विषय: रेलवे NTPC – सामान्य विज्ञान (भौतिक विज्ञान)
अध्याय: 16.1 गति और गति के नियम
विषय-वस्तु: गति, न्यूटन नियम
1. परिचय
भौतिक विज्ञान का वह भाग जो वस्तुओं की गति तथा उसके कारणों का अध्ययन करता है, यांत्रिकी कहलाता है। यांत्रिकी के अंतर्गत ही गति की अवधारणा आती है। गति से अभिप्राय किसी वस्तु की स्थिति में समय के साथ परिवर्तन है। जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति बदलती है, तो वह गति में होती है। रेलवे NTPC की परीक्षा में गति, चाल, वेग, त्वरण तथा न्यूटन के गति के नियमों से अनेक प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए इस अध्याय की मूल अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझना अत्यंत आवश्यक है।
गति का अध्ययन शुद्धगतिकी (किनेमैटिक्स) और गतिकी (डायनेमिक्स) दो भागों में बांटा जाता है। शुद्धगतिकी में केवल गति का वर्णन किया जाता है, जबकि गतिकी में गति के कारणों अर्थात् बलों का अध्ययन किया जाता है। इस अध्याय में हम सबसे पहले दूरी, विस्थापन, चाल, वेग तथा त्वरण जैसी मूलभूत राशियों को समझेंगे, उसके बाद गति के समीकरणों को सीखेंगे तथा अंत में न्यूटन के तीन नियमों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
न्यूटन के गति के नियम शास्त्रीय यांत्रिकी की नींव हैं। ये नियम बताते हैं कि बल किस प्रकार गति को परिवर्तित करता है। सर आइज़ैक न्यूटन ने सन् 1687 में अपनी पुस्तक "प्रिन्सिपिया" में इन नियमों को प्रतिपादित किया। इन नियमों का उपयोग ट्रेन, रॉकेट, वाहनों तथा दैनिक जीवन की सभी गतियों को समझने में होता है। NTPC परीक्षा में संख्यात्मक प्रश्न तथा वैचारिक प्रश्न दोनों प्रकार से इस अध्याय से पूछे जाते हैं।
2. गति की मूल राशियाँ: दूरी, विस्थापन, चाल, वेग और त्वरण
दूरी (Distance): किसी गतिशील वस्तु द्वारा तय किए गए कुल पथ की लंबाई दूरी कहलाती है। यह एक अदिश राशि है, अर्थात् केवल परिमाण होता है, दिशा नहीं। इसका SI मात्रक मीटर (m) है।
विस्थापन (Displacement): वस्तु की प्रारंभिक स्थिति से अंतिम स्थिति तक की सबसे छोटी दूरी को विस्थापन कहते हैं। यह एक सदिश राशि है, जिसमें परिमाण के साथ दिशा भी होती है। इसका SI मात्रक भी मीटर ही है। विस्थापन, दूरी के बराबर या उससे कम होता है।
चाल (Speed): एकांक समय में तय की गई कुल दूरी को चाल कहते हैं। चाल = दूरी / समय। यह अदिश राशि है। इसका SI मात्रक मीटर प्रति सेकंड (m/s) है।
वेग (Velocity): एकांक समय में हुआ विस्थापन वेग कहलाता है। वेग = विस्थापन / समय। यह सदिश राशि है। यदि गति एक समान दिशा में एक सीधी रेखा पर हो, तो चाल और वेग परिमाण में बराबर होते हैं।
त्वरण (Acceleration): वेग में समय के साथ होने वाले परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं। त्वरण = वेग में परिवर्तन / लिया गया समय। यह सदिश राशि है, इसका SI मात्रक मीटर प्रति वर्ग सेकंड (m/s²) है। वेग में कमी को मंदन कहते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य: एक समान वृत्तीय गति में वस्तु की चाल स्थिर रहती है, परंतु वेग की दिशा लगातार बदलती रहती है, इसलिए वेग बदलता है और वस्तु में अभिकेंद्र त्वरण होता है। इसी प्रकार, दूरी कभी भी ऋणात्मक नहीं होती, जबकि विस्थापन, वेग और त्वरण ऋणात्मक हो सकते हैं।
हल किया गया उदाहरण: एक ट्रेन 10 सेकंड में 20 m/s के वेग से चलकर 50 m/s के वेग को प्राप्त करती है। ट्रेन का त्वरण ज्ञात कीजिए।
हल: प्रारंभिक वेग u = 20 m/s, अंतिम वेग v = 50 m/s, समय t = 10 s
त्वरण a = (v - u) / t = (50 - 20) / 10 = 30 / 10 = 3 m/s²
