विषय: रेलवे NTPC – भारतीय अर्थव्यवस्था और सामान्य ज्ञान अध्याय: 20.6 कर व्यवस्था और GST विषय-वस्तु: कर, GST
कर वह अनिवार्य भुगतान है जो सरकार अपने नागरिकों से सार्वजनिक सेवाओं और विकास कार्यों के लिए लेती है। कर किसी विशेष सेवा के बदले नहीं दिया जाता, बल्कि यह सरकार की आय का मुख्य स्रोत है। भारत में कराधान की शक्ति संविधान के अनुच्छेद 265 के अंतर्गत प्रदान की गई है, जिसमें कहा गया है कि विधि के अधिकार के बिना कोई कर नहीं लगाया जा सकता। कर प्रणाली का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रहण, आय का पुनर्वितरण, सामाजिक कल्याण और आर्थिक नियमन है।
करों को मुख्यतः दो भागों में बाँटा गया है: प्रत्यक्ष कर और अप्रत्यक्ष कर। प्रत्यक्ष कर वह कर है जो सीधे व्यक्ति या संस्था पर लगता है और उसे वहन करना पड़ता है, जैसे आयकर और संपत्ति कर। अप्रत्यक्ष कर वस्तुओं और सेवाओं पर लगता है, जिसका भार उपभोक्ता वहन करता है, जैसे जीएसटी और सीमा शुल्क। भारत में केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर कर लगाए जाते हैं। प्रत्यक्ष करों का संग्रहण केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड तथा अप्रत्यक्ष करों का संग्रहण केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड करता है।
वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी भारतीय कर व्यवस्था का सबसे बड़ा सुधार है, जो 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ। जीएसटी एक व्यापक अप्रत्यक्ष कर है जिसमें केंद्र और राज्यों के अनेक करों को एकीकृत किया गया है। जीएसटी का उद्देश्य एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार की अवधारणा को साकार करना है। जीएसटी परिषद का गठन अनुच्छेद 279-A के अंतर्गत किया गया है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं। एनटीपीसी परीक्षा में कर के प्रकार, जीएसटी की दरें और जीएसटी परिषद की संरचना से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
प्रत्यक्ष कर: - आयकर: व्यक्तियों और कंपनियों की आय पर लगने वाला कर। भारत में आयकर की प्रगतिशील दरें होती हैं। - कॉर्पोरेट कर: कंपनियों के लाभ पर लगने वाला कर। - संपत्ति कर: संपत्ति पर लगने वाला कर। - गिफ्ट टैक्स: उपहार पर लगने वाला कर।
अप्रत्यक्ष कर: - जीएसटी: वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाला व्यापक कर। - सीमा शुल्क: आयात और निर्यात पर लगने वाला कर। - केंद्रीय उत्पाद शुल्क: वस्तुओं के उत्पादन पर लगने वाला कर। - टोल टैक्स: मार्ग उपयोग कर।
कर से जुड़ी अवधारणाएँ: - प्रत्यक्ष कर की विशेषताएँ: सीधे व्यक्ति पर लगता है, स्थानांतरित नहीं होता, प्रगतिशील हो सकता है। - अप्रत्यक्ष कर की विशेषताएँ: वस्तुओं सेवाओं पर लगता है, उपभोक्ता पर स्थानांतरित होता है, सामान्यतः समतल दर होती है। - प्रगतिशील कर: आय बढ़ने पर कर की दर बढ़ती है। - समानुपातिक कर: आय के अनुपात में समान दर। - प्रत्यवर्ती कर: आय बढ़ने पर कर की दर घटती है।
महत्वपूर्ण तथ्य: - कराधान की शक्ति अनुच्छेद 265 से प्राप्त होती है। - प्रत्यक्ष करों का संग्रहण केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड करता है। - आयकर विभाग के अंतर्गत टीडीएस प्रणाली है। - पैन कार्ड आयकर भुगतान का पहचान पत्र है।
जीएसटी क्या है? यह वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर लगने वाला एक व्यापक अप्रत्यक्ष कर है। यह एक गंतव्य आधारित कर है, अर्थात कर उस राज्य को मिलता है जहाँ वस्तु या सेवा की खपत होती है।
