विषय: रेलवे NTPC – सामान्य जागरूकता (प्राचीन भारतीय इतिहास) अध्याय: 11.2 वैदिक काल विषय-वस्तु: ऋग्वेद, वैदिक संस्कृति, जनपद
वैदिक काल भारतीय इतिहास का वह युग है जिसमें वेदों की रचना हुई। यह काल सिंधु घाटी सभ्यता के पतन के बाद लगभग 1500 ईसा पूर्व से 600 ईसा पूर्व तक माना जाता है। वेद शब्द 'विद्' धातु से बना है जिसका अर्थ 'जानना' है। वेदों को भारतीय संस्कृति और ज्ञान का सबसे प्राचीन स्रोत माना जाता है। इस काल के लोगों को 'आर्य' कहा गया, जो उत्तर-पश्चिमी मार्ग से भारत आए और सप्तसिंधु क्षेत्र में बस गए।
वैदिक काल को दो भागों में बाँटा गया है – ऋग्वैदिक काल (1500–1000 ई.पू.) तथा उत्तर वैदिक काल (1000–600 ई.पू.)। ऋग्वैदिक काल में आर्य मुख्यतः सिंधु एवं उसकी सहायक नदियों के क्षेत्र (सप्तसिंधु) में रहते थे। इस काल का मुख्य स्रोत ऋग्वेद है। उत्तर वैदिक काल में आर्य पूर्व की ओर बढ़ते हुए गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र तक पहुँचे, जहाँ लोहे के उपयोग से जंगल काटकर कृषि का विस्तार किया गया।
वैदिक संस्कृति की विशेषता वर्ण-व्यवस्था, यज्ञ-कर्मकांड, देवताओं की पूजा तथा कुल-ग्राम-जन-राष्ट्र पर आधारित राजनीतिक संगठन थी। इसी काल में 'जनपद' और बाद में 'महाजनपद' शब्दों का प्रचलन हुआ। कालांतर में 600 ई.पू. के आसपास पूरे उत्तर भारत में 16 महाजनपदों का उदय हुआ। इस प्रकार वैदिक काल भारतीय सभ्यता की आधारशिला है।
ऋग्वेद विश्व का सबसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथ माना जाता है। इसमें 1028 सूक्त हैं, जो 10 मंडलों में विभाजित हैं। ऋग्वेद के अधिकांश सूक्त देवताओं की स्तुति में रचे गए हैं। ऋग्वेद के दूसरे से सातवें मंडल को सबसे प्राचीन माना जाता है, जबकि पहला और दसवाँ मंडल बाद में जोड़े गए। ऋग्वेद के 10वें मंडल में पुरुष सूक्त है जिसमें वर्ण-व्यवस्था का वर्णन मिलता है।
ऋग्वेद की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
नमूना प्रश्न (उदाहरण): ऋग्वेद में कितने सूक्त हैं? (1) 1017 (2) 1028 (3) 1046 (4) 1058। सही उत्तर (2) 1028 है। नमूना प्रश्न 2: दशराज्ञ युद्ध किस नदी के किनारे लड़ा गया? (1) सिंधु (2) परुष्णी/रावी (3) सरस्वती (4) यमुना। सही उत्तर (2) है।
वैदिक संस्कृति में चार वेद – ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद – शामिल हैं। सामवेद को भारतीय संगीत का जन्मदाता कहा जाता है, क्योंकि इसमें गायन-संगीत के स्वरों का वर्णन है। यजुर्वेद यज्ञ-कर्मकांडों का विवरण देता है तथा अथर्ववेद में मंत्र, चिकित्सा तथा जादू-टोना से जुड़ी सामग्री है। इन वेदों से आगे ब्राह्मण ग्रंथ, आरण्यक और उपनिषद जुड़े हैं। उपनिषदों को 'वेदांत' भी कहा जाता है।
वैदिक समाज एवं धर्म की मुख्य विशेषताएँ:
उदाहरण (numbered): (1) 'वेदों में सबसे प्राचीन ऋग्वेद है।' (2) 'सामवेद में ऋग्वेद के अधिकांश मंत्र गायन हेतु संग्रहीत हैं।' (3) 'पुरुष सूक्त ऋग्वेद के दसवें मंडल में है।' (4) 'विश्वामित्र गायत्री मंत्र के रचयिता हैं।' (5) 'उत्तर वैदिक काल में राजा का पद वंशानुगत हो गया।'
'जनपद' शब्द 'जन' (लोग) तथा 'पद' (भूमि) से बना है। ऋग्वैदिक काल में राज्य जन (लोगों) पर आधारित था, परंतु उत्तर वैदिक काल में राज्य 'भूमि' पर आधारित हो गया, जिससे जनपद का उदय हुआ। जनपद वह क्षेत्र था जहाँ एक वंश या समुदाय के लोग स्थायी रूप से निवास करते थे। जनपदों की सीमाएँ नदियों, जंगलों तथा पहाड़ियों से निर्धारित होती थीं।
जनपद काल की प्रमुख विशेषताएँ:
उदाहरण (numbered): (1) जनपद शब्द का सर्वप्रथम उल्लेख ऐतरेय ब्राह्मण में मिलता है। (2) उत्तर वैदिक काल में राजा 'राजसूय' यज्ञ से राज्यारोहण करता था। (3) 'अश्वमेध' यज्ञ राजा की सर्वोच्चता प्रमाणित करता था। (4) जनपदों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण विकास कृषि-भूमि पर आधारित राज्य था। (5) उत्तर वैदिक काल में शूद्रों की स्थिति और खराब हुई तथा अवर्ण (चांडाल) की संकल्पना विकसित हुई।
| वेद | विषय | मुख्य विशेषता |
|---|---|---|
| ऋग्वेद | देवताओं की स्तुति | 1028 सूक्त, 10 मंडल, सबसे प्राचीन |
| सामवेद | गायन एवं संगीत | भारतीय संगीत का जन्मदाता |
| यजुर्वेद | यज्ञ-कर्मकांड | शुक्ल एवं कृष्ण यजुर्वेद |
| अथर्ववेद | मंत्र, चिकित्सा, जादू-टोना | आयुर्वेद से संबंधित सामग्री |
| तत्व | ऋग्वैदिक काल (1500–1000 ई.पू.) | उत्तर वैदिक काल (1000–600 ई.पू.) |
|---|---|---|
| निवास क्षेत्र | सप्तसिंधु | गंगा-यमुना दोआब |
| धातु | ताँबा, कांस्य | लोहा (श्याम अयस) |
| मुख्य देवता | इंद्र, अग्नि, सोम | प्रजापति, रुद्र, विष्णु |
| वर्ण व्यवस्था | कर्म पर आधारित | जन्म पर आधारित |
| प्रमुख फसल | जौ | गेहूँ, चावल |
| राज्य आधार | जन (लोग) | भूमि (जनपद) |
flowchart TD
A[वैदिक काल] --> B[ऋग्वैदिक काल]
A --> C[उत्तर वैदिक काल]
B --> D[सप्तसिंधु क्षेत्र]
B --> E[इंद्र प्रमुख देवता]
B --> F[दशराज्ञ युद्ध]
A --> G[चार वेद]
G --> H[ऋग्वेद]
G --> I[सामवेद]
G --> J[यजुर्वेद]
G --> K[अथर्ववेद]
A --> L[जनपद]
L --> M[भूमि पर आधारित राज्य]
L --> N[16 महाजनपद]
C --> O[लोहे का उपयोग]
C --> P[गंगा-यमुना दोआब]
वैदिक काल भारतीय इतिहास की वह आधारशिला है जिससे हमारी भाषा, धर्म, समाज और राजनीतिक संगठन का विकास हुआ। ऋग्वेद से लेकर उपनिषदों तक इस काल की विरासत विशाल है। ऋग्वेद की संरचना, दशराज्ञ युद्ध, चार वेद, वर्ण व्यवस्था तथा जनपद से महाजनपद तक की यात्रा रेलवे NTPC परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं। उम्मीदवारों को इन तथ्यों को क्रमबद्ध रूप से याद रखना चाहिए, क्योंकि इस अध्याय से प्रत्येक वर्ष 2 से 3 प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं।