11.6 संवेग Notes

11.6 संवेग

विषय: रेलवे ग्रुप D – भौतिकी (यांत्रिकी) अध्याय: 11.6 संवेग विषय-वस्तु: संवेग, संवेग संरक्षण

1. परिचय

किसी गतिशील वस्तु के द्रव्यमान और उसके वेग के गुणनफल को संवेग (momentum) कहते हैं। संवेग को p से व्यक्त किया जाता है, जहाँ p = m × v। चूँकि वेग एक सदिश राशि है, अतः संवेग भी सदिश राशि है और उसकी दिशा वेग की दिशा के समान होती है। संवेग की SI इकाई किलोग्राम मीटर प्रति सेकंड (किग्रा मी/से) है। संवेग यह बताता है कि किसी वस्तु को रोकना कितना कठिन है; अधिक संवेग वाली वस्तु को रोकना उतना ही कठिन होता है। इसलिए चलती रेलगाड़ी को रोकना कठिन है जबकि हल्की गेंद को आसानी से रोका जा सकता है।

संवेग का अत्यंत महत्वपूर्ण नियम संवेग संरक्षण का नियम है, जो बताता है कि जब कोई बाहरी बल कार्य न करे तो किसी निकाय का कुल संवेग सदैव संरक्षित रहता है। अर्थात टक्कर से पहले का कुल संवेग टक्कर के बाद के कुल संवेग के बराबर होता है। इसी सिद्धांत पर बंदूक की पुनः प्रतिक्षेप (recoil), रॉकेट की गति और बिलियर्ड गेंदों की टक्कर आधारित है। जब बंदूक से गोली चलती है तो गोली आगे की ओर संवेग लेकर जाती है और बंदूक विपरीत दिशा में पीछे की ओर झटका खाती है, ताकि कुल संवेग शून्य रहे।

रेलवे ग्रुप D परीक्षा में संवेग की परिभाषा, उसकी इकाई, संवेग संरक्षण के नियम के उदाहरण और बंदूक की पुनः प्रतिक्षेप चाल तथा टक्कर से जुड़े संख्यात्मक प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। आवेग (impulse) की अवधारणा भी संवेग से ही जुड़ी है, जहाँ बल और समय का गुणनफल संवेग में परिवर्तन के बराबर होता है। इस अध्याय में संवेग की परिभाषा, संवेग संरक्षण का नियम, आवेग और हल किए गए संख्यात्मक उदाहरणों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

2. संवेग की अवधारणा और आवेग

संवेग को समझने के लिए उसके दो घटकों – द्रव्यमान और वेग – को ध्यान में रखना आवश्यक है। दोनों में से किसी एक के बढ़ने पर संवेग भी बढ़ता है।

उदाहरण 1: 2 किलोग्राम द्रव्यमान की वस्तु 10 मी/से के वेग से चल रही है। उसका संवेग ज्ञात कीजिए। हल: p = mv = 2 × 10 = 20 किग्रा मी/से। उदाहरण 2: 5 न्यूटन का बल 4 सेकंड तक कार्य करता है। आवेग ज्ञात कीजिए। हल: आवेग = F × t = 5 × 4 = 20 न्यूटन-सेकंड। उदाहरण 3: एक वस्तु का संवेग 6 किग्रा मी/से से 18 किग्रा मी/से में 3 सेकंड में बदलता है। बल ज्ञात कीजिए। हल: F = Δp/Δt = (18 − 6)/3 = 4 न्यूटन।

3. संवेग संरक्षण का नियम

संवेग संरक्षण का नियम बताता है कि यदि किसी निकाय पर कोई बाहरी बल कार्य न करे, तो टक्कर या अंतर्क्रिया से पहले और बाद में निकाय का कुल संवेग सदैव समान रहता है। केवल आंतरिक बलों के कारण संवेग का आदान-प्रदान होता है, परंतु कुल संवेग अपरिवर्तित रहता है।

उदाहरण 4: विराम में रखी 4 किलोग्राम की बंदूक से 0.02 किलोग्राम की गोली 200 मी/से के वेग से चलती है। बंदूक की पुनः प्रतिक्षेप चाल ज्ञात कीजिए। हल: संवेग संरक्षण से, बंदूक का संवेग = गोली का संवेग → 4 × v = 0.02 × 200 → v = 4/4 = 1 मी/से (विपरीत दिशा में)।

उदाहरण 5: 5 किलोग्राम की वस्तु 4 मी/से से चलती है और उससे टकराकर 3 किलोग्राम की विराम में रखी वस्तु 6 मी/से के वेग से चलने लगती है। पहली वस्तु का अंतिम वेग ज्ञात कीजिए। हल: m₁u₁ = m₁v₁ + m₂v₂ → 5×4 = 5v₁ + 3×6 → 20 = 5v₁ + 18 → v₁ = 0.4 मी/से।

4. संख्यात्मक उदाहरण: संवेग की गणना

संवेग और संवेग संरक्षण से संबंधित अधिक उदाहरणों का अभ्यास करें।

व्यावहारिक अनुप्रयोग: यदि दो गेंदों का संवेग समान है, तो हल्की गेंद की चाल अधिक और भारी गेंद की चाल कम होगी। यह संबंध समझने से संवेग की अवधारणा और स्पष्ट होती है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: संवेग से संबंधित सूत्र

