1.7 सरलीकरण Notes

1.7 सरलीकरण

विषय: रेलवे ग्रुप D – गणित (संख्या पद्धति) अध्याय: 1.7 सरलीकरण विषय-वस्तु: सरलीकरण के नियम, अनुक्रम, प्रश्न हल करने की तकनीक

1. परिचय

सरलीकरण गणितीय व्यंजकों को BODMAS नियम के अनुसार सरल रूप में बदलने की प्रक्रिया है। इसमें कोष्ठक, घात, भाग, गुणा, जोड़ और घटाव का निश्चित क्रम अपनाया जाता है। रेलवे ग्रुप D की परीक्षा में सरलीकरण से निश्चित संख्या में प्रश्न पूछे जाते हैं, जो अधिकतर शीघ्र हल होने वाले होते हैं, बशर्ते नियमों की सटीक जानकारी हो।

सरलीकरण के प्रश्नों में सामान्यतः पूर्णांक, दशमलव, भिन्न और बीजीय सर्वसमिकाओं का मिश्रण रहता है। इन प्रश्नों का मुख्य उद्देश्य उम्मीदवार की गणना गति तथा संक्रियाओं के क्रम की समझ का परीक्षण करना है। इसलिए सबसे पहले BODMAS का पूर्ण ज्ञान आवश्यक है।

इस अध्याय में हम सरलीकरण के नियमों और अनुक्रम, भिन्न-दशमलव मिश्रित व्यंजकों को हल करने की तकनीक, बीजीय सर्वसमिकाओं से सरलीकरण तथा रेलवे परीक्षा स्तर के हल सहित प्रश्नों का अध्ययन करेंगे। साथ ही तीव्र गणना के उपायों पर विशेष ध्यान देंगे।

2. सरलीकरण के नियम और अनुक्रम

सरलीकरण का आधार नियम VBODMAS है: V (रेखा), B (कोष्ठक), O (Of), D (भाग), M (गुणा), A (जोड़), S (घटाव)। कोष्ठक हटाते समय सबसे भीतर वाले कोष्ठक से प्रारंभ करें। समान स्तर की संक्रियाएँ बाएँ से दाएँ हल की जाती हैं।

हल सहित उदाहरण: 1. 50 − [20 − {15 − (10 − 5)}] हल कीजिए। हल: (10 − 5) = 5; {15 − 5} = 10; [20 − 10] = 10; अंत में 50 − 10 = 40। 2. 16 ÷ 4 × 2 + 8 − 3 हल कीजिए। हल: 16 ÷ 4 = 4; 4 × 2 = 8; 8 + 8 = 16; 16 − 3 = 13। 3. 6 + 4² − 10 ÷ 2 हल कीजिए। हल: 4² = 16; 10 ÷ 2 = 5; तब 6 + 16 = 22; 22 − 5 = 17। 4. 24 ÷ (8 − 4) × 3 + 2 हल कीजिए। हल: (8 − 4) = 4; 24 ÷ 4 = 6; 6 × 3 = 18; 18 + 2 = 20।

3. भिन्न और दशमलव मिश्रित सरलीकरण

भिन्न तथा दशमलव सम्मिलित होने पर पहले उन्हें एक समान रूप में बदलें। या तो सभी को भिन्न रूप में बदलें या सभी को दशमलव रूप में; फिर BODMAS क्रम में संक्रियाएँ करें। दशमलव बिंदु के स्थान पर विशेष ध्यान दें।

हल सहित उदाहरण: 1. 3/4 + 5/6 − 1/2 हल कीजिए। हल: LCM(4, 6, 2) = 12; 9/12 + 10/12 − 6/12 = 13/12। 2. 2.5 × (1.2 + 0.8) ÷ 2 हल कीजिए। हल: (1.2 + 0.8) = 2; 2.5 × 2 = 5; 5 ÷ 2 = 2.5। 3. 1\frac{1}{2} + 3\frac{1}{2} हल कीजिए। हल: 3/2 + 7/2 = 10/2 = 5। 4. (3/5) ÷ (9/10) + 1/2 हल कीजिए। हल: (3/5) × (10/9) = 30/45 = 2/3; 2/3 + 1/2 = (4 + 3)/6 = 7/6। 5. 0.6 + 0.4 × 2 − 0.5 हल कीजिए। हल: 0.4 × 2 = 0.8; 0.6 + 0.8 = 1.4; 1.4 − 0.5 = 0.9।

4. बीजीय सर्वसमिकाओं से सरलीकरण

कुछ सरलीकरण प्रश्न बीजीय सर्वसमिकाओं पर आधारित होते हैं, जिनमें सामान्य संक्रिया की अपेक्षा सूत्र का सीधा प्रयोग शीघ्र उत्तर देता है। मुख्य सर्वसमिकाएँ निम्न हैं:

