16.3 कार्य ऊर्जा और शक्ति Notes

16.3 कार्य ऊर्जा और शक्ति

विषय: रेलवे NTPC – सामान्य विज्ञान (भौतिक विज्ञान) अध्याय: 16.3 कार्य ऊर्जा और शक्ति विषय-वस्तु: कार्य, ऊर्जा, शक्ति

1. परिचय

भौतिक विज्ञान में कार्य शब्द का अर्थ रोजमर्रा की भाषा से भिन्न है। जब किसी वस्तु पर बल लगाने से वह बल की दिशा में विस्थापित होती है, तो भौतिकी में कार्य किया गया माना जाता है। यदि बल लगाने पर भी वस्तु में विस्थापन नहीं होता, तो कार्य शून्य होता है, चाहे व्यक्ति कितनी भी मेहनत करे। कार्य की यह परिभाषा परीक्षा में सदैव पूछी जाती है। कार्य का SI मात्रक जूल (J) है तथा CGS मात्रक अर्ग है। इस अध्याय में कार्य, ऊर्जा और शक्ति तीनों की गणनाएँ तथा उनके अनुप्रयोग समझने होंगे।

ऊर्जा वस्तु की कार्य करने की क्षमता है। ऊर्जा के बिना कोई भी परिवर्तन संभव नहीं है। वस्तु में संग्रहित स्थितिज ऊर्जा और गति के कारण उत्पन्न गतिज ऊर्जा भौतिकी की मूल अवधारणाएँ हैं। ऊर्जा संरक्षण का नियम कहता है कि ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट, केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है। पेंडुलम, झरना, पवनचक्की, जलविद्युत, सौर ऊर्जा आदि सभी ऊर्जा रूपांतरण के उदाहरण हैं।

शक्ति वह दर है जिस पर कार्य किया जाता है। एक ही कार्य को कम समय में करने वाला अधिक शक्तिशाली होता है। शक्ति का SI मात्रक वाट (W) है। शक्ति के व्यावहारिक मात्रक अश्वशक्ति (horsepower) और किलोवाट (kW) भी उपयोग में आते हैं। विद्युत बल्ब, इंजन, पंखे आदि पर अंकित शक्ति उनकी क्षमता बताती है। इस अध्याय में हम कार्य, गतिज ऊर्जा, स्थितिज ऊर्जा, शक्ति, ऊर्जा के रूपांतरण तथा विद्युत ऊर्जा की इकाइयों (जूल, किलोवाट-घंटा) का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

2. कार्य: परिभाषा, सूत्र और परिस्थितियाँ

हल किया गया उदाहरण: 20 N का बल किसी वस्तु पर उसकी दिशा में लगाकर उसे 5 m विस्थापित किया जाता है। किया गया कार्य ज्ञात कीजिए। हल: W = F × s = 20 × 5 = 100 J

हल किया गया उदाहरण: 15 N बल वस्तु पर 60° के कोण पर लगाया जाता है और वस्तु 4 m विस्थापित होती है। कार्य ज्ञात कीजिए। (cos60° = 0.5) हल: W = F·s·cosθ = 15 × 4 × 0.5 = 30 J

3. ऊर्जा: गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा

हल किया गया उदाहरण: 2 kg द्रव्यमान की वस्तु 10 m/s के वेग से चल रही है। उसकी गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए। हल: KE = ½mv² = ½ × 2 × (10)² = 1 × 100 = 100 J

हल किया गया उदाहरण: 5 kg की वस्तु को 10 m की ऊँचाई तक उठाया गया है। इसकी स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए। (g = 10 m/s²) हल: PE = mgh = 5 × 10 × 10 = 500 J

4. शक्ति और ऊर्जा का दैनिक उपयोग

हल किया गया उदाहरण: एक मशीन 5 सेकंड में 2000 J कार्य करती है। उसकी शक्ति ज्ञात कीजिए। हल: P = W/t = 2000/5 = 400 W

हल किया गया उदाहरण: 1000 वाट का हीटर 2 घंटे चलता है। व्यय ऊर्जा kWh में ज्ञात कीजिए। हल: E = P × t = 1 kW × 2 h = 2 kWh

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

राशि सूत्र SI मात्रक उदाहरण
कार्य W = F·s जूल (J) 10 J
गतिज ऊर्जा KE = ½mv² जूल (J) चलती गाड़ी
स्थितिज ऊर्जा PE = mgh जूल (J) ऊँचाई पर पत्थर
शक्ति P = W/t वाट (W) 100 W बल्ब
विद्युत ऊर्जा E = P×t kWh बिजली बिल