जीएसटी के घटक: - CGST (केंद्रीय जीएसटी): केंद्र सरकार द्वारा लगाया गया हिस्सा। - SGST (राज्य जीएसटी): राज्य सरकार द्वारा लगाया गया हिस्सा। - IGST (एकीकृत जीएसटी): अंतर-राज्यीय आपूर्ति पर लगने वाला कर। - UTGST (केंद्रशासित प्रदेश जीएसटी): केंद्रशासित प्रदेशों में लगने वाला कर।
जीएसटी में शामिल किए गए कर: - केंद्रीय उत्पाद शुल्क - सेवा कर - मूल्य वर्धित कर - मनोरंजन कर (स्थानीय निकायों को छोड़कर) - विलासिता कर - खरीद कर
जीएसटी की प्रमुख दरें: - 0 प्रतिशत: दालें, अनाज, दूध जैसी अनिवार्य वस्तुएँ। - 5 प्रतिशत: चीनी, चाय, कपड़ा आदि। - 12 प्रतिशत: बटर, मोबाइल फोन आदि। - 18 प्रतिशत: सेवाएँ, एसी, वॉशिंग मशीन आदि। - 28 प्रतिशत: विलासिता की वस्तुएँ, कार, तंबाकू आदि।
जीएसटी परिषद: - गठन अनुच्छेद 279-A के अंतर्गत। - अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं। - सदस्यों में केंद्रीय मंत्री और राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं। - केंद्र के पास वोट का एक-तिहाई भार और राज्यों के पास दो-तिहाई भार होता है।
कर संग्रहण करने वाली संस्थाएँ: - केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड: आयकर और कॉर्पोरेट कर का संग्रहण। - केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड: जीएसटी और सीमा शुल्क का संग्रहण। - जीएसटी परिषद: जीएसटी नीति का निर्धारण। - जीएसटी नेटवर्क: जीएसटी का तकनीकी मंच।
कर से जुड़े प्रमुख शब्द: - टीडीएस: स्रोत पर कर कटौती। - टीसीएस: स्रोत पर कर संग्रहण। - पैन: स्थायी खाता संख्या। - कर स्लैब: आय की सीमा के अनुसार कर दरें।
महत्वपूर्ण तथ्य: - जीएसटी 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ। - जीएसटी 101वें संविधान संशोधन के अंतर्गत लागू हुआ। - जीएसटी को गंतव्य आधारित कर कहा जाता है। - भारत में प्रत्यक्ष करों में आयकर सबसे बड़ा स्रोत है। - केंद्र और राज्य दोनों प्रत्यक्ष कर नहीं लगा सकते, क्योंकि प्रत्यक्ष कर केंद्र सूची में है।
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर का महत्व: - प्रत्यक्ष कर प्रगतिशील होते हैं और आय में समानता लाते हैं। - अप्रत्यक्ष कर से अधिक राजस्व मिलता है क्योंकि सभी उपभोक्ता इसे देते हैं। - अप्रत्यक्ष कर सामान्यतः प्रत्यवर्ती होते हैं।
| प्रकार | उदाहरण | विशेषता |
|---|---|---|
| प्रत्यक्ष कर | आयकर, कॉर्पोरेट कर | सीधे व्यक्ति पर, स्थानांतरित नहीं |
| अप्रत्यक्ष कर | जीएसटी, सीमा शुल्क | वस्तुओं सेवाओं पर, उपभोक्ता पर |
| प्रगतिशील कर | आयकर | आय बढ़ने पर दर बढ़ती है |
| समानुपातिक | समान दर | सभी आय पर समान |
| दर | वस्तुएँ/सेवाएँ |
|---|---|
| 0 प्रतिशत | दालें, अनाज, दूध |
| 5 प्रतिशत | चीनी, चाय, कपड़ा |
| 12 प्रतिशत | बटर, मोबाइल फोन |
| 18 प्रतिशत | एसी, वॉशिंग मशीन, सेवाएँ |
| 28 प्रतिशत | कार, तंबाकू, विलासिता वस्तुएँ |
flowchart TD
A[20.6 कर व्यवस्था और GST] --> B[प्रत्यक्ष कर]
A --> C[अप्रत्यक्ष कर]
A --> D[GST]
B --> B1[आयकर]
B --> B2[कॉर्पोरेट कर]
B --> B3[संपत्ति कर]
C --> C1[जीएसटी]
C --> C2[सीमा शुल्क]
D --> D1[CGST]
D --> D2[SGST]
D --> D3[IGST]
D --> D4[जीएसटी परिषद]
कर व्यवस्था सरकार की आय और सामाजिक कल्याण की रीढ़ है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों, जीएसटी की संरचना, दरों और जीएसटी परिषद की भूमिका की समझ एनटीपीसी परीक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि इससे कराधान से जुड़े प्रश्नों को तर्कसंगत ढंग से हल किया जा सकता है।