विषय: रेलवे NTPC – गणित (बीजगणित) अध्याय: 3.2 बीजीय सर्वसमिकाएँ विषय-वस्तु: सर्वसमिकाएँ, गुणनखंड
सर्वसमिका (identity) वह बीजीय समीकरण है जो चर के प्रत्येक मान के लिए सत्य होती है। रेलवे NTPC परीक्षा में सर्वसमिकाओं पर आधारित प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनकी सहायता से जटिल व्यंजकों का मान सेकंडों में ज्ञात किया जा सकता है। (a + b)², (a - b)², a² - b² जैसी मूल सर्वसमिकाएँ और उनके विस्तार, गुणनखंड करने की कला इस अध्याय का केंद्र हैं।
NTPC में अक्सर ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें x + 1/x या a² + 1/a² जैसे संयोजनों का मान दिया जाता है और व्यंजक का मान ज्ञात करना होता है। इन प्रश्नों को सीधे विस्तार करने में समय लगता है, परंतु सर्वसमिका लागू करने पर एक पंक्ति में हल हो जाते हैं। इसलिए सर्वसमिकाओं को रटने के साथ उनके उपयोग की पहचान करना भी आवश्यक है।
इस अध्याय में हम मुख्य सर्वसमिकाओं के सूत्र, उनके विस्तार, गुणनखंड करने की विधियाँ तथा शॉर्टकट तकनीकों का अभ्यास करेंगे। प्रत्येक अवधारणा के साथ हल किए गए उदाहरण दिए गए हैं जो परीक्षा के स्वरूप को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं। अंत में तालिकाएँ, माइंड मैप, आरेख, सामान्य गलतियाँ और परीक्षा युक्तियाँ प्रस्तुत हैं।
सबसे अधिक प्रयोग होने वाली सर्वसमिकाएँ निम्नलिखित हैं:
विशेष नियम: यदि a + b + c = 0 हो तो a³ + b³ + c³ = 3abc।
उदाहरण 1: (2x + 3y)² का विस्तार कीजिए।
हल: (a + b)² = a² + 2ab + b² का प्रयोग करते हैं, जहाँ a = 2x, b = 3y। (2x)² + 2(2x)(3y) + (3y)² = 4x² + 12xy + 9y²।
उदाहरण 2: (5x - 4)² का विस्तार कीजिए।
हल: (a - b)² = a² - 2ab + b² से: (5x)² - 2(5x)(4) + (4)² = 25x² - 40x + 16।
उदाहरण 3: 97 × 103 का मान सर्वसमिका से ज्ञात कीजिए।
हल: 97 × 103 = (100 - 3)(100 + 3) = 100² - 3² = 10000 - 9 = 9991।
उदाहरण 4: (x + 5)³ का विस्तार कीजिए।
हल: (a + b)³ = a³ + 3a²b + 3ab² + b³ से: x³ + 3x²(5) + 3x(25) + 125 = x³ + 15x² + 75x + 125।
उदाहरण 5: यदि x + 1/x = 5 हो तो x² + 1/x² का मान ज्ञात कीजिए।
हल: (x + 1/x)² = x² + 2 + 1/x², अतः x² + 1/x² = (x + 1/x)² - 2 = 25 - 2 = 23।
उदाहरण 6: यदि x² + 1/x² = 18 हो तो x - 1/x का मान ज्ञात कीजिए।
हल: (x - 1/x)² = x² + 1/x² - 2 = 18 - 2 = 16, अतः x - 1/x = 4।
उदाहरण 7: a³ + b³ का मान ज्ञात कीजिए जब a + b = 5 तथा ab = 6।
हल: a³ + b³ = (a + b)³ - 3ab(a + b) = 125 - 3 × 6 × 5 = 125 - 90 = 35।
गुणनखंड का अर्थ है किसी व्यंजक को दो या अधिक सरल व्यंजकों के गुणनफल के रूप में लिखना। सर्वसमिकाओं की सहायता से गुणनखंड आसानी से किए जा सकते हैं।
मुख्य विधियाँ: 1. उभयनिष्ठ गुणनखंड निकालना: सभी पदों में से समान भाग बाहर निकालें, जैसे 6x² + 4x = 2x(3x + 2)। 2. a² - b² के रूप में: x² - 25 = (x + 5)(x - 5)। 3. द्विघात त्रिपदी के रूप में: x² + 5x + 6 में ऐसी दो संख्याएँ खोजें जिनका योग 5 और गुणनफल 6 हो, अर्थात 2 और 3। अतः x² + 5x + 6 = (x + 2)(x + 3)। 4. पूर्ण वर्ग के रूप में: x² + 6x + 9 = (x + 3)²। 5. घनों के योग/अंतर के रूप में: x³ + 8 = (x + 2)(x² - 2x + 4), x³ - 27 = (x - 3)(x² + 3x + 9)।
उदाहरण 8: x² - 81 का गुणनखंड कीजिए।
हल: x² - 81 = (x)² - (9)² = (x + 9)(x - 9)।
उदाहरण 9: x² + 8x + 15 का गुणनखंड कीजिए।
हल: ऐसी दो संख्याएँ जिनका योग 8 और गुणनफल 15 हो: 3 और 5। अतः x² + 8x + 15 = (x + 3)(x + 5)।
उदाहरण 10: 4x² - 12x + 9 का गुणनखंड कीजिए।
हल: 4x² - 12x + 9 = (2x)² - 2(2x)(3) + 3² = (2x - 3)²।
उदाहरण 11: x³ - 125 का गुणनखंड कीजिए।
हल: x³ - 125 = x³ - 5³ = (x - 5)(x² + 5x + 25)।
उदाहरण 12: 27a³ + 8b³ का गुणनखंड कीजिए।
हल: 27a³ + 8b³ = (3a)³ + (2b)³ = (3a + 2b)(9a² - 6ab + 4b²)।
उदाहरण 13: यदि a + b + c = 0 हो तो a³ + b³ + c³ का मान क्या होगा?
