विषय: रेलवे NTPC – गणित (संख्या पद्धति) अध्याय: 1.3 दशमलव विषय-वस्तु: दशमलव संक्रियाएँ, आवर्ती दशमलव
दशमलव संख्याएँ हमारे दैनिक जीवन और प्रतियोगी परीक्षाओं दोनों में समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। जब किसी पूर्णांक को 10, 100, 1000 आदि की घातों से विभाजित किया जाता है, तो प्राप्त संख्या दशमलव के रूप में लिखी जाती है। एनटीपीसी परीक्षा में दशमलव से जुड़े प्रश्न सरलीकरण, गुणा-भाग, और भिन्न तथा दशमलव के परस्पर रूपांतरण पर आधारित होते हैं। दशमलव अंकों की स्थिति के अनुसार उनका मान निर्धारित करना ही दशमलव पद्धति की मूल अवधारणा है।
दशमलव संख्याओं की संक्रियाएँ (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) करते समय दशमलव बिंदु की सही स्थिति का ध्यान रखना सबसे आवश्यक है। जोड़ और घटाव में दशमलव बिंदु को सीध में रखना होता है, जबकि गुणा में दशमलव बिंदु से पहले और बाद के अंकों को अलग-अलग गिनकर बिंदु लगाया जाता है। भाग में भाजक को पूर्णांक बनाकर हल करना पड़ता है। ये नियम सरल हैं, परंतु जल्दबाजी में की गई गलतियाँ सामान्य हैं।
आवर्ती दशमलव (Recurring Decimals) दशमलव का वह रूप है जिसमें कुछ अंक बार-बार दोहराए जाते हैं। एनटीपीसी परीक्षा में आवर्ती दशमलव को भिन्न में बदलने के प्रश्न विशेष रूप से पूछे जाते हैं। आवर्ती दशमलव से भिन्न बनाने के नियमों को समझकर अभ्यर्थी इन प्रश्नों को तुरंत हल कर सकते हैं। इस अध्याय में हम दशमलव की सभी संक्रियाओं और आवर्ती दशमलव के रूपांतरण को विस्तार से सीखेंगे।
दशमलव संख्या में बिंदु के बाएं ओर के अंक पूर्णांक भाग और दाएं ओर के अंक दशमलव भाग कहलाते हैं। उदाहरण के लिए 25.63 में 25 पूर्णांक भाग है और 63 दशमलव भाग है। बिंदु के बाद का पहला स्थान दसवां (1/10), दूसरा स्थान सौवां (1/100), तीसरा स्थान हजारवां (1/1000) होता है।
जोड़ और घटाव (Addition and Subtraction): - दशमलव संख्याओं को जोड़ते या घटाते समय दशमलव बिंदुओं को एक सीध में रखें। - आवश्यकता हो तो दशमलव स्थानों को बराबर करने के लिए दाएं ओर शून्य जोड़ें। - फिर सामान्य संख्याओं की तरह संक्रिया करें और दशमलव बिंदु को उसी सीध में रखें।
गुणा (Multiplication): - दशमलव बिंदु को अनदेखा करके सामान्य गुणा करें। - गुण्य और गुणक में दशमलव बिंदु के बाद के कुल अंकों की संख्या गिनें। - गुणनफल में उतने ही अंकों के बाद बिंदु लगाएं (बाएं से दाएं गिनते हुए)।
भाग (Division): - भाजक में दशमलव बिंदु के बाद जितने अंक हों, उतने स्थान आगे बढ़ाकर भाजक को पूर्णांक बनाएं। - यदि दोनों में दशमलव है, तो दशमलव बिंदु दोनों में बराबर स्थान हटाएं। - फिर सामान्य विभाजन करें।
10, 100, 1000 से गुणा और भाग: - किसी दशमलव को 10 से गुणा करने पर बिंदु एक स्थान दाएं, 100 से दो स्थान दाएं, 1000 से तीन स्थान दाएं खिसकता है। - किसी दशमलव को 10 से भाग देने पर बिंदु एक स्थान बाएं, 100 से दो स्थान बाएं, 1000 से तीन स्थान बाएं खिसकता है।
उदाहरण 1: 12.5 + 3.75 + 0.025 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: तीनों को बिंदु सीध में लिखकर जोड़ते हैं: 12.500 + 3.750 + 0.025। अब सामान्य जोड़ करें: 12.500 + 3.750 = 16.250, फिर 16.250 + 0.025 = 16.275। उत्तर: 16.275
उदाहरण 2: 2.5 × 3.75 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: बिंदु अनदेखा करके गुणा करें: 25 × 375 = 9375। अब दशमलव स्थान गिनें: 2.5 में एक स्थान, 3.75 में दो स्थान, कुल तीन स्थान। अतः गुणनफल 9375 में बाएं से तीन अंक बाद बिंदु लगाएं: 9.375। उत्तर: 9.375
उदाहरण 3: 6.25 ÷ 2.5 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: भाजक 2.5 में एक दशमलव स्थान है। दोनों में एक स्थान आगे बढ़ाएं: 62.5 ÷ 25। अब 62.5 ÷ 25 = 2.5। उत्तर: 2.5
उदाहरण 4: 0.75 ÷ 0.25 × 2 का मान ज्ञात कीजिए।
हल: 0.75 ÷ 0.25 = 3 (क्योंकि 0.25 का चार गुना 1 है, 0.75 = 3 × 0.25)। अब 3 × 2 = 6। उत्तर: 6
आवर्ती दशमलव (Recurring or Repeating Decimal) वह दशमलव संख्या है जिसमें अंकों का एक समूह निश्चित क्रम में बार-बार दोहराया जाता है। उदाहरण के लिए 0.333..., 0.666..., 0.142857142857...। आवर्ती दशमलव में दोहराए जाने वाले अंकों के ऊपर एक बार (रेखा) लगाई जाती है, जैसे 0.बार3 अर्थात 0.333...।
आवर्ती दशमलव के प्रकार: - शुद्ध आवर्ती दशमलव: जिसमें दशमलव बिंदु के ठीक बाद से ही अंकों की पुनरावृत्ति शुरू होती है, जैसे 0.बार3, 0.बार142857। - मिश्रित आवर्ती दशमलव: जिसमें दशमलव बिंदु के बाद पुनरावृत्ति से पहले कुछ अनावर्ती अंक होते हैं, जैसे 0.1बार6 (0.1666...), 0.23बार4।
आवर्ती दशमलव को भिन्न में बदलने के नियम:
आवर्ती दशमलव से भिन्न बनाने की सामान्य विधि:
यदि संख्या x = 0.बारab है, तो x को 100 से गुणा करने पर 100x = ab.abab... प्राप्त होता है। अब 100x - x = ab, अतः x = ab/99। इसी प्रकार किसी भी आवर्ती दशमलव को भिन्न में बदला जा सकता है।
महत्वपूर्ण तथ्य: सभी आवर्ती दशमलव परिमेय संख्याएँ होती हैं, क्योंकि इन्हें p/q के रूप में लिखा जा सकता है। इसके विपरीत, अनवसानी अनावर्ती दशमलव (जैसे 1.41421356...) अपरिमेय संख्याएँ होती हैं।
उदाहरण 5: 0.बार6 को भिन्न में बदलिए।
हल: शुद्ध आवर्ती दशमलव है। अंश में आवर्ती अंक 6 लिखें, हर में एक 9 लिखें: 6/9। सरल करने पर 2/3। उत्तर: 2/3
उदाहरण 6: 0.2बार5 को भिन्न में बदलिए।
हल: यह मिश्रित आवर्ती दशमलव है। अंश = 25 - 2 = 23, हर = 90 (क्योंकि एक आवर्ती अंक के लिए 9 और एक अनावर्ती अंक के लिए 0)। अतः भिन्न = 23/90। जाँच: 23/90 = 0.2555... सही है। उत्तर: 23/90
उदाहरण 7: 0.बार45 को भिन्न में बदलिए।
हल: शुद्ध आवर्ती दशमलव, दो आवर्ती अंक हैं। अंश = 45, हर = 99। भिन्न = 45/99। अंश-हर को 9 से विभाजित करने पर 5/11। उत्तर: 5/11
दशमलव को भिन्न में और भिन्न को दशमलव में बदलना एनटीपीसी परीक्षा में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों का आधार है। इन रूपांतरणों में निपुण होने से सरलीकरण के प्रश्न बहुत जल्दी हल होते हैं।
दशमलव को भिन्न में बदलना: - दशमलव बिंदु के बाद जितने अंक हों, उतने शून्य के साथ 1 लिखकर हर बनाएं (10, 100, 1000, ...)। - दशमलव बिंदु हटाकर पूरी संख्या को अंश लिखें। - यदि संभव हो तो भिन्न को सरल करें। उदाहरण: 0.25 = 25/100 = 1/4।
भिन्न को दशमलव में बदलना: - अंश को हर से भाग दें। उदाहरण: 1/8 = 0.125। - यदि हर के अभाज्य गुणनखंड केवल 2 और 5 हों तो भिन्न को दसवीं घातों वाली भिन्न बनाकर भी दशमलव में बदला जा सकता है।
महत्वपूर्ण भिन्न-दशमलव तालिका (याद रखने योग्य): - 1/2 = 0.5, 1/3 = 0.333..., 1/4 = 0.25, 1/5 = 0.2 - 1/6 = 0.1666..., 1/7 = 0.142857..., 1/8 = 0.125, 1/9 = 0.111... - 1/10 = 0.1, 1/11 = 0.0909..., 1/12 = 0.0833...
