9.6 कथन और पूर्वधारणा Notes

9.6 कथन और पूर्वधारणा

विषय: रेलवे ग्रुप D – तर्कशक्ति (तार्किक और विश्लेषणात्मक तर्क) अध्याय: 9.6 कथन और पूर्वधारणा विषय-वस्तु: कथन की पूर्वधारणाएँ पहचानना

1. परिचय

कथन और पूर्वधारणा तर्कशक्ति का वह महत्वपूर्ण विषय है जिसमें एक दिया गया कथन होता है और उसके नीचे दो पूर्वधारणाएँ प्रस्तुत की जाती हैं। परीक्षार्थी को बताना होता है कि दी गई पूर्वधारणाओं में से कौन-सी कथन में निहित हैं। रेलवे ग्रुप D परीक्षा के तर्कशक्ति अनुभाग में यह विषय अत्यंत स्कोरिंग माना जाता है, क्योंकि उचित अभ्यास के बाद इसके प्रश्न सरलता से हल किए जा सकते हैं और समय की बचत भी की जा सकती है।

पूर्वधारणा से अभिप्राय उस बात से है जिसे कथन में स्पष्ट रूप से नहीं कहा गया, परंतु जो कथन के अर्थ का आधार बनती है। उदाहरण के लिए यदि कहा जाए कि "कृपया अपनी सीट बेल्ट बांध लें", तो इस कथन की पूर्वधारणा यह है कि सीट बेल्ट बांधना सुरक्षा के लिए आवश्यक अथवा उपयोगी है। यह बात कथन में स्पष्ट रूप से नहीं कही गई है, फिर भी यही कथन का मूल आधार है। इसी प्रकार कथन को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसमें छिपी हुई मान्यताओं को खोजना ही पूर्वधारणा पहचानने की प्रक्रिया है।

इस अध्याय में हम पूर्वधारणाओं को पहचानने की सरल विधियाँ, स्वर्णिम नियम, अनेक हल किए गए उदाहरण तथा परीक्षा में सामान्यतः की जाने वाली गलतियों का विस्तार से अध्ययन करेंगे। अंत में त्वरित पुनरावृत्ति के लिए तालिकाएँ, माइंड मैप तथा महत्वपूर्ण आरेख भी दिए गए हैं, जिनकी सहायता से परीक्षा के पूर्व रात में संपूर्ण अध्याय को दोहराया जा सकता है।

2. कथन और पूर्वधारणा की मूल अवधारणा

कथन (Statement): कथन वह वाक्य होता है जो किसी निर्णय, सुझाव, चेतावनी, विज्ञापन या जानकारी को व्यक्त करता है। यह प्रायः एक ही वाक्य में दिया जाता है, जैसे "छात्रों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा अवश्य पढ़ना चाहिए।"

पूर्वधारणा (Assumption): पूर्वधारणा वह अघोषित मान्यता या तथ्य है जिसे कथन के लिए सत्य मानना अनिवार्य होता है। यदि उस मान्यता को हटा दिया जाए तो कथन का अर्थ और उद्देश्य दोनों समाप्त हो जाते हैं।

केंद्रीय सिद्धांत: जब कथन में कोई सुझाव, आदेश या विज्ञापन दिया जाता है तो उसके पीछे हमेशा कोई न कोई उद्देश्य या कारण छिपा होता है। वही उद्देश्य या कारण पूर्वधारणा बन जाता है। उदाहरण के लिए कथन "कृपया पानी उबालकर पिएं" की पूर्वधारणा है कि उबालने से पानी शुद्ध होता है। कथन "नए मॉडल के टेलीविजन में चित्र अधिक स्पष्ट है" की पूर्वधारणा है कि लोग स्पष्ट चित्र चाहते हैं। इस प्रकार हर कथन का विश्लेषण करते समय प्रश्न पूछना चाहिए कि यह बात क्यों कही गई और किसके लिए कही गई।

कौन-कौन से शब्द पूर्वधारणा का संकेत देते हैं: कथन में "चाहिए", "करें", "हो सकता है", "सुनिश्चित", "आवश्यक" जैसे शब्द अक्सर पूर्वधारणाओं की उपस्थिति का संकेत देते हैं। यदि कथन किसी व्यवस्था की शुरुआत की बात करता है तो पूर्वधारणा यह होती है कि वर्तमान व्यवस्था में समस्या है। यदि कथन किसी योजना की घोषणा करता है तो पूर्वधारणा यह होती है कि लोग उस योजना का लाभ लेंगे।

