विषय: रेलवे NTPC – सामान्य जागरूकता (भारतीय भूगोल)
अध्याय: 14.8 उद्योग और परिवहन
विषय-वस्तु: उद्योग, परिवहन
1. परिचय
उद्योग किसी देश के आर्थिक विकास का प्रमुख सूचक है। कच्चे माल को तैयार वस्तुओं में बदलने की प्रक्रिया को औद्योगिकीकरण कहा जाता है। भारत में उद्योगों का वर्गीकरण उनके आधार—कच्चे माल, आकार और स्वामित्व—के अनुसार किया जाता है। कच्चे माल के आधार पर उद्योगों को कृषि आधारित (सूती वस्त्र, जूट, चीनी, चाय), खनिज आधारित (इस्पात, एल्युमिनियम, सीमेंट) तथा वन-आधारित उद्योगों में बाँटा जाता है। आकार के आधार पर लघु, मध्यम एवं बड़े उद्योग होते हैं। स्वामित्व के आधार पर सार्वजनिक, निजी, संयुक्त एवं सहकारी उद्योगों की श्रेणियाँ बनती हैं। उद्योगों की स्थापना कच्चे माल, ऊर्जा, श्रम, बाजार, परिवहन और पूँजी की उपलब्धता पर निर्भर करती है।
भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में मुंबई-पुणे क्षेत्र, अहमदाबाद-वडोदरा क्षेत्र, छोटानागपुर (कोलकाता-बोकारो) क्षेत्र, दिल्ली-गाजियाबाद क्षेत्र, चेन्नई-बेंगलुरु क्षेत्र तथा पश्चिम बंगाल का हुगली क्षेत्र प्रमुख हैं। सूती वस्त्र उद्योग भारत का सबसे पुराना आधुनिक उद्योग है, जिसका केंद्र प्रारंभ में अहमदाबाद और मुंबई रहे, जबकि जूट उद्योग हुगली नदी के किनारे (पश्चिम बंगाल) केंद्रित है। भारत का इस्पात उद्योग छोटानागपुर क्षेत्र में स्थित है, जहाँ कोयला और लौह-अयस्क दोनों सुलभ हैं। आधुनिक युग में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) उद्योग बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और नोएडा में तेजी से विकसित हुआ है।
परिवहन देश की जीवन रेखा है, जो कच्चे माल, उत्पादों और जनता को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाता है। भारत में परिवहन के मुख्य साधन सड़क, रेल, वायु, जल एवं पाइपलाइन हैं। भारतीय रेलवे एशिया की सबसे बड़ी एवं विश्व की चौथी सबसे बड़ी रेल प्रणाली है। पहली यात्री रेलगाड़ी 1853 में मुंबई (बोरीबंदर) से ठाणे तक चली थी। सड़क परिवहन यात्रियों की सर्वाधिक ढुलाई करता है, जबकि रेल परिवहन माल ढुलाई में प्रमुख है। वायु परिवहन सबसे तीव्र तथा जल परिवहन सबसे सस्ता साधन है। रेलवे NTPC में उद्योग एवं परिवहन से जुड़े प्रश्न प्रचुर मात्रा में पूछे जाते हैं।
2. प्रमुख उद्योग
भारत के प्रमुख उद्योगों का विवरण निम्नलिखित है:
सूती वस्त्र उद्योग: भारत का सबसे पुराना आधुनिक उद्योग; प्रमुख केंद्र—अहमदाबाद (मैनचेस्टर ऑफ इंडिया), मुंबई, कोयंबटूर, सूरत, कानपुर। गुजरात एवं महाराष्ट्र इस उद्योग में अग्रणी हैं। कपास की अधिक उपलब्धता के कारण यह क्षेत्र सूती वस्त्र का प्रमुख केंद्र है।
जूट उद्योग: हुगली नदी के किनारे पश्चिम बंगाल में केंद्रित; कोलकाता विश्व का जूट का सबसे बड़ा बाजार। भारत जूट उत्पादन में विश्व में अग्रणी है।
