16.2 बल और गुरुत्वाकर्षण Notes

16.2 बल और गुरुत्वाकर्षण

विषय: रेलवे NTPC – सामान्य विज्ञान (भौतिक विज्ञान) अध्याय: 16.2 बल और गुरुत्वाकर्षण विषय-वस्तु: बल, गुरुत्वाकर्षण

1. परिचय

बल वह बाह्य कारण है जो किसी वस्तु की विराम अवस्था या एकसमान गति की अवस्था को परिवर्तित करने का प्रयास करता है। बल के प्रयोग से वस्तु की गति, आकार या दिशा में परिवर्तन संभव होता है। बल एक सदिश राशि है, जिसका SI मात्रक न्यूटन (N) है। बलों के अध्ययन के बिना यांत्रिकी को समझना संभव नहीं है, क्योंकि गति के सभी नियम बल की धारणा पर ही आधारित हैं। NTPC परीक्षा में बल के प्रकार, संतुलन तथा गुरुत्वाकर्षण से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे जाते हैं।

गुरुत्वाकर्षण वह आकर्षण बल है जो ब्रह्मांड की प्रत्येक वस्तु दूसरी वस्तु पर लगाती है। न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के नियम के अनुसार, दो वस्तुओं के बीच का आकर्षण बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। इसी बल के कारण वस्तुएँ पृथ्वी की ओर गिरती हैं, चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है और सूर्य के चारों ओर ग्रह घूमते हैं। गुरुत्वाकर्षण बल प्रकृति के चार मूल बलों में सबसे दुर्बल किंतु सबसे व्यापक बल है।

इस अध्याय में हम बल की परिभाषा, बलों के प्रकार, बलों का सदिश योग, संतुलन की स्थिति, दाब, गुरुत्वाकर्षण का नियम, गुरुत्वीय त्वरण g, भार तथा पृथ्वी से ऊँचाई बदलने पर g के मान में परिवर्तन का अध्ययन करेंगे। साथ ही गुरुत्वाकर्षण से जुड़े व्यावहारिक प्रभावों जैसे ज्वार-भाटा, भारहीनता आदि को भी समझेंगे। ये अवधारणाएँ परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

2. बल: परिभाषा, प्रकार और संतुलन

हल किया गया उदाहरण: एक वस्तु पर 10 N तथा 6 N के दो बल एक ही दिशा में कार्य कर रहे हैं। परिणामी बल कितना होगा? हल: समान दिशा में बल जुड़ते हैं। R = 10 + 6 = 16 N

हल किया गया उदाहरण: 8 N तथा 6 N के बल एक-दूसरे पर लंबवत कार्य कर रहे हैं। परिणामी बल ज्ञात कीजिए। हल: R = √(8² + 6²) = √(64 + 36) = √100 = 10 N

3. गुरुत्वाकर्षण का नियम और गुरुत्वीय त्वरण

हल किया गया उदाहरण: 60 kg द्रव्यमान की वस्तु का पृथ्वी पर भार कितना होगा? (g = 10 m/s²) हल: W = m × g = 60 × 10 = 600 N

हल किया गया उदाहरण: उसी वस्तु का चंद्रमा पर भार कितना होगा? हल: चंद्रमा पर g ≈ 10/6 m/s², W = 60 × 10/6 = 100 N

4. बल और गति में संबंध, परिमाण तथा व्यावहारिक अनुप्रयोग

हल किया गया उदाहरण: 2 kg की वस्तु 3 m त्रिज्या के वृत्ताकार पथ पर 6 m/s की चाल से घूम रही है। अभिकेंद्र बल ज्ञात कीजिए। हल: F = mv²/r = 2 × (6)² / 3 = 2 × 36/3 = 2 × 12 = 24 N

हल किया गया उदाहरण: एक वस्तु पर 50 N बल 4 सेकंड तक कार्य करता है। आवेग कितना होगा? हल: आवेग = F × t = 50 × 4 = 200 N·s

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

बल का प्रकार उदाहरण संपर्क/असंपर्क
घर्षण बल फर्श पर खिसकती वस्तु संपर्क
तनाव बल रस्सी में खिंचाव संपर्क
सामान्य बल फर्श का प्रतिक्रिया बल संपर्क
गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी द्वारा वस्तु का आकर्षण असंपर्क
चुंबकीय बल चुंबक द्वारा लोहे का आकर्षण असंपर्क
विद्युतस्थैतिक बल आवेशों के बीच बल असंपर्क

