10.9 पहेली और बैठने की व्यवस्था Notes

10.9 पहेली और बैठने की व्यवस्था

विषय: रेलवे NTPC – तर्कशक्ति (तार्किक और विश्लेषणात्मक तर्क) अध्याय: 10.9 पहेली और बैठने की व्यवस्था विषय-वस्तु: बैठक व्यवस्था पहेली

1. परिचय

पहेली और बैठने की व्यवस्था रेलवे NTPC परीक्षा के तर्कशक्ति खंड में सबसे अधिक भार वाला विषय है। इन प्रश्नों में व्यक्तियों, वस्तुओं या वस्तुओं को एक निश्चित क्रम या पंक्ति में बैठाने की जानकारी दी जाती है, और हमें उनके स्थान, दिशा, आस-पास के पड़ोसी आदि ज्ञात करने होते हैं। बैठने की व्यवस्था मुख्यतः तीन प्रकार की होती है: रैखिक (एक पंक्ति में), वृत्ताकार (गोल मेज पर) और आयताकार/चौकोर मेज

इन प्रश्नों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रश्न में दी गई सभी शर्तें आपस में जुड़ी होती हैं और एक शर्त का गलत अर्थ लगाने पर पूरी व्यवस्था गलत हो जाती है। इसलिए सबसे पहले शर्तों को समझकर उन्हें सरल रूप में लिखना आवश्यक है। बैठने की व्यवस्था में 'दाएं' और 'बाएं' की दिशा मुख की दिशा पर निर्भर करती है — यदि व्यक्ति उत्तर की ओर मुख करके बैठा है तो उसका दायां हाथ पूर्व में होगा, परंतु यदि वह दक्षिण की ओर मुख करके बैठा है तो दायां हाथ पश्चिम में होगा।

पहेलियों को हल करने के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया अपनानी चाहिए: पहले मजबूत शर्तों (जो सीधे स्थान बताती हैं) को रखें, फिर कमजोर शर्तों को जोड़ें। यदि दो संभावित व्यवस्थाएँ बनती हैं तो दोनों को अलग-अलग आज़माएँ और जो व्यवस्था सभी शर्तों को संतुष्ट करे उसे ही अंतिम मानें। इस अध्याय में हम पंक्ति व्यवस्था, वृत्ताकार व्यवस्था, मुख की दिशा और पड़ोसी संबंधों को विस्तार से समझेंगे।

2. रैखिक व्यवस्था (पंक्ति में बैठना)

रैखिक व्यवस्था में सभी व्यक्ति एक सीधी पंक्ति में बैठे होते हैं और आमतौर पर उनका मुख एक ही दिशा (प्रायः उत्तर) की ओर होता है। इस व्यवस्था में 'दाएं' और 'बाएं' स्पष्ट रूप से ज्ञात होते हैं। पंक्ति में व्यक्ति की स्थिति का निर्धारण उसकी दाएं-बाएं संख्या से होता है। इसके लिए निम्नलिखित विधि अपनाई जाती है।

हल करने के चरण: 1. दी गई शर्तों को पढ़कर सबसे निश्चित शर्त से व्यवस्था शुरू करें। 2. "ठीक बगल में", "के तुरंत दाएं", "के बीच", "के अंतिम छोर पर" जैसे शब्दों का अर्थ स्पष्ट करें। 3. प्रत्येक व्यक्ति के लिए ज्ञात संबंधों को जोड़ते जाएं। 4. अंत में सभी शर्तों की जाँच करें।

हल किया गया उदाहरण 1: पाँच व्यक्ति A, B, C, D, E उत्तर की ओर मुख करके एक पंक्ति में बैठे हैं। B, A के ठीक दाएं है। C, E के ठीक बाएं है। D अंतिम बाएं छोर पर है। A, D के ठीक दाएं है। कौन सबसे दाएं छोर पर है? हल: D अंतिम बाएं छोर पर है और A, D के ठीक दाएं है, अतः A दूसरे स्थान पर है। B, A के ठीक दाएं है, अतः B तीसरे स्थान पर है। C, E के ठीक बाएं है, अतः क्रम है D, A, B, C, E। अतः E सबसे दाएं छोर पर है।

हल किया गया उदाहरण 2: छह व्यक्ति एक पंक्ति में उत्तर की ओर मुख करके बैठे हैं। P, R के ठीक बाएं है। Q, S के दाएं तीसरे स्थान पर है। T, U के ठीक दाएं है। यदि U सबसे बाएं छोर पर है, तो P और S के बीच कौन बैठा है? हल: U सबसे बाएं और T, U के ठीक दाएं है, अतः क्रम U, T, ... Q, S के दाएं तीसरे स्थान पर है अर्थात S की स्थिति के तीन स्थान बाद Q है। P, R के ठीक बाएं है। व्यवस्था बनती है: U, T, S, P, R, Q। अतः P और S के बीच कोई नहीं, क्योंकि S के ठीक दाएं P है अर्थात P, S के ठीक बगल में है।

