8.7 स्थिति और व्यवस्था Notes

8.7 स्थिति और व्यवस्था

विषय: रेलवे ग्रुप D – तर्कशक्ति (संबंध और दिशा) अध्याय: 8.7 स्थिति और व्यवस्था विषय-वस्तु: बैठक व्यवस्था, परिस्थिति तर्क

1. परिचय

स्थिति और व्यवस्था (सीटिंग अरेंजमेंट) तर्कशक्ति का वह खंड है जिसमें कुछ व्यक्तियों की बैठने की स्थिति, उनके बीच के संबंध और दी गई शर्तों के आधार पर पूरी व्यवस्था बनानी होती है। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में ये प्रश्न सामान्यतः रेखीय पंक्ति (लीनियर रो), वृत्ताकार बैठक (सर्कुलर) और तुलनात्मक क्रम (कम्पेरिटिव ऑर्डर) के रूप में पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों में कुछ स्थितियाँ (जैसे 'A, B के ठीक बायें है', 'C, D के दायें है') दी जाती हैं और उनसे पूरी व्यवस्था निकालनी होती है।

स्थिति और व्यवस्था के प्रश्नों को हल करने की सबसे प्रभावी विधि 'चित्र विधि' है, जिसमें पंक्ति या वृत्त बनाकर दी गई शर्तों को एक-एक करके जोड़ा जाता है। जब कोई स्थिति स्पष्ट न हो तो संभावनाओं को अलग-अलग बनाकर देखा जाता है और अंत में उन संभावनाओं को रद्द किया जाता है जो अन्य शर्तों से मेल नहीं खातीं। रेखीय बैठक में बायाँ-दायाँ स्पष्ट होता है, जबकि वृत्ताकार बैठक में सभी व्यक्ति केंद्र की ओर या बाहर की ओर मुँह करके बैठते हैं, जिससे बायाँ-दायाँ बदल जाता है।

इस अध्याय में हम रेखीय बैठक व्यवस्था, वृत्ताकार बैठक व्यवस्था और स्थिति-तुलना के प्रश्नों को चरणबद्ध तरीके से हल करने की विधि सीखेंगे। इसके अलावा 'ठीक बगल में', 'दूसरे स्थान पर', 'एक स्थान छोड़कर' जैसे शब्दों का सही अर्थ भी समझेंगे। इन प्रश्नों में ध्यान की एकाग्रता और शर्तों को व्यवस्थित ढंग से जोड़ने की क्षमता सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। अभ्यास के साथ ये प्रश्न अत्यंत सरल हो जाते हैं।

2. रेखीय बैठक व्यवस्था (लीनियर अरेंजमेंट)

रेखीय बैठक व्यवस्था में व्यक्ति एक सीधी पंक्ति में बैठते हैं। पंक्ति के दो छोर होते हैं – बायाँ छोर और दायाँ छोर। प्रश्न में दिए गए कथनों से यह निर्धारित होता है कि कौन किसके बगल में बैठा है। कुछ प्रमुख शब्दों के अर्थ समझना आवश्यक है – 'A, B के ठीक बायें बैठा है' का अर्थ है कि A और B आपस में बगल में हैं और A बायीं ओर है। 'A और B के बीच एक व्यक्ति है' का अर्थ है कि उनके बीच एक स्थान खाली है। 'A, B के दायें से दूसरा है' का अर्थ है कि B के बीच एक व्यक्ति छोड़कर A बैठा है।

रेखीय बैठक को हल करने के लिए सबसे पहले सभी शर्तों को पढ़कर उन्हें क्रमबद्ध करें। पहले उन कथनों को जोड़ें जिनमें दो लोगों की स्थिति स्पष्ट होती है, जैसे 'A सबसे बायें छोर पर है' या 'B, C के बगल में है'। फिर बाकी कथनों को इनसे जोड़ते जाएँ। यदि किसी स्थिति में दो संभावनाएँ बनें तो दोनों को अलग-अलग बनाकर देखें और अंत में उन्हें रद्द करें जो अन्य शर्तों से टकराती हैं। अंत में प्रश्न के अनुसार उत्तर निकालें।