राशि सूत्र SI इकाई
संवेग p = mv किग्रा मी/से
आवेग F × t न्यूटन-सेकंड
बल F = Δp/Δt न्यूटन
संवेग परिवर्तन Δp = m(v − u) किग्रा मी/से
संरक्षण m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂ किग्रा मी/से

तालिका 2: संवेग संरक्षण के उदाहरण

उदाहरण व्याख्या
बंदूक की पुनः प्रतिक्षेप गोली और बंदूक का संवेग बराबर व विपरीत
रॉकेट की गति गैसों के पीछे निकलने से आगे गति
विस्फोट टुकड़ों के संवेग का योग शून्य
बिलियर्ड टक्कर कुल संवेग संरक्षित

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[संवेग] --> B[परिभाषा]
    B --> C[p = mv]
    B --> D[सदिश राशि]
    A --> E[SI इकाई]
    E --> F[किग्रा मी/से]
    A --> G[आवेग]
    G --> H[F × t = Δp]
    A --> I[संवेग संरक्षण]
    I --> J[m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂]
    I --> K[बंदूक की पुनः प्रतिक्षेप]
    I --> L[रॉकेट की गति]
    A --> M[बल]
    M --> N[F = Δp/Δt]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

बंदूक की पुनः प्रतिक्षेप (संवेग संरक्षण) बंदूक द्रव्यमान 4 किग्रा चाल 1 मी/से (पीछे) प्रतिक्षेप गोली 0.02 किग्रा, 200 मी/से 4 × 1 = 0.02 × 200, कुल संवेग शून्य रहता है स्वर्ण नियम: बंदूक की पुनः प्रतिक्षेप चाल = (गोली का द्रव्यमान × गोली की चाल) ÷ बंदूक का द्रव्यमान। बंदूक हमेशा गोली के विपरीत दिशा में पीछे हटती है।

दो वस्तुओं की टक्कर: संवेग संरक्षण वस्तु 1 m₁ = 10 किग्रा, u₁ = 5 मी/से वस्तु 2 m₂ = 5 किग्रा, u₂ = 0 टक्कर से पहले: 10×5 + 5×0 = 50 टक्कर के बाद: 10v₁ + 5×8 = 50, अतः v₁ = 1 मी/से स्वर्ण नियम: टक्कर में कुल संवेग पहले और बाद में समान रहता है, यदि बाहरी बल न हो। यही नियम रॉकेट की गति और विस्फोट पर भी लागू होता है। इकाई: किग्रा मी/से

8. सामान्य गलतियाँ

  1. संवेग को अदिश राशि बता दिया जाता है, जबकि वह सदिश राशि है।
  2. संवेग की इकाई को न्यूटन लिख देना गलत है; इकाई किग्रा मी/से है।
  3. विराम में रखी वस्तु का संवेग शून्य नहीं होता, यह भ्रांति है; वेग शून्य होने से संवेग शून्य होता है।
  4. आवेग को केवल बल मान लिया जाता है; आवेग = बल × समय होता है।
  5. बंदूक की पुनः प्रतिक्षेप में गोली और बंदूक का संवेग जोड़ देना गलत है; वे बराबर और विपरीत होते हैं।
  6. संवेग संरक्षण के नियम को बाहरी बल की उपस्थिति में भी लागू करना भूल है; यह केवल बाहरी बल की अनुपस्थिति में मान्य है।
  7. F = Δp/Δt में समय को भाग देने की बजाय गुणा कर देना सामान्य त्रुटि है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. संवेग के प्रश्न में p = mv सीधे प्रयोग करें; द्रव्यमान और वेग की इकाइयाँ एक ही प्रणाली में रखें।
  2. पुनः प्रतिक्षेप चाल के लिए सूत्र याद रखें: v = (m_g × v_g) / m_गन।
  3. आवेग वाले प्रश्न में बल को समय से गुणा करें और उत्तर को संवेग में परिवर्तन के बराबर रखें।
  4. संवेग संरक्षण के प्रश्न में टक्कर से पहले और बाद के संवेग अलग-अलग लिखकर बराबर करें।
  5. विराम में रखी वस्तु का प्रारंभिक संवेग शून्य रखें।
  6. संवेग में परिवर्तन के प्रश्न में अंतिम और प्रारंभिक संवेग का अंतर निकालें।
  7. गोली-बंदूक के प्रश्न में द्रव्यमान को समान इकाई (किलोग्राम) में बदलें, क्योंकि गोली अक्सर ग्राम में दी जाती है।

10. निष्कर्ष

संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, जो किसी गतिशील वस्तु की गति की मात्रा को दर्शाता है, और इसकी SI इकाई किग्रा मी/से है। आवेग बल और समय का गुणनफल है जो संवेग में परिवर्तन के बराबर होता है। संवेग संरक्षण का नियम बताता है कि बाहरी बल की अनुपस्थिति में निकाय का कुल संवेग अपरिवर्तित रहता है, जिसके आधार पर बंदूक की पुनः प्रतिक्षेप, रॉकेट की गति और टक्करों का विश्लेषण किया जाता है। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में इन अवधारणाओं और संख्यात्मक समस्याओं पर प्रश्न पूछे जाते हैं। संवेग की स्पष्ट समझ से बल, गुरुत्वाकर्षण और कार्य-ऊर्जा जैसे आगे के अध्यायों को समझना भी आसान हो जाता है।