3. पूर्वधारणा पहचानने की विधियाँ

पहली विधि – कथन का उद्देश्य खोजिए: कथन को पढ़कर प्रश्न कीजिए कि कथन देने वाला व्यक्ति क्या चाहता है। कथन "शहर में यातायात के लिए रैपिड ट्रांज़िट प्रणाली शुरू की जाए" का उद्देश्य है यातायात की समस्या कम करना, अतः पूर्वधारणा है कि शहर में यातायात की समस्या विद्यमान है।

दूसरी विधि – आवश्यकता बनाम विलासिता: यदि कथन में किसी वस्तु को अनिवार्य या उपयोगी बताया गया है तो यह मानना होता है कि वह वस्तु वर्तमान में उपलब्ध नहीं है या पर्याप्त नहीं है। कथन "प्रत्येक घर में रसोई गैस सिलेंडर आवश्यक है" की पूर्वधारणा यह है कि सिलेंडर सुरक्षित एवं सुविधाजनक है।

तीसरी विधि – हटाकर परीक्षण (Removal Test): दी गई पूर्वधारणा को कथन से हटाकर देखें। यदि पूर्वधारणा हटा देने पर कथन निरर्थक हो जाता है तो वह पूर्वधारणा निहित है। यदि कथन वैसा ही अर्थपूर्ण रहता है तो वह पूर्वधारणा निहित नहीं है। यही सर्वाधिक विश्वसनीय परीक्षण माना जाता है।

चौथी विधि – संबंधितता की जाँच: जो पूर्वधारणा कथन के विषय से बिल्कुल असंबंधित है, वह निहित नहीं हो सकती। उदाहरण के लिए कथन "जल्दी सोने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है" की पूर्वधारणा "लोग रंगीन कपड़े पसंद करते हैं" नहीं हो सकती।

पाँचवीं विधि – चरम शब्दों से बचाव: "हमेशा", "कभी नहीं", "सभी", "कोई नहीं" जैसे चरम शब्दों वाली पूर्वधारणाएँ प्रायः गलत होती हैं। सामान्य तर्क में चरम कथन शायद ही निहित होते हैं। इसके साथ ही कथन में उपलब्ध जानकारी से आगे जाकर नई मान्यता नहीं बनानी चाहिए।

4. हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: कथन: "छात्रों को कक्षा में मोबाइल लाने से बचना चाहिए।" पूर्वधारणाएँ: I. मोबाइल से पढ़ाई में ध्यान भंग होता है। II. सभी छात्र मोबाइल लाते हैं।

हल: चरण 1: कथन में एक सुझाव दिया गया है कि मोबाइल कक्षा में नहीं लाना चाहिए। चरण 2: इस सुझाव के पीछे कारण है कि मोबाइल से पढ़ाई बाधित होती है, अतः पूर्वधारणा I निहित है। चरण 3: यह आवश्यक नहीं कि सभी छात्र मोबाइल लाते हैं, केवल संभावना है, अतः पूर्वधारणा II निहित नहीं है। उत्तर: केवल पूर्वधारणा I निहित है।

उदाहरण 2: कथन: "स्वास्थ्य बीमा खरीदें और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित करें।" पूर्वधारणाएँ: I. स्वास्थ्य बीमा लोगों की मदद कर सकता है। II. बीमा हर व्यक्ति के लिए सस्ता है।

हल: चरण 1: कथन में बीमा खरीदने का विज्ञापन किया गया है। चरण 2: विज्ञापन का उद्देश्य यह मानता है कि बीमा लाभदायक है, अतः I निहित है। चरण 3: बीमा की लागत के बारे में कथन में कुछ नहीं कहा गया, अतः II निहित नहीं है। उत्तर: केवल पूर्वधारणा I निहित है।

उदाहरण 3: कथन: "सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजना शुरू की है।" पूर्वधारणाएँ: I. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की कमी है। II. शहरी क्षेत्रों में पानी बिल्कुल नहीं है।

