विषय: रेलवे ग्रुप D – तर्कशक्ति (आँकड़े और गैर-मौखिक तर्क) अध्याय: 10.4 आकृति वर्गीकरण विषय-वस्तु: आकृतियों का वर्गीकरण
आकृति वर्गीकरण गैर-मौखिक तर्क का वह भाग है जिसमें कई आकृतियाँ दी जाती हैं, जिनमें से चार में कुछ समान गुण होते हैं और एक आकृति उनसे भिन्न होती है। परीक्षार्थी को उस भिन्न आकृति को पहचानना होता है। रेलवे ग्रुप D की परीक्षा में इस प्रकार के प्रश्न बड़ी संख्या में पूछे जाते हैं, क्योंकि ये भाषा पर निर्भर नहीं होते और सभी वर्गों के उम्मीदवारों के लिए समान होते हैं। यह उम्मीदवार की अवलोकन क्षमता, वर्गीकरण की समझ और विवरण पर ध्यान देने की शक्ति को परखता है।
वर्गीकरण के प्रश्नों में आकृतियाँ विभिन्न आधारों पर भिन्न हो सकती हैं, जैसे आकार, आकृति की संख्या, भराव (छायांकन), घूर्णन, दर्पण प्रतिबिंब, सममिति, कोनों की संख्या, वक्र-सरल रेखाएँ आदि। सबसे पहले यह देखना चाहिए कि अधिकांश आकृतियों में कौन-सा सामान्य गुण है; जो आकृति उस गुण को नहीं रखती, वही उत्तर होती है। कई बार एक से अधिक गुण समान होते हैं, अतः सबसे स्पष्ट और व्यापक आधार का चयन करें।
इस अध्याय में हम वर्गीकरण के विभिन्न आधारों, भिन्न आकृति पहचानने की विधि तथा चरण-दर-चरण हल किए गए उदाहरण सीखेंगे। नियमित अभ्यास से आँखों की सूक्ष्म पहचान विकसित होती है, जिससे ये प्रश्न कुछ ही सेकंड में हल हो जाते हैं।
आकृतियों को वर्गीकृत करते समय निम्न आधारों पर ध्यान दें:
आकार (Size): कुछ आकृतियाँ बड़ी और एक छोटी, या इसके विपरीत। उदाहरण: चार बड़े वृत्त और एक छोटा वृत्त।
संख्या (Number): आकृति के भीतर तत्वों की संख्या समान या भिन्न होना। उदाहरण: चार आकृतियों में दो रेखाएँ और एक में तीन रेखाएँ।
भराव (Shading): आकृति के अंदर छायांकन, बिंदु या रंग होना तथा एक आकृति में न होना।
घूर्णन (Rotation): सभी आकृतियाँ एक ही आकृति के घूर्णित रूप हों और एक अलग स्थिति में हो।
सममिति (Symmetry): अधिकांश आकृतियाँ सममित हों तथा एक असममित हो।
भुजाओं की संख्या: बहुभुजों में भुजाओं की संख्या समान होना। जैसे चार चतुर्भुज और एक त्रिभुज।
सरल एवं वक्र रेखाएँ: कुछ आकृतियाँ केवल सरल रेखाओं से बनी हों और एक में वक्र रेखा हो।
आंतरिक एवं बाह्य आकृति का संबंध: भीतर की आकृति का बाहर की आकृति से संबंध, जैसे चार आकृतियों में भीतरी आकृति बाहरी के अंदर छूती है और एक में नहीं।
भिन्न आकृति को पहचानने के लिए चरणबद्ध विधि अपनाएँ:
महत्वपूर्ण बात: यदि दो आकृतियाँ दो अलग-अलग आधारों पर भिन्न हों, तो ऐसे आधार को प्राथमिकता दें जो चार आकृतियों को एक समूह में रख सके और एक को अलग कर सके।
