10.3 कथन और निष्कर्ष Notes

10.3 कथन और निष्कर्ष

विषय: रेलवे NTPC – तर्कशक्ति (तार्किक और विश्लेषणात्मक तर्क) अध्याय: 10.3 कथन और निष्कर्ष विषय-वस्तु: कथनों से निष्कर्ष

1. परिचय

कथन और निष्कर्ष तर्कशक्ति की वह श्रेणी है जिसमें एक या दो कथन (statements) दिए जाते हैं और उनके नीचे दो या चार निष्कर्ष (conclusions) प्रस्तुत किए जाते हैं। उम्मीदवार का कार्य यह तय करना होता है कि दिए गए कथनों से कौन-सा निष्कर्ष निश्चित रूप से निकलता है और कौन-सा नहीं। यह श्रेणी न्यायवाक्य से मिलती-जुलती है, किंतु इसमें कथन केवल दो कथनों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि कभी-कभी एक ही कथन दिया जाता है।

इस श्रेणी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि कथन को सदैव सत्य माना जाता है, चाहे वह व्यावहारिक रूप से कितना भी असंभव क्यों न लगे। उदाहरण के लिए यदि कथन है "सभी बिल्लियाँ उड़ती हैं", तो इसे सत्य मानकर ही निष्कर्ष निकालने होंगे। कई बार उम्मीदवार अपने सामान्य ज्ञान के आधार पर उत्तर देने की गलती करते हैं, जबकि परीक्षा के नियमों के अनुसार केवल दिए गए कथन ही सत्य माने जाते हैं।

इस अध्याय में हम कथन से निष्कर्ष निकालने के नियमों, कथनों में प्रयुक्त शब्दों के महत्व (सभी, कुछ, केवल, कोई नहीं, कम से कम, अधिकांश आदि) और विभिन्न प्रकार के कथन-निष्कर्ष प्रश्नों को हल करने की रणनीति को उदाहरणों सहित समझेंगे।

2. कथनों में प्रयुक्त शब्दों का विश्लेषण

3. कथनों से निष्कर्ष निकालने के नियम

4. हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: कथन: सभी देश अपनी राजधानी रखते हैं। भारत एक देश है। निष्कर्ष I: भारत अपनी राजधानी रखता है। निष्कर्ष II: भारत की राजधानी नई दिल्ली है।

हल: पहले कथन के अनुसार देशों के पास राजधानी होती है और भारत एक देश है, अतः निष्कर्ष I निश्चित रूप से सत्य है। किंतु निष्कर्ष II में नई दिल्ली का उल्लेख कथनों में नहीं है, यह अतिरिक्त जानकारी है। अतः केवल I अनुसरण करता है।

उदाहरण 2: कथन: केवल मेहनती छात्र ही परीक्षा में उत्तीर्ण होते हैं। निष्कर्ष I: परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले सभी छात्र मेहनती हैं। निष्कर्ष II: मेहनती होने वाला हर छात्र परीक्षा में उत्तीर्ण होता है।

हल: 'केवल मेहनती छात्र ही उत्तीर्ण होते हैं' का अर्थ है 'सभी उत्तीर्ण छात्र मेहनती हैं', अतः I सत्य है। किंतु II का अर्थ है कि मेहनती सभी उत्तीर्ण होते हैं, जो कथन से निश्चित नहीं है। अतः केवल I अनुसरण करता है।

उदाहरण 3: कथन: अधिकांश कर्मचारी समय पर आते हैं। निष्कर्ष I: सभी कर्मचारी समय पर आते हैं। निष्कर्ष II: कुछ कर्मचारी समय पर आते हैं।

हल: 'अधिकांश' से 'कुछ' निश्चित निकलता है, किंतु 'सभी' निश्चित नहीं निकलता। अतः केवल II अनुसरण करता है।

उदाहरण 4: कथन: सभी वैज्ञानिक बुद्धिमान हैं। कुछ वैज्ञानिक लेखक हैं। निष्कर्ष I: कुछ लेखक बुद्धिमान हैं। निष्कर्ष II: सभी लेखक बुद्धिमान हैं।

हल: कुछ वैज्ञानिक लेखक हैं और सभी वैज्ञानिक बुद्धिमान हैं, अतः कुछ लेखक बुद्धिमान हैं (I सत्य)। किंतु सभी लेखक बुद्धिमान होना निश्चित नहीं है, क्योंकि लेखकों में गैर-वैज्ञानिक भी हो सकते हैं। अतः केवल I अनुसरण करता है।

उदाहरण 5: कथन: कोई अमीर व्यक्ति कंजूस नहीं है। सभी कंजूस लोग धन जमा करते हैं। निष्कर्ष I: कोई अमीर व्यक्ति धन नहीं जमा करता। निष्कर्ष II: कुछ धन जमा करने वाले कंजूस हैं।

