विषय: रेलवे NTPC – रेलवे सामान्य ज्ञान
अध्याय: 22.2 भारतीय रेलवे के जोन
विषय-वस्तु: रेलवे जोन
1. परिचय
भारतीय रेलवे विश्व के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है, जिसे प्रशासनिक सुविधा के लिए अनेक 'रेलवे जोन' (मंडल) में विभाजित किया गया है। वर्ष 1951 में जब रेलवे का राष्ट्रीयकरण हुआ, तब संपूर्ण नेटवर्क को छह जोन में बाँटा गया। बाद में ट्रैफिक बढ़ने और प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए नए जोन बनाए गए। वर्तमान समय में भारतीय रेलवे में कुल 19 जोन हैं (कोलकाता मेट्रो रेलवे सहित), जिनमें से प्रत्येक का अपना मुख्यालय है। इन 19 जोनों को आगे कुल 68 मंडलों (डिवीजनों) में बाँटा गया है।
रेलवे जोन से संबंधित प्रश्न रेलवे NTPC परीक्षा में सदैव पूछे जाते हैं, विशेषकर जोन और उसके मुख्यालय की जोड़ी पर आधारित प्रश्न। जैसे—'मध्य रेलवे का मुख्यालय कहाँ है?', 'हाजीपुर किस रेलवे जोन का मुख्यालय है?' आदि। इसलिए सभी जोनों के नाम, उनके मुख्यालय और स्थापना वर्ष का सही ज्ञान परीक्षा के लिए अनिवार्य है। साथ ही यह भी जानना आवश्यक है कि कौन सा जोन सबसे पुराना है, कौन सा नया है और किस जोन के अंतर्गत कौन से प्रमुख राज्य आते हैं।
जोनों की स्थापना की प्रक्रिया 1951 से 2010 तक धीरे-धीरे चली। प्रारंभ में 1951 में छह जोन (मध्य, पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी, दक्षिणी और उत्तर-पश्चिम... ) बने। बाद में 1955 में दक्षिण-मध्य, 1955 में दक्षिण-पूर्व, 1966 में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) आदि जोड़े गए। सबसे बड़ा बदलाव 2002-03 में हुआ, जब सात नए जोन बनाए गए—पूर्व-मध्य, पूर्वी तट, उत्तर-मध्य, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व-मध्य, पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम। 2010 में कोलकाता मेट्रो को भी अलग जोन बना दिया गया, और 2019 में दक्षिण तट रेलवे (दक्षिण-पूर्व... ) को जोड़ा गया। इसी विस्तार के साथ आज जोनों की संख्या 19 तक पहुँच गई है।
2. भारतीय रेलवे जोन की संरचना
भारतीय रेलवे के प्रशासनिक ढाँचे को समझना आवश्यक है:
सर्वोच्च स्तर पर रेलवे बोर्ड (नई दिल्ली) है, जो रेलवे मंत्रालय का अंग है।
रेलवे बोर्ड के अधीन रेलवे जोन आते हैं, प्रत्येक जोन का नेतृत्व महाप्रबंधक (General Manager) करता है।
प्रत्येक जोन मंडलों (Divisions) में विभाजित है, और प्रत्येक मंडल का प्रमुख मंडल रेल प्रबंधक (DRM) होता है।
कुल 19 जोन और 68 मंडलों के साथ भारतीय रेलवे विश्व का सबसे बड़ा नियोक्ता संगठन है।
त्वरित तथ्य:
कुल जोनों की संख्या 19 है (कोलकाता मेट्रो सहित)।
कुल मंडलों (डिवीजनों) की संख्या 68 है।
1951 में केवल 6 जोन थे।
जोन का प्रमुख महाप्रबंधक होता है, जबकि मंडल का प्रमुख मंडल रेल प्रबंधक।
पहला जोन पुनर्गठन 1951 में हुआ, जबकि अंतिम बड़ा पुनर्गठन 2002-03 में।
3. प्रमुख रेलवे जोन और उनके मुख्यालय
परीक्षा की दृष्टि से सभी 19 जोनों के नाम और मुख्यालय याद रखना सबसे महत्वपूर्ण है:
मध्य रेलवे (CR) — मुंबई (छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस)
पूर्वी रेलवे (ER) — कोलकाता (फेयरली प्लेस)