उदाहरण 1: पाँच आकृतियाँ दी गई हैं - वृत्त, वर्ग, आयत, त्रिभुज, समांतर चतुर्भुज। भिन्न आकृति कौन-सी है? हल: वृत्त केवल वक्र रेखा से बनता है, जबकि अन्य चार सरल रेखाओं से बने हैं। अतः वृत्त भिन्न है।
उदाहरण 2: चार आकृतियों में एक वृत्त, एक त्रिभुज, एक वर्ग और एक आयत है, तथा इनके ऊपर छायांकित भाग क्रमशः 25%, 25%, 25% और 0% है। भिन्न आकृति कौन-सी है? हल: तीन आकृतियों में छायांकन है, जबकि आयत में नहीं है। अतः आयत भिन्न है।
उदाहरण 3: पाँच आकृतियाँ, जिनमें चार में भीतर एक वृत्त और उसके अंदर एक बिंदु है, तथा एक में केवल वृत्त है। भिन्न आकृति कौन-सी है? हल: बिंदु वाली चार आकृतियाँ एक समूह बनाती हैं; बिना बिंदु वाली आकृति भिन्न है।
उदाहरण 4: चार आकृतियों में त्रिभुज उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम दिशा की ओर इशारा कर रहा है, तथा एक आकृति में त्रिभुज पश्चिम की ओर है परंतु उल्टा है। भिन्न आकृति कौन-सी है? हल: चार आकृतियाँ 90° घूर्णन के क्रम में हैं; पाँचवीं उस क्रम को तोड़ती है, अतः वह भिन्न है।
उदाहरण 5: पाँच आकृतियाँ, जिनमें चार की भुजाएँ समान हैं (समबाहु त्रिभुज, वर्ग, समषट्भुज, समपंचभुज) और एक आयत है। भिन्न आकृति कौन-सी है? हल: आयत की सभी भुजाएँ समान नहीं होतीं, अतः आयत भिन्न है।
उदाहरण 6: चार आकृतियों में एक ही वर्ग है जिसमें भिन्न-भिन्न स्थानों पर विकर्ण खींचे गए हैं, तथा एक आकृति में दोनों विकर्ण खींचे गए हैं। भिन्न आकृति कौन-सी है? हल: अन्य आकृतियों में एक विकर्ण है, जबकि एक में दो, अतः वह भिन्न है।
| आधार | उदाहरण |
|---|---|
| आकार | चार बड़े, एक छोटा |
| संख्या | चार में दो तत्व, एक में तीन |
| भराव | तीन छायांकित, एक बिना |
| घूर्णन | चार समान स्थिति, एक भिन्न |
| सममिति | चार सममित, एक असममित |
| भुजाएँ | चार चतुर्भुज, एक त्रिभुज |
| लक्षण | भिन्नता का संकेत |
|---|---|
| कोई तत्व अधिक या कम | संख्या में भिन्नता |
| रंग या छायांकन अलग | भराव में भिन्नता |
| घूर्णन की दिशा अलग | स्थिति में भिन्नता |
| दर्पण प्रतिबिंब | उलटी स्थिति |
| भुजाओं की संख्या अलग | प्रकार में भिन्नता |
flowchart TD
A[10.4 आकृति वर्गीकरण] --> B[आकार]
A --> C[संख्या]
A --> D[भराव]
A --> E[घूर्णन]
A --> F[सममिति]
B --> G[भिन्न आकृति पहचानें]
C --> G
D --> G
E --> G
F --> G
G --> H[सबसे व्यापक आधार चुनें]
H --> I[उत्तर दें]
आकृति वर्गीकरण में सूक्ष्म अवलोकन और वर्गीकरण की समझ सबसे महत्वपूर्ण है। आकार, संख्या, भराव, घूर्णन, सममिति और भुजाओं की संख्या जैसे आधारों पर ध्यान देकर भिन्न आकृति को शीघ्र पहचाना जा सकता है। नियमित अभ्यास से यह विषय सरल हो जाता है और परीक्षा में सुनिश्चित अंक दिलाता है।