विषय: रेलवे NTPC – सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) अध्याय: 17.3 तत्व यौगिक और मिश्रण विषय-वस्तु: तत्व, यौगिक, मिश्रण
हमारे चारों ओर पाए जाने वाले सभी पदार्थ किसी न किसी रूप में वर्गीकृत किए जा सकते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से पदार्थ का सबसे बड़ा वर्गीकरण तत्व, यौगिक और मिश्रण के रूप में किया जाता है। यह वर्गीकरण पदार्थ की रासायनिक संरचना पर आधारित है—तत्व वह शुद्ध पदार्थ है जिसे सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता, यौगिक दो या अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन से बनता है, जबकि मिश्रण में दो या अधिक पदार्थ केवल भौतिक रूप से मिले होते हैं। जल (H₂O) एक यौगिक है, जबकि जल में घुली शक्कर एक मिश्रण है। यह अंतर NTPC परीक्षा में प्रश्न जन्म देता है, इसलिए इसे स्पष्ट रूप से समझना आवश्यक है।
पदार्थ के इस वर्गीकरण का आधार रसायन शास्त्र की वह पुरानी परंपरा है जिसमें वैज्ञानिक यह जानना चाहते थे कि कौन-सा पदार्थ मूल है और कौन-सा संयुक्त। लवॉज़िए और डाल्टन जैसे वैज्ञानिकों के प्रयोगों ने स्पष्ट किया कि तत्वों की संख्या सीमित है, परंतु इन्हीं तत्वों के भिन्न-भिन्न संयोजन से लाखों यौगिक बनते हैं। आज हम लगभग 118 ज्ञात तत्वों को जानते हैं, जिनमें से 92 प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं तथा शेष प्रयोगशालाओं में कृत्रिम रूप से बनाए गए हैं। इन्हीं तत्वों के योग से जल, कार्बन डाइऑक्साइड, नमक, शक्कर जैसे अनगिनत यौगिक बनते हैं।
तत्व, यौगिक और मिश्रण के अध्ययन का व्यावहारिक महत्व भी अत्यधिक है। वायु एक मिश्रण है, जिसमें नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य गैसें भौतिक रूप से मिली होती हैं; इन्हें आसवन द्वारा अलग किया जा सकता है। इसी प्रकार दूध एक विषमांगी मिश्रण है, जिसे अपकेंद्रण द्वारा मलाई और मक्खन में अलग किया जाता है। ये पृथक्करण विधियाँ न केवल प्रयोगशाला में बल्कि उद्योगों में भी उपयोगी हैं। रेलवे NTPC की परीक्षा में तत्व-यौगिक-मिश्रण की पहचान, समांगी-विषमांगी मिश्रण का अंतर तथा पृथक्करण विधियों के उदाहरण बार-बार पूछे जाते हैं।
तत्व (Element) वह शुद्ध पदार्थ है जिसे साधारण रासायनिक विधियों द्वारा और सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता। तत्व एक ही प्रकार के परमाणुओं से बना होता है। लोहा, सोना, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, कार्बन, सल्फर, ताँबा, पारा सभी तत्व हैं। तत्वों को मुख्यतः तीन वर्गों में बाँटा गया है—धातु, अधातु और उपधातु।
प्रत्येक तत्व का एक निश्चित रासायनिक प्रतीक (Symbol) होता है। प्रतीक अंग्रेजी नाम के पहले अक्षर से या पहले और दूसरे अक्षर से बनाए जाते हैं। कुछ तत्वों के प्रतीक उनके लैटिन नामों से बने हैं—सोडियम (Natrium, Na), पोटैशियम (Kalium, K), लोहा (Ferrum, Fe), ताँबा (Cuprum, Cu), चाँदी (Argentum, Ag), सोना (Aurum, Au), पारा (Hydrargyrum, Hg), टिन (Stannum, Sn), सीसा (Plumbum, Pb)। जल, वायु और मिट्टी में पाए जाने वाले कुछ सामान्य तत्व हैं—हाइड्रोजन (H), ऑक्सीजन (O), कार्बन (C), नाइट्रोजन (N), सल्फर (S), फास्फोरस (P), क्लोरीन (Cl), सोडियम (Na), कैल्शियम (Ca)।
कार्य उदाहरण: निम्न प्रतीकों के तत्वों के नाम लिखिए—Fe, Ag, Hg, Pb, Sn, K, Na, Ca, Cu, Zn।
हल—Fe (लोहा), Ag (चाँदी), Hg (पारा), Pb (सीसा), Sn (टिन), K (पोटैशियम), Na (सोडियम), Ca (कैल्शियम), Cu (ताँबा), Zn (जस्ता)। ध्यान दें कि प्रतीकों के बड़े-छोटे अक्षरों का सही उपयोग आवश्यक है; प्रथम अक्षर बड़ा (capital) और दूसरा अक्षर छोटा (small) लिखा जाता है।