हल: विशेष नियम से a³ + b³ + c³ = 3abc।
NTPC में सर्वसमिकाओं का प्रयोग अक्सर मान ज्ञात करने, संख्यात्मक गणना तेज करने तथा भिन्नों और करणियों को सरल करने में होता है।
उदाहरण 14: 105² का मान ज्ञात कीजिए।
हल: 105² = (100 + 5)² = 100² + 2 × 100 × 5 + 5² = 10000 + 1000 + 25 = 11025।
उदाहरण 15: 99² का मान ज्ञात कीजिए।
हल: 99² = (100 - 1)² = 10000 - 200 + 1 = 9801।
उदाहरण 16: (3 + √2)² का मान ज्ञात कीजिए।
हल: (3 + √2)² = 9 + 2 × 3 × √2 + 2 = 11 + 6√2।
उदाहरण 17: (x + y)² - (x - y)² का मान ज्ञात कीजिए।
हल: (x + y)² - (x - y)² = (x² + 2xy + y²) - (x² - 2xy + y²) = 4xy।
उदाहरण 18: यदि x + y = 7 और xy = 10 हो तो x² + y² का मान ज्ञात कीजिए।
हल: x² + y² = (x + y)² - 2xy = 49 - 20 = 29।
उदाहरण 19: 1001 × 999 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: 1001 × 999 = (1000 + 1)(1000 - 1) = 1000² - 1² = 1000000 - 1 = 999999।
उदाहरण 20: यदि a² + b² + c² = 29 तथा ab + bc + ca = 26 हो तो (a + b + c)² का मान ज्ञात कीजिए।
हल: (a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca) = 29 + 52 = 81।
| सर्वसमिका | विस्तार/रूप |
|---|---|
| (a + b)² | a² + 2ab + b² |
| (a - b)² | a² - 2ab + b² |
| a² - b² | (a + b)(a - b) |
| (a + b)³ | a³ + 3a²b + 3ab² + b³ |
| (a - b)³ | a³ - 3a²b + 3ab² - b³ |
| a³ + b³ | (a + b)(a² - ab + b²) |
| a³ - b³ | (a - b)(a² + ab + b²) |
| a³ + b³ + c³ - 3abc | (a + b + c)(a² + b² + c² - ab - bc - ca) |
| दिया गया | प्रयुक्त सूत्र | परिणाम |
|---|---|---|
| x + 1/x = k | x² + 1/x² = k² - 2 | k² - 2 |
| x - 1/x = k | x² + 1/x² = k² + 2 | k² + 2 |
| a + b = s, ab = p | a² + b² = s² - 2p | s² - 2p |
| a + b = s, ab = p | a³ + b³ = s³ - 3ps | s³ - 3ps |
| (x + y)² - (x - y)² | सर्वसमिका अंतर | 4xy |
| a + b + c = 0 | a³ + b³ + c³ | 3abc |
flowchart TD
A[बीजीय सर्वसमिकाएँ] --> B[मूल सर्वसमिकाएँ]
A --> C[गुणनखंड]
A --> D[अनुप्रयोग]
B --> E[द्विपदी के वर्ग]
B --> F[घन के विस्तार]
B --> G[a² - b²]
E --> H[(a + b)² = a² + 2ab + b²]
E --> I[(a - b)² = a² - 2ab + b²]
F --> J[(a + b)³ का विस्तार]
C --> K[उभयनिष्ठ गुणनखंड]
C --> L[त्रिपदी गुणनखंड]
D --> M[संख्यात्मक गणना]
D --> N[x + 1/x के मान]
M --> O[105², 99² जैसे वर्ग]
N --> P[x² + 1/x² = k² - 2]
L --> Q[योग और गुणनफल वाली संख्याएँ]
बीजीय सर्वसमिकाएँ NTPC गणित के सबसे अंकदायी विषयों में से एक हैं। मूल आठ सर्वसमिकाओं और उनके गुणनखंड रूपों की पकड़ बना लेने पर मान ज्ञात करने, गुणनखंड करने तथा जटिल व्यंजकों को सरल करने वाले अधिकांश प्रश्न शीघ्र हल हो जाते हैं। दैनिक अभ्यास, सूत्रों की लिखित पुनरावृत्ति तथा गलतियों का विश्लेषण करने से इस अध्याय में पूर्ण अंक प्राप्त करना संभव है।