विषय: रेलवे ग्रुप D – तर्कशक्ति (समानता और श्रृंखला) अध्याय: 6.4 लुप्त श्रृंखला विषय-वस्तु: लुप्त पद खोजना, त्रुटि श्रृंखला
लुप्त श्रृंखला (Missing Series) तर्कशक्ति का वह विषय है जिसमें श्रृंखला के एक या अधिक पद छोड़ दिए जाते हैं और अभ्यर्थी को पैटर्न पहचानकर लुप्त पद या गलत पद ज्ञात करना होता है। रेलवे ग्रुप D की परीक्षा में यह विषय अत्यंत लोकप्रिय है और प्रायः 2 से 3 प्रश्न इससे पूछे जाते हैं। लुप्त पद के प्रश्न में श्रृंखला के बाकी पद सही होते हैं, जबकि त्रुटि श्रृंखला में श्रृंखला का कोई एक पद गलत होता है।
लुप्त पद खोजने के लिए श्रृंखला के दोनों ओर के पदों का अंतर या गुणक देखकर पैटर्न स्थापित किया जाता है। यदि लुप्त पद बीच में हो तो उसके आगे-पीछे के पदों से दोनों दिशाओं में पैटर्न की जाँच होती है। त्रुटि श्रृंखला में सही पैटर्न से भटकने वाले पद को चिह्नित करना होता है और पहले से सही श्रृंखला की कल्पना करनी पड़ती है।
इस अध्याय में हम लुप्त पद खोजने की विधि, त्रुटि श्रृंखला की पहचान, विकल्पों के परीक्षण की विधि, हल किए गए उदाहरण, पुनरावृत्ति तालिकाएँ, माइंड मैप, आरेख, सामान्य गलतियाँ और परीक्षा युक्तियाँ सीखेंगे। लुप्त श्रृंखला के प्रश्नों में सबसे आवश्यक है श्रृंखला के पैटर्न को बीच से नहीं, बल्कि पूरी श्रृंखला के सापेक्ष देखना।
लुप्त पद खोजने के लिए निम्न विधियाँ अपनाई जाती हैं:
हल किया गया उदाहरण 1: श्रृंखला "3, 8, 13, ?, 23, 28" में लुप्त पद ज्ञात कीजिए।
हल: अंतर +5 प्रत्येक है। अतः लुप्त पद = 13 + 5 = 18। सत्यापन: 18 + 5 = 23। उत्तर = 18।
हल किया गया उदाहरण 2: श्रृंखला "1, 4, ?, 16, 25" में लुप्त पद ज्ञात कीजिए।
हल: ये वर्ग संख्याएँ हैं – 1², 2², 3², 4², 5²। अतः लुप्त पद = 3² = 9। उत्तर = 9।
त्रुटि श्रृंखला में एक पद सही पैटर्न से हट जाता है। उसे पहचानने के लिए पहले पूरी श्रृंखला में लागू होने वाला पैटर्न खोजें, फिर गलत पद को चिह्नित करें।
हल किया गया उदाहरण 3: श्रृंखला "4, 8, 16, 32, 62, 128" में गलत पद ज्ञात कीजिए।
हल: नियम ×2 है। 4 × 2 = 8, 8 × 2 = 16, 16 × 2 = 32, 32 × 2 = 64, 64 × 2 = 128। परंतु दिया गया पद 62 है। अतः गलत पद 62 है (सही 64)।
हल किया गया उदाहरण 4: श्रृंखला "3, 7, 13, 21, 31, 44" में गलत पद ज्ञात कीजिए।
हल: अंतर +4, +6, +8, +10, +12 होना चाहिए। अंतर हैं 4, 6, 8, 10, 13। अंतिम अंतर 13 गलत है, सही 12 होना चाहिए, अतः 44 के स्थान पर 43 आना चाहिए था। गलत पद 44 है।
कभी-कभी लुप्त पद के आसपास का पैटर्न स्पष्ट नहीं होता। तब विकल्पों को एक-एक करके रखकर यह जाँचा जाता है कि किस विकल्प से पूरी श्रृंखला का पैटर्न संतुष्ट होता है।
हल किया गया उदाहरण 5: श्रृंखला "2, 5, ?, 23, 47" में लुप्त पद क्या होगा?