हल: चरण 1: योजना की घोषणा का अर्थ है कि समस्या विद्यमान है, अतः I निहित है। चरण 2: कथन केवल ग्रामीण क्षेत्रों के बारे में है, शहरों के बारे में कोई बात नहीं, अतः II निहित नहीं है। उत्तर: केवल पूर्वधारणा I निहित है।

उदाहरण 4: कथन: "बारिश के मौसम में छाता साथ रखें।" पूर्वधारणाएँ: I. बारिश के मौसम में वर्षा हो सकती है। II. हर व्यक्ति छाता खरीदना चाहता है।

हल: चरण 1: सुझाव का कारण है कि वर्षा होने की संभावना रहती है, अतः I निहित है। चरण 2: खरीदने की इच्छा कथन से नहीं निकलती, अतः II निहित नहीं है। उत्तर: केवल पूर्वधारणा I निहित है।

उदाहरण 5: कथन: "छुट्टियों में यात्रा करने के लिए रेलवे ने विशेष ट्रेनें चलाई हैं।" पूर्वधारणाएँ: I. यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेनों की आवश्यकता है। II. विशेष ट्रेनों से रेलवे को कभी लाभ नहीं होगा।

हल: चरण 1: विशेष ट्रेन चलाने का अर्थ है कि आवश्यकता है, अतः I निहित है। चरण 2: II में चरम शब्द "कभी नहीं" है तथा यह कथन का खंडन करती है, अतः II निहित नहीं है। उत्तर: केवल पूर्वधारणा I निहित है।

उदाहरण 6: कथन: "परीक्षा की तैयारी के लिए पुराने प्रश्नपत्र हल करें।" पूर्वधारणाएँ: I. पुराने प्रश्नपत्र हल करने से परीक्षा में सहायता मिलती है। II. नए प्रश्नपत्र निर्मित नहीं होते।

हल: चरण 1: सुझाव का आधार यह है कि पुराने प्रश्नपत्र अभ्यास में उपयोगी हैं, अतः I निहित है। चरण 2: II कथन से निकलने वाला निष्कर्ष नहीं है, अतः II निहित नहीं है। उत्तर: केवल पूर्वधारणा I निहित है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: कथन प्रकार और उनकी संभावित पूर्वधारणाएँ

कथन का प्रकार उदाहरण निहित पूर्वधारणा
सुझाव "विद्यार्थी नियमित अभ्यास करें" अभ्यास से लाभ होता है
चेतावनी "तेज गति से न चलाएं" तेज गति खतरनाक है
विज्ञापन "यह शैम्पू बालों को सुंदर बनाता है" लोग सुंदर बाल चाहते हैं
घोषणा "नई लाइब्रेरी खोली गई" पढ़ने की आवश्यकता है
अनुरोध "बिजली बचाएं" बिजली की बचत संभव है

तालिका 2: निहित और अनिहित पूर्वधारणा में अंतर

पहचान बिंदु निहित पूर्वधारणा अनिहित पूर्वधारणा
संबंध कथन से सीधा संबंध कथन से असंबंधित
परीक्षण हटाने पर कथन निरर्थक हटाने पर कथन अपरिवर्तित
चरम शब्द प्रायः सामान्य शब्द "हमेशा", "कभी नहीं"
आधार कथन का उद्देश्य स्वयं की धारणा

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[9.6 कथन और पूर्वधारणा] --> B[कथन पढ़ें]
    B --> C[उद्देश्य खोजें]
    C --> D[पूर्वधारणाएँ पहचानें]
    D --> E[हटाकर परीक्षण करें]
    E --> F[कथन निरर्थक हो तो निहित]
    E --> G[कथन अपरिवर्तित तो अनिहित]
    D --> H[चरम शब्दों से बचें]
    H --> I["हमेशा, कभी नहीं वाली अनिहित"]
    D --> J[संबंधितता जाँचें]
    J --> K[असंबंधित पूर्वधारणा अनिहित]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

पूर्वधारणा पहचानने की प्रक्रिया कथन पढ़ें उद्देश्य और कारण खोजें हटाकर परीक्षण करें कथन निरर्थक कथन अपरिवर्तित पूर्वधारणा निहित पूर्वधारणा अनिहित संबंधितता और चरम शब्दों की जाँच भी करें स्वर्ण नियम: पूर्वधारणा हटाने पर कथन निरर्थक हो जाना चाहिए। इस परीक्षण से अधिकतर प्रश्न तुरंत हल हो जाते हैं।

