11.8 प्राचीन भारतीय कला और संस्कृति Notes

11.8 प्राचीन भारतीय कला और संस्कृति

विषय: रेलवे NTPC – सामान्य जागरूकता (प्राचीन भारतीय इतिहास) अध्याय: 11.8 प्राचीन भारतीय कला और संस्कृति विषय-वस्तु: स्मारक, मूर्तिकला, साहित्य

1. परिचय

प्राचीन भारत की कला और संस्कृति विश्व की सबसे समृद्ध विरासतों में से एक है। यह विरासत वास्तुकला (स्थापत्य), मूर्तिकला, चित्रकला तथा साहित्य के रूप में सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर गुप्त काल तक विकसित हुई। सिंधु घाटी सभ्यता के नगर-योजना, स्नानागार तथा मुहरें कला के प्राचीनतम उदाहरण हैं। इसके बाद मौर्य काल में स्तंभ, गुप्त काल में मंदिर तथा दक्षिण भारत में भव्य मंदिर-वास्तुकला का विकास हुआ।

प्राचीन भारत की वास्तुकला मुख्यतः तीन शैलियों में विभाजित है – गुफा स्थापत्य, स्तंभ स्थापत्य तथा मंदिर स्थापत्य। मौर्य सम्राट अशोक के स्तंभ, बौद्ध स्तूप तथा गुफाएँ इसका उदाहरण हैं। गुप्त काल में पत्थर से बने मंदिरों की परंपरा आरंभ हुई, जो आगे चलकर दक्षिण भारत में चोल, पल्लव तथा चालुक्य वंशों द्वारा विशाल शिखरों वाले मंदिरों में परिणत हुई।

प्राचीन भारतीय साहित्य विश्व का सबसे प्राचीन और विशाल साहित्य है। वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, पुराण संस्कृत साहित्य की आधारशिला हैं। इसके साथ ही पालि (त्रिपिटक), प्राकृत (जैन आगम) तथा तमिल (संगम साहित्य) भाषाओं में भी महत्वपूर्ण रचनाएँ हुईं। रेलवे NTPC परीक्षा में कला-शैलियों, स्मारकों, साहित्यिक ग्रंथों तथा उनके रचयिताओं से प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं।

2. स्मारक – स्तूप, स्तंभ और गुफा स्थापत्य

प्राचीन भारतीय वास्तुकला में स्तूप, स्तंभ और गुफाएँ सबसे महत्वपूर्ण स्मारक हैं। बौद्ध धर्म में स्तूप का निर्माण प्रमुख था। सबसे प्रसिद्ध स्तूप निम्नलिखित हैं:

अशोक के स्तंभ मौर्य स्थापत्य के अद्भुत उदाहरण हैं। सबसे प्रसिद्ध सारनाथ का सिंह-स्तंभ है, जिसे भारत का राष्ट्रीय प्रतीक बनाया गया। लौरिया नंदनगढ़ (बिहार) तथा रामपुरवा (बिहार) के स्तंभ भी प्रसिद्ध हैं। मौर्य काल के स्तंभ एक ही पत्थर से बनाए गए थे और उन पर पालिश (पॉलिश) की गई है।

गुफा स्थापत्य के प्रमुख उदाहरण:

नमूना प्रश्न (उदाहरण): सांची का स्तूप किसने बनवाया? (1) हर्ष (2) अशोक (3) पुलकेशिन (4) राजाराज। सही उत्तर (2) है। नमूना उदाहरण (numbered): (1) अमरावती स्तूप को 'स्तूपों की रानी' कहा जाता है। (2) एलोरा का कैलाश मंदिर कृष्ण प्रथम ने बनवाया। (3) सारनाथ का सिंह-स्तंभ राष्ट्रीय प्रतीक है। (4) केशरिया का स्तूप विश्व का सबसे ऊँचा स्तूप है।

3. मूर्तिकला – गंधार, मथुरा और अमरावती शैली

प्राचीन भारत की मूर्तिकला में मुख्यतः तीन शैलियाँ विकसित हुईं – गंधार शैली, मथुरा शैली तथा अमरावती शैली। बौद्ध धर्म में बुद्ध की मूर्ति बनाने की परंपरा इन्हीं शैलियों से प्रारंभ हुई। प्रारंभ में बुद्ध को प्रतीकों (पदचिह्न, बोधि वृक्ष, स्तूप, चक्र) के रूप में दर्शाया जाता था, बाद में मूर्तियाँ बनने लगीं।