रेखीय व्यवस्था में 'मुँह की दिशा' (सामने या उत्तर की ओर) का भी महत्व होता है। यदि सभी व्यक्ति उत्तर की ओर मुँह करके बैठे हैं, तो किसी व्यक्ति का दायाँ हाथ पूर्व और बायाँ हाथ पश्चिम की ओर होता है। कुछ प्रश्नों में कहा जाता है कि सभी दक्षिण की ओर मुँह करके बैठे हैं, तब बायाँ-दायाँ उलट जाता है। ऐसे प्रश्नों में दिशा के नियमों का उपयोग करके पंक्ति को सही क्रम में लगाना चाहिए। यदि मुँह की दिशा स्पष्ट नहीं दी गई है, तो सामान्यतः उत्तर की ओर मुँह माना जाता है।

रेखीय बैठक के प्रश्नों में कुछ विशेष स्थितियाँ पूछी जाती हैं, जैसे पंक्ति के अंतिम (छोर) पर कौन बैठा है, कौन बीच में है, किसके बगल में कौन है, और पूछे गए व्यक्ति का स्थान। इन सबका उत्तर व्यवस्था पूरी बनने के बाद तुरंत दिख जाता है। यदि प्रश्न में 'सभी उत्तर की ओर मुँह' का उल्लेख हो, तो बायें-दायें सामान्य क्रम में लिखें। व्यवस्था बनाते समय नामों के प्रारंभिक अक्षर लिखने से स्थान कम लगता है और गलती कम होती है।

3. वृत्ताकार बैठक और स्थिति-तुलना

वृत्ताकार बैठक में सभी व्यक्ति एक वृत्त में बैठते हैं। यदि सभी केंद्र की ओर मुँह करके बैठे हों, तो किसी व्यक्ति के दायें-बायें की पहचान दक्षिणावर्त-वामावर्त क्रम से होती है। सामान्यतः सभी केंद्र की ओर मुँह करके बैठते हैं, जब तक कि प्रश्न में अलग से न कहा गया हो। वृत्ताकार बैठक में 'दाएँ' का अर्थ दक्षिणावर्त और 'बाएँ' का अर्थ वामावर्त होता है। कुछ प्रश्नों में कुछ व्यक्ति केंद्र की ओर और कुछ बाहर की ओर मुँह करके बैठे होते हैं, ऐसे प्रश्न अधिक कठिन होते हैं।

वृत्ताकार बैठक को हल करने के लिए वृत्त पर स्थानों को अंकित करें। पहले उन शर्तों को रखें जिनमें 'ठीक बगल', 'तुरंत दायें/बायें' जैसे शब्द हैं, फिर 'दूसरा/तीसरा' वाले शब्दों को जोड़ें। वृत्ताकार बैठक में प्रत्येक व्यक्ति के दायें और बायें दोनों पड़ोसी होते हैं, इसलिए शर्तों को जोड़ते समय दिशा का ध्यान रखें। यदि शर्त 'A, B के दायें से दूसरा है' कहती है, तो A के बीच एक व्यक्ति छोड़कर B बैठा है और A, B के दायें है, अर्थात् A, B से दो स्थान दक्षिणावर्त दूर है।

स्थिति-तुलना (पोजिशन कम्पेरिज़न) के प्रश्नों में व्यक्तियों के बीच 'बड़ा-छोटा', 'लंबा-छोटा', 'बायाँ-दायाँ' जैसे संबंध दिए जाते हैं और पूछा जाता है कि किसी विशेष व्यक्ति का स्थान क्या है या कौन सबसे बड़ा/छोटा है। इन प्रश्नों में तुलना के चिह्न (> , <) या दिशा के संकेतों का उपयोग करके सभी को एक क्रम में लगाया जाता है। जब दो व्यक्तियों की तुलना सीधे न हो, तो अन्य व्यक्तियों के माध्यम से क्रम निकाला जाता है। यदि क्रम पूरी तरह स्पष्ट न हो, तो प्रश्न के विकल्पों की सहायता ली जाती है।

