विषय: रेलवे NTPC – गणित (अंकगणित) अध्याय: 2.11 आयु संबंधी प्रश्न विषय-वस्तु: आयु समीकरण, अनुपात विधि
आयु संबंधी प्रश्न अंकगणित का एक ऐसा अध्याय है जिसमें दो या अधिक व्यक्तियों की वर्तमान, भूतकाल या भविष्य की आयु के बीच के संबंधों को रैखिक समीकरणों या अनुपात के रूप में व्यक्त करके हल किया जाता है। रेलवे NTPC की परीक्षा में यह अध्याय बहुत लोकप्रिय है और प्रतिवर्ष इससे एक से तीन प्रश्न पूछे जाते हैं। इस अध्याय की विशेषता यह है कि प्रश्न पढ़ने में कठिन लगते हैं, परंतु विधि समझने के बाद हल करना अत्यंत सरल हो जाता है।
इस अध्याय की मूल अवधारणा यह है कि हर व्यक्ति की आयु में प्रति वर्ष समान (एक वर्ष) वृद्धि होती है। अतः दो व्यक्तियों की आयु का अंतर हमेशा स्थिर रहता है। इस स्थिर अंतर के आधार पर भूतकाल, वर्तमान और भविष्य की आयुओं में संबंध स्थापित किया जाता है। यदि किसी वर्ष पूर्व किसी की आयु x थी, तो वर्तमान में वह (x + कुछ वर्ष) होगी और भविष्य में उससे और बढ़ जाएगी।
इस अध्याय में दो मुख्य विधियाँ प्रयोग की जाती हैं। पहली विधि समीकरण विधि है, जिसमें प्रश्न में दी गई शर्तों के आधार पर वर्तमान आयुओं को x, y मानकर रैखिक समीकरण बनाए जाते हैं। दूसरी विधि अनुपात विधि है, जिसमें आयुओं के अनुपात और उनके अंतर की सहायता से सीधे आयु निकाली जाती है। परीक्षा में जो भी प्रश्न आए, वर्तमान आयु को चर मानकर शुरू करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
मूल सिद्धांत: वर्तमान आयु को चर (x, y) मानें। प्रश्न के वाक्यों को समीकरणों में परिवर्तित करें। किसी व्यक्ति की n वर्ष बाद की आयु = वर्तमान आयु + n, और n वर्ष पहले की आयु = वर्तमान आयु − n। इस प्रकार बने समीकरणों को हल करके आयु ज्ञात की जाती है।
भूतकाल और भविष्य की शर्तें: जब प्रश्न में पूर्व की तुलना दी हो, तो दोनों पक्षों से समान वर्ष घटाएं; भविष्य की तुलना में समान वर्ष जोड़ें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी भी समय दोनों व्यक्तियों की आयु में समान वृद्धि होती है।
दो चर वाले समीकरण: कुछ प्रश्नों में दो अज्ञात आयुएँ दी होती हैं, जिनके लिए दो स्वतंत्र समीकरण बनाकर निकालना पड़ता है। समीकरण बनाते समय वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़ें, विशेषकर "से अधिक", "से कम", "का अनुपात", "गुना" जैसे शब्दों पर।
योग और अंतर वाले प्रश्न: जब दो व्यक्तियों की आयु का योग और उनके अनुपात दिए हों, तो अनुपात के भागों में योग को बांटकर सीधे आयु निकाली जाती है। उदाहरण के लिए यदि A : B = 2 : 3 और योग = 50, तो A = 50 × 2/5 = 20, B = 30। यह सरल अनुपात विधि है जो समय बचाती है।
अनुपात और स्थिर अंतर: आयु के प्रश्नों में अनुपात दिए जाने पर कुछ वर्ष पूर्व या बाद के अनुपात से वर्तमान आयु निकाली जाती है। इस विधि में दोनों अनुपातों में भागों का अंतर समान रखा जाता है। उदाहरण के लिए यदि वर्तमान में A : B = 4 : 5 और 8 वर्ष पहले A : B = 2 : 3, तो माना 8 वर्ष पहले आयु 2x और 3x थीं; वर्तमान में (2x + 8) : (3x + 8) = 4 : 5। इस समीकरण से x ज्ञात किया जाता है।
अंतर स्थिर रखने की ट्रिक: जब अनुपात दो समय बिंदुओं पर दिए हों, तो दोनों अनुपातों में भागों का अंतर समान बनाएं। यदि 4 : 5 में अंतर 1 है और 2 : 3 में अंतर 1 है, तो दोनों अनुपातों का अंतर बराबर है, अतः सीधे भागों से तुलना की जा सकती है। यदि अंतर असमान हों, तो अनुपातों को ऐसे गुणा करें कि दोनों में अंतर समान हो जाए।
औसत आयु वाले प्रश्न: कभी-कभी परिवार की कुल आयु या औसत आयु दी होती है। औसत आयु = कुल आयु ÷ व्यक्तियों की संख्या। यदि n सदस्यों की औसत आयु और कुछ वर्षों बाद की स्थिति दी हो, तो कुल आयु में (n × वर्ष) की वृद्धि होती है।
जन्म एवं प्रतिस्थापन वाले प्रश्न: कुछ प्रश्नों में नया सदस्य जुड़ने या किसी के जाने पर औसत आयु में परिवर्तन दिया होता है। ऐसे में कुल आयु में हुए परिवर्तन से नए सदस्य की आयु निकाली जाती है। नए सदस्य की आयु = नई कुल आयु − पुरानी कुल आयु (वर्तमान सदस्यों की बढ़ी हुई आयु को ध्यान में रखते हुए)।
तीन व्यक्तियों की आयु: तीन व्यक्तियों की आयु में संबंध दिए होने पर सबसे छोटी (या सबसे बड़ी) आयु को चर मानकर बाकी को उसके रूप में व्यक्त किया जाता है। फिर दी गई कुल आयु या अन्य शर्त से समीकरण बनाकर हल किया जाता है। यहाँ सावधानी यह है कि अनुपात व गुणा के क्रम को सही रखें।
आयु और अनुपात का संयोजन: ऐसे प्रश्नों में आयु का अनुपात तथा किसी विशेष वर्ष की आयु का योग या अंतर दिया होता है। वर्तमान आयु का अनुपात और वर्षों का अंतर दिए होने पर अनुपात के भागों के अंतर से वर्ष निकालकर आयु ज्ञात की जाती है।
पहले-बाद में तुलना: "अमुक वर्ष पूर्व पिता की आयु, पुत्र की आयु की n गुनी थी और m वर्ष बाद k गुनी होगी" प्रकार के प्रश्नों में दो समीकरण बनाकर दोनों अज्ञात (वर्तमान आयु) निकाली जाती हैं। इस विधि में वर्षों को सही चिह्न (घटाना/जोड़ना) के साथ लिखना अत्यंत आवश्यक है।
प्रतिशत पर आधारित आयु: कुछ प्रश्नों में किसी की आयु दूसरे की आयु का कितना प्रतिशत है, यह दिया होता है। ऐसे प्रश्नों को भी अनुपात में बदलकर उपर्युक्त विधियों से हल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए "B की आयु, A की आयु की 80% है" का अर्थ है B : A = 4 : 5।
| समय | आयु का रूप |
|---|---|
| n वर्ष पहले | वर्तमान − n |
| वर्तमान | x (चर) |
| n वर्ष बाद | वर्तमान + n |
| आयु का अंतर | सदैव स्थिर |
| कुल आयु | औसत × व्यक्तियों की संख्या |
| स्थिति | विधि |
|---|---|
| वर्तमान अनुपात a : b | आयु = ax, bx मानें |
| अनुपातों का अंतर समान करें | दोनों अनुपातों की तुलना |
| भूतकाल/भविष्य का अनुपात | समान वर्ष जोड़ें/घटाएं |
| योग दिया हो | भागों में बांटें |
| अंतर दिया हो | अंतर = (अनुपात का अंतर) × x |
flowchart TD
A[2.11 आयु संबंधी प्रश्न] --> B[समीकरण विधि]
A --> C[अनुपात विधि]
A --> D[औसत आयु]
A --> E[आयु का अंतर स्थिर]
B --> F[वर्तमान आयु को चर मानें]
C --> G[अनुपातों में तुलना करें]
D --> H[कुल आयु ÷ सदस्य]
E --> I[भूतकाल व भविष्य की गणना]
F --> J[पूर्व में घटाएं बाद में जोड़ें]
G --> K[अंतर समान बनाएं]
H --> L[वर्ष बाद औसत में जोड़ें]
आयु संबंधी प्रश्न अंकगणित का एक सरल परंतु प्रभावी अध्याय है, जो रेलवे NTPC में अच्छे अंक दिलाने की क्षमता रखता है। आयु का अंतर स्थिर रहने का सिद्धांत, वर्तमान आयु को चर मानकर समीकरण बनाने की विधि तथा अनुपातों में अंतर समान करने की तकनीक, इन तीनों को समझ लेने पर इस अध्याय के लगभग सभी प्रश्न हल हो जाते हैं। नियमित अभ्यास और शर्तों की सूक्ष्म जांच से विद्यार्थी इस अध्याय में पूर्ण अंक प्राप्त कर सकता है।