हल: नियम ×2 + 1 है – 2 × 2 + 1 = 5, 5 × 2 + 1 = 11, 11 × 2 + 1 = 23, 23 × 2 + 1 = 47। अतः लुप्त पद = 11। उत्तर = 11।
हल किया गया उदाहरण 6: श्रृंखला "1, 2, 4, ?, 16, 32" में लुप्त पद ज्ञात कीजिए।
हल: नियम ×2 है। अतः लुप्त पद = 4 × 2 = 8। सत्यापन: 8 × 2 = 16। उत्तर = 8।
हल किया गया उदाहरण 7: श्रृंखला "5, 8, 14, 23, ?, 50" में लुप्त पद ज्ञात कीजिए।
हल: अंतर +3, +6, +9, +12, +15 हैं। अतः लुप्त पद = 23 + 12 = 35। सत्यापन: 35 + 15 = 50। उत्तर = 35।
| श्रृंखला | लुप्त पद | नियम |
|---|---|---|
| 2, 5, 8, ?, 14 | 11 | +3 |
| 3, 6, 12, ?, 48 | 24 | ×2 |
| 1, 4, 9, ?, 25 | 16 | वर्ग |
| 7, 11, ?, 19, 23 | 15 | +4 |
| 2, 5, 11, ?, 47 | 23 | ×2 + 1 |
| 10, 8, 6, ?, 2 | 4 | -2 |
| 1, 1, 2, 3, ?, 8 | 5 | फिबोनाची |
| 5, 10, 17, ?, 37 | 26 | +5, +7, +9 |
| स्थिति | विधि | उदाहरण |
|---|---|---|
| अंत में लुप्त | पैटर्न आगे बढ़ाएँ | 2, 4, 6, 8, ? = 10 |
| शुरुआत में लुप्त | पैटर्न पीछे करें | ?, 12, 9, 6 = 15 |
| बीच में लुप्त | दोनों ओर से जाँचें | 3, 7, ?, 15 = 11 |
| दो लुप्त | दो अलग क्रम | 2, 6, 3, 9, ?, ? |
| त्रुटि पद | पैटर्न से मिलाएँ | 5, 10, 21, 20 = 21 गलत |
| विकल्प परीक्षण | हर विकल्प रखकर देखें | जो पूरी श्रृंखला दे |
flowchart TD
A[लुप्त श्रृंखला] --> B[लुप्त पद खोज]
A --> C[त्रुटि श्रृंखला]
A --> D[विकल्प परीक्षण]
B --> B1[अंतर विधि]
B --> B2[गुणक विधि]
B --> B3[बीच का लुप्त पद]
C --> C1[समान अंतर त्रुटि]
C --> C2[गुणक त्रुटि]
C --> C3[बढ़ता अंतर त्रुटि]
D --> D1[हर विकल्प रखें]
D --> D2[पूरी श्रृंखला जाँचें]
लुप्त श्रृंखला हल करने के लिए पैटर्न की पहचान और सत्यापन दोनों आवश्यक हैं। लुप्त पद को दोनों ओर से जाँचना और त्रुटि श्रृंखला में सही पैटर्न से भटकने वाले पद को चिह्नित करना ही इस विषय की कुंजी है। अंतर, गुणक, वर्ग-घन और फिबोनाची पैटर्न का अभ्यास करने से प्रश्न कुछ ही सेकंड में हल हो जाते हैं। रेलवे ग्रुप D में यह विषय आसान अंक देने वाला है, बशर्ते अभ्यर्थी सत्यापन की आदत बनाए रखें।