विषय: रेलवे ग्रुप D – गणित (ज्यामिति और क्षेत्रमिति) अध्याय: 4.9 आयतन विषय-वस्तु: ठोसों का आयतन, धारिता
किसी त्रिविमीय ठोस द्वारा घेरे गए कुल स्थान को उस ठोस का आयतन कहते हैं। आयतन यह बताता है कि कोई ठोस या वस्तु अपने भीतर कितना स्थान घेरती है। आयतन को घन इकाई जैसे घन सेमी, घन मीटर, लीटर आदि में मापा जाता है, क्योंकि यह तीन आयामों का गुणनफल होता है। जबकि पृष्ठीय क्षेत्रफल ठोस की सतह को बताता है, आयतन उसके भीतर का पूरा स्थान बताता है।
आयतन की अवधारणा दैनिक जीवन और उद्योग में अत्यंत महत्वपूर्ण है। पानी की टंकी में कितना पानी समा सकता है, बर्तन में कितना तरल भरा जा सकता है, ईंट से कितनी दीवार बनेगी, अनाज के ढेर में कितना अनाज है - इन सभी प्रश्नों का उत्तर आयतन से ही मिलता है। बर्तन की धारिता (capacity) भी आयतन की ही एक अभिव्यक्ति है, जिसे लीटर में मापा जाता है।
रेलवे ग्रुप D परीक्षा में घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोले और अर्धगोले के आयतन से प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। धारिता अर्थात लीटर में रूपांतरण से जुड़े प्रश्न भी अक्सर आते हैं। 1 घन मीटर = 1000 लीटर और 1 लीटर = 1000 घन सेमी का संबंध याद रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि धारिता के प्रश्नों में यही रूपांतरण गलतियों का कारण बनता है। सूत्रों का सही ज्ञान और इकाइयों का सावधानीपूर्वक प्रयोग इस अध्याय में सफलता की कुंजी है।
नीचे सभी महत्वपूर्ण ठोसों के आयतन सूत्र दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ें और कंठस्थ करें।
कुछ महत्वपूर्ण तथ्य: समान आधार और ऊँचाई वाले शंकु और बेलन के आयतन में 1:3 का अनुपात होता है; गोले का आयतन उससे निर्मित अर्धगोले के आयतन का दोगुना होता है; समान आयतन वाले ठोसों में गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल सबसे कम होता है। धारिता के लिए आयतन को लीटर में बदलने पर 1 लीटर = 1000 घन सेमी होता है।
निम्नलिखित हल किए गए उदाहरण आयतन की अवधारणा को स्पष्ट करेंगे।
उदाहरण 1: एक घन की भुजा 6 सेमी है। इसका आयतन ज्ञात कीजिए। हल: आयतन = a³ = 6 × 6 × 6 = 216 घन सेमी।
उदाहरण 2: एक घनाभ की लंबाई 12 सेमी, चौड़ाई 8 सेमी और ऊँचाई 5 सेमी है। आयतन ज्ञात कीजिए। हल: आयतन = 12 × 8 × 5 = 480 घन सेमी।
उदाहरण 3: एक बेलन की त्रिज्या 7 सेमी और ऊँचाई 10 सेमी है। (π = 22/7) आयतन ज्ञात कीजिए। हल: आयतन = πr²h = (22/7) × 7 × 7 × 10 = 1540 घन सेमी।
उदाहरण 4: एक शंकु की त्रिज्या 7 सेमी और ऊँचाई 12 सेमी है। (π = 22/7) आयतन ज्ञात कीजिए। हल: आयतन = (1/3) × πr²h = (1/3) × (22/7) × 49 × 12 = 616 घन सेमी।
उदाहरण 5: एक गोले की त्रिज्या 7 सेमी है। (π = 22/7) आयतन ज्ञात कीजिए। हल: आयतन = (4/3) × πr³ = (4/3) × (22/7) × 343 = 1437.33 घन सेमी।