3. वृत्ताकार व्यवस्था

वृत्ताकार व्यवस्था में सभी व्यक्ति एक गोल मेज के चारों ओर बैठे होते हैं। यहाँ मुख्य दो स्थितियाँ होती हैं: सभी का मुख केंद्र की ओर, या सभी का मुख बाहर की ओर। यदि मुख केंद्र की ओर है तो बाएं-दाएं की दिशा घड़ी की दिशा के सापेक्ष बदल जाती है: केंद्र की ओर मुख करने पर दायां पड़ोसी घड़ी की विपरीत दिशा में होता है।

वृत्ताकार व्यवस्था के नियम: 1. पहले एक निश्चित व्यक्ति को किसी स्थान पर रखें और फिर बाकी को उसके सापेक्ष रखें। 2. मुख केंद्र की ओर होने पर: दायां = घड़ी की विपरीत दिशा। 3. मुख बाहर की ओर होने पर: दायां = घड़ी की दिशा। 4. विपरीत बैठना = दो स्थान छोड़कर बैठना।

हल किया गया उदाहरण 3: छह व्यक्ति A, B, C, D, E, F केंद्र की ओर मुख करके गोल मेज पर बैठे हैं। A, B के ठीक बाएं है। C, D के ठीक दाएं है। E, F के ठीक बाएं है। यदि F, A के ठीक दाएं है, तो D के ठीक बाएं कौन है? हल: केंद्र की ओर मुख करने पर दायां = घड़ी की विपरीत दिशा। F, A के ठीक दाएं है, अतः क्रम (घड़ी की दिशा में) A, ... B, A के ठीक बाएं अर्थात घड़ी की दिशा में A से आगे B होगा। C, D के ठीक दाएं है। E, F के ठीक बाएं है। व्यवस्था से D के ठीक बाएं C है।

हल किया गया उदाहरण 4: सात व्यक्ति एक वृत्त में बाहर की ओर मुख करके बैठे हैं। P, Q के ठीक दाएं है। R, S के ठीक बाएं है। T, U के ठीक दाएं है। V केंद्र में नहीं, परंतु वह बाकी सभी के साथ वृत्त में है। जब बाहर की ओर मुख हो तो दायां = घड़ी की दिशा। सभी शर्तों को जोड़कर व्यवस्था पूर्ण करें।

4. आयताकार मेज और मिश्रित पहेलियाँ

आयताकार मेज की व्यवस्था में व्यक्ति चार भुजाओं पर बैठते हैं, जिसमें सामने वाले व्यक्ति विपरीत दिशा में मुख करते हैं। कुछ व्यक्ति लंबी भुजा और कुछ छोटी भुजा पर बैठते हैं। ऐसे प्रश्नों में दिशाओं का ध्यान रखना अधिक कठिन होता है क्योंकि एक ही मेज पर बैठे लोगों की मुख दिशाएँ भिन्न-भिन्न होती हैं।

मिश्रित पहेलियों में बैठने की व्यवस्था के साथ रंग, व्यवसाय, शहर, खाना आदि की अतिरिक्त जानकारी भी दी जाती है। ऐसी पहेलियों को हल करने के लिए तालिका विधि (Table Method) सबसे उपयुक्त है, जिसमें प्रत्येक विशेषता के लिए अलग कॉलम बनाए जाते हैं और क्रॉस-कट संबंधों को चिह्नित किया जाता है।

तालिका विधि के चरण: 1. सभी व्यक्तियों की सूची बनाएं। 2. प्रत्येक शर्त से व्यक्ति-विशेषता का जोड़ा बनाएं। 3. जिन स्थानों की जानकारी नहीं है उन्हें '?' से चिह्नित करें। 4. प्रत्येक शर्त को जोड़ने के बाद अंतिम तालिका बनाएं।

हल किया गया उदाहरण 5: तीन मित्र राम, श्याम, मोहन अलग-अलग शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता में रहते हैं और अलग-अलग पेशे इंजीनियर, डॉक्टर, शिक्षक हैं। राम दिल्ली में नहीं रहता। इंजीनियर मुंबई में रहता है। श्याम शिक्षक है। मोहन कहाँ रहता है? हल: श्याम शिक्षक है और इंजीनियर मुंबई में है। राम दिल्ली में नहीं है, अतः राम मुंबई या कोलकाता में। यदि इंजीनियर मुंबई में है और राम मुंबई में है तो राम इंजीनियर है, श्याम शिक्षक, मोहन डॉक्टर। मोहन कोलकाता या दिल्ली में। दिए गए आँकड़ों से मोहन का शहर निश्चित नहीं, परंतु यदि राम मुंबई में नहीं है तो इंजीनियर मोहन नहीं... अतः मोहन कोलकाता में रहता है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: बैठने की व्यवस्था के प्रकार और नियम