स्थिति और व्यवस्था के सभी प्रश्नों में सबसे महत्वपूर्ण नियम है – पहले सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ें, फिर उन्हें एक-एक करके चित्र में जोड़ें। जब दो शर्तें एक-साथ लागू होती हैं, तो उन्हें एक ही चरण में मिलाकर जोड़ें। जो कथन 'या तो... या...' प्रकार के हों, उनमें दोनों संभावनाओं को बनाएँ। अंत में पूछे गए प्रश्न के अनुसार उत्तर निकालें और उसे सभी शर्तों से मिलाकर सत्यापित करें। इसी विधि से कठिन से कठिन प्रश्न भी आसानी से हल हो जाते हैं।

4. हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: पाँच व्यक्ति A, B, C, D, E एक पंक्ति में बैठे हैं। A सबसे बायें छोर पर है। B, A के ठीक दायें है। C, D के ठीक बायें है। E सबसे दायें छोर पर है। सही क्रम क्या है?

उदाहरण 2: छह व्यक्ति एक पंक्ति में बैठे हैं। P, Q के बायें है लेकिन R के दायें है। Q, S के दायें है। तो सबसे बायें छोर पर कौन है?

उदाहरण 3: A, B से लंबा है। B, C से लंबा है। D, C से लंबा है। इनमें सबसे लंबा कौन है?

उदाहरण 4: पाँच मित्र एक वृत्त में केंद्र की ओर मुँह करके बैठे हैं। M, N के ठीक दायें है। N, O के ठीक बायें है। तो O के बायें कौन है?

उदाहरण 5: चार व्यक्ति A, B, C, D एक पंक्ति में बैठे हैं। A, B के बायें है। C, D के दायें है। D, A के दायें है। तो सही क्रम क्या है?

उदाहरण 6: छह व्यक्ति एक पंक्ति में उत्तर की ओर मुँह करके बैठे हैं। X बीच में है। X के ठीक दायें Y और ठीक बायें Z है। तो Y के बायें से दूसरा कौन है?

उदाहरण 7: पाँच व्यक्ति P, Q, R, S, T एक पंक्ति में हैं। P, Q के दायें से तीसरा है। R, Q के ठीक बायें है। S, R के बायें से दूसरा है। तो T का स्थान क्या है?

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: व्यवस्था के शब्द और उनके अर्थ

शब्द अर्थ
ठीक बगल में आसन्न स्थान, दोनों साथ-साथ
ठीक दायें तुरंत दायीं ओर का स्थान
ठीक बायें तुरंत बायीं ओर का स्थान
दायें से दूसरा एक स्थान छोड़कर दायीं ओर
बायें से तीसरा दो स्थान छोड़कर बायीं ओर
बीच में मध्य का स्थान
छोर पर पंक्ति का अंतिम स्थान

तालिका 2: बैठक के प्रकार और विधि

प्रकार व्यवस्था विधि
रेखीय पंक्ति सीधी पंक्ति बायें छोर से क्रम
वृत्ताकार गोलाकार केंद्र की ओर मुँह, दक्षिणावर्त = दायाँ
दो पंक्तियाँ आमने-सामने एक पंक्ति का दायाँ-बायाँ उलट
स्थिति-तुलना बड़ा-छोटा क्रम तुलना चिह्न से क्रम

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[8.7 स्थिति और व्यवस्था] --> B[रेखीय बैठक]
    A --> C[वृत्ताकार बैठक]
    A --> D[स्थिति-तुलना]
    A --> E[हल किए गए उदाहरण]
    B --> F[बायाँ-दायाँ स्पष्ट]
    B --> G[छोर और बीच]
    C --> H[केंद्र की ओर मुँह]
    C --> I[दक्षिणावर्त दायाँ]
    D --> J[बड़ा-छोटा क्रम]
    D --> K[तुलना चिह्न]
    E --> L[A B C D E]
    E --> M[R P Q S]
    B --> N[शर्तों को क्रम से जोड़ना]
    C --> O[संभावनाओं की जाँच]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