हल सहित उदाहरण: 1. 47² − 43² का मान ज्ञात कीजिए। हल: (47 + 43)(47 − 43) = 90 × 4 = 360। 2. 102² की गणना कीजिए। हल: (100 + 2)² = 10000 + 400 + 4 = 10404। 3. (a² − 9)/(a − 3) को सरल कीजिए। हल: (a − 3)(a + 3)/(a − 3) = a + 3। 4. 15² − 14² ज्ञात कीजिए। हल: (15 + 14)(15 − 14) = 29 × 1 = 29। 5. 25 × 25 − 24 × 24 ज्ञात कीजिए। हल: 25² − 24² = (25 + 24)(25 − 24) = 49।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

सरलीकरण के अनुक्रम और नियम | अनुक्रम | संक्रिया | महत्वपूर्ण बिंदु | | --- | --- | --- | | V | रेखा (Vinculum) | सबसे पहले हल करें | | B | कोष्ठक | भीतर से बाहर की ओर | | O | Of | सामान्य गुणा से पहले | | D | भाग | बाएँ से दाएँ | | M | गुणा | बाएँ से दाएँ | | A | जोड़ | बाएँ से दाएँ | | S | घटाव | बाएँ से दाएँ |

तालिका 2

महत्वपूर्ण बीजीय सर्वसमिकाएँ | सर्वसमिका | विस्तार | | --- | --- | | (a + b)² | a² + 2ab + b² | | (a − b)² | a² − 2ab + b² | | a² − b² | (a + b)(a − b) | | (a + b)³ | a³ + b³ + 3ab(a + b) | | a³ + b³ | (a + b)(a² − ab + b²) | | a³ − b³ | (a − b)(a² + ab + b²) |

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[सरलीकरण] --> B[VBODMAS क्रम]
    A --> C[भिन्न और दशमलव]
    A --> D[बीजीय सर्वसमिकाएँ]
    B --> E[रेखा पहले]
    B --> F[कोष्ठक भीतर से]
    B --> G[Of फिर भाग-गुणा]
    B --> H[अंत में जोड़-घटाव]
    C --> I[समान हर बनाएँ]
    D --> J[a² − b² = (a+b)(a−b)]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

सरलीकरण का चरणबद्ध समाधान व्यंजक: 24 ÷ (8 − 4) × 3 + 2 चरण 1: कोष्ठक (8 − 4) = 4 चरण 2: भाग 24 ÷ 4 = 6 चरण 3: गुणा 6 × 3 = 18 चरण 4: जोड़ 18 + 2 = 20 उत्तर = 20 स्वर्ण नियम प्रत्येक संक्रिया चरणबद्ध रूप में करें, तभी उत्तर शुद्ध मिलेगा।

सर्वसमिका से सरलीकरण उदाहरण: 47² − 43² a² − b² = (a + b)(a − b) = (47 + 43)(47 − 43) = 90 × 4 = 360 उदाहरण: 102² (100 + 2)² = 10000 + 400 + 4 = 10404 स्वर्ण नियम वर्गों का अंतर दिखते ही सर्वसमिका से सीधे गुणनफल निकालें।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. जोड़ को भाग या गुणा से पहले करना। BODMAS का क्रम तोड़ना सबसे सामान्य गलती है।
  2. कोष्ठक से पहले ऋण चिह्न होने पर भीतर के चिह्नों को न बदलना।
  3. भाग में व्युत्क्रम लेकर गुणा करना भूल जाना।
  4. मिश्रित भिन्न को अनुचित भिन्न में बदले बिना सीधे संक्रिया करना।
  5. 47² − 43² जैसे प्रश्नों में वर्गों की गणना अलग-अलग करना, जबकि सर्वसमिका से शीघ्र हल होता है।
  6. दशमलव गुणा में बिंदु का स्थान भ्रमित करना, जिससे उत्तर में दस गुना त्रुटि हो जाती है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. सबसे पहले कोष्ठकों के स्थान देखें और उन्हें भीतर से बाहर की ओर हल करें।
  2. वर्गों का अंतर तथा अन्य सर्वसमिकाएँ देखकर सूत्र लगाएं; इससे समय की बचत होती है।
  3. भिन्न-दशमलव मिश्रित प्रश्नों में पहले भिन्न को दशमलव या दशमलव को भिन्न में बदल लें।
  4. उत्तर को हर चरण के बाद पुनः सत्यापित करें, विशेषतः चिह्नों पर।
  5. बड़े गुणनफलों को इकाई अंक से जाँचकर विकल्पों में से तुरंत उत्तर चुनें।
  6. प्रश्नों को पेंसिल से चरणबद्ध लिखकर हल करने की आदत बनाएँ, मानसिक हल में त्रुटि अधिक होती है।

10. निष्कर्ष

सरलीकरण रेलवे ग्रुप D परीक्षा के सबसे अधिक अंकदायी विषयों में से एक है, क्योंकि इसके प्रश्न सरल होते हैं और नियमों के सही प्रयोग से शीघ्र हल हो जाते हैं। BODMAS का क्रम, भिन्न-दशमलव की संक्रियाएँ तथा बीजीय सर्वसमिकाओं की पकड़ ही इस विषय में सफलता की कुंजी है। नियमित अभ्यास से गति एवं शुद्धता में निरंतर वृद्धि होती है, जिससे परीक्षा में समय की बचत होती है।