विषय: रेलवे NTPC – सामान्य जागरूकता (भारतीय भूगोल) अध्याय: 14.9 जनसंख्या और जनगणना विषय-वस्तु: जनसंख्या, जनगणना
जनसंख्या किसी देश के मानव संसाधन का आधार होती है, जो अर्थव्यवस्था, नीति-निर्माण तथा योजना में निर्णायक भूमिका निभाती है। भारत में जनसंख्या की गणना जनगणना (Census) के माध्यम से हर दस वर्ष में की जाती है। भारत की पहली जनगणना 1872 में हुई थी, जबकि पहली पूर्ण एवं व्यवस्थित जनगणना 1881 में की गई थी। उसके बाद से यह प्रत्येक दशक में नियमित रूप से होती रही है। जनगणना के अंतर्गत जनसंख्या का आकार, वृद्धि, लिंगानुपात, साक्षरता, घनत्व, नगरीकरण तथा जनजातीय संरचना की गणना की जाती है। 2011 की जनगणना (15वीं) के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या 121.09 करोड़ थी।
भारत की जनसंख्या की मुख्य विशेषताएँ यह हैं कि यह विश्व में दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है तथा विश्व की जनसंख्या में इसका योगदान लगभग 17.5 प्रतिशत है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या में पुरुष 62.32 करोड़ तथा महिलाएँ 58.64 करोड़ थीं। दशकीय वृद्धि दर (2001-2011) 17.64 प्रतिशत रही थी। जनसंख्या घनत्व 2011 में 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था, जो 2001 में 325 था। इन आँकड़ों का अध्ययन रेलवे NTPC के प्रश्नों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि परीक्षाओं में 2011 की जनगणना के आँकड़ों पर आधारित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।
भारत में जनसंख्या वितरण अत्यंत असमान है। उत्तरी मैदान, तटीय क्षेत्र एवं नदी घाटियों में जनसंख्या घनत्व अधिक है, जबकि हिमालयी क्षेत्र, मरुस्थल तथा घने वनों में कम है। भारत की सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य उत्तर प्रदेश है, जिसकी जनसंख्या 2011 में लगभग 19.98 करोड़ थी, जबकि सबसे कम जनसंख्या वाला राज्य सिक्किम है। भारत की अधिकांश जनसंख्या (लगभग 68.84 प्रतिशत) ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है तथा लगभग 31.16 प्रतिशत जनसंख्या शहरी क्षेत्रों में रहती है। जनसंख्या के इन पहलुओं का अध्ययन जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) कहलाता है।
जनगणना 2011 के प्रमुख आँकड़ों का विवरण निम्नलिखित है:
भारत में जनगणना केंद्र सरकार द्वारा जनगणना आयुक्तालय के अंतर्गत की जाती है। जनगणना के आँकड़ों से ही लोकसभा एवं विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्सीमांकन, आरक्षण, योजना निर्धारण तथा सरकारी नीतियों का निर्माण किया जाता है। 2011 की जनगणना भारत की 15वीं जनगणना थी, जिसका नारा "हमारी जनगणना, हमारा भविष्य" था। जनगणना 2021 को कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था।
भारत में जनसंख्या वितरण को निम्न बिंदुओं से समझा जा सकता है:
भारत में नगरीकरण की गति निरंतर बढ़ रही है। 2011 की जनगणना में भारत की शहरी जनसंख्या 37.71 करोड़ (31.16 प्रतिशत) थी। महानगरीय क्षेत्रों में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद प्रमुख हैं। शहरी जनसंख्या का उच्चतम प्रतिशत गोवा में है, जबकि न्यूनतम प्रतिशत हिमाचल प्रदेश में। जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारकों में भौतिक (जलवायु, मिट्टी, स्थलाकृति), आर्थिक (कृषि, उद्योग, खनिज) तथा सामाजिक-ऐतिहासिक कारक शामिल हैं। असम, केरल, मेघालय जैसे राज्यों में प्रवास (माइग्रेशन) के कारण जनसंख्या में परिवर्तन होता है।