प्रमुख मूर्तिकला शैलियाँ:

मूर्तिकला के अन्य प्रमुख उदाहरण सिंधु घाटी सभ्यता की कांस्य की नर्तकी, मोहनजोदड़ो की दाढ़ी वाले पुरुष की मूर्ति तथा हड़प्पा की पुरुष धड़ मूर्ति हैं। मौर्य काल में सारनाथ के सिंह-स्तंभ की मूर्तिकला और गुप्त काल में सारनाथ की बुद्ध मूर्ति (धर्मचक्र प्रवर्तन) सर्वश्रेष्ठ मानी जाती हैं। गुप्तकाल को मूर्तिकला का स्वर्ण युग कहा जाता है।

नमूना प्रश्न (उदाहरण): गंधार शैली में किस कला का प्रभाव था? (1) यूनानी (2) चीनी (3) मिस्र (4) रोमन। सही उत्तर (1) है। नमूना उदाहरण (numbered): (1) मथुरा शैली को महायान कला कहा जाता है। (2) गंधार शैली को हीनयान कला से जोड़ा जाता है। (3) मथुरा की मूर्तियाँ लाल बलुआ पत्थर से बनती थीं। (4) गुप्तकाल को मूर्तिकला का स्वर्ण युग माना जाता है।

4. साहित्य – संस्कृत, पालि, प्राकृत और तमिल

प्राचीन भारतीय साहित्य चार मुख्य भाषाओं – संस्कृत, पालि, प्राकृत तथा तमिल – में विभाजित है। संस्कृत साहित्य में रामायण (वाल्मीकि) तथा महाभारत (वेदव्यास) सबसे महत्वपूर्ण महाकाव्य हैं। पुराण (18 प्रमुख पुराण), वेद तथा उपनिषद भी संस्कृत में रचे गए। गुप्त काल में कालिदास (अभिज्ञानशाकुंतलम, रघुवंश), विशाखदत्त (मुद्राराक्षस) तथा शूद्रक (मृच्छकटिकम्) ने नाटकों की रचना की।

प्राचीन साहित्य के प्रमुख तथ्य:

नमूना प्रश्न (उदाहरण): 'अष्टाध्यायी' किसकी रचना है? (1) पाणिनि (2) कालिदास (3) भरत (4) वाल्मीकि। सही उत्तर (1) है। नमूना उदाहरण (numbered): (1) रामायण वाल्मीकि की रचना है। (2) महाभारत वेदव्यास की रचना है। (3) नाट्यशास्त्र भरत ने लिखा। (4) अशोक के शिलालेख प्राकृत भाषा में हैं।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1 – प्रमुख प्राचीन स्मारक

स्मारक स्थान निर्माता/शैली
सांची का स्तूप मध्य प्रदेश अशोक, बाद में शुंग
सारनाथ का सिंह-स्तंभ उत्तर प्रदेश अशोक (राष्ट्रीय प्रतीक)
अजंता की गुफाएँ महाराष्ट्र बौद्ध चित्रकला
एलोरा का कैलाश मंदिर महाराष्ट्र कृष्ण प्रथम (राष्ट्रकूट)
अमरावती का स्तूप आंध्र प्रदेश सातवाहन काल

तालिका 2 – प्रमुख साहित्यिक रचनाएँ एवं रचयिता

रचना रचयिता भाषा
रामायण वाल्मीकि संस्कृत
महाभारत वेदव्यास संस्कृत
अष्टाध्यायी पाणिनि संस्कृत (व्याकरण)
नाट्यशास्त्र भरत संस्कृत
त्रिपिटक बौद्ध संघ पालि
तिरुक्कुरल तिरुवल्लुवर तमिल

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[प्राचीन भारतीय कला और संस्कृति] --> B[स्मारक]
    A --> C[मूर्तिकला]
    A --> D[साहित्य]
    B --> E[स्तूप]
    B --> F[स्तंभ]
    B --> G[गुफाएँ]
    E --> H[सांची, भरहुत, अमरावती]
    G --> I[अजंता, एलोरा, कार्ले]
    C --> J[गंधार शैली]
    C --> K[मथुरा शैली]
    C --> L[अमरावती शैली]
    D --> M[संस्कृत]
    D --> N[पालि]
    D --> O[प्राकृत]
    D --> P[तमिल]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

