1.7 वर्गमूल और घनमूल Notes

1.7 वर्गमूल और घनमूल

विषय: रेलवे NTPC – गणित (संख्या पद्धति) अध्याय: 1.7 वर्गमूल और घनमूल विषय-वस्तु: वर्गमूल, घनमूल विधियाँ

1. परिचय

वर्गमूल और घनमूल गणित के ऐसे अध्याय हैं जिनका सीधा संबंध वर्ग और घन की अवधारणा से है। यदि किसी संख्या x का वर्ग a है (x² = a), तो x, a का वर्गमूल कहलाता है। इसी प्रकार, यदि किसी संख्या x का घन a है (x³ = a), तो x, a का घनमूल कहलाता है। एनटीपीसी परीक्षा में वर्गमूल और घनमूल के प्रश्न सीधे मान निकालने, अभाज्य गुणनखंड विधि, तथा वर्ग-घन की तालिकाओं पर आधारित होते हैं।

वर्गमूल निकालने की विधियाँ हैं: अभाज्य गुणनखंड विधि, भाग विधि (Long Division Method), और अनुमान विधि। घनमूल निकालने के लिए प्रायः अभाज्य गुणनखंड विधि का प्रयोग किया जाता है। परीक्षा में अधिकतर पूर्ण वर्ग और पूर्ण घन संख्याओं के प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए 1 से 30 तक के वर्ग और 1 से 15 तक के घनों की तालिका कंठस्थ होना बहुत लाभदायक है।

वर्गमूल और घनमूल में निपुणता के लिए अभाज्य गुणनखंड की सटीकता और तालिकाओं का ज्ञान आवश्यक है। इसके अलावा, इन अवधारणाओं का उपयोग ज्यामिति, क्षेत्रफल और कुछ जटिल सरलीकरण प्रश्नों में भी होता है। इस अध्याय में हम वर्गमूल और घनमूल की परिभाषाएँ, निकालने की सभी विधियाँ, गुणधर्म और महत्वपूर्ण तथ्य विस्तार से सीखेंगे।

2. वर्ग और वर्गमूल

वर्ग (Square): किसी संख्या को स्वयं से गुणा करने पर प्राप्त गुणनफल को उस संख्या का वर्ग कहते हैं। उदाहरण के लिए 5 का वर्ग = 5 × 5 = 25। वर्ग को हमेशा ² से दर्शाया जाता है, जैसे 5² = 25।

वर्गमूल (Square Root): किसी संख्या का वर्गमूल वह संख्या है जिसे स्वयं से गुणा करने पर दी गई संख्या प्राप्त होती है। उदाहरण के लिए 25 का वर्गमूल 5 है, क्योंकि 5 × 5 = 25। वर्गमूल को √ से दर्शाया जाता है, जैसे √25 = 5।

वर्गों के महत्वपूर्ण गुणधर्म: - किसी सम संख्या का वर्ग हमेशा सम होता है और किसी विषम संख्या का वर्ग हमेशा विषम होता है। - किसी वर्ग संख्या की इकाई का अंक 0, 1, 4, 5, 6 या 9 में से कोई एक होता है, कभी 2, 3, 7 या 8 नहीं। - किसी वर्ग संख्या के अंकों का योग कभी 3, 6 या 8 नहीं होता (पूर्ण वर्ग के लिए)। - यदि किसी संख्या की इकाई 5 है, तो उसका वर्ग 25 पर समाप्त होता है। जैसे 35² = 1225। - n संख्याओं के वर्गों का योग = n(n+1)(2n+1)/6।

वर्गमूल निकालने की विधियाँ:

अभाज्य गुणनखंड विधि: - दी गई संख्या का अभाज्य गुणनखंड करें। - गुणनखंडों को समान जोड़ों में बांटें। - प्रत्येक जोड़े से एक-एक गुणनखंड लेकर गुणा करें।

भाग विधि (Long Division Method): बड़ी संख्याओं के लिए, जहां अभाज्य गुणनखंड कठिन हो, भाग विधि का प्रयोग करते हैं। इसमें संख्या को दाएं से दो-दो अंकों के समूहों में बांटकर चरणबद्ध भाग किया जाता है।

