11.4 चाल वेग और त्वरण Notes

11.4 चाल वेग और त्वरण

विषय: रेलवे ग्रुप D – भौतिकी (यांत्रिकी) अध्याय: 11.4 चाल वेग और त्वरण विषय-वस्तु: चाल वेग त्वरण, समीकरण

1. परिचय

गति का वर्णन करने के लिए चाल, वेग और त्वरण तीन सबसे महत्वपूर्ण राशियाँ हैं। चाल (speed) से अभिप्राय है समय की प्रति इकाई में तय की गई दूरी, जबकि वेग (velocity) समय की प्रति इकाई में विस्थापन है। चाल अदिश राशि है जिसमें केवल परिमाण होता है, परंतु वेग सदिश राशि है जिसमें परिमाण के साथ दिशा भी होती है। उदाहरण के लिए एक कार 60 किलोमीटर प्रति घंटा की चाल से चल रही है – यह चाल है, जबकि 60 किलोमीटर प्रति घंटा पूर्व दिशा में – यह वेग है। चाल की इकाई मी/से (मीटर प्रति सेकंड) है।

त्वरण (acceleration) वह राशि है जो बताती है कि वेग में परिवर्तन की दर क्या है। यदि किसी वस्तु का वेग समय के साथ बदलता है तो उसमें त्वरण होता है। त्वरण = वेग में परिवर्तन ÷ लगा समय। इसकी SI इकाई मीटर प्रति वर्ग सेकंड (मी/से²) है। यदि वेग घट रहा हो तो त्वरण ऋणात्मक होता है, जिसे मंदन (retardation) या अवत्वरण कहते हैं। यह ध्यान रखना चाहिए कि चाल स्थिर रहने पर भी दिशा बदलने से त्वरण हो सकता है, जैसे वृत्तीय गति में।

रेलवे ग्रुप D परीक्षा में चाल, वेग और त्वरण से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं और गति के समीकरणों पर आधारित संख्यात्मक प्रश्न भी। औसत चाल, औसत वेग, किमी/घंटा को मी/से में बदलना और त्वरण की गणना करना अक्सर पूछा जाता है। इस अध्याय में हम चाल और वेग में अंतर, औसत चाल तथा वेग की गणना, त्वरण की अवधारणा और गति के समीकरणों से संख्यात्मक समस्याओं को हल करने की विधि का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

2. चाल और वेग

चाल और वेग दोनों ही प्रति इकाई समय में तय की गई दूरी/विस्थापन को दर्शाते हैं, परंतु इनमें एक महत्वपूर्ण अंतर है।

उदाहरण 1: एक रेलगाड़ी 90 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे में तय करती है। औसत चाल ज्ञात कीजिए। हल: औसत चाल = 90 ÷ 2 = 45 किमी/घंटा = 45 × (5/18) = 12.5 मी/से। उदाहरण 2: एक वस्तु 4 सेकंड में 20 मीटर उत्तर की ओर जाती है। वेग ज्ञात कीजिए। हल: वेग = 20 ÷ 4 = 5 मी/से उत्तर दिशा में। उदाहरण 3: 54 किमी/घंटा को मी/से में बदलिए। हल: 54 × (5/18) = 15 मी/से।

3. त्वरण

त्वरण वेग के परिवर्तन की दर को कहते हैं। जब भी किसी वस्तु का वेग बदलता है, चाहे परिमाण बदले या दिशा, तो उसमें त्वरण होता है।

उदाहरण 4: एक कार का वेग 5 सेकंड में 0 से बढ़कर 30 मी/से हो जाता है। त्वरण ज्ञात कीजिए। हल: a = (30 − 0)/5 = 6 मी/से²। उदाहरण 5: एक वस्तु 40 मी/से के वेग से चलती हुई 8 सेकंड में रुक जाती है। मंदन ज्ञात कीजिए। हल: a = (0 − 40)/8 = −5 मी/से², अतः मंदन 5 मी/से²। उदाहरण 6: एक बस 10 मी/से से चलकर 4 मी/से² त्वरण से 6 सेकंड चलती है। अंतिम वेग ज्ञात कीजिए। हल: v = u + at = 10 + 4×6 = 34 मी/से।

4. गति के समीकरण और संख्यात्मक हल

एकसमान त्वरण वाली गति के लिए तीन समीकरण उपयोगी होते हैं, जिनमें u प्रारंभिक वेग, v अंतिम वेग, a त्वरण, t समय और s विस्थापन है।

उदाहरण 7: एक रेलगाड़ी विराम से चलकर 2 मी/से² के एकसमान त्वरण से 10 सेकंड चलती है। उसकी दूरी ज्ञात कीजिए। हल: s = 0×10 + ½×2×100 = 100 मीटर। उदाहरण 8: एक वस्तु 5 मी/से के वेग से चलते हुए 3 मी/से² के त्वरण से 4 सेकंड चलती है। तय दूरी ज्ञात कीजिए। हल: s = 5×4 + ½×3×16 = 20 + 24 = 44 मीटर। उदाहरण 9: एक कार 20 मी/से के वेग से चलते हुए 4 मी/से² के मंदन से रुकती है। रुकने से पहले तय दूरी ज्ञात कीजिए। हल: v² = u² + 2as → 0 = 400 + 2(−4)s → s = 400/8 = 50 मीटर। उदाहरण 10: एक वस्तु 2 मी/से² के त्वरण से विराम से चलकर 25 मीटर की दूरी तय करती है। अंतिम वेग ज्ञात कीजिए। हल: v² = 0 + 2×2×25 = 100 → v = 10 मी/से।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: चाल, वेग और त्वरण की तुलना