प्राचीन भारतीय स्मारक सांची स्तूप मध्य प्रदेश अशोक द्वारा निर्मित सारनाथ स्तंभ राष्ट्रीय प्रतीक चार सिंह अमरावती स्तूप आंध्र प्रदेश स्तूपों की रानी गुफा स्थापत्य अजंता बौद्ध चित्रकला एलोरा कैलाश मंदिर कार्ले-भाजा बौद्ध गुफाएँ स्वर्ण नियम: स्मारकों के स्थान रटें – सांची, अमरावती, अजंता-एलोरा महाराष्ट्र तथा सारनाथ उत्तर प्रदेश।

मूर्तिकला की तीन प्रमुख शैलियाँ गंधार शैली यूनानी प्रभाव हीनयान कला कुषाण काल मथुरा शैली शुद्ध भारतीय महायान कला लाल बलुआ पत्थर अमरावती शैली दक्षिण भारत सातवाहन काल बुद्ध जीवन-घटनाएँ साहित्यिक ग्रंथ रामायण – वाल्मीकि महाभारत – वेदव्यास अशोक के शिलालेख प्राकृत भाषा, ब्राह्मी लिपि स्वर्ण नियम: गंधार-यूनानी, मथुरा-भारतीय, अमरावती-दक्षिणी शैली का मिलान कभी न भूलें।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. सांची स्तूप को शुंग वंश की देन मानकर अशोक को भूलना गलत है; सांची स्तूप की स्थापना अशोक ने की, जबकि शुंगों ने इसका विकास किया।
  2. अजंता की गुफाओं को जैन धर्म से जोड़ना गलत है; अजंता की गुफाएँ बौद्ध धर्म की हैं, एलोरा में तीनों धर्मों की गुफाएँ हैं।
  3. कैलाश मंदिर का श्रेय चालुक्यों को देना गलत है; एलोरा का कैलाश मंदिर राष्ट्रकूट शासक कृष्ण प्रथम ने बनवाया।
  4. गंधार शैली को शुद्ध भारतीय शैली मानना गलत है; गंधार शैली में यूनानी (ग्रीक) कला का प्रभाव है।
  5. रामायण को वेदव्यास की रचना मानना गलत है; रामायण वाल्मीकि की रचना है, महाभारत वेदव्यास ने लिखा।
  6. अशोक के शिलालेखों को संस्कृत भाषा में मानना गलत है; ये प्राकृत भाषा तथा ब्राह्मी लिपि में लिखे गए हैं।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. तीन मूर्तिकला शैलियों का सूत्र रटें: गंधार (उत्तर-पश्चिम, यूनानी), मथुरा (उत्तर भारत, भारतीय), अमरावती (दक्षिण)।
  2. स्मारक-स्थान का मिलान रटें: सांची-मध्य प्रदेश, अजंता-एलोरा-महाराष्ट्र, अमरावती-आंध्र प्रदेश, सारनाथ-उत्तर प्रदेश।
  3. ग्रंथ-रचयिता मिलान रटें: रामायण-वाल्मीकि, महाभारत-वेदव्यास, अष्टाध्यायी-पाणिनि, नाट्यशास्त्र-भरत।
  4. भाषा-ग्रंथ मिलान रटें: त्रिपिटक-पालि, द्वादशांगी-प्राकृत, संगम साहित्य-तमिल।
  5. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: स्तूपों की रानी (अमरावती), सबसे ऊँचा स्तूप (केशरिया), राष्ट्रीय प्रतीक (सारनाथ सिंह-स्तंभ)।
  6. गुप्तकाल को मूर्तिकला का स्वर्ण युग तथा सारनाथ की बुद्ध मूर्ति (धर्मचक्र प्रवर्तन) को सर्वश्रेष्ठ मूर्ति याद रखें।

10. निष्कर्ष

प्राचीन भारतीय कला और संस्कृति की विरासत अद्वितीय है, जो स्तूप, स्तंभ, गुफाओं, मूर्तियों तथा साहित्य के रूप में आज भी जीवित है। सांची का स्तूप, सारनाथ का सिंह-स्तंभ, अजंता-एलोरा की गुफाएँ तथा वाल्मीकि, वेदव्यास, कालिदास जैसे रचयिता इस गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं। रेलवे NTPC परीक्षा में इन स्मारकों, शैलियों तथा साहित्यिक रचनाओं से प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं। इन तथ्यों की क्रमबद्ध पुनरावृत्ति कर उम्मीदवार आसानी से पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।