तालिका 2

रूपांतरण कारक मान
1 जूल 10⁷ अर्ग
1 किलोवाट 1000 वाट
1 मेगावाट 10⁶ वाट
1 अश्वशक्ति (HP) 746 वाट
1 kWh 3.6 × 10⁶ जूल
1 न्यूटन 10⁵ डाइन

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[16.3 कार्य ऊर्जा और शक्ति] --> B[कार्य]
    B --> B1[W = F × s]
    B --> B2[शून्य कार्य की स्थितियाँ]
    B --> B3[ऋणात्मक कार्य घर्षण]
    A --> C[गतिज ऊर्जा]
    C --> C1[KE = आधा mv²]
    C --> C2[गति के कारण ऊर्जा]
    A --> D[स्थितिज ऊर्जा]
    D --> D1[PE = mgh]
    D --> D2[स्थिति के कारण ऊर्जा]
    A --> E[ऊर्जा संरक्षण]
    E --> E1[एक रूप से दूसरे रूप में]
    A --> F[शक्ति]
    F --> F1[P = W ÷ t]
    F --> F2[वाट का मात्रक]
    A --> G[विद्युत ऊर्जा]
    G --> G1[E = P × t]
    G --> G2[किलोवाट घंटा]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

बल तथा विस्थापन में कोण होने पर कार्य वस्तु बल F विस्थापन s θ W = F·s·cosθ θ = 90° पर कार्य शून्य स्वर्ण नियम: लंबवत बल द्वारा किया गया कार्य सदैव शून्य होता है।

पेंडुलम में ऊर्जा का रूपांतरण बायाँ छोर: KE शून्य, PE अधिकतम मध्य: KE अधिकतम, PE शून्य दायाँ छोर: PE अधिकतम स्वर्ण नियम: पेंडुलम में कुल ऊर्जा सदैव नियत रहती है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. बिना विस्थापन के भी कार्य हुआ मानना: बल लगने पर भी यदि विस्थापन नहीं हुआ तो कार्य शून्य है।
  2. कार्य को बल × समय समझना: कार्य = बल × विस्थापन, समय से संबंधित शक्ति है।
  3. गतिज ऊर्जा के सूत्र में v² का ध्यान न रखना: KE = ½mv² होता है, वेग दोगुना होने पर ऊर्जा चार गुना होती है।
  4. ऊँचाई के स्थान पर द्रव्यमान को स्थितिज ऊर्जा का मुख्य कारक मानना: PE = mgh में h भी समान महत्वपूर्ण है।
  5. kWh को शक्ति की इकाई समझना: kWh ऊर्जा की इकाई है, शक्ति की इकाई वाट है।
  6. ऋणात्मक कार्य की अवधारणा न समझना: घर्षण जैसे विपरीत दिशा के बल का कार्य ऋणात्मक होता है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. वृत्तीय गति में अभिकेंद्र बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है, यह प्रश्न बार-बार आता है।
  2. वेग दोगुना होने पर गतिज ऊर्जा चार गुना तथा संवेग दोगुना होता है, इस तथ्य को याद रखें।
  3. इकाई रूपांतरण: 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J तथा 1 HP = 746 W याद रखें।
  4. विद्युत बिल के प्रश्न में kW में शक्ति और घंटों में समय लें, फिर गुणा करें।
  5. शून्य कार्य की तीनों स्थितियों (बल शून्य, विस्थापन शून्य, लंबवत) को चित्र सहित याद करें।
  6. ऊर्जा संरक्षण के प्रश्न में कुल यांत्रिक ऊर्जा स्थिर रहने का सिद्धांत लागू करें।

10. निष्कर्ष

कार्य, ऊर्जा और शक्ति भौतिकी की ऐसी त्रयी है जो न केवल परीक्षा के लिए बल्कि दैनिक जीवन को समझने के लिए भी आवश्यक है। कार्य की वैज्ञानिक परिभाषा, गतिज और स्थितिज ऊर्जा के सूत्र, ऊर्जा संरक्षण का नियम तथा शक्ति की दर की अवधारणा से असंख्य प्रश्नों का उत्तर दिया जा सकता है। विद्युत बिल, इंजन की अश्वशक्ति, बल्ब की वाट क्षमता जैसे व्यावहारिक उदाहरण इस अध्याय को सरल बनाते हैं। संख्यात्मक अभ्यास से इकाई रूपांतरण में निपुणता आती है और परीक्षा में तीव्र गति से हल किया जा सकता है। यह अध्याय NTPC के लिए अत्यधिक स्कोरिंग विषय है।