अनुमान विधि: संख्या की इकाई और पूर्ण वर्गों की तालिका की सहायता से वर्गमूल का अनुमान लगाया जाता है।

महत्वपूर्ण तथ्य: पूर्ण वर्ग संख्या का वर्गमूल पूर्णांक होता है, जबकि गैर-पूर्ण वर्ग संख्या (जैसे 2, 3, 5) का वर्गमूल अपरिमेय संख्या होती है।

हल किया गया उदाहरण (Worked Example)

उदाहरण 1: 144 का वर्गमूल अभाज्य गुणनखंड विधि से ज्ञात कीजिए।

हल: 144 = 2 × 2 × 2 × 2 × 3 × 3 = 2⁴ × 3²। समान जोड़े: (2 × 2) × (2 × 2) × (3 × 3)। प्रत्येक जोड़े से एक लेकर: 2 × 2 × 3 = 12। अतः √144 = 12। उत्तर: 12

उदाहरण 2: 4225 का वर्गमूल ज्ञात कीजिए।

हल: 4225 = 25 × 169 = 5² × 13²। वर्गमूल = 5 × 13 = 65। अतः √4225 = 65। उत्तर: 65

उदाहरण 3: 16 और 25 के वर्गों का योग ज्ञात कीजिए।

हल: 16 का वर्ग = 256 और 25 का वर्ग = 625। योग = 256 + 625 = 881। उत्तर: 881

3. घन और घनमूल

घन (Cube): किसी संख्या को स्वयं से तीन बार गुणा करने पर प्राप्त गुणनफल को उस संख्या का घन कहते हैं। उदाहरण के लिए 4 का घन = 4 × 4 × 4 = 64। घन को ³ से दर्शाया जाता है, जैसे 4³ = 64।

घनमूल (Cube Root): किसी संख्या का घनमूल वह संख्या है जिसे तीन बार स्वयं से गुणा करने पर दी गई संख्या प्राप्त होती है। उदाहरण के लिए 64 का घनमूल 4 है, क्योंकि 4 × 4 × 4 = 64। घनमूल को ∛ से दर्शाया जाता है, जैसे ∛64 = 4।

घनों के महत्वपूर्ण गुणधर्म: - किसी सम संख्या का घन सम और विषम संख्या का घन विषम होता है। - दो लगातार संख्याओं के घनों का अंतर कभी भी उनके वर्गों के बीच नहीं होता। - 1 से n तक के प्राकृतिक संख्याओं के घनों का योग = [n(n+1)/2]²।

घनमूल निकालने की विधि (अभाज्य गुणनखंड विधि): - दी गई संख्या का अभाज्य गुणनखंड करें। - गुणनखंडों को समान त्रिक (समूहों) में बांटें। - प्रत्येक त्रिक से एक-एक गुणनखंड लेकर गुणा करें।

घनमूल निकालने की शॉर्टकट विधि (बड़ी संख्याओं के लिए): - दी गई घन संख्या के अंतिम तीन अंकों से इकाई का अंक ज्ञात करें। - शेष संख्या के घन का अनुमान लगाकर दहाई का अंक ज्ञात करें।

हल किया गया उदाहरण (Worked Example)

उदाहरण 4: 216 का घनमूल ज्ञात कीजिए।

हल: 216 = 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 3 = 2³ × 3³। समान त्रिक: (2 × 2 × 2) और (3 × 3 × 3)। प्रत्येक त्रिक से एक लेकर: 2 × 3 = 6। अतः ∛216 = 6। उत्तर: 6

उदाहरण 5: 2744 का घनमूल ज्ञात कीजिए।

हल: 2744 = 2³ × 7³। अतः ∛2744 = 2 × 7 = 14। जाँच: 14³ = 14 × 14 × 14 = 2744। उत्तर: 14

उदाहरण 6: 1 से 5 तक के प्राकृतिक संख्याओं के घनों का योग ज्ञात कीजिए।

हल: सूत्र [n(n+1)/2]² में n = 5: [5 × 6/2]² = [15]² = 225। जाँच: 1 + 8 + 27 + 64 + 125 = 225। उत्तर: 225

