विषय: रेलवे NTPC – तर्कशक्ति (कूटलेखन और गणितीय संक्रियाएँ) अध्याय: 8.2 संख्या कूटलेखन विषय-वस्तु: संख्या कूट
संख्या कूटलेखन तर्कशक्ति की वह शाखा है जिसमें अक्षरों, शब्दों अथवा वाक्यों को संख्याओं के रूप में बदला जाता है। रेलवे NTPC परीक्षा में इस प्रकार के प्रश्न बड़ी संख्या में पूछे जाते हैं, क्योंकि ये न्यूनतम समय में परीक्षार्थी की गणितीय सूझबूझ तथा पैटर्न पहचानने की क्षमता की जाँच करते हैं। यहाँ अक्षरों के स्थान मान, शब्द में अक्षरों की गिनती, दिए गए उदाहरणों का अंकगणितीय विश्लेषण सब कुछ काम आता है।
इस अध्याय में हम अक्षर-स्थान कूट, अक्षर गिनती कूट, संक्रियाओं पर आधारित कूट, दोहरी संख्याएँ, उल्टे क्रम के कूट तथा मिश्रित पैटर्नों का विस्तार से अध्ययन करेंगे। जो अभ्यर्थी पिछले अध्याय के स्थान मानों को पक्का कर चुके हैं, उनके लिए यह अध्याय केवल उसी ज्ञान को संख्यात्मक रूप में लागू करने जैसा है।
संख्या कूट के प्रश्नों में सबसे महत्वपूर्ण बात है दिए गए उदाहरण से नियम की पहचान करना। एक बार नियम पहचान लिया जाए, तो उत्तर मात्र कुछ सेकंड में निकल जाता है। इसीलिए इस अध्याय में अधिकाधिक उदाहरणों को हल करके आँख को प्रशिक्षित करना ही सर्वोत्तम रणनीति है।
प्रकार 1 – अक्षर स्थान मान कूट: इस विधि में शब्द के हर अक्षर के अग्र स्थान मान को उसकी संख्या लिख दी जाती है। जैसे "CAT" = 3120, क्योंकि C=3, A=1, T=20। यदि स्थान मान दो अंकों का हो (10 से 26), तो कई बार उसकी जगह विपरीत मान या अंकों का योग भी लिया जाता है।
प्रकार 2 – अक्षर गिनती कूट: शब्द में प्रत्येक अक्षर के आने की संख्या को कूट के रूप में लिखा जाता है। जैसे "BANANA" में B=1, A=3, N=2; अतः कूट "B1A3N2" या सिर्फ 132 हो सकता है। यह पैटर्न प्रायः विविध प्रश्नों में मिलता है।
प्रकार 3 – संक्रियात्मक कूट: शब्द के अक्षरों के स्थान मानों पर जोड़, घटाव, गुणा अथवा भाग करके एक संख्या बनाई जाती है। जैसे "GOOD" = G(7)+O(15)+O(15)+D(4) = 41। कई प्रश्नों में स्थान मानों का अंतर, गुणनफल या पहले और अंतिम अक्षर के मानों का प्रयोग होता है।
प्रकार 4 – दोहरी संख्या कूट: कभी-कभी एक शब्द को दो संख्याओं के रूप में लिखा जाता है, जैसे "RAM" को 18 1 13 अथवा "18-1-13" लिखा जाता है। यहाँ हर अक्षर का अलग-अलग स्थान मान दर्शाया जाता है।
प्रकार 5 – उल्टा क्रम कूट: शब्द के अक्षरों के स्थान मानों को उल्टे क्रम में या अंतिम अक्षर से पहले लिखा जाता है। जैसे "BAG" = 7 1 2 (G, A, B के मान)।
प्रकार 6 – सम/विषम संख्या कूट: प्रत्येक अक्षर के स्थान मान को देखकर उसे दो अंकों की संख्या में परिवर्तित किया जाता है जिसमें पहले दहाई अंक वर्णमाला की पंक्ति संख्या और इकाई अंक उस पंक्ति में स्थान दर्शाता है। यह उच्च स्तरीय विधि कभी-कभी NTPC में पूछी जाती है।
प्रकार 7 – वर्ग/घन पर आधारित कूट: कुछ प्रश्नों में अक्षर के स्थान मान का वर्ग या घन लिया जाता है। जैसे A=1, B=4 (2²), C=9 (3²), D=16 (4²)।
हल करने की सामान्य रणनीति:
विधि A – प्रत्येक अक्षर का स्थान मान: सबसे सरल विधि। शब्द के हर अक्षर का अग्र स्थान मान क्रम से लिखा जाता है। उदाहरण: "PEN" = P(16) E(5) N(14) = 16514। इसे पहचानना आसान है क्योंकि शब्द में 3 अक्षर हैं और कूट में 5 अंक हैं, जो स्थान मानों के अंकों की कुल संख्या के बराबर होता है।
विधि B – स्थान मानों का योग: शब्द के सभी अक्षरों के स्थान मान जोड़कर एक संख्या बनाई जाती है। जैसे "GO" = 7+15 = 22। कई बार योग में अक्षरों की संख्या भी जोड़ दी जाती है या योग से अक्षरों की संख्या घटा दी जाती है।
विधि C – विपरीत स्थान मान योग: प्रत्येक अक्षर के विपरीत स्थान मान (27 − अग्र मान) का योग कूट होता है। जैसे "GO" = G(20) + O(12) = 32। जब सामान्य योग से कूट न बन रहा हो तो यह विधि आज़माएँ।
विधि D – अक्षर गिनती आधारित: शब्द में अक्षरों के आने की आवृत्ति के अनुसार संख्याएँ दी जाती हैं। जैसे "APPLE" में A=1, P=2, L=1, E=1। इसके कूट में अक्षर के साथ गिनती लिखी जाती है।
विधि E – गुणन आधारित कूट: कभी-कभी अक्षरों के स्थान मानों का गुणनफल कूट होता है। जैसे "BY" = B(2) × Y(25) = 50। कभी-कभी पहले और अंतिम अक्षर का गुणनफल मध्य अक्षरों के योग से जोड़ा जाता है।
विधि F – स्थान मानों का अंतर: कुछ प्रश्नों में पहले और अंतिम अक्षर के स्थान मानों का अंतर कूट के रूप में दिया जाता है। जैसे "AX" = 26 − 1 = 25 अथवा कभी "YA" = 25 − 1 = 24।
विधि G – दोहरी पंक्ति कूट: अक्षर के स्थान मान को दो अंकों में लिखा जाता है जहाँ दहाई अंक वर्णमाला की पंक्ति (1 से 2 तक) तथा इकाई अंक उस पंक्ति में स्थान (1 से 26 तक) होता है। यह जटिल विधि कम बार पूछी जाती है परंतु उच्च कठिनाई वाले प्रश्नों में आती है।
महत्वपूर्ण स्मरणीय: किसी भी कूट प्रश्न में नियम की पहचान के लिए सबसे अच्छा साधन दिया गया उदाहरण ही है। यदि दो उदाहरण दिए गए हैं, तो उन दोनों से नियम की पुष्टि करें। यदि केवल एक उदाहरण है, तो सामान्यतः सबसे सरल नियम ही सही माना जाता है।
उदाहरण 1: यदि "PEN" को 16514 लिखा जाता है, तो "MAN" को क्या लिखा जाएगा? हल: PEN = P(16), E(5), N(14) = 16514। यहाँ हर अक्षर का स्थान मान लिखा गया है। अतः MAN = M(13), A(1), N(14) = 13114। उत्तर = 13114।
उदाहरण 2: यदि "COOL" को 45 लिखा जाता है, तो "HEAT" को क्या लिखा जाएगा? हल: COOL = C(3) + O(15) + O(15) + L(12) = 45। अतः नियम स्थान मानों का योग है। HEAT = H(8) + E(5) + A(1) + T(20) = 34। उत्तर = 34।
उदाहरण 3: यदि "BOOK" को 44 लिखा जाता है, तो "PEN" का कूट क्या होगा? हल: BOOK = B(2) + O(15) + O(15) + K(11) = 43 नहीं, दिया है 44। अतः यहाँ योग + 1 (अक्षरों की संख्या के कारण नहीं) किया गया है। सामान्यतः नियम हो सकता है: स्थान मान योग + अक्षरों की संख्या। BOOK: 43 + 1 = 44 यदि केवल 1 जोड़ा गया तो PEN: P(16)+E(5)+N(14)=35; 35 + 1 = 36। परंतु यदि अक्षरों की संख्या जोड़ी गई हो: 43 + 4 = 47, तो PEN = 35 + 3 = 38। दिए गए कूट 44 के लिए सबसे सरल नियम: योग + 1। अतः PEN = 36। उत्तर = 36।
उदाहरण 4: यदि "RAM" को 32 लिखा जाता है, तो "SHYAM" को क्या लिखा जाएगा? हल: RAM = R(18) + A(1) + M(13) = 32। यहाँ स्थान मान योग नियम है। SHYAM = S(19) + H(8) + Y(25) + A(1) + M(13) = 66। उत्तर = 66।
उदाहरण 5: यदि "BEAR" को 2618 लिखा जाता है, तो "FOUR" का कूट क्या होगा? हल: BEAR = B(2), E(5), A(1), R(18) = 2518 नहीं बल्कि दिया है 2618। ध्यान दें, E का विपरीत मान 22 होता है जबकि यहाँ दूसरा अंक 6 नहीं दिख रहा। असल में BEAR में B=2, E=5, A=1, R=18 होता है जिससे 2518 बनता है; दिया गया 2618 है। अतः यहाँ विपरीत स्थान मान का प्रयोग हुआ है: B=25, E=22, A=26, R=9 नहीं। स्पष्ट नियम निकालने हेतु यहाँ पहले अक्षर B का स्थान 2 और R का 18 है; 2618 में पहले दो अंक 26 हैं जो A का विपरीत है। अतः शब्द के अक्षरों के विपरीत मान लिखे गए हैं: B(25), E(22), A(26), R(9) परंतु यह 2522269 बनता, जो मेल नहीं खाता। इसलिए सबसे तर्कसंगत सरल नियम यह है कि शब्द को उल्टा करके स्थान मान लिखे गए हैं: BEAR को उल्टा करने पर R A E B; स्थान मान 18 1 5 2 = 18152 नहीं। अतः असली सरल नियम: पहले अक्षर का स्थान 2 और दूसरे अक्षर E का विपरीत 22 नहीं... परीक्षा के दृष्टिकोण से जब कूट स्पष्ट न बने तो विकल्पों से मेल खाता नियम चुनें। इस प्रश्न के लिए नियम है: B=2, E का विपरीत... संक्षेप में, FOUR = F(6), O(15), U(21), R(18) अग्र मानों से 6152118 बनेगा। परंतु यदि नियम विपरीत मानों का है तो F=21, O=12, U=6, R=9 अर्थात 211269 बनेगा। दिए गए उदाहरण में दो अंकों वाले मानों को जोड़कर एक अंक बना दिया गया है: B=2, E=5, A=1, R=18 अर्थात 25118? नहीं। चूँकि एक-मान्य नियम नहीं बन पा रहा, अभ्यासार्थ मानें कि अग्र स्थान मानों के अंक क्रम से लिखे गए हैं, अतः FOUR = 6152118।
उदाहरण 6: यदि "BANANA" को "B1A3N2" लिखा जाता है, तो "ORANGE" को किस प्रकार लिखा जाएगा? हल: BANANA में B एक बार, A तीन बार, N दो बार आया है; अतः कूट B1A3N2। इसी प्रकार ORANGE में सभी अक्षर एक-एक बार आते हैं, अतः कूट O1R1A1N1G1E1 होगा। उत्तर = O1R1A1N1G1E1।
| अक्षर | अग्र मान | विपरीत मान | अक्षर | अग्र मान | विपरीत मान |
|---|---|---|---|---|---|
| A | 1 | 26 | N | 14 | 13 |
| B | 2 | 25 | O | 15 | 12 |
| E | 5 | 22 | R | 18 | 9 |
| G | 7 | 20 | S | 19 | 8 |
| K | 11 | 16 | T | 20 | 7 |
| M | 13 | 14 | U | 21 | 6 |
| P | 16 | 11 | Y | 25 | 2 |
| Z | 26 | 1 | C | 3 | 24 |
| कूट विधि | उदाहरण शब्द | गणना | कूट |
|---|---|---|---|
| स्थान मान अलग-अलग | PEN | P=16, E=5, N=14 | 16514 |
| स्थान मान योग | COOL | 3+15+15+12 | 45 |
| विपरीत मान योग | GO | 20+12 | 32 |
| अक्षर गिनती | BANANA | B1, A3, N2 | B1A3N2 |
| गुणनफल | BY | 2 × 25 | 50 |
| योग + अक्षर संख्या | BOOK | 43 + 1 | 44 |
| उल्टा क्रम | BAG | G=7, A=1, B=2 | 712 |
| वर्ग मान | DC | 16, 9 | 169 |
flowchart TD
A[8.2 संख्या कूटलेखन] --> B[अक्षर स्थान मान कूट]
A --> C[अक्षर गिनती कूट]
A --> D[संक्रियात्मक कूट]
A --> E[विपरीत मान कूट]
A --> F[मिश्रित पैटर्न]
B --> B1[प्रत्येक अक्षर का मान लिखना]
B --> B2[उदाहरण PEN = 16514]
C --> C1[आवृत्ति गिनना]
C --> C2[उदाहरण BANANA = B1A3N2]
D --> D1[योग कूट COOL = 45]
D --> D2[गुणन कूट BY = 50]
D --> D3[योग और अंतर कूट]
E --> E1[विपरीत मान 27-अग्र]
E --> E2[विपरीत योग कूट]
F --> F1[उल्टा क्रम कूट]
F --> F2[वर्ग-घन कूट]
F --> F3[दोहरी पंक्ति कूट]
संख्या कूटलेखन रेलवे NTPC तर्कशक्ति का वह प्रभावी अध्याय है जो अक्षर कूट के ज्ञान को संख्याओं में बदलकर प्रश्नों की विविधता बढ़ाता है। स्थान मान योग, विपरीत मान, अक्षर गिनती तथा गुणन आधारित विधियों की पहचान के लिए अभ्यर्थी को प्रत्येक प्रकार के कम से कम दस प्रश्न हल करने चाहिए। नियम पहचानने की दक्षता ही इस अध्याय में सफलता की कुंजी है, क्योंकि एक बार नियम मिल जाने पर गणना मात्र कुछ सेकंड की रह जाती है। नियमित अभ्यास से यह अध्याय NTPC में निश्चित अंक दिलाने वाला विश्वसनीय विषय बन सकता है।