राशि परिभाषा प्रकार SI इकाई
चाल दूरी ÷ समय अदिश मी/से
वेग विस्थापन ÷ समय सदिश मी/से
त्वरण वेग परिवर्तन ÷ समय सदिश मी/से²
मंदन ऋणात्मक त्वरण सदिश मी/से²

तालिका 2: गति के समीकरण और परिवर्तन

समीकरण रूप प्रयोग
प्रथम v = u + at अंतिम वेग
द्वितीय s = ut + ½at² दूरी
तृतीय v² = u² + 2as समय के बिना
किमी/घंटा → मी/से × 5/18 इकाई परिवर्तन
मी/से → किमी/घंटा × 18/5 इकाई परिवर्तन

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[चाल वेग त्वरण] --> B[चाल]
    A --> C[वेग]
    A --> D[त्वरण]
    B --> E[अदिश दूरी/समय]
    C --> F[सदिश विस्थापन/समय]
    D --> G[a = v-u/t]
    D --> H[मंदन ऋणात्मक त्वरण]
    A --> I[गति के समीकरण]
    I --> J[v = u + at]
    I --> K[s = ut + ½at²]
    I --> L[v² = u² + 2as]
    A --> M[इकाई परिवर्तन]
    M --> N[किमी/घंटा × 5/18]
    M --> O[मी/से × 18/5]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

वेग-समय ग्राफ: एकसमान त्वरण समय (t) वेग (v) u v ढलान = त्वरण (a) स्वर्ण नियम: एकसमान त्वरण में वेग-समय ग्राफ सीधी झुकी रेखा होती है, जिसका ढलान त्वरण है।

इकाई परिवर्तन चक्र किमी/घंटा × 5/18 मी/से × 18/5 उदाहरण: 72 किमी/घंटा = 72 × 5/18 = 20 मी/से स्वर्ण नियम: किमी/घंटा को मी/से में बदलने के लिए 5/18 से गुणा करें, उल्टा करने के लिए 18/5 से।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. चाल और वेग को एक ही मान लिया जाता है; चाल अदिश और वेग सदिश है।
  2. किमी/घंटा से मी/से में बदलने में 5/18 के स्थान पर 18/5 से गुणा कर देना सामान्य त्रुटि है।
  3. त्वरण की इकाई को मी/से लिख देना गलत है; त्वरण की इकाई मी/से² होती है।
  4. मंदन को धनात्मक त्वरण के रूप में मान लेना भूल है; मंदन ऋणात्मक त्वरण है।
  5. स्थिर चाल वाली वस्तु में त्वरण शून्य होता है, इसे अनदेखा कर दिया जाता है।
  6. गति के समीकरणों का प्रयोग गैर-एकसमान त्वरण में भी कर लेना गलत है।
  7. औसत चाल निकालते समय दो चालों का औसत ले लेना त्रुटि है; कुल दूरी को कुल समय से भाग देना चाहिए।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. प्रश्न में "चाल" शब्द दिखे तो दूरी/समय और "वेग" दिखे तो विस्थापन/समय का सूत्र प्रयोग करें।
  2. इकाई परिवर्तन के नियम को कंठस्थ रखें: किमी/घंटा × 5/18 = मी/से।
  3. त्वरण के प्रश्न में वेग के परिवर्तन (v − u) को समय से भाग दें, ध्यान से चिह्न रखें।
  4. यदि समय न दिया गया हो तो v² = u² + 2as का प्रयोग करें।
  5. विराम शब्द का अर्थ u = 0 और रुकना शब्द का अर्थ v = 0 याद रखें।
  6. गति के समीकरणों का उपयोग केवल एकसमान त्वरण में ही करें।
  7. वृत्तीय गति में चाल स्थिर होने पर भी त्वरण होता है, ऐसे प्रश्नों में सावधानी बरतें।

10. निष्कर्ष

चाल, वेग और त्वरण गति की वे तीन राशियाँ हैं जिन पर सम्पूर्ण यांत्रिकी आधारित है। चाल दूरी पर और वेग विस्थापन पर निर्भर करता है, जबकि त्वरण वेग में परिवर्तन की दर है। इन राशियों की सही इकाइयाँ, किमी/घंटा से मी/से में बदलना तथा गति के तीन समीकरणों का प्रयोग रेलवे ग्रुप D परीक्षा में बहुत काम आता है। मंदन और वृत्तीय गति में त्वरण की उपस्थिति जैसी बारीकियों को समझना अंक दिलाने में सहायक होता है। नियमित संख्यात्मक अभ्यास से यह अध्याय पूर्ण रूप से सरल बन जाता है और बल तथा संवेग जैसे आगे के अध्यायों की तैयारी मजबूत होती है।