इस्पात उद्योग (लौह-इस्पात): प्रमुख संयंत्र—जमशेदपुर (TISCO/टाटा स्टील, भारत का सबसे पुराना आधुनिक संयंत्र), भिलाई, बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर, विशाखापत्तनम (Vizag Steel), सलेम। इनमें से भिलाई एवं बोकारो सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख संयंत्र हैं। जमशेदपुर को 'भारत की इस्पात नगरी' कहते हैं।
एल्युमिनियम उद्योग: बॉक्साइट के आधार पर; प्रमुख केंद्र—कोरबा (छत्तीसगढ़), रेनुकूट (उत्तर प्रदेश), मुरी (झारखंड), अलीपुरद्वार।
ऑटोमोबाइल उद्योग: प्रमुख केंद्र—चेन्नई (भारत की डेट्रॉयट), गुरुग्राम, पुणे, पीथमपुर; मारुति, टाटा, महिंद्रा प्रमुख कंपनियाँ।
सूचना प्रौद्योगिकी (IT) उद्योग: बेंगलुरु (भारत की सिलिकॉन वैली), हैदराबाद (साइबराबाद), पुणे, नोएडा, चेन्नई।
चीनी उद्योग: गन्ना आधारित; प्रमुख राज्य—उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक; भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है।
फार्मास्युटिकल उद्योग: भारत विश्व में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक; प्रमुख केंद्र—हैदराबाद, अहमदाबाद, बेंगलुरु, मुंबई।
उद्योगों की स्थापना के कारक (Locational Factors) निम्न हैं:
कच्चे माल की उपलब्धता तथा उसकी प्रकृति (भारी एवं कम मूल्यवान कच्चा माल उद्योग के पास स्थित होना चाहिए)।
ऊर्जा (विद्युत, कोयला) की आपूर्ति।
श्रम की उपलब्धता तथा बाजार (उपभोक्ताओं) की निकटता।
परिवहन एवं संचार सुविधाएँ।
सरकारी नीतियाँ, कर प्रोत्साहन तथा बुनियादी ढाँचा।
3. परिवहन के साधन
भारत के परिवहन साधनों का विवरण निम्नलिखित है:
सड़क परिवहन: भारत में यात्री ढुलाई का सबसे बड़ा साधन। राष्ट्रीय राजमार्गों में NH-44 (श्रीनगर से कन्याकुमारी) सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है। गोल्डन क्वाड्रिलेटरल परियोजना चार महानगरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता) को जोड़ती है। 'पहाड़ी राज्यों के लिए पहली प्राथमिकता' के रूप में सड़कें विकसित की जा रही हैं।
रेल परिवहन: 1853 में पहली रेल (मुंबई-ठाणे, 34 किमी)। सबसे लंबा रेल मार्ग डिब्रूगढ़-कन्याकुमारी (विवेक एक्सप्रेस, लगभग 4,286 किमी) है। शताब्दी एक्सप्रेस (1988, नई दिल्ली-झांसी) भारत की पहली शताब्दी ट्रेन है। भारतीय रेलवे के कुल 18 मंडल हैं, जिनमें उत्तर रेलवे का मुख्यालय नई दिल्ली में है। कोयला और लौह-अयस्क रेल द्वारा ढोए जाने वाले प्रमुख माल हैं।
वायु परिवहन: सबसे तीव्र परिवहन साधन; प्रमुख हवाई अड्डे—इंदिरा गांधी (दिल्ली), छत्रपति शिवाजी (मुंबई), केम्पेगौड़ा (बेंगलुरु), चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद। भारत में पहली निजी एयरलाइन वातानुकूलित ढाँचे में विकसित हुई।
जल परिवहन: सबसे सस्ता साधन; प्रमुख बंदरगाह—मुंबई (भारत का सबसे बड़ा प्राकृतिक बंदरगाह), कांडला (गुजरात), विशाखापत्तनम (सबसे गहरा), कोलकाता (नदीय बंदरगाह), चेन्नई (कृत्रिम बंदरगाह), कोच्चि (प्राकृतिक), पारादीप (ओडिशा), न्यू मैंगलोर। भारत के आंतरिक जल मार्गों में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा: हल्दिया-इलाहाबाद) सबसे लंबा है।
