1.2 BODMAS Notes

1.2 BODMAS

विषय: रेलवे ग्रुप D – गणित (संख्या पद्धति) अध्याय: 1.2 BODMAS विषय-वस्तु: कोष्ठक, घात, भाग-गुणा, जोड़-घटाव के नियम

1. परिचय

BODMAS गणितीय संक्रियाओं के हल करने के निश्चित क्रम का नियम है। किसी व्यंजक में जोड़, घटाव, गुणा, भाग और कोष्ठक एक साथ उपस्थित हों तो उन्हें निश्चित अनुक्रम में हल करना अनिवार्य है; अन्यथा उत्तर गलत प्राप्त होता है। रेलवे ग्रुप D की परीक्षा में सरलीकरण से संबंधित प्रश्नों में BODMAS का पूर्ण ज्ञान अपेक्षित होता है।

BODMAS का विस्तार है: B (Bracket – कोष्ठक), O (Of), D (Division – भाग), M (Multiplication – गुणा), A (Addition – जोड़), S (Subtraction – घटाव)। अर्थात हल करते समय सबसे पहले कोष्ठक, तत्पश्चात Of, फिर भाग, फिर गुणा, फिर जोड़ और अंत में घटाव की संक्रिया की जाती है।

इस अध्याय में हम कोष्ठकों के प्रकार, घातों का क्रम, संक्रियाओं का सही अनुक्रम तथा रेलवे परीक्षा स्तर के अनेक हल सहित उदाहरणों का अध्ययन करेंगे। नियम को आत्मसात करने पर सरलीकरण के प्रश्न मात्र 20-30 सेकंड में हल होने लगते हैं।

2. कोष्ठकों के प्रकार

किसी व्यंजक में तीन प्रकार के कोष्ठक प्रयुक्त होते हैं और इन्हें निश्चित क्रम में ही खोला जाता है। सबसे पहले रेखा (Vinculum/Bar) या सबसे अंदर वाला कोष्ठक हल किया जाता है।

महत्वपूर्ण नियम: कोष्ठक हटाते समय उसके पूर्ववर्ती चिह्न को ध्यान में रखें। यदि कोष्ठक से पहले ऋणात्मक चिह्न हो तो भीतर के चिह्न बदल जाते हैं। उदाहरणस्वरूप 8 − (6 − 3) = 8 − 6 + 3 = 5।

हल सहित उदाहरण: 1. 25 − [20 − {8 − (6 − 3)}] हल कीजिए। हल: सबसे पहले छोटा कोष्ठक: 6 − 3 = 3; तब {8 − 3} = 5; तब [20 − 5] = 15; अंत में 25 − 15 = 10। 2. 100 ÷ 25 × (5 + 5) − 10 हल कीजिए। हल: 5 + 5 = 10; तब 100 ÷ 25 = 4; तब 4 × 10 = 40; अंत में 40 − 10 = 30। 3. 20 − [10 − {5 − (2 + 1)}] हल कीजिए। हल: 2 + 1 = 3; {5 − 3} = 2; [10 − 2] = 8; अंत में 20 − 8 = 12।

3. घात, भाग-गुणा और जोड़-घटाव का क्रम

कोष्ठक के बाद 'Of' की संक्रिया की जाती है, जिसका अर्थ है गुणा। जैसे 2 Of 3 = 2 × 3 = 6। इसके पश्चात बाएँ से दाएँ क्रम में भाग एवं गुणा की संक्रियाएँ की जाती हैं, क्योंकि भाग और गुणा समान वरीयता रखते हैं। उसके बाद बाएँ से दाएँ जोड़ और घटाव हल किए जाते हैं।

हल सहित उदाहरण: 1. 12 + 6 ÷ 3 × 2 हल कीजिए। हल: पहले भाग: 6 ÷ 3 = 2; तब गुणा: 2 × 2 = 4; अंत में जोड़: 12 + 4 = 16। गलत क्रम (जोड़ पहले) से 12 जोड़कर 18 ÷ 3 × 2 = 12 भी प्राप्त होता है, परंतु सही उत्तर 16 है। 2. 2³ + 5 × 2 − 4 हल कीजिए। हल: घात 2³ = 8; तब 5 × 2 = 10; तब 8 + 10 = 18; अंत में 18 − 4 = 14। 3. 36 ÷ 6 × 3 − 4 + 2 हल कीजिए। हल: 36 ÷ 6 = 6; तब 6 × 3 = 18; तब 18 − 4 = 14; अंत में 14 + 2 = 16। 4. 4 + 6 × (8 − 6) ÷ 3 हल कीजिए। हल: (8 − 6) = 2; तब 6 × 2 = 12; तब 12 ÷ 3 = 4; अंत में 4 + 4 = 8।

4. VBODMAS से जटिल व्यंजकों को हल करना

जब व्यंजक में घात, कोष्ठक, भिन्न तथा दशमलव एक साथ हों तो पूर्ण क्रम इस प्रकार है: रेखा (V) → कोष्ठक (B) → Of (O) → भाग (D) → गुणा (M) → जोड़ (A) → घटाव (S)। इसी को VBODMAS कहते हैं। यह याद रखना आवश्यक है कि BODMAS का O भाग-गुणा से पहले आता है।