रेखीय बैठक व्यवस्था का उदाहरण A B C D E बायाँ छोर दायाँ छोर क्रम: A B C D E स्वर्ण नियम पहले स्पष्ट शर्तें जोड़ें, फिर संभावनाओं की जाँच कर व्यवस्था पूरी करें।

वृत्ताकार बैठक का उदाहरण A B C D सभी केंद्र की ओर मुँह करके बैठे हैं दक्षिणावर्त = दायाँ, वामावर्त = बायाँ स्वर्ण नियम वृत्ताकार बैठक में दिशा बदलने पर बायाँ-दायाँ बदल जाता है, मुँह की दिशा सदैव ध्यान रखें।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. 'ठीक बगल' और 'एक स्थान छोड़कर' में भ्रम करना; दोनों में स्थानों का अंतर अलग-अलग है।
  2. वृत्ताकार बैठक में दायें को हमेशा दक्षिणावर्त मान लेना, जबकि मुँह की दिशा बदलने पर यह उलट जाता है।
  3. दोनों संभावनाएँ बनने पर दोनों की जाँच न करके एक ही चुन लेना।
  4. सभी शर्तों को एक साथ जोड़ने का प्रयास करना, जिससे व्यवस्था में गलती हो जाती है।
  5. 'बायें से दूसरा' और 'दूसरा बायें' के अर्थ में भ्रम; दोनों समान होते हैं परंतु शब्द-क्रम से ध्यान भटकता है।
  6. स्थिति-तुलना में तुलना चिह्नों की दिशा उलट देना, जिससे बड़े-छोटे का क्रम बदल जाता है।
  7. व्यवस्था पूरी होने के बाद प्रश्न से मिलान न करना, जिससे अंतिम उत्तर गलत हो जाता है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. सबसे पहले उन शर्तों को हल करें जिनमें 'ठीक बगल', 'छोर पर' या 'बीच में' जैसे स्पष्ट शब्द हैं।
  2. नामों के प्रारंभिक अक्षर से पंक्ति बनाएँ ताकि समय और स्थान दोनों बचें।
  3. वृत्ताकार बैठक में सभी के मुँह की दिशा (केंद्र/बाहर) पहले तय करें।
  4. दो संभावनाएँ बनने पर दोनों को अलग-अलग बनाएँ और अन्य शर्तों से रद्द करें।
  5. स्थिति-तुलना में बड़े को सबसे बायें और छोटे को सबसे दायें रखकर क्रम बनाएँ।
  6. अंतिम उत्तर को सभी शर्तों से एक-एक करके मिलाकर सत्यापित करें।
  7. समय बचाने के लिए पहले प्रश्न को पढ़ें, फिर केवल उतनी ही जानकारी निकालें जो उत्तर के लिए आवश्यक हो।

10. निष्कर्ष

स्थिति और व्यवस्था के प्रश्न शर्तों को क्रमबद्ध रूप से जोड़ने की क्षमता पर आधारित होते हैं। रेखीय पंक्ति, वृत्ताकार बैठक और स्थिति-तुलना की विधियों को समझकर तथा शब्दों के सही अर्थों को याद रखकर किसी भी प्रश्न को सरलता से हल किया जा सकता है। रेलवे ग्रुप D परीक्षा में ये प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं और सही अभ्यास से सुनिश्चित अंक दिलाते हैं। शब्दों की तालिका का अभ्यास करें, हल किए गए उदाहरणों को स्वयं बनाकर देखें और कम से कम 30 स्थिति-व्यवस्था के प्रश्नों का समाधान करें। इससे परीक्षा में इस खंड में पूर्ण अंक प्राप्त करना निश्चित होगा।