विषय: रेलवे NTPC – सामान्य जागरूकता (मध्यकालीन भारतीय इतिहास)
अध्याय: 12.2 मुगल साम्राज्य
विषय-वस्तु: बाबर से औरंगजेब, मुगल प्रशासन
1. परिचय
मुगल साम्राज्य भारतीय इतिहास के मध्यकाल का सबसे विशाल और भव्य साम्राज्य था, जिसकी स्थापना 1526 में बाबर ने पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को पराजित कर की। यह साम्राज्य सन् 1526 से 1857 तक विभिन्न रूपों में विद्यमान रहा, परंतु इसकी वास्तविक महानता बाबर से औरंगजेब तक के छह महान शासकों के काल में रही। तुर्की और मंगोल रक्त मिश्रण के कारण इन्हें मुगल कहा गया। बाबर की वंशावली चंगेज़ खान (माता की ओर) और तैमूर (पिता की ओर) से जुड़ती थी।
मुगल साम्राज्य को पूर्ण विकसित रूप अकबर के शासनकाल (1556–1605) में मिला। अकबर ने सुलह-ए-कुल अर्थात सर्वधर्म सहिष्णुता की नीति अपनाई, मनसबदारी प्रणाली का प्रारंभ किया तथा राजपूतों के सहयोग से उत्तर भारत का व्यापक एकीकरण किया। शाहजहाँ के काल में वास्तुकला का स्वर्ण युग आया, जिसके दौरान ताजमहल और लाल किला जैसे अमर स्मारक बने। इसके विपरीत औरंगजेब का शासनकाल कट्टरता, लंबे दक्कन अभियानों तथा मराठों के साथ निरंतर संघर्ष के कारण मुगल शक्ति के पतन का कारण बना।
रेलवे NTPC परीक्षा में मुगल अध्याय से शासकों का कालक्रम, युद्ध, स्मारक, प्रशासनिक पद और राजस्व व्यवस्था से संबंधित प्रश्न बड़ी संख्या में पूछे जाते हैं। बाबर, हुमायूँ, शेर शाह, अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब की तिथियों तथा उपलब्धियों को क्रमबद्ध रखना अनिवार्य है। मनसबदारी, ज़ब्ती और जागीर जैसी प्रशासनिक प्रणालियों की स्पष्ट समझ इस अध्याय में उच्च अंक दिला सकती है।
2. बाबर, हुमायूँ और शेर शाह सूरी (1526–1556)
बाबर (1526–1530) मुगल साम्राज्य का संस्थापक था। उसने 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को, 1527 में खानवा की लड़ाई में राणा सांगा को, 1528 में चंदेरी और 1529 में घाघरा के युद्ध में अफगानों को पराजित किया। उसने तोपखाने का प्रभावी उपयोग किया तथा "तुलुग़मा" नामक युद्धनीति अपनाई। उसकी आत्मकथा "तुजुक-ए-बाबरी" तुर्की भाषा में लिखी गई, जिसका अनुवाद अब्दुर्रहीम खानखाना ने फारसी में किया।
हुमायूँ (1530–1540, 1555–1556): बाबर का पुत्र। शेर शाह से चौसा (1539) और कन्नौज (1540) में पराजित होकर लगभग पंद्रह वर्ष निर्वासन में रहा। 1555 में ईरान की सहायता से उसने पुनः दिल्ली प्राप्त की। 1556 में दीनपनाह पुस्तकालय की सीढ़ियों से गिरने के कारण उसकी मृत्यु हुई।
शेर शाह सूरी (1540–1545): सूर वंश का संस्थापक। उसने ग्रैंड ट्रंक रोड (सड़क-ए-आज़म) का निर्माण कराया, रुपया सिक्का चलाया तथा डाक व्यवस्था और भू-राजस्व सुधार लागू किए। उसकी राजस्व व्यवस्था को टोडरमल ने आगे विकसित किया। कलिंजर की घेराबंदी के दौरान 1545 में उसकी मृत्यु हुई। उसका मकबरा सासाराम (बिहार) में है।
शेर शाह के शासनकाल में सिक्कों, किलों, सरायों और सड़कों का व्यवस्थित विकास हुआ। उसने प्रशासनिक दक्षता के लिए केंद्रीय नियंत्रण मजबूत किया।
त्वरित तथ्य: बाबर को 'काबुल का बाज़' भी कहा जाता है। हुमायूँ ने दीनपनाह नगर की स्थापना की। शेर शाह ने पटना नगर की स्थापना भी की।
3. अकबर और जहाँगीर (1556–1627)