यौगिक (Compound) दो या अधिक भिन्न तत्वों के परमाणुओं के रासायनिक संयोजन से बना शुद्ध पदार्थ है। यौगिक की कुछ प्रमुख विशेषताएँ हैं—इसमें तत्वों का अनुपात निश्चित और स्थिर होता है; इसमें तत्वों के मूल गुण नष्ट होकर नए गुण उत्पन्न हो जाते हैं; तथा इसे केवल रासायनिक अभिक्रिया द्वारा ही उसके घटक तत्वों में विभाजित किया जा सकता है।
तत्वों और यौगिकों के कुछ महत्वपूर्ण यौगिक सूत्र—जल (H₂O), नमक (NaCl), चूना पत्थर (CaCO₃), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), अमोनिया (NH₃), सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄), बेकिंग सोडा (NaHCO₃), धोने का सोडा (Na₂CO₃·10H₂O), खाने का सोडा (NaHCO₃), चूने का पानी [Ca(OH)₂]। इन सूत्रों को NTPC के लिए अवश्य याद रखें, क्योंकि परीक्षा में रोजमर्रा के यौगिकों के सूत्र पूछे जाते हैं।
कार्य उदाहरण: चूना पत्थर (CaCO₃) में कैल्शियम की प्रतिशत मात्रा ज्ञात कीजिए। (परमाणु द्रव्यमान: Ca = 40, C = 12, O = 16)
हल—CaCO₃ का अणु द्रव्यमान = 40 + 12 + 3 × 16 = 100 u। कैल्शियम की प्रतिशत मात्रा = (40/100) × 100 = 40 प्रतिशत।
मिश्रण (Mixture) में दो या अधिक पदार्थ केवल भौतिक रूप से मिले होते हैं। मिश्रण में प्रत्येक घटक के गुण संरक्षित रहते हैं, घटकों का अनुपात निश्चित नहीं होता, तथा मिश्रण को भौतिक विधियों द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है। मिश्रण दो प्रकार के होते हैं—समांगी मिश्रण और विषमांगी मिश्रण।
पृथक्करण की मुख्य विधियाँ और उनके उपयोग निम्न हैं:
कार्य उदाहरण: (क) तेल और पानी, (ख) नमक और पानी, (ग) दूध से मक्खन, (घ) स्याही के रंग—इन्हें किस विधि से अलग करेंगे?
हल—(क) पृथक्कारी फनल (separating funnel), (ख) वाष्पीकरण या आसवन, (ग) अपकेंद्रण, (घ) क्रोमैटोग्राफी।
| गुण | तत्व | यौगिक | मिश्रण |
|---|---|---|---|
| संघटन | एक ही प्रकार के परमाणु | दो या अधिक तत्व, निश्चित अनुपात | कोई भी अनुपात |
| शुद्धता | शुद्ध | शुद्ध | अशुद्ध |
| गुण | मूल गुण | नए गुण | मूल गुण संरक्षित |
| पृथक्करण | असंभव | रासायनिक विधि | भौतिक विधि |
| उदाहरण | O₂, Fe, Au | H₂O, NaCl, CO₂ | वायु, दूध, नमक-पानी |
| पृथक्करण विधि | उपयोग | उदाहरण |
|---|---|---|
| निस्यंदन | अघुलनशील ठोस को द्रव से | रेत और पानी |
| वाष्पीकरण | घुले ठोस को द्रव से | नमक के घोल से नमक |
| आसवन | दो द्रवों को क्वथनांक अंतर से | पानी और एल्कोहॉल |
| अपकेंद्रण | घनत्व अंतर से | दूध से मलाई |
| क्रोमैटोग्राफी | रंगीन पदार्थों के घटक | स्याही के रंग |
| फनल पृथक्करण | अमिश्रणीय द्रव | तेल और पानी |
flowchart TD
A[तत्व यौगिक और मिश्रण] --> B[तत्व]
B --> B1[धातु लोहा सोना ताँबा]
B --> B2[अधातु ऑक्सीजन कार्बन सल्फर]
B --> B3[उपधातु सिलिकॉन जर्मेनियम]
A --> C[यौगिक]
C --> C1[निश्चित अनुपात H2O NaCl]
C --> C2[नए गुण]
C --> C3[रासायनिक पृथक्करण]
A --> D[मिश्रण]
D --> D1[समांगी वायु नमक-पानी]
D --> D2[विषमांगी दूध तेल-पानी]
A --> E[पृथक्करण विधियाँ]
E --> E1[निस्यंदन और वाष्पीकरण]
E --> E2[आसवन और अपकेंद्रण]
E --> E3[क्रोमैटोग्राफी]
तत्व, यौगिक और मिश्रण पदार्थ वर्गीकरण की वह त्रिमूर्ति है जिसके आधार पर रसायन विज्ञान की पूरी संरचना खड़ी है। तत्व की शुद्धता, यौगिक में निश्चित अनुपात और नए गुण, तथा मिश्रण में भौतिक संयोजन और सरल पृथक्करण—ये तीन सिद्धांत हर NTPC परीक्षा में प्रश्न जन्म देते हैं। पृथक्करण विधियों के साथ इनका सही संयोजन जानने से परीक्षा के साथ-साथ दैनिक जीवन में भी रसायन विज्ञान की समझ मजबूत होती है। सूत्रों, प्रतीकों और उदाहरणों की नियमित पुनरावृत्ति तथा पिछले वर्षों के प्रश्नों के अभ्यास से इस अध्याय के अंक NTPC परीक्षा में आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं।