विषय: रेलवे NTPC – तर्कशक्ति (तार्किक और विश्लेषणात्मक तर्क) अध्याय: 10.7 विश्लेषणात्मक तर्क विषय-वस्तु: विश्लेषणात्मक विधियाँ
विश्लेषणात्मक तर्क रेलवे NTPC परीक्षा के तर्कशक्ति खंड का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अध्याय में हम दी गई जानकारी का विश्लेषण करके, उसे विभाजित करके और तार्किक क्रम में व्यवस्थित करके निष्कर्ष निकालने की विधि सीखते हैं। विश्लेषणात्मक तर्क में कोई भी जानकारी अधूरी या उलझी हुई दी जाती है, जिसे हमें व्यवस्थित रूप से सुलझाना होता है। यह परीक्षा के प्रश्नों में सबसे अधिक समय लेने वाला और साथ ही सबसे अधिक अंक देने वाला विषय है।
विश्लेषणात्मक विधियों का मुख्य उद्देश्य यह है कि हम दी गई शर्तों के आधार पर एक निश्चित क्रम या व्यवस्था बना सकें। उदाहरण के लिए, यदि हमें कुछ व्यक्तियों की बैठक व्यवस्था, उनके रिश्तों या उनकी विशेषताओं की जानकारी दी जाती है, तो हमें उन सभी सूचनाओं को जोड़कर एक ऐसा चित्र बनाना होता है जो सभी शर्तों को संतुष्ट करे। यह प्रक्रिया पहेली सुलझाने जैसी होती है, जिसमें हर छोटी-सी जानकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस अध्याय में हम वेन आरेख (Venn Diagram), रक्त संबंध (Blood Relations), दिशा और दूरी (Direction and Distance), वर्गीकरण, सादृश्य और संख्यात्मक विश्लेषण जैसे विषयों को विश्लेषणात्मक विधि से हल करना सीखेंगे। परीक्षा में इस अध्याय से 2 से 5 प्रश्न अवश्य आते हैं। सही रणनीति के साथ अभ्यास करने पर ये प्रश्न आसानी से शत-प्रतिशत सटीकता के साथ हल किए जा सकते हैं।
वेन आरेख विश्लेषणात्मक तर्क की सबसे सरल और प्रभावी विधि है। इसमें विभिन्न समूहों के बीच के संबंध को वृत्तों के माध्यम से दर्शाया जाता है। तीन प्रकार के संबंध होते हैं: सम्मिलन (एक वृत्त दूसरे के अंदर), प्रतिच्छेदन (वृत्त एक-दूसरे को काटते हैं) और पृथक्करण (वृत्त अलग-अलग होते हैं)। इन संबंधों को पहचानना ही इस खंड की कुंजी है।
हल करने के चरण: 1. पहले प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़कर मुख्य शब्दों को पहचानें। 2. "सभी", "कुछ", "कोई नहीं" जैसे शब्दों के अर्थ को स्पष्ट करें। 3. वृत्तों को इस प्रकार बनाएं कि सभी कथन सत्य हों। 4. निष्कर्ष को आरेख पर जाँचें कि वह सभी स्थितियों में सत्य है या नहीं।
हल किया गया उदाहरण 1: सभी कुर्सियाँ टेबल हैं। सभी टेबल फर्नीचर हैं। निष्कर्ष: (1) सभी कुर्सियाँ फर्नीचर हैं। (2) कुछ फर्नीचर कुर्सियाँ नहीं हैं। हल: पहला निष्कर्ष निश्चित रूप से सत्य है क्योंकि कुर्सियाँ टेबल में और टेबल फर्नीचर में समाहित हैं। दूसरा निष्कर्ष संभव तो है किंतु निश्चित नहीं, क्योंकि सभी फर्नीचर के कुर्सियाँ होने की स्थिति भी बन सकती है। अतः केवल निष्कर्ष 1 अनुसरण करता है।
हल किया गया उदाहरण 2: कुछ विद्यार्थी खिलाड़ी हैं। सभी खिलाड़ी मेहनती हैं। निष्कर्ष: (1) कुछ विद्यार्थी मेहनती हैं। (2) सभी मेहनती विद्यार्थी हैं। हल: चूंकि कुछ विद्यार्थी खिलाड़ी हैं और सभी खिलाड़ी मेहनती हैं, अतः वे विद्यार्थी जो खिलाड़ी हैं वे अवश्य मेहनती होंगे। इसलिए निष्कर्ष 1 निश्चित रूप से सत्य है। निष्कर्ष 2 में व्यापकता है जो निश्चित नहीं है, अतः केवल निष्कर्ष 1 अनुसरण करता है।
रक्त संबंधों के प्रश्नों में एक व्यक्ति के दूसरे व्यक्ति से संबंध को कथनों के माध्यम से दिया जाता है। इसमें पिता, माता, भाई, बहन, चाचा, दादा, पोता, सास, ससुर आदि संबंध शामिल होते हैं। इन प्रश्नों को हल करने के लिए सबसे उत्तम विधि पारिवारिक वृक्ष (Family Tree) बनाना है।
पारिवारिक वृक्ष बनाने के नियम: 1. पुरुष को वर्ग (□) और स्त्री को वृत्त (○) से दर्शाएं। 2. पति-पत्नी को समान स्तर पर रेखा से जोड़ें। 3. बच्चों को माता-पिता से नीचे की ओर रेखा द्वारा जोड़ें। 4. प्रत्येक नया संबंध पहले से निर्धारित व्यक्ति के सापेक्ष बनाएं।
हल किया गया उदाहरण 3: रमेश की माँ, सुरेश की बहन है। सुरेश का रमेश के पिता से क्या संबंध है? हल: रमेश की माँ सुरेश की बहन है, अतः सुरेश रमेश का मामा है। मामा, पिता का साला होता है। अतः सुरेश, रमेश के पिता का साला है।
हल किया गया उदाहरण 4: A, B का पिता है लेकिन B, A का पुत्र नहीं है। B, A का कौन है? हल: यदि B, A का पुत्र नहीं है तो B A की पुत्री हो सकती है। कथन में लिंग निर्दिष्ट नहीं है, अतः B, A की पुत्री है। यह प्रश्न लिंग की बारीकी समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
दिशा और दूरी के प्रश्नों में व्यक्ति की यात्रा के अनुसार उसकी अंतिम स्थिति ज्ञात करनी होती है। इसके लिए सर्वप्रथम आरेख बनाना आवश्यक है। उत्तर दिशा को ऊपर, दक्षिण को नीचे, पूर्व को दाईं ओर और पश्चिम को बाईं ओर मानें। मुड़ने पर दिशा बदलती है, जिसे ध्यानपूर्वक अंकित करें।
हल करने की विधि: 1. प्रारंभिक बिंदु पर एक बिंदु (●) बनाएं। 2. प्रत्येक गति को एक सीधी रेखा से दर्शाएं। 3. सभी गतियों को जोड़कर अंतिम बिंदु ज्ञात करें। 4. दूरी और दिशा की गणना करें (कर्ण के लिए पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करें)।
हल किया गया उदाहरण 5: राजेश 5 किमी पूर्व की ओर चलता है, फिर बाएं मुड़कर 3 किमी चलता है, फिर बाएं मुड़कर 5 किमी चलता है। वह अब प्रारंभिक बिंदु से कितनी दूर और किस दिशा में है? हल: पूर्व में 5 किमी जाने पर फिर बायां मोड़ दक्षिण की ओर ले जाता है (3 किमी)। पुनः बायां मोड़ पूर्व से विपरीत पश्चिम की ओर ले जाता है, जिसमें 5 किमी चलने पर वह पूर्व की गति को समाप्त कर देता है। अतः वह प्रारंभिक बिंदु से केवल 3 किमी दक्षिण में है।
संख्यात्मक विश्लेषण में संख्याओं की श्रृंखला, कोडिंग और गणितीय संक्रियाओं का विश्लेषण किया जाता है। संख्याओं के बीच के संबंध को पहचानना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, यदि दिया है कि 2, 6, 12, 20, 30 तो अगली संख्या के लिए अंतर 4, 6, 8, 10 बढ़ता जा रहा है, अतः अगला अंतर 12 होगा और संख्या 42 आएगी।
हल किया गया उदाहरण 6: यदि 3 × 4 = 14, 5 × 6 = 34, तो 7 × 8 क्या होगा? हल: यहाँ संक्रिया है (a × b) − 2 = परिणाम। जाँच करें: 3 × 4 − 2 = 10, परंतु दिया है 14। अतः सही संक्रिया (a × b) + 2 है: 3 × 4 + 2 = 14, 5 × 6 + 2 = 32, परंतु दिया है 34। अतः संक्रिया (a × b) + 2 + (a − b) है: 12 + 2 + 1 = 15 नहीं। वास्तव में संक्रिया है a² + b − 3: 9 + 4 − 3 = 10 नहीं। पुनः जाँचें: 3 × 4 = 12, 12 + 2 = 14; 5 × 6 = 30, 30 + 4 = 34। अतः जोड़ा गया पद स्वयं (a−1) है: 12 + 2 = 14 और 30 + 4 = 34। तो 7 × 8 = 56 + 6 = 62। उत्तर: 62।
| कथन का प्रकार | अनुसरण करने वाला निष्कर्ष | अनुसरण न करने वाला निष्कर्ष |
|---|---|---|
| सभी A, B हैं | कुछ B, A हैं | कुछ B, A नहीं हैं (निश्चित नहीं) |
| कुछ A, B हैं | कुछ B, A हैं | सभी A, B हैं (निश्चित नहीं) |
| कोई A, B नहीं है | कोई B, A नहीं है | कुछ A, B हैं (असंभव) |
| सभी A, B और सभी B, C | सभी A, C | सभी C, A (निश्चित नहीं) |
| दिया गया संबंध | परिणामी संबंध | टिप्पणी |
|---|---|---|
| पिता का पिता | दादा | पुत्र-पुत्री दोनों संभव |
| माता का भाई | मामा | माता का पक्ष |
| पिता की बहन | बुआ | पिता का पक्ष |
| भाई का पुत्र | भतीजा | पुरुष संतान |
| बहन की पुत्री | भांजी | स्त्री संतान |
| पति की माता | सास | विवाह के बाद |
| मोड़ | परिणामी दिशा | संकेत |
|---|---|---|
| पूर्व से बायां मोड़ | उत्तर | घड़ी की विपरीत दिशा |
| पूर्व से दायां मोड़ | दक्षिण | घड़ी की दिशा |
| उत्तर से बायां मोड़ | पश्चिम | 90 डिग्री घूर्णन |
| दक्षिण से दायां मोड़ | पश्चिम | 90 डिग्री घूर्णन |
flowchart TD
A[विश्लेषणात्मक तर्क] --> B[वेन आरेख]
A --> C[रक्त संबंध]
A --> D[दिशा-दूरी]
A --> E[संख्यात्मक विश्लेषण]
B --> B1[सम्मिलन]
B --> B2[प्रतिच्छेदन]
B --> B3[पृथक्करण]
C --> C1[पारिवारिक वृक्ष]
C --> C2[लिंग निर्धारण]
D --> D1[आरेख विधि]
D --> D2[पाइथागोरस]
E --> E1[श्रृंखला]
E --> E2[कोडिंग]
C1 --> F[निष्कर्ष]
D1 --> F
B1 --> F
विश्लेषणात्मक तर्क रेलवे NTPC परीक्षा में निश्चित अंक देने वाला विषय है, बशर्ते कि हर प्रश्न को व्यवस्थित विधि से, आरेख और तालिकाओं की सहायता से हल किया जाए। वेन आरेख, रक्त संबंध और दिशा-दूरी के नियमों को दृढ़ता से याद रखकर तथा प्रतिदिन 10 से 15 प्रश्नों का अभ्यास करके उम्मीदवार इस खंड में शत-प्रतिशत सटीकता प्राप्त कर सकता है। त्रुटियों से बचने के लिए निष्कर्षों को हमेशा सभी संभावित स्थितियों में सत्य होने की कसौटी पर परखना ही सफलता का मार्ग है।