व्यवस्था प्रकार मुख दिशा दायां पड़ोसी विशेष बात
रैखिक एक समान (उत्तर) दाएं = सामान्य सरलतम
वृत्ताकार केंद्र की ओर घड़ी की विपरीत दिशा विपरीत = दो स्थान बाद
वृत्ताकार बाहर की ओर घड़ी की दिशा मुख बदलने से बदल जाता है
आयताकार मेज के अनुसार भुजा पर निर्भर सामने वाला विपरीत मुख

तालिका 2: महत्वपूर्ण शब्दावली

शब्द अर्थ उदाहरण
ठीक बगल में तुरंत बगल में X, Y के ठीक बगल में
के तुरंत दाएं एक स्थान छोड़कर दाएं X, Y के तुरंत दाएं
के दाएं दूसरा बीच में एक व्यक्ति X, Y के दाएं दूसरे स्थान पर
के बीच दोनों के बीच में X, Y और Z के बीच है
अंतिम छोर पर पहला या अंतिम स्थान X अंतिम छोर पर है

तालिका 3: पहेली हल करने का क्रम

चरण कार्य उद्देश्य
1 सशक्त शर्तों की पहचान सीधे स्थान देने वाली शर्तें
2 निश्चित व्यवस्था पहली रूपरेखा
3 कमजोर शर्तें संभावित स्थानों का निर्धारण
4 सत्यापन सभी शर्तों की जाँच

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[पहेली और बैठक व्यवस्था] --> B[रैखिक व्यवस्था]
    A --> C[वृत्ताकार व्यवस्था]
    A --> D[आयताकार मेज]
    A --> E[मिश्रित पहेली]
    B --> B1[उत्तर मुख]
    B --> B2[पंक्ति क्रम]
    C --> C1[केंद्र की ओर]
    C --> C2[बाहर की ओर]
    D --> D1[चार भुजाएँ]
    E --> E1[तालिका विधि]
    B1 --> F[व्यवस्था बनाएं]
    C1 --> F
    D1 --> F
    E1 --> F

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

रैखिक व्यवस्था: D, A, B, C, E D बाएं छोर A B C E दाएं छोर B, A के ठीक दाएं है C, E के ठीक बाएं है स्वर्ण नियम: रैखिक व्यवस्था में पहले अंतिम छोर वाले व्यक्ति को रखें और फिर तुरंत-पड़ोसी की शर्तों को क्रम से जोड़ें।

वृत्ताकार व्यवस्था A B C D घड़ी की दिशा स्वर्ण नियम: वृत्ताकार व्यवस्था में पहले निश्चित करें कि मुख केंद्र की ओर है या बाहर, क्योंकि दाएं-बाएं की दिशा इसी पर निर्भर करती है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. मुख की दिशा को अनदेखा करना — बाहर की ओर मुख होने पर दाएं-बाएं की दिशा बदल जाती है।
  2. "के ठीक बाएं" और "के बाएं तीसरे स्थान पर" का अंतर न समझना।
  3. दो संभावित व्यवस्थाओं में से केवल एक का परीक्षण करना और गलत उत्तर चुनना।
  4. अंतिम छोर वाले व्यक्ति की शर्त को बाद में रखकर व्यवस्था को उलझाना।
  5. वृत्ताकार व्यवस्था में 'विपरीत' को पास-पास समझ लेना।
  6. मिश्रित पहेली में एक विशेषता (जैसे शहर) को गलत व्यक्ति से जोड़ देना, जिससे सारा जाल गलत हो जाए।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. सशक्त शर्तों (सीधे स्थान देने वाली) से व्यवस्था शुरू करें।
  2. वृत्ताकार व्यवस्था के लिए पहले मुख दिशा निश्चित करें और फिर घड़ी की दिशा चिह्नित करें।
  3. यदि दो व्यवस्थाएँ संभव हों, तो दोनों को कागज पर अलग-अलग बनाएं।
  4. मिश्रित पहेली के लिए तालिका बनाकर प्रत्येक शर्त के संयोजन को स्तंभों में चिह्नित करें।
  5. शर्तों को उनके संक्षिप्त रूप (जैसे A − B, A दायां C) में लिखकर समय बचाएं।
  6. यदि व्यवस्था बनने में 60 सेकंड से अधिक लगे, तो प्रश्न को चिह्नित करके बाद में हल करें।

10. निष्कर्ष

बैठने की व्यवस्था और पहेलियाँ रेलवे NTPC में अच्छे अभ्यास से शत-प्रतिशत हल किए जा सकने वाले प्रश्न हैं, क्योंकि इनका उत्तर हमेशा निश्चित और सत्यापन योग्य होता है। मुख की दिशा के नियम, सशक्त शर्तों से शुरुआत और संभावित व्यवस्थाओं की पूर्ण जाँच इस विषय के प्रमुख कौशल हैं। नियमित अभ्यास और त्रुटियों के विश्लेषण से उम्मीदवार इन प्रश्नों को तीव्रता और सटीकता दोनों के साथ हल करने में सक्षम हो जाता है।