विषय: रेलवे NTPC – तर्कशक्ति (रक्त संबंध और दिशा) अध्याय: 9.2 पारिवारिक वृक्ष विषय-वस्तु: वंश वृक्ष विधि
पारिवारिक वृक्ष विधि रक्त संबंध के जटिल प्रश्नों को हल करने की सबसे प्रभावी तकनीक है। जब किसी प्रश्न में चार-पाँच सदस्यों के बीच कई रिश्ते एक साथ दिए जाते हैं, तो सीधे दिमाग से हल करना भ्रम पैदा करता है। ऐसे में वंश वृक्ष बनाकर सभी सदस्यों को एक चित्र में व्यवस्थित करना सबसे सुरक्षित तरीका है। रेलवे NTPC परीक्षा में ऐसे प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं जिनमें दो या अधिक पीढ़ियों के सदस्य शामिल होते हैं।
वंश वृक्ष बनाते समय पुरुष सदस्यों को वर्ग और महिला सदस्यों को गोला या वृत्त में दर्शाया जाता है। विवाहित जोड़े को '=' या 'x' चिह्न से जोड़ा जाता है और संतान को नीचे की ओर खींची गई रेखा से जोड़ा जाता है। यह विधि न केवल गलतियाँ कम करती है बल्कि समय की भी बचत करती है। प्रश्न में दी गई हर जानकारी को वृक्ष में अंकित करना आवश्यक है।
इस अध्याय में हम वंश वृक्ष की मूल विधि, उसे बनाने के नियम और चरण, तथा हल किए गए उदाहरणों के माध्यम से सीखेंगे कि किस प्रकार जटिल से जटिल प्रश्न भी आसानी से हल हो जाता है। अंत में तालिकाएँ, माइंड मैप, आरेख, सामान्य गलतियाँ और परीक्षा युक्तियाँ दी गई हैं, जो अंतिम क्षण की पुनरावृत्ति में सहायक होंगी।
वंश वृक्ष एक रेखाचित्र है जिसमें परिवार के सभी सदस्यों को उनकी पीढ़ी के अनुसार ऊपर से नीचे की ओर क्रमबद्ध किया जाता है। इस विधि की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
प्रतीक पद्धति का उदाहरण: यदि कहा जाए कि राम और सीता विवाहित हैं और उनके दो बच्चे लव और कुश हैं, तो वृक्ष में राम (वर्ग) = सीता (गोला) बनाकर दोनों के नीचे लव (वर्ग) और कुश (वर्ग) जोड़े जाते हैं। इस प्रकार किसी भी नए रिश्ते को जोड़ने के लिए नियमों का पालन करना होता है।
वंश वृक्ष के लाभ: (1) बड़े और जटिल प्रश्न स्पष्ट हो जाते हैं। (2) लिंग संबंधी गलतियाँ नहीं होतीं। (3) उल्टे रिश्ते स्वतः समझ में आ जाते हैं। (4) परीक्षा में केवल रफ स्पेस में चित्र बनाकर उत्तर दिया जा सकता है। (5) एक ही वृक्ष से कई प्रश्न हल किए जा सकते हैं।
वंश वृक्ष बनाते समय निम्नलिखित चरणों का क्रम से पालन करना चाहिए:
महत्वपूर्ण नियम: कथनों को बाएं से दाएं नहीं, बल्कि दाएं से बाएं (अंतिम से पहले) हल करें। उदाहरण के लिए "X, Y की माता के पिता का भाई है" को वृक्ष में Y की माता बनाएं, फिर उसके पिता बनाएं, फिर उस पिता का भाई बनाएं। इससे क्रम स्पष्ट रहता है और अंतिम संबंध गलत नहीं होता।
अज्ञात लिंग का प्रबंधन: यदि "राम की संतान" कहा जाए और लिंग न बताया जाए तो उसे त्रिभुज से दर्शाएं। यदि प्रश्न लिंग पूछता है तो उत्तर में 'पुत्र या पुत्री' लिखें। यदि प्रश्न लिंग-निर्णय नहीं चाहता तो सामान्य उत्तर दे सकते हैं।
उदाहरण 1: A, B की माता है। B, C का भाई है। C, D की पुत्री है। बताइए D, A से किस प्रकार संबंधित है?