पाइपलाइन परिवहन: तेल एवं गैस परिवहन का प्रमुख साधन; हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ) गैस पाइपलाइन देश की सबसे लंबी गैस पाइपलाइन है।
भारत में परिवहन से संबंधित कुछ विशेष तथ्य:
भारतीय रेलवे में सबसे तेज़ ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस है।
पालक्काड़ दर्रा रेल एवं सड़क द्वारा केरल-तमिलनाडु को जोड़ता है।
पीर पंजाल रेल सुरंग (पीर पंजाल रेलवे टनल) भारत की सबसे लंबी रेल सुरंग (11.2 किमी) है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर ब्रिज (भारत का सबसे लंबा पुल) गंगा पर स्थित है।
स्वर्ण चतुर्भुज परियोजना राष्ट्रीय राजमार्गों को चौड़ा करती है।
4. बंदरगाह, हवाई अड्डे और महत्वपूर्ण तथ्य
भारत के प्रमुख बंदरगाहों का विवरण:
पश्चिमी तट के बंदरगाह: कांडला (दीनदयाल), मुंबई, जवाहरलाल नेहरू (न्हावा शेवा), मर्मगोआ (गोवा), न्यू मैंगलोर (कर्नाटक), कोच्चि (केरल)।
पूर्वी तट के बंदरगाह: कोलकाता (हल्दिया), पारादीप (ओडिशा), विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश), चेन्नई (तमिलनाडु), तूतीकोरिन (तमिलनाडु)।
मुंबई बंदरगाह: भारत का सबसे बड़ा प्राकृतिक बंदरगाह तथा सर्वाधिक माल-ढुलाई वाला।
कांडला: भारत का सबसे बड़ा ज्वारीय बंदरगाह, गुजरात।
विशाखापत्तनम: भारत का सबसे गहरा बंदरगाह, आंध्र प्रदेश।
चेन्नई: भारत का सबसे पुराना कृत्रिम बंदरगाह।
कोच्चि: प्राकृतिक बंदरगाह, केरल; शिपयार्ड के लिए प्रसिद्ध।
हवाई अड्डों में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (दिल्ली) भारत का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है। भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा नई दिल्ली माना जाता है। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह है। विशेष तथ्यों में यह ध्यान रखें कि भारत में कुल 12 प्रमुख बंदरगाह (प्रमुख पोर्ट) हैं तथा सैकड़ों लघु बंदरगाह हैं। रेलवे की दृष्टि से कोलकाता भारत का पहला रेलवे स्टेशन क्षेत्र है तथा भारतीय रेलवे का मुख्यालय नई दिल्ली में है।
5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1
उद्योग
प्रमुख केंद्र
विशेषता
सूती वस्त्र
अहमदाबाद, मुंबई
सबसे पुराना आधुनिक उद्योग
जूट
हुगली, कोलकाता
विश्व में जूट में अग्रणी
इस्पात
जमशेदपुर, भिलाई, बोकारो
टाटा स्टील सबसे पुराना
चीनी
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र
दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक
IT
बेंगलुरु, हैदराबाद
सिलिकॉन वैली ऑफ इंडिया
तालिका 2
परिवहन
महत्वपूर्ण तथ्य
सड़क
NH-44 सबसे लंबा राजमार्ग
रेल
1853 में पहली रेल, डिब्रूगढ़-कन्याकुमारी सबसे लंबा मार्ग
वायु
दिल्ली का IGI सबसे व्यस्त हवाई अड्डा
जल
मुंबई सबसे बड़ा प्राकृतिक बंदरगाह
पाइपलाइन
HVJ सबसे लंबी गैस पाइपलाइन
6. माइंड मैप
flowchart TD