उदाहरण 6: एक घन का आयतन 125 घन सेमी है। इसकी भुजा ज्ञात कीजिए। हल: भुजा = ∛125 = 5 सेमी।
उदाहरण 7: एक घनाभाकार टंकी 2 मी × 1.5 मी × 1 मी है। इसमें कितने लीटर पानी आ सकता है? हल: आयतन = 2 × 1.5 × 1 = 3 घन मीटर = 3 × 1000 = 3000 लीटर।
उदाहरण 8: एक बेलनाकार बर्तन की त्रिज्या 7 सेमी और ऊँचाई 10 सेमी है। (π = 22/7) इसकी धारिता लीटर में ज्ञात कीजिए। हल: आयतन = 1540 घन सेमी = 1540 ÷ 1000 = 1.54 लीटर।
धारिता और रूपांतरण: किसी बर्तन की धारिता उसका आयतन ही होती है, परंतु उसे लीटर में व्यक्त किया जाता है। 1 घन मीटर = 1000 लीटर, 1 लीटर = 1000 घन सेमी, और 1 घन सेमी = 1 मिली लीटर। ध्यान रखें कि लीटर से घन मीटर में बदलने के लिए 1000 से भाग दिया जाता है।
ईंट और निर्माण वाले प्रश्न: किसी दीवार या संरचना में लगने वाली ईंटों की संख्या = दीवार का आयतन ÷ एक ईंट का आयतन। इसके लिए दोनों आयतनों की इकाइयों को समान रखना आवश्यक है।
पिघलाकर दोबारा ढालना: जब किसी धातु के ठोस को पिघलाकर दूसरा ठोस बनाया जाता है, तो आयतन नियत रहता है। इस सिद्धांत पर अनेक प्रश्न बनते हैं, जैसे गोले को पिघलाकर शंकु या बेलन बनाना। इसमें पहले ठोस का आयतन ज्ञात कर दूसरे ठोस के सूत्र में रखकर अज्ञात मान निकाला जाता है।
तैरती वस्तुएँ और स्तर: किसी बर्तन में डूबी वस्तु के कारण जलस्तर में वृद्धि, उठे जल का आयतन = वस्तु का आयतन होता है। यदि आधार का क्षेत्रफल A हो और जलस्तर में h वृद्धि हो, तो वस्तु का आयतन = A × h।
| ठोस | आयतन सूत्र |
|---|---|
| घन | a³ |
| घनाभ | l × b × h |
| बेलन | πr²h |
| शंकु | (1/3) × πr²h |
| गोला | (4/3) × πr³ |
| अर्धगोला | (2/3) × πr³ |
| खोखला बेलन | πh(R² − r²) |
| विषय | मान |
|---|---|
| 1 घन मीटर | 1000 लीटर |
| 1 लीटर | 1000 घन सेमी |
| 1 घन सेमी | 1 मिली लीटर |
| 1 घन मीटर | 1000000 घन सेमी |
| शंकु और बेलन (समान आधार, ऊँचाई) | 1 : 3 |
flowchart TD
A[4.9 आयतन] --> B[घन a³]
A --> C[घनाभ l × b × h]
A --> D[बेलन πr²h]
A --> E[शंकु ⅓πr²h]
A --> F[गोला ⅔πr³ दुगुना अर्धगोला]
A --> G[अर्धगोला ⅔πr³]
A --> H[धारिता लीटर]
A --> I[व्यावहारिक प्रश्न]
I --> J[ईंट की गणना]
I --> K[पिघलाकर ढालना]
I --> L[जलस्तर में वृद्धि]
A --> M[इकाइयाँ घन मी घन सेमी लीटर]
आयतन और धारिता क्षेत्रमिति के मूलभूत विषय हैं, जिनमें घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोले और अर्धगोले के आयतन सूत्रों के साथ लीटर में रूपांतरण का ज्ञान आवश्यक है। सूत्रों का सही प्रयोग, इकाइयों की समानता और रूपांतरण के नियमों पर ध्यान देकर विद्यार्थी इस अध्याय के सभी प्रश्नों को सरलता से हल कर सकते हैं। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में आयतन और धारिता से प्रश्न पूछे जाने की प्रबल संभावना है, अतः इस अध्याय का गहन अभ्यास परीक्षा में निश्चित रूप से लाभकारी सिद्ध होगा।