पश्चिमी रेलवे (WR) — मुंबई (चर्चगेट)
उत्तरी रेलवे (NR) — नई दिल्ली
दक्षिणी रेलवे (SR) — चेन्नई
दक्षिण-मध्य रेलवे (SCR) — सिकंदराबाद
दक्षिण-पूर्व रेलवे (SER) — कोलकाता (गार्डन रीच)
पूर्व-मध्य रेलवे (ECR) — हाजीपुर (बिहार)
पूर्वी तट रेलवे (ECoR) — भुवनेश्वर (ओडिशा)
उत्तर-मध्य रेलवे (NCR) — प्रयागराज (इलाहाबाद)
पूर्वोत्तर रेलवे (NER) — गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) — मालीगाँव (गुवाहाटी)
उत्तर-पश्चिम रेलवे (NWR) — जयपुर
दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे (SECR) — बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
दक्षिण-पश्चिम रेलवे (SWR) — हुबली (कर्नाटक)
पश्चिम-मध्य रेलवे (WCR) — जबलपुर (मध्य प्रदेश)
दक्षिण तट रेलवे (SCoR) — विशाखापत्तनम
मेट्रो रेलवे कोलकाता — कोलकाता
पूर्वोत्तर सीमांत एवं अन्य — इनके अलावा सेंट्रल रेलवे के नाम में भ्रम न पैदा करें।
त्वरित तथ्य:
दो जोनों के मुख्यालय मुंबई में हैं—मध्य रेलवे और पश्चिमी रेलवे।
दो जोनों के मुख्यालय कोलकाता में हैं—पूर्वी रेलवे और दक्षिण-पूर्व रेलवे।
सबसे बड़ा जोन क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तरी रेलवे नहीं, बल्कि प्रायः पश्चिम-मध्य या अन्य माना जाता है; सामान्यतः उत्तरी रेलवे को सबसे बड़ा जोन कहा जाता है।
जोनों के संक्षिप्त नाम (CR, ER, NR, SR, WR) याद रखना परीक्षा में समय बचाता है।
4. नए जोन और मंडल
कुछ जोन विशेष प्रशासनिक कारणों से बनाए गए:
दक्षिण तट रेलवे (SCoR): 2019 में घोषित, मुख्यालय विशाखापत्तनम; यह आंध्र प्रदेश के कई मंडलों को समेटता है।
मेट्रो रेलवे कोलकाता: 2010 में अलग जोन बना, जिसका मुख्यालय कोलकाता है।
पूर्व-मध्य रेलवे: 2002 में बना, मुख्यालय हाजीपुर (बिहार); इसमें दानापुर, मुगलसराय (पं. दीनदयाल उपाध्याय) और धनबाद मंडल शामिल हैं।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR): इसकी स्थापना 1958 में पूर्वोत्तर रेलवे से अलग होकर हुई; मुख्यालय मालीगाँव (गुवाहाटी)।
नए जोनों का गठन: 2002-03 के पुनर्गठन में पूर्व-मध्य, पूर्वी तट, उत्तर-मध्य, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य नामक सात नए जोन बने।
त्वरित तथ्य:
सबसे नया जोन दक्षिण तट रेलवे है (मुख्यालय विशाखापत्तनम)।
कोलकाता मेट्रो को 2010 में जोन का दर्जा मिला।
मालीगाँव (गुवाहाटी) पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का मुख्यालय है, जो देश के सबसे ऊँचे रेलवे स्टेशन क्षेत्रों को देखता है।
हाजीपुर और गोरखपुर क्रमशः पूर्व-मध्य और पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय हैं।
5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1
जोन
मुख्यालय
मध्य रेलवे (CR)
मुंबई
पूर्वी रेलवे (ER)
कोलकाता
पश्चिमी रेलवे (WR)
मुंबई (चर्चगेट)
उत्तरी रेलवे (NR)
नई दिल्ली
दक्षिणी रेलवे (SR)
चेन्नई
दक्षिण-मध्य रेलवे (SCR)
सिकंदराबाद
दक्षिण-पूर्व रेलवे (SER)
कोलकाता (गार्डन रीच)
पूर्व-मध्य रेलवे (ECR)
हाजीपुर
पूर्वी तट रेलवे (ECoR)
भुवनेश्वर
उत्तर-मध्य रेलवे (NCR)
प्रयागराज
तालिका 2
जोन
मुख्यालय
पूर्वोत्तर रेलवे (NER)
गोरखपुर
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR)
मालीगाँव (गुवाहाटी)
उत्तर-पश्चिम रेलवे (NWR)
जयपुर
दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे (SECR)
बिलासपुर
दक्षिण-पश्चिम रेलवे (SWR)
हुबली
पश्चिम-मध्य रेलवे (WCR)
जबलपुर
दक्षिण तट रेलवे (SCoR)
विशाखापत्तनम
मेट्रो रेलवे कोलकाता
कोलकाता
कुल जोन
19
कुल मंडल
68
6. माइंड मैप
flowchart TD
A[भारतीय रेलवे के जोन] --> B[कुल 19 जोन]
B --> B1[68 मंडल]
A --> C[1951 में 6 जोन]
C --> C1[पुनर्गठन 2002-03]
A --> D[मुख्यालय]
D --> D1[मुंबई मध्य व पश्चिमी]
D --> D2[कोलकाता पूर्वी व दक्षिण पूर्व]
D --> D3[नई दिल्ली उत्तरी]
D --> D4[चेन्नई दक्षिणी]
A --> E[नए जोन]
E --> E1[2010 कोलकाता मेट्रो]
E --> E2[2019 दक्षिण तट विशाखापत्तनम]
A --> F[प्रशासन]
F --> F1[महाप्रबंधक जोन]
F --> F2[मंडल रेल प्रबंधक मंडल]
7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
8. सामान्य गलतियाँ
गलती: पूर्वोत्तर रेलवे (NER) का मुख्यालय गुवाहाटी बताना। सही उत्तर गोरखपुर है, जबकि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) का मुख्यालय मालीगाँव (गुवाहाटी) है।
गलती: जोनों की संख्या 17 या 18 बताना। वर्तमान में कोलकाता मेट्रो और दक्षिण तट रेलवे को मिलाकर कुल 19 जोन हैं।
गलती: हाजीपुर (पूर्व-मध्य रेलवे) को पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय समझ लेना। हाजीपुर बिहार में है और पूर्व-मध्य रेलवे का मुख्यालय है।
गलती: मध्य रेलवे का मुख्यालय नई दिल्ली बताना। मध्य रेलवे का मुख्यालय मुंबई (सीएसटी) है।
गलती: मंडलों की संख्या 68 की जगह 60 या 70 बताना। सही संख्या 68 है।
गलती: दक्षिण-पूर्व रेलवे और दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे को एक ही मान लेना। दोनों अलग जोन हैं—क्रमशः कोलकाता (गार्डन रीच) और बिलासपुर में मुख्यालय हैं।
9. परीक्षा युक्तियाँ
सभी 19 जोनों को तीन समूहों में बाँटकर याद करें—मुंबई/कोलकाता वाले, राजधानी वाले और नए जोन वाले।
जोन के संक्षिप्त रूप (CR, ER, NR, SR, WR, NFR, SECR आदि) के साथ मुख्यालय को जोड़कर अभ्यास करें।
'सबसे नया जोन' और 'सबसे पुराना जोन' जैसे प्रश्नों के लिए दक्षिण तट (2019) और 1951 के छह मूल जोन को विशेष रूप से याद रखें।
जोन-मुख्यालय की तालिका को एक बार लिखकर, फिर बिना देखे स्मरण करने का अभ्यास करें।
मंडलों की संख्या 68 और जोन की संख्या 19 को एक वाक्य के रूप में रटें।
पिछ्ले वर्षों के प्रश्नपत्र देखकर जोन-मुख्यालय के प्रश्नों का पैटर्न समझें, इससे उत्तर चुनने की गति बढ़ती है।
10. निष्कर्ष
भारतीय रेलवे के जोन उसके विशाल प्रशासनिक ढाँचे की रीढ़ हैं। 1951 के छह जोन से बढ़कर आज 19 जोन और 68 मंडलों का जाल पूरे देश को जोड़ता है। प्रत्येक जोन का अपना मुख्यालय, महाप्रबंधक और विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र है। परीक्षा में जोन-मुख्यालय की जोड़ियाँ नियमित रूप से पूछी जाती हैं, इसलिए इन्हें तालिका एवं मानचित्र के रूप में पढ़ना सबसे प्रभावी रणनीति है। जब तक सभी 19 मुख्यालय कंठस्थ न हों, पुनरावृत्ति जारी रखें; यही सरल सूत्र NTPC परीक्षा में इस अध्याय से पूर्ण अंक दिलाएगा।