A[उद्योग और परिवहन] --> B[कृषि आधारित उद्योग]
B --> B1[सूती वस्त्र अहमदाबाद]
B --> B2[जूट हुगली]
B --> B3[चीनी उत्तर प्रदेश]
A --> C[खनिज आधारित उद्योग]
C --> C1[इस्पात जमशेदपुर]
C --> C2[एल्युमिनियम कोरबा]
C --> C3[सीमेंट सतना]
A --> D[उन्नत उद्योग]
D --> D1[IT बेंगलुरु]
D --> D2[ऑटो चेन्नई]
D --> D3[फार्मा हैदराबाद]
A --> E[सड़क परिवहन]
E --> E1[NH-44]
E --> E2[गोल्डन क्वाड्रिलेटरल]
A --> F[रेल परिवहन]
F --> F1[1853 पहली रेल]
F --> F2[विवेक एक्सप्रेस सबसे लंबा मार्ग]
A --> G[जल परिवहन]
G --> G1[मुंबई बंदरगाह]
G --> G2[विशाखापत्तनम गहरा]
7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
8. सामान्य गलतियाँ
गलती: जूट उद्योग का केंद्र कोलकाता शहर मात्र बताना। जूट उद्योग हुगली नदी के किनारे समूचे क्षेत्र में फैला है, जिसका केंद्र कोलकाता है।
गलती: भारत का सबसे पुराना इस्पात संयंत्र भिलाई बताना। सबसे पुराना आधुनिक इस्पात संयंत्र जमशेदपुर (टाटा स्टील) है।
गलती: चेन्नई को प्राकृतिक बंदरगाह बताना। चेन्नई भारत का सबसे पुराना कृत्रिम बंदरगाह है।
गलती: सबसे लंबा रेल मार्ग शताब्दी एक्सप्रेस बताना। सबसे लंबा रेल मार्ग विवेक एक्सप्रेस (डिब्रूगढ़-कन्याकुमारी) है; शताब्दी पहली शताब्दी-ट्रेन है, मार्ग नहीं।
गलती: मुंबई को कृत्रिम बंदरगाह बताना। मुंबई भारत का सबसे बड़ा प्राकृतिक बंदरगाह है।
गलती: NH-44 को दिल्ली-मुंबई मार्ग बताना। NH-44 श्रीनगर से कन्याकुमारी तक भारत का सबसे लंबा राजमार्ग है।
गलती: पहली रेलगाड़ी को दिल्ली-आगरा मार्ग बताना। पहली यात्री रेल 1853 में मुंबई-ठाणे (34 किमी) के बीच चली थी।
9. परीक्षा युक्तियाँ
उद्योगों को 'उद्योग + मुख्य केंद्र + कच्चा माल' के त्रिक में याद रखें।
बंदरगाहों के विशेषण (सबसे बड़ा, गहरा, कृत्रिम, नदीय) को उनके नामों के साथ स्मरण करें।
रेलवे के प्रथम (1853, पहली शताब्दी-ट्रेन 1988) और सबसे लंबे मार्ग को विशेष रूप से दोहराएँ।
'यात्री-सड़क, माल-रेल, सस्ता-जल, तीव्र-वायु' के सूत्र को याद रखें।
NH-44, गोल्डन क्वाड्रिलेटरल तथा HVJ पाइपलाइन जैसे विशेष परियोजनाओं को स्मरण रखें।
इनकी संख्या (12 प्रमुख बंदरगाह, 18 रेल मंडल) तथा मुख्यालयों (रेल मुख्यालय-नई दिल्ली) पर ध्यान दें।
10. निष्कर्ष
उद्योग एवं परिवहन किसी भी देश के आर्थिक विकास के दो अन्योन्याश्रित स्तंभ हैं—उद्योगों को कच्चा माल पहुँचाने के लिए सुचारु परिवहन आवश्यक है। भारत के कृषि-आधारित (सूती वस्त्र, जूट, चीनी) एवं खनिज-आधारित (इस्पात, सीमेंट) उद्योगों के केंद्र तथा उनके स्थानीकरण कारकों का ज्ञान इस अध्याय का मूल है। इसी प्रकार सड़क, रेल, वायु, जल एवं पाइपलाइन परिवहन की विशेषताएँ और प्रमुख बंदरगाह-हवाई अड्डे परीक्षा के प्रश्नों के स्रोत हैं। तालिकाओं और मानचित्रों के सहारे अध्ययन से स्मृति स्थायी बनती है, जिससे रेलवे NTPC में इस अध्याय में पूर्ण अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।