हल: चरण 1: A की संतान B है। चरण 2: B का भाई C है, अतः C भी A की संतान है। चरण 3: C, D की पुत्री है, अतः D, C का पिता है। चरण 4: चूंकि B और C दोनों A की संतान हैं और D, C का पिता है, इसलिए D, A का पति है। उत्तर: पति।
उदाहरण 2: राम, श्याम का पिता है। श्याम, गीता का भाई है। गीता, मोहन की माता है। मोहन, राम का क्या लगता है?
हल: राम से श्याम और गीता दोनों संतानें हैं। गीता की संतान मोहन है। अतः मोहन, राम का नाती (पोता नहीं, क्योंकि गीता पुत्री है) है। उत्तर: नाती।
उदाहरण 3: P, Q की बहन है। Q, R की माता है। R, S का पिता है। S, P की क्या लगती है?
हल: Q, R की माता है, अतः R, Q की संतान है। R, S का पिता है, अतः S, R की संतान है। इसलिए S, Q का नाती या नातिन है। P, Q की बहन है, अतः S, P का भी नाती या नातिन है। उत्तर: नाती या नातिन।
उदाहरण 4: "मेरे पिता की बेटी की मां मेरी क्या लगती है?"
हल: पिता की बेटी या तो मैं (यदि मैं लड़की हूँ) या मेरी बहन है। उस बेटी की मां मेरी माता है। अतः उत्तर: माता। यह प्रश्न दिखने में कठिन है परंतु वृक्ष बनाने पर स्पष्ट हो जाता है।
उदाहरण 5: X, Y की पत्नी है। Y, Z का बेटा है। Z की माता W है। बताइए X, W की क्या लगती है?
हल: Y, Z का बेटा है और Z की माता W है, अतः W, Y की दादी है। X, Y की पत्नी है, इसलिए X, W की पोतोहू है। उत्तर: पोतोहू।
| प्रतीक | अर्थ | उपयोग |
|---|---|---|
| वर्ग | पुरुष | पिता, भाई, पुत्र आदि |
| गोला | महिला | माता, बहन, पुत्री आदि |
| '=' या 'x' | विवाह | पति-पत्नी के बीच |
| ऊपर-नीचे रेखा | संतान | माता-पिता से संतान तक |
| त्रिभुज | अज्ञात लिंग | संतान या रिश्ता स्पष्ट न हो |
| चरण | कार्य | उदाहरण |
|---|---|---|
| पहला | सभी कथन पढ़ें | रिश्तों की सूची बनाएं |
| दूसरा | केंद्रीय व्यक्ति चुनें | सबसे अधिक आवृत्ति वाला |
| तीसरा | सीधे रिश्ते जोड़ें | पिता-पुत्र, पति-पत्नी |
| चौथा | अप्रत्यक्ष जोड़ें | सास, दादा, मामा आदि |
| पाँचवां | लिंग जाँचें | वर्ग/गोला सत्यापित करें |
| छठा | प्रश्न से मिलाएं | उत्तर निकालें और जाँचें |
flowchart TD
A[पारिवारिक वृक्ष] --> B[प्रतीक चुनें]
A --> C[वर्ग पुरुष]
A --> D[गोला महिला]
A --> E[विवाह चिह्न]
B --> F[संतान रेखा]
A --> G[रिश्ते जोड़ें]
G --> H[सीधे रिश्ते]
G --> I[अप्रत्यक्ष रिश्ते]
A --> J[लिंग जाँचें]
A --> K[उत्तर निकालें]
वंश वृक्ष विधि रक्त संबंध के सभी प्रश्नों को हल करने की रीढ़ है। इस विधि में नियमित अभ्यास से अभ्यर्थी जटिल से जटिल प्रश्न को भी कुछ ही सेकंड में सटीक हल कर सकता है। चित्रात्मक हल करने की आदत, लिंग नियमों की पहचान और चरणबद्ध जोड़ने की प्रक्रिया परीक्षा में पूर्ण अंक दिलाने में सहायक होती है, अतः इसका अभ्यास अवश्य करें।