जनसंख्या के संरचनात्मक पहलुओं में कार्यशील जनसंख्या का विश्लेषण भी महत्वपूर्ण है। 2011 में भारत की कुल कार्यशील जनसंख्या लगभग 48 करोड़ थी, जिसमें कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक कार्यबल कार्यरत है। आयु संरचना में 15-59 वर्ष के कार्यशील वर्ग का अनुपात बढ़ रहा है, जिसे 'जनसांख्यिकीय लाभांश' (Demographic Dividend) कहा जाता है। भारत की औसत आयु विश्व की तुलना में कम होने से श्रम बल युवा है, जो देश के विकास के लिए अवसर प्रदान करता है।
भारत की जनगणना की मुख्य विशेषताएँ निम्न हैं:
लिंगानुपात की दृष्टि से भारत के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:
साक्षरता में पुरुष-महिला अंतर धीरे-धीरे कम हो रहा है, फिर भी महिला साक्षरता (65.46 प्रतिशत) पुरुष साक्षरता (82.14 प्रतिशत) से काफी पीछे है। जनसंख्या नियंत्रण के लिए भारत में राष्ट्रीय जनसंख्या नीति-2000, परिवार नियोजन कार्यक्रम तथा मिशन परिवार विकास जैसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। कुल प्रजनन दर (TFR) घटकर लगभग 2.0 तक पहुँच गई है, जो जनसंख्या स्थिरीकरण का संकेत है।
| जनगणना 2011 का सूचक | आँकड़ा |
|---|---|
| कुल जनसंख्या | 121.09 करोड़ |
| दशकीय वृद्धि दर | 17.64 प्रतिशत |
| जनसंख्या घनत्व | 382 प्रति वर्ग किमी |
| लिंगानुपात | 943 |
| साक्षरता दर | 74.04 प्रतिशत |
| नगरीय जनसंख्या | 31.16 प्रतिशत |
| राज्य/क्षेत्र | आँकड़ा |
|---|---|
| सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य | उत्तर प्रदेश (19.98 करोड़) |
| सबसे कम जनसंख्या वाला राज्य | सिक्किम (6.11 लाख) |
| सर्वाधिक घनत्व (राज्य) | बिहार (1,106) |
| सर्वाधिक घनत्व (क्षेत्र) | दिल्ली (11,320) |
| सर्वाधिक साक्षरता वाला राज्य | केरल (94 प्रतिशत) |
| सर्वाधिक लिंगानुपात वाला राज्य | केरल (1,084) |
| न्यूनतम लिंगानुपात वाला राज्य | हरियाणा (879) |
flowchart TD
A[जनसंख्या और जनगणना] --> B[जनगणना 2011]
B --> B1[कुल 121.09 करोड़]
B --> B2[घनत्व 382]
B --> B3[साक्षरता 74.04 प्रतिशत]
B --> B4[लिंगानुपात 943]
A --> C[जनसंख्या वितरण]
C --> C1[अधिक उत्तर प्रदेश]
C --> C2[कम सिक्किम]
C --> C3[घनत्व अधिक बिहार]
C --> C4[घनत्व कम अरुणाचल]
A --> D[राज्य-विशेष आँकड़े]
D --> D1[साक्षरता केरल]
D --> D2[लिंगानुपात हरियाणा न्यून]
D --> D3[नगरीकरण गोवा उच्च]
A --> E[प्रवास एवं कार्यशीलता]
E --> E1[कार्यशील जनसंख्या]
E --> E2[जनसांख्यिकीय लाभांश]
A --> F[जनसंख्या नीति]
F --> F1[राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000]
F --> F2[मिशन परिवार विकास]
जनसंख्या एवं जनगणना भारत की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का दर्पण है। जनगणना 2011 के आँकड़े—जनसंख्या, घनत्व, लिंगानुपात, साक्षरता तथा नगरीकरण—सरकारी नीतियों और योजनाओं का आधार हैं। राज्यों के चरम आँकड़ों तथा जनगणना के ऐतिहासिक तथ्यों का ज्ञान परीक्षा में निर्णायक सिद्ध होता है। जनसंख्या वितरण के कारकों और जनसांख्यिकीय संरचना को समझना भी अनिवार्य है। तालिकाओं और स्मरण सूत्रों के सहारे इस अध्याय में दक्षता प्राप्त कर रेलवे NTPC में सामान्य जागरूकता के अंक सुरक्षित किए जा सकते हैं।