अकबर (1556–1605) मुगल साम्राज्य का सबसे महान शासक था। 1556 में पानीपत की दूसरी लड़ाई में उसने हेमू को पराजित किया। प्रारंभ में बैरम खान ने संरक्षक के रूप में कार्य किया, परंतु 1560 में अकबर ने स्वयं सत्ता संभाली। उसने राजपूतों से विवाह संबंध बनाकर राजपूत नीति अपनाई। मेवाड़ के राणा प्रताप से 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध हुआ। अकबर ने 1575 में इबादत खाना, 1582 में दीन-ए-इलाही की स्थापना की तथा सुलह-ए-कुल की नीति अपनाई।
अकबर की प्रमुख उपलब्धियाँ: फतेहपुर सीकरी की स्थापना (1571) और बुलंद दरवाजा (गुजरात विजय 1573 की स्मृति में), आगरा किले का निर्माण, मनसबदारी प्रणाली का प्रारंभ, टोडरमल द्वारा ज़ब्ती (दहशला) राजस्व व्यवस्था, इलाही पंचांग और इलाही संवत।
उसके दरबार के नवरत्न: बीरबल, तानसेन, अबुल फजल, फैजी, राजा मान सिंह, राजा टोडरमल, अब्दुल रहीम खानखाना, फकीर अजियो दीन और मुल्ला दो पियाज़ा।
अकबर ने 1568 में चित्तौड़गढ़ पर विजय प्राप्त की। उसने मेवाड़ के अमरसिंह से 1615 में शांति संधि की। अकबर के काल में धार्मिक सहिष्णुता के लिए इबादत खाना में बहुधार्मिक चर्चाएँ होती थीं।
जहाँगीर (1605–1627): अकबर का पुत्र सलीम, जिसने नूरुद्दीन मुहम्मद जहाँगीर की उपाधि धारण की। उसने 1611 में नूरजहाँ से विवाह किया, जिसके बाद नूरजहाँ का प्रशासन में प्रभाव बढ़ा। उसने सिक्ख गुरु अर्जुन देव की हत्या करवाई, मेवाड़ के अमरसिंह से संधि की (1615) तथा 1620 में कंगरा का किला जीता।
जहाँगीर ने न्याय के लिए सोने की जंजीर लगवाई और अंग्रेज़ राजदूत सर टॉमस रो (1615) ने उसके दरबार का दौरा किया। उसका दरबारी चित्रकार उस्ताद मंसूर प्रसिद्ध था। जहाँगीर का मकबरा लाहौर के शाहदरा में है।
त्वरित तथ्य: जहाँगीर ने मलिक अंबर से संघर्ष किया। हुमायूँ का मकबरा उसकी बेगम हमीदा बानो ने दिल्ली में बनवाया। अकबर का मकबरा आगरा के सिकंदरा में है।
4. शाहजहाँ और औरंगजेब तथा मुगल प्रशासन (1628–1707)
शाहजहाँ (1628–1658) मुगल वास्तुकला का स्वर्ण युग माना जाता है। उसने मुमताज महल की स्मृति में ताजमहल (1631–1653) का निर्माण कराया, दिल्ली में लाल किला (1639–1648) और जामा मस्जिद (1656) बनवाई। आगरा में मोती मस्जिद तथा कश्मीर में शालीमार और निशात बाग का निर्माण उसी के काल में हुआ। उसके शासन में विजापुर और गोलकुंडा के विरुद्ध अभियान चलाए गए। उसके पुत्र औरंगजेब ने 1658 में उसे कैद कर सत्ता प्राप्त की, और उसकी मृत्यु 1666 में आगरा के किले में हुई।
औरंगजेब (1658–1707): उसने 'आलमगीर' की उपाधि धारण की। उसने 1679 में हिंदुओं पर जजिया कर फिर लगाया, सती प्रथा, शराब और संगीत पर प्रतिबंध लगाया। उसने कानून संग्रह 'फतवा-ए-आलमगीरी' तैयार कराया। उसने बीजापुर (1686) और गोलकुंडा (1687) पर विजय प्राप्त की तथा 1682 के बाद से दक्कन में लंबे अभियानों में लगा रहा। मराठों के विरुद्ध अंतहीन युद्धों से राजकोष कमजोर हुआ। 1707 में अहमदनगर में उसकी मृत्यु हुई।
मुगल प्रशासन: मुगल साम्राज्य में केंद्रीय सत्ता के अंतर्गत मनसबदारी प्रणाली थी, जिसमें हर अधिकारी को ज़ात और सवार के पद दिए जाते थे। राजस्व विभाग का प्रमुख दीवान, सेना विभाग का प्रमुख मीरबख्शी तथा घरेलू प्रशासन का प्रमुख खान-ए-सामान होता था।
साम्राज्य को सूबों (प्रांतों) में विभाजित किया गया, जिनमें सूबेदार या नवाब, दीवान, बख्शी, फौजदार और कोतवाल कार्य करते थे। भू-राजस्व का निर्धारण ज़ब्ती या दहशला व्यवस्था से होता था, जिसमें उपज का एक तिहाई कर लिया जाता था।
मुगल काल में जागीरदार राजस्व वसूली के बदले भूमि प्राप्त करते थे। कृषि के लिए पंचवर्षीय नहीं, बल्कि वार्षिक मूल्यांकन होता था। गाँवों में पटवारी और रईस राजस्व संग्रह करते थे।
