपयुक्त है, अन्यथा π = 3.14 लेना सुविधाजनक रहता है।
  5. अर्धवृत्त के परिमाप में व्यास जोड़ना भूलना: अर्धवृत्त का परिमाप केवल चाप नहीं है, बल्कि चाप + व्यास = πr + 2r होता है।
  6. इकाई बदलना भूलना: यदि लंबाई मीटर में और चौड़ाई सेमी में हो तो पहले दोनों को समान इकाई में बदलकर ही हल करें।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. सभी परिमाप सूत्रों की एक तालिका बनाकर प्रतिदिन दोहराएँ।
  2. प्रश्न पढ़ते ही पहचानें कि वह परिमाप से संबंधित है या क्षेत्रफल से; बाड़, दौड़, तार, फ्रेम = परिमाप, जबकि टाइल, घास, पेंट = क्षेत्रफल।
  3. उत्तर प्राप्त करने के बाद इकाई की जाँच अवश्य करें।
  4. विकर्ण से परिमाप वाले प्रश्नों के लिए सूत्र 2√2d अवश्य याद रखें।
  5. द्वार छोड़ने वाले प्रश्नों में द्वार की लंबाई परिमाप में से घटाना न भूलें।
  6. गति और दूरी से जुड़े प्रश्नों में परिधि को समय से गुणा करके दूरी ज्ञात करें।

10. निष्कर्ष

परिमाप ज्यामिति की सबसे सरल और सबसे उपयोगी अवधारणाओं में से एक है। वर्ग, आयत, त्रिभुज, समांतर चतुर्भुज, समचतुर्भुज, समलंब चतुर्भुज और वृत्त के परिमाप सूत्रों को कंठस्थ करके तथा इकाई और π के मान पर ध्यान देकर विद्यार्थी इस अध्याय के प्रश्नों को आसानी से हल कर सकते हैं। रेलवे ग्रुप D की परीक्षा में परिमाप से संबंधित प्रश्न अधिकतर सीधे सूत्र पर आधारित होते हैं, इसलिए इन्हें हल करने में थोड़े अभ्यास से ही पूर्ण आत्मविश्वास प्राप्त किया जा सकता है।