हल: 'कोई अमीर कंजूस नहीं' और 'सभी कंजूस धन जमा करते हैं' से 'कोई अमीर धन नहीं जमा करता' निश्चित नहीं है, क्योंकि अमीर व्यक्ति गैर-कंजूस तरीके से धन जमा कर सकता है। किंतु II 'कुछ धन जमा करने वाले कंजूस हैं' निश्चित है। अतः केवल II अनुसरण करता है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

कथन निश्चित निष्कर्ष संभावित निष्कर्ष
सभी A हैं B कुछ A हैं B, कुछ B हैं A सभी B हैं A
कुछ A हैं B कुछ B हैं A सभी A हैं B
कोई A नहीं है B कोई B नहीं है A कुछ A हैं B
केवल A हैं B सभी B हैं A
अधिकांश A हैं B कुछ A हैं B सभी A हैं B

तालिका 2

स्थिति कथनों का संयोजन परिणाम
सभी A हैं B + सभी B हैं C सकारात्मक + सकारात्मक सभी A हैं C
सभी A हैं B + कोई B नहीं है C सकारात्मक + नकारात्मक कोई A नहीं है C
कोई A नहीं है B + सभी B हैं C नकारात्मक + सकारात्मक कोई C नहीं है A (संभव)
कुछ A हैं B + कुछ B हैं C विशेष + विशेष कोई निश्चित नहीं
सभी A हैं B + कुछ B हैं C सार्वभौमिक + विशेष कुछ A हैं C (संभव)

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[कथन और निष्कर्ष] --> B[कथन पहचानो]
    A --> C[शब्दों का विश्लेषण]
    A --> D[नियम लागू करो]
    A --> E[निष्कर्ष जाँचो]
    B --> B1[सत्य मानना]
    B --> B2[उभयनिष्ठ पद खोजना]
    C --> C1[सभी - सार्वभौमिक]
    C --> C2[कुछ - विशेष]
    C --> C3[कोई नहीं - नकारात्मक]
    C --> C4[केवल - दिशा बदल]
    D --> D1[श्रृंखला बनाना]
    D --> D2[नकार की गिनती]
    D --> D3[विशेष का नियम]
    E --> E1[वेन आरेख से जाँच]
    E --> E2[अतिरिक्त जानकारी से बचना]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

कथन-निष्कर्ष श्रृंखला B C A के अंदर B, B के अंदर C, अतः सभी A हैं C स्वर्ण नियम: श्रृंखला के सिरों पर बने पदों का संबंध ही निश्चित निष्कर्ष है।

सकारात्मक और नकारात्मक कथन A B कोई A नहीं है B, अतः कोई B नहीं है A स्वर्ण नियम: नकारात्मक कथनों की संख्या गिनकर ही निष्कर्ष की प्रकृति तय करें।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. कथन को सामान्य ज्ञान से जोड़कर उत्तर देना, जबकि कथन को ही सत्य मानना आवश्यक है।
  2. 'केवल A हैं B' को 'सभी A हैं B' समझ लेना, जबकि वास्तव में इसका अर्थ 'सभी B हैं A' होता है।
  3. 'अधिकांश' से 'सभी' निकाल लेना, जबकि अधिकांश से केवल 'कुछ' निश्चित है।
  4. दोनों नकारात्मक कथनों से नकारात्मक निष्कर्ष निकाल लेना, जबकि दोनों नकारात्मक होने पर कोई निष्कर्ष नहीं बनता।
  5. संभावनात्मक निष्कर्ष को निश्चित मान लेना, या निश्चित निष्कर्ष को संभावनात्मक कहना।
  6. निष्कर्ष में कथन के बाहर की नई जानकारी जोड़ देना, जैसे किसी व्यक्ति का नाम या स्थान।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. कथनों को ध्यान से पढ़कर पहले उनकी प्रकृति (सार्वभौमिक/विशेष/नकारात्मक) तय करें।
  2. उभयनिष्ठ पद की पहचान करके श्रृंखला बनाएँ, फिर सिरों के पदों के बीच का संबंध देखें।
  3. नकारात्मक निष्कर्ष केवल तभी सही मानें जब कथनों में कम से कम एक नकारात्मक कथन हो।
  4. संभावनात्मक निष्कर्षों की जाँच करें कि क्या वे कथनों के खिलाफ हैं; अगर नहीं हैं तो वे सत्य हो सकते हैं।
  5. वेन आरेख बनाकर हर निष्कर्ष की पुष्टि करें, खासकर संभावनात्मक निष्कर्षों की।
  6. समय बचाने के लिए पहले उन निष्कर्षों को छाँटें जो स्पष्ट रूप से गलत हैं, फिर बचे हुए में सही उत्तर खोजें।

10. निष्कर्ष

कथन और निष्कर्ष के प्रश्न तार्किक निगमन की नींव हैं। कथन को सत्य मानना, शब्दों के सूक्ष्म अर्थ को समझना और नियमों का यथावत पालन करना ही इस विषय में सफलता की कुंजी है। नियमित अभ्यास से न केवल इस श्रेणी में, बल्कि न्यायवाक्य और वेन आरेख में भी दक्षता बढ़ती है, क्योंकि ये सभी आपस में जुड़े हुए हैं।