निहित बनाम अनिहित पूर्वधारणा निहित कथन के अर्थ से सीधे निकलती है अनिहित कथन से संबंधित नहीं 1. कथन का उद्देश्य हो 2. हटाने पर अर्थ नष्ट 3. सामान्य स्तर के शब्द 4. चरम शब्द रहित 5. संदर्भ से जुड़ी 1. कथन से नई बात 2. हटाने पर अर्थ स्थिर 3. हमेशा या कभी नहीं 4. विषय से अलग 5. अपनी मान्यता जोड़ना संदेह होने पर पूर्वधारणा को कथन के साथ मिलाकर वाक्य पढ़ें स्वर्ण नियम: कथन से बाहर जाकर कोई मान्यता नहीं जोड़नी चाहिए। केवल कथन में दी गई बात का आधार ही पूर्वधारणा होती है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. स्वयं की मान्यता जोड़ना: परीक्षार्थी अक्सर कथन में उपलब्ध जानकारी से आगे जाकर अपनी मान्यता जोड़ देते हैं, जिससे अनिहित पूर्वधारणा को भी निहित मान लेते हैं।

  2. निष्कर्ष को पूर्वधारणा समझना: निष्कर्ष कथन से कुछ नया सिद्ध करता है, जबकि पूर्वधारणा कथन का आधार होती है। दोनों को अलग समझना चाहिए।

  3. चरम शब्दों की उपेक्षा करना: "सभी", "हर", "कभी नहीं", "हमेशा" वाली पूर्वधारणाओं को बिना सोचे निहित मान लेना गलत है।

  4. कथन का विपरीत अर्थ लेना: जो पूर्वधारणा कथन का खंडन करती है या उसके ठीक विपरीत बात कहती है, उसे निहित मानना भारी गलती है।

  5. बाह्य ज्ञान का प्रयोग करना: कथन में वैज्ञानिक या व्यावहारिक सत्य नहीं देखना चाहिए, बल्कि केवल वही देखना चाहिए जो कथन के अर्थ का आधार हो।

  6. जल्दबाजी में दोनों पूर्वधारणाओं को निहित मानना: कई प्रश्नों में केवल एक पूर्वधारणा निहित होती है, अतः दोनों को एक साथ निहित मानना गलत है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. पहले कथन को दो बार पढ़ें तथा उसका उद्देश्य स्पष्ट करें; उद्देश्य ही पूर्वधारणा की कुंजी है।

  2. प्रत्येक पूर्वधारणा पर हटाकर परीक्षण कीजिए; कथन निरर्थक होने पर ही उसे निहित मानें।

  3. चरम शब्दों वाली पूर्वधारणाएँ प्रायः अनिहित होती हैं, ऐसी स्थिति में अधिक सावधानी बरतें।

  4. पूर्वधारणा और निष्कर्ष में अंतर सदैव याद रखें; निष्कर्ष के विकल्पों को बिना विश्लेषण चुनें नहीं।

  5. पहले अभ्यास में हल किए गए उदाहरणों के पैटर्न को याद रखें, क्योंकि ग्रुप D के प्रश्न प्रायः समान स्वरूप के होते हैं।

  6. यदि पूर्वधारणा कथन के विषय से असंबंधित लगे तो उसे तुरंत अनिहित चिह्नित करें और आगे बढ़ें।

10. निष्कर्ष

कथन और पूर्वधारणा तर्कशक्ति का वह सरल परंतु प्रभावी विषय है जिसे सही विधियों के अभ्यास से पूर्ण अंकों में हल किया जा सकता है। कथन का उद्देश्य खोजना, हटाकर परीक्षण करना और चरम शब्दों से बचना इस अध्याय के तीन प्रमुख स्तंभ हैं। जो परीक्षार्थी हल किए गए उदाहरणों का नियमित अभ्यास करेगा और स्वर्णिम नियमों का पालन करेगा, वह न केवल इस अध्याय के प्रश्नों को सटीकता से हल करेगा बल्कि पूरे तर्कशक्ति अनुभाग में आत्मविश्वास के साथ अंक अर्जित करेगा।