हल किया गया उदाहरण: एक कार 72 km/h की चाल से चल रही है। इस चाल को m/s में बदलिए।
हल: 1 km/h = 5/18 m/s, इसलिए 72 km/h = 72 × 5/18 = 20 m/s
3. ग्राफ, गति के समीकरण और एकसमान गति
दूरी-समय ग्राफ: दूरी को y-अक्ष पर तथा समय को x-अक्ष पर रखा जाता है। एक समान चाल के लिए यह ग्राफ एक सरल रेखा होती है। ग्राफ की ढाल (ढलान) वस्तु की चाल को दर्शाती है। असमान गति के लिए यह ग्राफ वक्र होता है।
वेग-समय ग्राफ: वेग-समय ग्राफ का क्षेत्रफल वस्तु द्वारा तय की गई दूरी को दर्शाता है। वेग-समय ग्राफ की ढाल त्वरण को दर्शाती है। एक समान वेग के लिए यह ग्राफ समय अक्ष के समांतर सरल रेखा होती है।
गति के तीन समीकरण (एकसमान त्वरण के लिए):
v = u + at (पहला समीकरण) — वेग-समय संबंध
s = ut + ½at² (दूसरा समीकरण) — स्थिति-समय संबंध
v² = u² + 2as (तीसरा समीकरण) — वेग-स्थिति संबंध
यहां u प्रारंभिक वेग, v अंतिम वेग, a त्वरण, t समय तथा s विस्थापन है।
मुक्त पतन: जब कोई वस्तु केवल गुरुत्वाकर्षण बल के कारण नीचे गिरती है, तो उसे मुक्त पतन कहते हैं। मुक्त पतन में त्वरण g = 9.8 m/s² (लगभग 10 m/s²) होता है, जो गुरुत्वीय त्वरण कहलाता है। इस अवस्था में गति के समीकरणों में a के स्थान पर g रखा जाता है।
हल किया गया उदाहरण: एक वस्तु विराम अवस्था से 2 m/s² के त्वरण से गति करते हुए 10 सेकंड में कितनी दूरी तय करेगी?
हल: u = 0, a = 2 m/s², t = 10 s
s = ut + ½at² = 0 + ½ × 2 × (10)² = 1 × 100 = 100 m
हल किया गया उदाहरण: एक कार 15 m/s के वेग से चल रही है। ब्रेक लगाने पर यह 5 m/s² की दर से मंदित होती है। कार कितनी दूरी पर रुकेगी?
हल: u = 15 m/s, v = 0, a = -5 m/s²
v² = u² + 2as → 0 = (15)² + 2 × (-5) × s → 0 = 225 - 10s → s = 225/10 = 22.5 m
4. न्यूटन के गति के नियम
पहला नियम (जड़त्व का नियम): प्रत्येक वस्तु अपनी विराम अवस्था या एक समान सरल रेखीय गति की अवस्था में तब तक रहती है, जब तक कि उस पर कोई बाह्य बल कार्य न करे। इस नियम को जड़त्व का नियम भी कहते हैं। जड़त्व वस्तु का वह गुण है जिसके कारण वह अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है। जड़त्व का परिमाण वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है — द्रव्यमान अधिक, जड़त्व अधिक। यदि चलती बस अचानक रुक जाती है तो यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं, यही जड़त्व का उदाहरण है।
दूसरा नियम (बल और त्वरण): वस्तु पर लगाया गया बल उसके द्रव्यमान तथा त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है। F = ma। बल की दिशा त्वरण की दिशा में होती है। इसी नियम से बल का SI मात्रक न्यूटन (N) प्राप्त होता है। 1 न्यूटन वह बल है जो 1 kg द्रव्यमान की वस्तु में 1 m/s² का त्वरण उत्पन्न करता है। संवेग का परिवर्तन बल के अनुक्रमानुपाती होता है तथा बल की दिशा में होता है, अर्थात् F = dp/dt।
संवेग (Momentum): वस्तु के द्रव्यमान और वेग के गुणनफल को संवेग कहते हैं। p = mv। यह सदिश राशि है, इसका SI मात्रक kg·m/s है।
तीसरा नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया): प्रत्येक क्रिया के विपरीत और बराबर प्रतिक्रिया होती है। क्रिया और प्रतिक्रिया हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, इसलिए वे कभी एक-दूसरे को संतुलित नहीं करते। बंदूक से गोली चलाने पर बंदूक का पीछे हटना (प्रतिक्षेप) तीसरे नियम का उदाहरण है। रॉकेट का ऊपर उठना भी इसी नियम पर आधारित है।
संवेग संरक्षण का नियम: यदि किसी निकाय पर कोई बाह्य बल कार्य नहीं करता, तो निकाय का कुल संवेग नियत रहता है। विस्फोट, टक्कर तथा रॉकेट प्रणोदन इस नियम के उदाहरण हैं।
