1.4 भिन्न Notes

1.4 भिन्न

विषय: रेलवे NTPC – गणित (संख्या पद्धति) अध्याय: 1.4 भिन्न विषय-वस्तु: भिन्न प्रकार, संक्रियाएँ

1. परिचय

भिन्न गणित की वह अवधारणा है जो पूर्ण भागों को व्यक्त करती है। जब किसी वस्तु को बराबर भागों में विभाजित किया जाता है और कुछ भागों को लिया जाता है, तो उसे भिन्न के रूप में लिखा जाता है। भिन्न का सामान्य रूप a/b है, जहाँ a को अंश (Numerator) और b को हर (Denominator) कहते हैं। एनटीपीसी परीक्षा में भिन्न के प्रश्न सरलीकरण, जोड़-घटाव, गुणा-भाग और भिन्नों की तुलना पर आधारित होते हैं।

भिन्नों को कई प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है, जैसे उचित भिन्न, अनुचित भिन्न, मिश्रित भिन्न, तुल्य भिन्न और इकाई भिन्न। परीक्षा में इन प्रकारों की पहचान और उनका एक-दूसरे में रूपांतरण महत्वपूर्ण है। साथ ही, भिन्नों की संक्रियाओं में हर को समान करने (LCM) की तकनीक का उपयोग होता है, इसलिए भिन्न सीखने से पहले LCM का ज्ञान अनिवार्य है।

भिन्नों की तुलना करने, उन्हें सरलतम रूप में लाने और विभिन्न भिन्नों पर संक्रियाएँ करने की विधियों में निपुण होने से एनटीपीसी परीक्षा के बहुत से प्रश्न हल किए जा सकते हैं। इस अध्याय में हम भिन्नों के सभी प्रकार, उनकी संक्रियाओं और तुलना की विधियों को हल किए गए उदाहरणों के साथ विस्तार से समझेंगे।

2. भिन्नों के प्रकार

भिन्न को उसके अंश और हर के संबंध के आधार पर विभिन्न प्रकारों में बांटा जाता है:

उचित भिन्न (Proper Fraction): जब किसी भिन्न का अंश, हर से छोटा होता है, तो उसे उचित भिन्न कहते हैं। इसका मान हमेशा 1 से छोटा होता है। उदाहरण: 2/3, 4/5, 7/9।

अनुचित भिन्न (Improper Fraction): जब किसी भिन्न का अंश, हर से बड़ा या बराबर होता है, तो उसे अनुचित भिन्न कहते हैं। इसका मान हमेशा 1 से बड़ा या बराबर होता है। उदाहरण: 5/3, 7/4, 9/9।

मिश्रित भिन्न (Mixed Fraction): एक पूर्ण संख्या और एक उचित भिन्न के संयोजन को मिश्रित भिन्न कहते हैं। उदाहरण: 2 1/3, 5 3/4। मिश्रित भिन्न का मान हमेशा 1 से बड़ा होता है।

इकाई भिन्न (Unit Fraction): वह भिन्न जिसका अंश हमेशा 1 होता है, इकाई भिन्न कहलाती है। उदाहरण: 1/2, 1/3, 1/4।

तुल्य भिन्न (Equivalent Fraction): वे भिन्नें जिनका मान समान होता है परंतु रूप भिन्न होता है, तुल्य भिन्न कहलाती हैं। उदाहरण: 1/2, 2/4, 3/6 सभी तुल्य हैं।

दशमलव भिन्न (Decimal Fraction): वह भिन्न जिसका हर 10 या 10 की घात होता है, दशमलव भिन्न कहलाती है। उदाहरण: 7/10, 23/100।

महत्वपूर्ण रूपांतरण: - अनुचित भिन्न को मिश्रित भिन्न में: अंश को हर से भाग दें, भागफल पूर्ण संख्या, शेषफल नया अंश और हर वही रहता है। जैसे 7/4 = 1 3/4। - मिश्रित भिन्न को अनुचित भिन्न में: पूर्ण संख्या को हर से गुणा करें और अंश जोड़ें, परिणाम नया अंश होगा और हर वही रहेगा। जैसे 2 1/3 = (2 × 3 + 1)/3 = 7/3।

हल किया गया उदाहरण (Worked Example)

उदाहरण 1: 17/5 को मिश्रित भिन्न में बदलिए।

हल: 17 ÷ 5 = 3 शेष 2। अतः मिश्रित भिन्न = 3 2/5। उत्तर: 3 2/5

उदाहरण 2: 4 2/7 को अनुचित भिन्न में बदलिए।

हल: (4 × 7 + 2)/7 = (28 + 2)/7 = 30/7। उत्तर: 30/7

उदाहरण 3: निम्नलिखित में से कौन-सी उचित भिन्न है?

हल: 5/6 में अंश 5 और हर 6 है, अंश हर से छोटा है, अतः यह उचित भिन्न है। जबकि 6/5, 9/4 अनुचित भिन्नें हैं। उत्तर: 5/6

3. भिन्नों की संक्रियाएँ

भिन्नों पर चारों बुनियादी संक्रियाएँ (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) करने के नियम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि एनटीपीसी परीक्षा के अधिकांश सरलीकरण प्रश्न इन्हीं पर आधारित होते हैं।

जोड़ और घटाव (Addition and Subtraction): - जब हर समान हो, तो केवल अंशों को जोड़ें या घटाएं और हर को वैसे ही रखें। जैसे 2/7 + 3/7 = 5/7। - जब हर भिन्न हों, तो सबसे पहले हरों का LCM निकालें, फिर प्रत्येक भिन्न को समान हर में बदलें, फिर अंशों को जोड़ें या घटाएं। जैसे 1/2 + 1/3 = 3/6 + 2/6 = 5/6।

गुणा (Multiplication): - अंशों का गुणनफल नया अंश और हरों का गुणनफल नया हर होता है। जैसे 2/3 × 3/4 = 6/12 = 1/2। - गुणा से पहले क्रॉस कटिंग (तिरछा सरलीकरण) करना गणना को सरल बनाता है।

भाग (Division): - दूसरी भिन्न का व्युत्क्रम (Reciprocal) लेकर गुणा करें। जैसे 2/3 ÷ 4/5 = 2/3 × 5/4 = 10/12 = 5/6। - किसी भिन्न का व्युत्क्रम प्राप्त करने के लिए अंश और हर को आपस में बदल दिया जाता है।

भिन्नों को सरलतम रूप में लाना: - अंश और हर का HCF निकालें और दोनों को उससे विभाजित करें। जैसे 12/18 का HCF 6 है, अतः 12/18 = 2/3।

हल किया गया उदाहरण (Worked Example)

उदाहरण 4: 3/4 + 5/6 का मान ज्ञात कीजिए।

हल: हर 4 और 6 का LCM = 12। 3/4 = 9/12 और 5/6 = 10/12। अब योग = 9/12 + 10/12 = 19/12 = 1 7/12। उत्तर: 19/12

उदाहरण 5: 5/8 - 3/10 का मान ज्ञात कीजिए।

हल: हर 8 और 10 का LCM = 40। 5/8 = 25/40 और 3/10 = 12/40। अंतर = 25/40 - 12/40 = 13/40। उत्तर: 13/40

उदाहरण 6: 3/4 ÷ 9/16 का मान ज्ञात कीजिए।

हल: व्युत्क्रम लेकर गुणा करें: 3/4 × 16/9 = (3 × 16)/(4 × 9) = 48/36 = 4/3 = 1 1/3। उत्तर: 4/3

उदाहरण 7: 2 1/3 × 3/7 का मान ज्ञात कीजिए।

हल: पहले मिश्रित भिन्न को अनुचित में बदलें: 2 1/3 = 7/3। अब 7/3 × 3/7 = (7 × 3)/(3 × 7) = 21/21 = 1। उत्तर: 1

4. भिन्नों की तुलना

भिन्नों की तुलना करना एनटीपीसी परीक्षा में बहुत पूछा जाने वाला प्रश्न है। भिन्नों की तुलना की विधियाँ निम्नलिखित हैं:

समान हर वाली भिन्नें: जब हर समान हों, तो जिस भिन्न का अंश बड़ा होता है, वह भिन्न बड़ी होती है। जैसे 5/9 > 3/9।

समान अंश वाली भिन्नें: जब अंश समान हों, तो जिस भिन्न का हर छोटा होता है, वह भिन्न बड़ी होती है। जैसे 1/3 > 1/5।

भिन्न हर और अंश वाली भिन्नें: ऐसी स्थिति में दो विधियाँ प्रचलित हैं:

दशमलव में बदलकर तुलना: कभी-कभी भिन्नों को दशमलव में बदलकर तुलना करना आसान होता है। जैसे 3/5 = 0.6 और 2/3 = 0.666, अतः 2/3 > 3/5।

महत्वपूर्ण नियम: दो भिन्नों a/b और c/d में जहां a < b और c < d, यदि a/b और c/d की तुलना करते समय अंश-हर का अंतर समान हो, तो बड़े अंश-हर वाली भिन्न बड़ी होती है। जैसे 4/7 > 3/6 (अंतर दोनों में समान 3 है, परंतु 4/7 में अंश-हर बड़े हैं)।

हल किया गया उदाहरण (Worked Example)

उदाहरण 8: 3/5 और 4/7 में कौन-सी भिन्न बड़ी है?

हल: क्रॉस गुणा विधि: 3 × 7 = 21 और 4 × 5 = 20। चूंकि 21 > 20, अतः 3/5 > 4/7। उत्तर: 3/5

उदाहरण 9: 2/3, 3/4 और 5/6 को आरोही क्रम में लिखिए।

हल: हरों 3, 4, 6 का LCM = 12। 2/3 = 8/12, 3/4 = 9/12, 5/6 = 10/12। आरोही क्रम: 8/12 < 9/12 < 10/12, अर्थात 2/3 < 3/4 < 5/6। उत्तर: 2/3, 3/4, 5/6

उदाहरण 10: 2/5 और 3/8 में कौन-सी छोटी है?

हल: क्रॉस गुणा: 2 × 8 = 16 और 3 × 5 = 15। चूंकि 16 > 15, अतः 2/5 > 3/8। इसलिए 3/8 छोटी है। उत्तर: 3/8

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: भिन्नों के प्रकार

भिन्न का प्रकार परिभाषा उदाहरण मान की सीमा
उचित भिन्न अंश < हर 3/5, 7/8 1 से छोटा
अनुचित भिन्न अंश ≥ हर 5/3, 9/4 1 से बड़ा या बराबर
मिश्रित भिन्न पूर्ण + उचित 2 1/3, 5 3/4 1 से बड़ा
इकाई भिन्न अंश = 1 1/2, 1/5 1 से छोटा
तुल्य भिन्न समान मान 1/2 = 2/4 समान मान

तालिका 2: संक्रियाओं के नियम

संक्रिया नियम उदाहरण
जोड़ हर समान करें, अंश जोड़ें 1/2 + 1/3 = 5/6
घटाव हर समान करें, अंश घटाएं 5/8 - 3/10 = 13/40
गुणा अंश × अंश, हर × हर 2/3 × 3/4 = 1/2
भाग व्युत्क्रम लेकर गुणा 3/4 ÷ 9/16 = 4/3

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[भिन्न] --> B[प्रकार]
    A --> C[संक्रियाएँ]
    A --> D[तुलना]
    B --> B1[उचित भिन्न]
    B --> B2[अनुचित भिन्न]
    B --> B3[मिश्रित भिन्न]
    B --> B4[इकाई भिन्न]
    C --> C1[जोड़ घटाव]
    C --> C2[गुणा]
    C --> C3[भाग]
    D --> D1[समान हर]
    D --> D2[समान अंश]
    D --> D3[क्रॉस गुणा]
    C1 --> E[हर का LCM]
    C3 --> F[व्युत्क्रम से गुणा]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

भिन्नों का निरूपण 1/2 1/3 1/4 बराबर भागों में विभाजन ही भिन्न है स्वर्ण नियम: जितने समान भागों में वस्तु बंटी है वह हर है और लिए गए भाग अंश हैं।

भिन्नों की क्रॉस गुणा तुलना 3/5 4/7 3 × 7 = 21 4 × 5 = 20 21 > 20, इसलिए 3/5 > 4/7 बड़ा गुणनफल = बड़ी भिन्न स्वर्ण नियम: a/b और c/d की तुलना के लिए a × d तथा c × b की तुलना करें।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. हर को सीधे जोड़ देना: 1/2 + 1/3 = 2/5 लिखना गलत है; पहले हर का LCM निकालकर समान हर बनाना आवश्यक है।
  2. भाग में व्युत्क्रम लेना भूलना: 2/3 ÷ 4/5 को सीधे 2/3 ÷ 4/5 करना गलत है; दूसरी भिन्न का व्युत्क्रम लेकर गुणा करें।
  3. मिश्रित भिन्न को अनुचित में न बदलना: मिश्रित भिन्न पर गुणा-भाग करने से पहले उसे अनुचित भिन्न में बदलना अनिवार्य है।
  4. समान अंश वाली भिन्न में गलत निष्कर्ष: समान अंश वाली भिन्नों में छोटे हर वाली भिन्न बड़ी होती है, बड़ा हर वाली नहीं।
  5. सरलतम रूप में न लाना: अंतिम उत्तर को HCF से विभाजित करके सरलतम रूप में लाना न भूलें, जैसे 6/12 को 1/2।
  6. उचित-अनुचित में भ्रम: अंश = हर वाली भिन्न (जैसे 5/5) अनुचित भिन्न है, उचित नहीं।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. क्रॉस गुणा विधि अपनाएं: भिन्नों की तुलना में क्रॉस गुणा सबसे तेज़ विधि है, LCM विधि से बेहतर है।
  2. गुणा में क्रॉस कटिंग करें: गुणा से पहले तिरछा सरलीकरण (क्रॉस कटिंग) करने से गणना बहुत सरल हो जाती है।
  3. मिश्रित भिन्न सीधे बदलें: मिश्रित भिन्न को अनुचित में बदलने का सूत्र (पूर्ण × हर + अंश)/हर याद रखें।
  4. व्युत्क्रम याद रखें: भाग में हमेशा दूसरी संख्या का व्युत्क्रम लेकर गुणा करें।
  5. बड़ी भिन्न की तुलना: जब अंश-हर का अंतर समान हो, तो बड़े अंश-हर वाली भिन्न बड़ी होती है।
  6. उत्तर की जाँच: भिन्न का अंतिम उत्तर यदि अनुचित है, तो उसे मिश्रित में भी बदलकर विकल्पों से मिलाएं।

10. निष्कर्ष

भिन्न गणित की वह अवधारणा है जो संख्या पद्धति को समझने के बाद ही पूर्णतः स्पष्ट होती है। इस अध्याय में हमने भिन्नों के सभी प्रकार, उनके रूपांतरण, चारों संक्रियाओं के नियम तथा तुलना की विधियों को विस्तार से सीखा। भिन्नों में निपुणता अर्जित करने का एकमात्र मार्ग नियमित अभ्यास है। एनटीपीसी परीक्षा के लिए अभ्यर्थी को सलाह दी जाती है कि वह प्रतिदिन भिन्नों के सरलीकरण के अभ्यास प्रश्न हल करे और संक्रियाओं के नियमों को कंठस्थ रखे, जिससे परीक्षा में ये प्रश्न कुछ ही सेकंड में हल हो सकें।