हल सहित उदाहरण: 1. (2 + 3) × 4 − 10 ÷ 2 हल कीजिए। हल: (2 + 3) = 5; तब 5 × 4 = 20; तब 10 ÷ 2 = 5; अंत में 20 − 5 = 15। 2. \overline{16 − 10} ÷ 3 × 2 + 4 हल कीजिए। हल: रेखा: 16 − 10 = 6; तब 6 ÷ 3 = 2; तब 2 × 2 = 4; अंत में 4 + 4 = 8। 3. 5 + [3 − {4 ÷ 2}] × 3 हल कीजिए। हल: 4 ÷ 2 = 2; {3 − 2} = 1; तब 1 × 3 = 3; अंत में 5 + 3 = 8। 4. 15 × 2 + 20 ÷ 5 − (6 − 3) हल कीजिए। हल: (6 − 3) = 3; तब 15 × 2 = 30; तब 20 ÷ 5 = 4; तब 30 + 4 = 34; अंत में 34 − 3 = 31।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

BODMAS क्रम और संक्रिया का नियम | अक्षर | अर्थ | क्रम | उदाहरण | | --- | --- | --- | --- | | B | Bracket (कोष्ठक) | पहला | 6 − (2 + 1) | | O | Of | दूसरा | 3 Of 4 = 12 | | D | Division (भाग) | तीसरा | 12 ÷ 3 | | M | Multiplication (गुणा) | चौथा | 4 × 2 | | A | Addition (जोड़) | पाँचवाँ | 5 + 3 | | S | Subtraction (घटाव) | छठा | 8 − 6 |

तालिका 2

कोष्ठकों के प्रकार एवं हल करने का क्रम | कोष्ठक | चिह्न | हल करने का क्रम | उदाहरण | | --- | --- | --- | --- | | रेखा | \overline{...} | सबसे पहले | \overline{4+3} = 7 | | छोटा | ( ) | पहले | 8 − (3 + 2) = 3 | | मझला | { } | बाद में | 10 − {5 − 2} = 7 | | बड़ा | [ ] | सबसे बाद में | [4 + 3] = 7 |

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[BODMAS] --> B[कोष्ठक Bracket]
    A --> C[Of]
    A --> D[भाग Division]
    A --> E[गुणा Multiplication]
    A --> F[जोड़ Addition]
    A --> G[घटाव Subtraction]
    B --> H[छोटा कोष्ठक पहले]
    B --> I[फिर मझला कोष्ठक]
    B --> J[अंत में बड़ा कोष्ठक]
    D --> K[बाएँ से दाएँ क्रम]
    E --> L[बाएँ से दाएँ क्रम]
    F --> M[बाएँ से दाएँ]
    G --> N[बाएँ से दाएँ]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

BODMAS हल करने का अनुक्रम कोष्ठक Of भाग गुणा जोड़ घटाव उदाहरण: 12 + 6 ÷ 3 × 2 भाग: 6 ÷ 3 = 2, गुणा: 2 × 2 = 4 जोड़: 12 + 4 = 16 स्वर्ण नियम समान स्तर की संक्रियाएँ बाएँ से दाएँ क्रम में हल करें।

कोष्ठकों का प्राथमिकता क्रम पहला: (छोटा) 8 − (3 + 2) दूसरा: {मझला} {8 − 3} तीसरा: [बड़ा] [20 − 5] पूर्ण उदाहरण: 25 − [20 − {8 − (6 − 3)}] (6−3)=3 → {8−3}=5 → [20−5]=15 → 25−15=10 स्वर्ण नियम कोष्ठक से पहले ऋण चिह्न हो तो भीतर के चिह्न बदल जाते हैं।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. जोड़ को भाग से पहले कर लेना, जैसे 12 + 6 ÷ 3 में पहले 12 + 6 = 18 करना। सही क्रम भाग पहले है।
  2. गुणा को भाग से पहले कर लेना। समान स्तर होने पर बाएँ से दाएँ क्रम अपनाएँ।
  3. बड़े कोष्ठक को छोटे कोष्ठक से पहले खोलना। सदैव सबसे अंदर वाले कोष्ठक से प्रारंभ करें।
  4. कोष्ठक के पूर्व ऋण चिह्न होने पर भीतर के चिह्न न बदलना, जैसे 8 − (6 − 3) को 8 − 6 − 3 लिखना।
  5. घात (3²) को कोष्ठक के बाद भी बाद में हल करना। घात का मान भाग-गुणा से पहले ज्ञात करें।
  6. Of को सामान्य गुणा के बाद करना। Of का क्रम सामान्य गुणा से पहले होता है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. व्यंजक को हल करने से पहले सभी कोष्ठकों के स्थान चिह्नित करें और अंदर से बाहर की ओर हल करें।
  2. संक्रिया का क्रम लिखकर करें: कोष्ठक → Of → भाग → गुणा → जोड़ → घटाव।
  3. भिन्न अथवा दशमलव सम्मिलित हों तो पहले उन्हें सरल कर लें।
  4. उत्तर मिलने पर विकल्पों से सत्यापन करें; गलत क्रम का उत्तर भी प्रायः विकल्पों में उपस्थित रहता है।
  5. बड़े व्यंजकों में चरण दर चरण काम करें ताकि गलती की संभावना कम हो।
  6. अभ्यास के लिए प्रतिदिन कम से कम दस सरलीकरण प्रश्न हल करें।

10. निष्कर्ष

BODMAS गणितीय सरलीकरण का सबसे महत्वपूर्ण आधार नियम है, जिसकी जानकारी के बिना कोई भी गणितीय व्यंजक सही नहीं हो सकता। रेलवे ग्रुप D की परीक्षा में सरलीकरण के प्रश्न BODMAS की सही समझ पर ही आधारित होते हैं। कोष्ठकों के क्रम तथा समान स्तर की संक्रियाओं के बाएँ-से-दाएँ नियम का अभ्यास करके उम्मीदवार इन प्रश्नों में पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।