त्वरित तथ्य: औरंगजेब शिवाजी के साथ सीधे संघर्ष में रहा। अकबर के काल में राजस्व मंत्री टोडरमल थे। मनसबदारों को वेतन के बदले जागीरें दी जाती थीं।
5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1: मुगल शासक और शासनकाल
शासक
शासनकाल
प्रमुख घटना
बाबर
1526–1530
पानीपत प्रथम (1526), खानवा (1527)
हुमायूँ
1530–1540, 1555–1556
चौसा और कन्नौज में पराजय
शेर शाह सूरी
1540–1545
ग्रैंड ट्रंक रोड, रुपया सिक्का
अकबर
1556–1605
दीन-ए-इलाही, मनसबदारी
जहाँगीर
1605–1627
नूरजहाँ, टॉमस रो
शाहजहाँ
1628–1658
ताजमहल, लाल किला
औरंगजेब
1658–1707
जजिया, फतवा-ए-आलमगीरी
तालिका 2: स्मारक और निर्माता
स्मारक
स्थान
निर्माता
ताजमहल
आगरा
शाहजहाँ
लाल किला
दिल्ली
शाहजहाँ
जामा मस्जिद
दिल्ली
शाहजहाँ
बुलंद दरवाजा
फतेहपुर सीकरी
अकबर
हुमायूँ का मकबरा
दिल्ली
हमीदा बानो बेगम
शेर शाह का मकबरा
सासाराम
शेर शाह सूरी
जहाँगीर का मकबरा
लाहौर
नूरजहाँ
6. माइंड मैप
flowchart TD
A[मुगल साम्राज्य 1526-1857] --> B[बाबर 1526-1530]
A --> C[हुमायूँ 1530-1556]
A --> D[अकबर 1556-1605]
A --> E[जहाँगीर 1605-1627]
A --> F[शाहजहाँ 1628-1658]
A --> G[औरंगजेब 1658-1707]
B --> B1[पानीपत 1526 विजय]
B --> B2[तुजुक-ए-बाबरी]
C --> C1[शेर शाह सूरी]
D --> D1[दीन-ए-इलाही 1582]
D --> D2[मनसबदारी प्रणाली]
D --> D3[नवरत्न]
D --> D4[ज़ब्ती राजस्व]
E --> E1[नूरजहाँ]
E --> E2[सर टॉमस रो]
F --> F1[ताजमहल]
F --> F2[लाल किला]
F --> F3[जामा मस्जिद]
G --> G1[जजिया 1679]
G --> G2[दक्कन अभियान]
G --> G3[फतवा-ए-आलमगीरी]
7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
आरेख 1: मुगल शासकों का कालक्रम
आरेख 2: मुगल प्रशासन का ढांचा
8. सामान्य गलतियाँ
गलत धारणा: मुगल साम्राज्य की स्थापना अकबर ने की। सही है कि स्थापना 1526 में बाबर ने की।
गलत धारणा: हल्दीघाटी का युद्ध शाहजहाँ के काल में हुआ। सही वर्ष 1576 है, अकबर के काल में।
गलत धारणा: ताजमहल का निर्माण 1582 में हुआ। सही समय 1631–1653, निर्माता शाहजहाँ।
गलत धारणा: जजिया औरंगजेब ने पहली बार लगाया। सही है कि औरंगजेब ने 1679 में इसे पुनः लागू किया।
गलत धारणा: 'तुजुक-ए-बाबरी' फारसी में लिखी गई। सही भाषा तुर्की है।
गलत धारणा: हुमायूँ का मकबरा शाहजहाँ ने बनवाया। सही निर्माता हमीदा बानो बेगम हैं।
गलत धारणा: मनसबदारी प्रणाली शाहजहाँ ने बनाई। सही प्रणाली अकबर ने प्रारंभ की।
9. परीक्षा युक्तियाँ
छह महान शासकों के शासनकाल (1526–1530, 1530–1556, 1556–1605, 1605–1627, 1628–1658, 1658–1707) क्रम से रट लें।
हर शासक के साथ कम से कम दो स्मारक और एक युद्ध जोड़ें।
अकबर के नवरत्नों और उनके विषय (तानसेन-संगीत, बीरबल-बुद्धि, अबुल फजल-इतिहास) का मिलान अभ्यास करें।
प्रशासनिक पदों (दीवान, मीरबख्शी, सूबेदार, कोतवाल) के कार्य अलग-अलग याद करें।
मुगल स्मारकों का निर्माता और स्थान दोनों एक साथ याद रखें।
शेर शाह और टोडरमल की राजस्व व्यवस्थाओं का तुलनात्मक अध्ययन करें।
10. निष्कर्ष
मुगल साम्राज्य भारतीय मध्यकालीन इतिहास की सबसे समृद्ध अवस्था है, जिसमें बाबर के विजय अभियानों से लेकर औरंगजेब के विस्तार तक सत्ता, संस्कृति और वास्तुकला का अभूतपूर्व विकास हुआ। मनसबदारी, ज़ब्ती और सूबेदारी जैसी प्रशासनिक व्यवस्थाओं ने साम्राज्य को संगठित रखा। रेलवे NTPC के लिए शासक-काल-स्मारक-प्रशासन का चौगुना सूत्र बनाकर इस अध्याय से प्रश्नों का उत्तर सरलता से दिया जा सकता है।