तुलना: दशमलव संख्याओं की तुलना करते समय पहले पूर्णांक भाग की तुलना करें, फिर दसवां स्थान, फिर सौवां स्थान आदि।
उदाहरण 8: 0.625 को भिन्न में बदलिए।
हल: 0.625 = 625/1000। अब अंश और हर को 125 से विभाजित करने पर: 625 ÷ 125 = 5 और 1000 ÷ 125 = 8। अतः 0.625 = 5/8। उत्तर: 5/8
उदाहरण 9: 3/8 को दशमलव में बदलिए।
हल: 3 ÷ 8 = 0.375। यह सांत दशमलव है क्योंकि हर 8 = 2³ है। उत्तर: 0.375
उदाहरण 10: 0.3 और 0.33 में कौन-सी संख्या बड़ी है?
हल: 0.3 को 0.30 लिखा जा सकता है। अब 0.33 की तुलना 0.30 से करने पर, दसवें स्थान पर दोनों में 3 है, सौवें स्थान पर 0.33 में 3 और 0.30 में 0 है। अतः 0.33 > 0.30। उत्तर: 0.33
| भिन्न | दशमलव | भिन्न | दशमलव |
|---|---|---|---|
| 1/2 | 0.5 | 1/7 | 0.142857... |
| 1/3 | 0.333... | 1/8 | 0.125 |
| 1/4 | 0.25 | 1/9 | 0.111... |
| 1/5 | 0.2 | 1/10 | 0.1 |
| 1/6 | 0.1666... | 1/11 | 0.0909... |
| संक्रिया | परिणाम |
|---|---|
| 25.3 × 10 | 253 |
| 25.3 × 100 | 2530 |
| 25.3 ÷ 10 | 2.53 |
| 25.3 ÷ 100 | 0.253 |
| 25.3 ÷ 1000 | 0.0253 |
flowchart TD
A[दशमलव] --> B[जोड़ और घटाव]
A --> C[गुणा]
A --> D[भाग]
A --> E[आवर्ती दशमलव]
A --> F[भिन्न रूपांतरण]
B --> B1[बिंदु सीध में रखें]
C --> C1[स्थान गिनकर बिंदु लगाएं]
D --> D1[भाजक को पूर्णांक बनाएं]
E --> E1[शुद्ध आवर्ती]
E --> E2[मिश्रित आवर्ती]
E1 --> G[हर में 9 की पुनरावृत्ति]
E2 --> G
F --> F1[10 100 1000 से भाग]
F --> F2[अंश को हर से भाग]
दशमलव गणित की वह शाखा है जिसका प्रयोग परीक्षा के प्रत्येक स्तर पर होता है। इस अध्याय में हमने दशमलव की चारों संक्रियाओं, आवर्ती दशमलव की पहचान, उन्हें भिन्न में बदलने की विधियों और भिन्न-दशमलव के आपसी रूपांतरण को सीखा। दशमलव बिंदु की स्थिति पर सतर्कता, सामान्य भिन्नों की कंठस्थ तालिका और आवर्ती दशमलव के नियमों में निपुणता ही इस अध्याय में अच्छे अंक दिलाती है। अभ्यर्थी को सलाह दी जाती है कि वह रोजाना दशमलव के सरलीकरण के कम से कम पच्चीस प्रश्न हल करे, ताकि परीक्षा में ये संक्रियाएँ स्वाभाविक और त्रुटिरहित हो जाएं।