हल किया गया उदाहरण: 5 kg द्रव्यमान की वस्तु पर 20 N का बल लगाने से उत्पन्न त्वरण ज्ञात कीजिए।
हल: F = ma → 20 = 5 × a → a = 20/5 = 4 m/s²
हल किया गया उदाहरण: 2 kg द्रव्यमान की वस्तु 10 m/s के वेग से गतिमान है। इसका संवेग ज्ञात कीजिए।
हल: p = mv = 2 × 10 = 20 kg·m/s
5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1
राशि
प्रकार
SI मात्रक
सूत्र
दूरी
अदिश
मीटर (m)
पथ की कुल लंबाई
विस्थापन
सदिश
मीटर (m)
अंतिम स्थिति - प्रारंभिक स्थिति
चाल
अदिश
m/s
दूरी / समय
वेग
सदिश
m/s
विस्थापन / समय
त्वरण
सदिश
m/s²
(v - u) / t
संवेग
सदिश
kg·m/s
m × v
बल
सदिश
न्यूटन (N)
m × a
तालिका 2
न्यूटन का नियम
कथन का सार
उदाहरण
पहला नियम
जड़त्व, बाह्य बल न होने तक अवस्था नहीं बदलती
बस रुकने पर यात्री आगे झुकना
दूसरा नियम
F = ma, बल = संवेग परिवर्तन की दर
ठेला धकेलना, बल आघूर्ण
तीसरा नियम
क्रिया और प्रतिक्रिया बराबर एवं विपरीत
बंदूक का पीछे हटना
6. माइंड मैप
flowchart TD
A[16.1 गति और गति के नियम] --> B[मूल राशियाँ]
B --> B1[दूरी और विस्थापन]
B --> B2[चाल और वेग]
B --> B3[त्वरण और मंदन]
A --> C[गति के समीकरण]
C --> C1[v = u + at]
C --> C2[s = ut + आधा at²]
C --> C3[v² = u² + 2as]
A --> D[ग्राफ]
D --> D1[दूरी-समय ग्राफ ढाल चाल]
D --> D2[वेग-समय ग्राफ ढाल त्वरण]
A --> E[न्यूटन के नियम]
E --> E1[पहला नियम जड़त्व]
E --> E2[दूसरा नियम F = ma]
E --> E3[तीसरा नियम क्रिया प्रतिक्रिया]
A --> F[संवेग संरक्षण]
F --> F1[p = mv]
7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
8. सामान्य गलतियाँ
दूरी और विस्थापन को एक ही मान लेना: दूरी अदिश तथा विस्थापन सदिश है; गोलाकार पथ में दूरी सदैव विस्थापन से अधिक होती है।
चाल और वेग का एक साथ उपयोग: चाल = कुल दूरी/कुल समय जबकि वेग = कुल विस्थापन/कुल समय।
गति के समीकरणों का उपयोग केवल एकसमान त्वरण में करना चाहिए; परिवर्तनशील त्वरण में इनका प्रयोग गलत है।
तीसरे नियम में क्रिया-प्रतिक्रिया को एक ही वस्तु पर कार्यरत मान लेना; वास्तव में वे दो अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
मुक्त पतन में द्रव्यमान की उपेक्षा करना: g का मान सभी वस्तुओं के लिए समान 9.8 m/s² होता है।
संवेग में चाल के स्थान पर वेग नहीं लिखना: संवेग एक सदिश राशि है, इसमें वेग आता है।
9. परीक्षा युक्तियाँ
एकसमान वृत्तीय गति में वस्तु का त्वरण शून्य नहीं होता, अभिकेंद्र त्वरण होता है — इस प्रश्न के उत्तर के लिए तैयार रहें।
km/h को m/s में बदलने के लिए 5/18 से गुणा करें और m/s से km/h के लिए 18/5 से गुणा करें।
ग्राफ प्रश्न में याद रखें: दूरी-समय ग्राफ की ढाल चाल, वेग-समय ग्राफ की ढाल त्वरण और वेग-समय ग्राफ का क्षेत्रफल दूरी।
संख्यात्मक प्रश्नों में इकाइयों को पहले SI में बदलें, तभी सूत्र में मान रखें।
जड़त्व के उदाहरण वाले प्रश्न (बस, ट्रेन, गाड़ी) में उत्तर का चुनाव करते समय द्रव्यमान के संदर्भ को ध्यान में रखें।
संवेग संरक्षण के प्रश्न में ध्यान दें कि बाह्य बल शून्य होना चाहिए।
10. निष्कर्ष
गति और गति के नियम भौतिक विज्ञान के इस अध्याय की रीढ़ हैं। दूरी, विस्थापन, चाल, वेग, त्वरण जैसी मूल राशियों की स्पष्ट समझ, तीन गति समीकरणों का सही प्रयोग तथा न्यूटन के तीन नियमों की गहन पकड़ NTPC परीक्षा में अंक दिलाने में सहायक सिद्ध होती है। ग्राफों की व्याख्या और संख्यात्मक अभ्यास से अध्याय पूर्ण होता है। इन अवधारणाओं का नियमित अभ्यास करने से वैचारिक प्रश्नों में गति बढ़ती है तथा अंतिम क्षण में कोई भ्रम नहीं रहता।