4. गुणधर्म और महत्वपूर्ण तथ्य

वर्गमूल और घनमूल के गुणधर्मों का ज्ञान सरलीकरण के जटिल प्रश्नों को हल करने में सहायक होता है:

वर्गमूल के गुणधर्म: - √(a × b) = √a × √b - √(a ÷ b) = √a ÷ √b - √a + √a = 2√a - √a - √a = 0 - (√a)² = a - √a × √a = a

घनमूल के गुणधर्म: - ∛(a × b) = ∛a × ∛b - ∛(a ÷ b) = ∛a ÷ ∛b - (∛a)³ = a - ∛a × ∛a × ∛a = a

महत्वपूर्ण तथ्य: - √1 = 1, ∛1 = 1 - किसी ऋणात्मक संख्या का वर्गमूल वास्तविक नहीं होता (जैसे √-4 परिभाषित नहीं)। - किसी ऋणात्मक संख्या का घनमूल ऋणात्मक होता है। जैसे ∛-8 = -2। - दशमलव संख्या का वर्गमूल: वर्गमूल में दशमलव स्थानों की संख्या, मूल संख्या के आधी होती है। जैसे √0.09 = 0.3। - पूर्ण वर्ग संख्याओं की सूची: 1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, 64, 81, 100, 121, 144, 169, 196, 225, 256, 289, 324, 361, 400। - पूर्ण घन संख्याओं की सूची: 1, 8, 27, 64, 125, 216, 343, 512, 729, 1000।

वर्ग और घन की तालिकाएँ कंठस्थ करना एनटीपीसी परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिकांश प्रश्न सीधे इन तालिकाओं पर आधारित होते हैं।

हल किया गया उदाहरण (Worked Example)

उदाहरण 7: √25 × √4 का मान ज्ञात कीजिए।

हल: √25 = 5 और √4 = 2। अतः 5 × 2 = 10। वैकल्पिक विधि: √(25 × 4) = √100 = 10। उत्तर: 10

उदाहरण 8: ∛8 × ∛27 का मान ज्ञात कीजिए।

हल: ∛8 = 2 और ∛27 = 3। अतः 2 × 3 = 6। वैकल्पिक विधि: ∛(8 × 27) = ∛216 = 6। उत्तर: 6

उदाहरण 9: √0.09 का मान ज्ञात कीजिए।

हल: 0.09 = 9/100, अतः √0.09 = 3/10 = 0.3। दशमलव स्थान नियम से भी वर्गमूल में एक दशमलव स्थान होगा। उत्तर: 0.3

उदाहरण 10: ∛(-64) का मान ज्ञात कीजिए।

हल: 64 का घनमूल 4 है। ऋणात्मक संख्या का घनमूल ऋणात्मक होता है, अतः ∛(-64) = -4। जाँच: (-4)³ = -64। उत्तर: -4

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: 1 से 15 तक के वर्ग

संख्या वर्ग संख्या वर्ग
1 1 9 81
2 4 10 100
3 9 11 121
4 16 12 144
5 25 13 169
6 36 14 196
7 49 15 225
8 64 16 256

तालिका 2: 1 से 10 तक के घन

संख्या घन संख्या घन
1 1 6 216
2 8 7 343
3 27 8 512
4 64 9 729
5 125 10 1000

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[वर्गमूल और घनमूल] --> B[वर्गमूल]
    A --> C[घनमूल]
    A --> D[गुणधर्म]
    B --> B1[अभाज्य गुणनखंड विधि]
    B --> B2[भाग विधि]
    B --> B3[अनुमान विधि]
    C --> C1[अभाज्य गुणनखंड विधि]
    C --> C2[शॉर्टकट विधि]
    D --> D1[√(a × b) = √a × √b]
    D --> D2[∛(a × b) = ∛a × ∛b]
    D --> D3[ऋणात्मक वर्गमूल अवास्तविक]
    D --> D4[ऋणात्मक घनमूल ऋणात्मक]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

वर्गमूल: अभाज्य गुणनखंड विधि 144 144 = 2 × 2 × 2 × 2 × 3 × 3 समान जोड़े: (2×2), (2×2), (3×3) प्रत्येक जोड़े से एक: 2 × 2 × 3 √144 = 12 जाँच: 12 × 12 = 144 स्वर्ण नियम: गुणनखंडों को समान जोड़ों में बांटकर प्रत्येक जोड़े से एक लें।

घनमूल: अभाज्य गुणनखंड विधि 216 216 = 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 3 समान त्रिक: (2×2×2), (3×3×3) प्रत्येक त्रिक से एक: 2 × 3 ∛216 = 6 जाँच: 6 × 6 × 6 = 216 स्वर्ण नियम: घनमूल के लिए गुणनखंडों को समान त्रिकों में बांटें।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. वर्ग और वर्गमूल में भ्रम: वर्ग में गुणा की जाती है और वर्गमूल में किसी संख्या को ढूंढा जाता है; दोनों की दिशा अलग है।
  2. अभाज्य गुणनखंड में गलत जोड़े: वर्गमूल में गुणनखंडों को समान जोड़ों में और घनमूल में समान त्रिकों में बांटना चाहिए, क्रम बदलने पर उत्तर गलत होता है।
  3. ऋणात्मक वर्गमूल: √-4 को 2 मानना गलत है; ऋणात्मक संख्या का वर्गमूल वास्तविक नहीं होता।
  4. ऋणात्मक घनमूल को धनात्मक मानना: ∛-8 = -2 होता है, 2 नहीं, क्योंकि ऋणात्मक का घन ऋणात्मक होता है।
  5. दशमलव वर्गमूल में स्थान: √0.09 = 0.3 होता है, 0.03 नहीं; दशमलव स्थानों की संख्या आधी होती है।
  6. तालिका न याद रखना: 1 से 30 तक के वर्ग और 1 से 15 तक के घन कंठस्थ न होने पर समय अधिक लगता है और गलती की संभावना बढ़ती है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. तालिकाएँ कंठस्थ करें: 1 से 30 तक के वर्ग और 1 से 15 तक के घन याद रखें, यह इस अध्याय की सबसे बड़ी शॉर्टकट है।
  2. इकाई अंक विधि: घनमूल के लिए इकाई अंक से तुरंत अंतिम अंक और शेष संख्या से पहला अंक ज्ञात करें।
  3. अभाज्य गुणनखंड पहले: सीधे पूछे गए वर्गमूल-घनमूल में अभाज्य गुणनखंड विधि सबसे तेज़ और विश्वसनीय है।
  4. विकल्प निरीक्षण: विकल्पों को वर्ग करके जांचें; जो विकल्प का वर्ग मूल संख्या देता है वही उत्तर है।
  5. गुणधर्मों का प्रयोग: √(a × b) = √a × √b जैसे गुणधर्मों से बड़ी संख्याओं का वर्गमूल सरल हो जाता है।
  6. सूत्र याद रखें: वर्गों का योग n(n+1)(2n+1)/6 और घनों का योग [n(n+1)/2]² याद रखें।

10. निष्कर्ष

वर्गमूल और घनमूल एनटीपीसी परीक्षा के वे अध्याय हैं जिनमें नियमित अभ्यास से बहुत जल्दी निपुणता प्राप्त की जा सकती है। इस अध्याय में हमने वर्ग और घन की परिभाषाएँ, वर्गमूल और घनमूल निकालने की अभाज्य गुणनखंड विधि, भाग विधि, शॉर्टकट विधि तथा सभी महत्वपूर्ण गुणधर्म सीखे। तालिकाओं को कंठस्थ करना और प्रतिदिन अभ्यास प्रश्न हल करना ही इस अध्याय में सफलता की कुंजी है। इन अवधारणाओं की मजबूत नींव से अभ्यर्थी परीक्षा में वर्गमूल-घनमूल के प्रश्नों को कुछ ही सेकंड में सही हल कर सकेंगे और इस अध्याय से निश्चित अंक प्राप्त कर सकेंगे।