तालिका 2

राशि सूत्र SI मात्रक विशेषता
बल F = ma न्यूटन (N) सदिश राशि
भार W = mg न्यूटन (N) स्थान पर निर्भर
द्रव्यमान - किलोग्राम (kg) सार्वत्रिक, अदिश
गुरुत्वाकर्षण बल F = Gm₁m₂/d² न्यूटन (N) सार्वत्रिक आकर्षण
g का मान g = GM/R² m/s² 9.8 m/s² सतह पर
आवेग F × t N·s संवेग परिवर्तन

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[16.2 बल और गुरुत्वाकर्षण] --> B[बल]
    B --> B1[संपर्क बल]
    B1 --> B1a[घर्षण]
    B1 --> B1b[तनाव]
    B1 --> B1c[सामान्य बल]
    B --> B2[असंपर्क बल]
    B2 --> B2a[गुरुत्वाकर्षण]
    B2 --> B2b[चुंबकीय बल]
    B2 --> B2c[विद्युतस्थैतिक बल]
    A --> C[संतुलन]
    C --> C1[संतुलित बल परिणामी शून्य]
    C --> C2[असंतुलित बल गति परिवर्तन]
    A --> D[गुरुत्वाकर्षण नियम]
    D --> D1[F = Gm₁m₂ ÷ d²]
    D --> D2[G = 6.67 गुना 10⁻¹¹]
    A --> E[गुरुत्वीय त्वरण g]
    E --> E1[g = GM ÷ R²]
    E --> E2[ऊँचाई पर घटता है]
    E --> E3[भूमध्य रेखा पर कम]
    A --> F[भार और द्रव्यमान]
    F --> F1[W = mg]
    F --> F2[चंद्रमा पर भार छठा भाग]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

दो द्रव्यमानों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल m₁ m₂ दूरी d F = Gm₁m₂/d² स्वर्ण नियम: गुरुत्वाकर्षण बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

झुके तल पर रखी वस्तु पर लगने वाले बल सामान्य बल N भार W = mg घर्षण f झुकाव कोण के साथ बलों के घटक बदलते हैं स्वर्ण नियम: संतुलन में परिणामी बल सदैव शून्य होता है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. भार और द्रव्यमान को एक ही मानना: द्रव्यमान स्थान पर निर्भर नहीं करता, जबकि भार स्थान (g) पर निर्भर करता है।
  2. g और G में भ्रम: g गुरुत्वीय त्वरण है (m/s²), G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक है (N·m²/kg²)।
  3. संतुलित बल में वस्तु विराम में है ऐसा सोचना: संतुलित बल में वस्तु एकसमान वेग से भी गतिशील हो सकती है।
  4. घर्षण संपर्क क्षेत्रफल पर निर्भर करता है ऐसा मानना: वास्तव में घर्षण संपर्क सतहों की प्रकृति पर निर्भर करता है, क्षेत्रफल पर नहीं।
  5. चंद्रमा पर वस्तु का द्रव्यमान घट जाता है ऐसा सोचना: द्रव्यमान वही रहता है, केवल भार घटता है।
  6. क्रिया और प्रतिक्रिया को संतुलित बल मानना: ये अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, अतः संतुलित नहीं होते।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. 1 N = 10⁵ डाइन का रूपांतरण याद रखें, दशमलव भ्रम से बचें।
  2. चंद्रमा पर भार = पृथ्वी का भार ÷ 6, इस तथ्य से प्रश्न बहुत पूछे जाते हैं।
  3. ऊँचाई पर g घटता है तथा गहराई में भी घटता है, परंतु पृथ्वी के केंद्र पर g शून्य होता है।
  4. वृत्तीय गति के प्रश्न में F = mv²/r सूत्र का उपयोग करें और इकाइयों का ध्यान रखें।
  5. बल के सदिश योग में समान दिशा में जोड़ें, विपरीत दिशा में घटाएँ तथा लंबवत में पाइथागोरस प्रमेय लगाएँ।
  6. आवेग के उदाहरण (कैच लेते समय हाथ पीछे खींचना) को याद रखें, यह बार-बार पूछा गया है।

10. निष्कर्ष

बल और गुरुत्वाकर्षण भौतिक विज्ञान के वे मूल विषय हैं जिन पर गति, ऊर्जा तथा सम्पूर्ण ब्रह्मांडीय व्यवस्था आधारित है। बल के प्रकारों, संतुलित-असंतुलित बलों तथा घर्षण की समझ से रोजमर्रा की परिघटनाएँ स्पष्ट होती हैं। न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का नियम और उससे व्युत्पन्न गुरुत्वीय त्वरण g, भार तथा भारहीनता की अवधारणाएँ परीक्षा में उच्च स्कोरिंग हैं। नियमित संख्यात्मक अभ्यास और तालिकाओं की पुनरावृत्ति से इस अध्याय में निपुणता प्राप्त की जा सकती है। यह अध्याय भौतिक विज्ञान की नींव मजबूत करता है।