23.5 प्रमुख खेल पुरस्कार Notes

23.5 प्रमुख खेल पुरस्कार

विषय: रेलवे NTPC – खेल पुरस्कार और महत्वपूर्ण दिवस अध्याय: 23.5 प्रमुख खेल पुरस्कार विषय-वस्तु: खेल पुरस्कार

1. परिचय

भारत में खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए अनेक खेल पुरस्कार दिए जाते हैं, जिनमें सबसे प्रतिष्ठित मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार है। यह पुरस्कार 1991-92 में 'राजीव गांधी खेल रत्न' के नाम से शुरू हुआ और 2021 में इसका नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न किया गया। इसके अलावा अर्जुन पुरस्कार (1961), द्रोणाचार्य पुरस्कार (1985, प्रशिक्षकों के लिए) और ध्यानचंद पुरस्कार (2002, आजीवन उपलब्धि) प्रमुख राष्ट्रीय खेल सम्मान हैं। ये पुरस्कार खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को प्रतिवर्ष खेल दिवस (29 अगस्त) पर दिए जाते हैं।

पुरस्कारों का वर्गीकरण समझना आवश्यक है—खेल रत्न खिलाड़ी को सर्वोच्च सम्मान है, अर्जुन पुरस्कार उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए, द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रशिक्षकों को और ध्यानचंद पुरस्कार आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है। इनके अलावा राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार (2009) संस्थाओं को और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी (1956-57) समग्र विश्वविद्यालय प्रदर्शन के लिए दी जाती है। पुरस्कार और उनके पहले प्राप्तकर्ता परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं।

खेल पुरस्कारों के प्रथम प्राप्तकर्ता भी महत्वपूर्ण हैं—पहला खेल रत्न (1991-92) विश्वनाथन आनंद को मिला, पहला अर्जुन पुरस्कार 1961 में दिया गया। अभिनव बिंद्रा (2008) और नीरज चोपड़ा (2020 के लिए 2021) जैसे ओलंपिक पदक विजेताओं को भी खेल रत्न मिला। रेलवे NTPC परीक्षा में खेल पुरस्कारों की स्थापना वर्ष, प्रथम प्राप्तकर्ता और हाल के प्राप्तकर्ताओं से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं, अतः इनका व्यवस्थित ज्ञान आवश्यक है।

2. मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार

त्वरित तथ्य:

3. अर्जुन, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद पुरस्कार

त्वरित तथ्य:

4. अन्य खेल पुरस्कार एवं तथ्य

त्वरित तथ्य:

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

पुरस्कार प्रारंभ वर्ष किसके लिए
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न 1991-92 सर्वोच्च खिलाड़ी सम्मान
अर्जुन पुरस्कार 1961 उत्कृष्ट खिलाड़ी
द्रोणाचार्य पुरस्कार 1985 उत्कृष्ट प्रशिक्षक
ध्यानचंद पुरस्कार 2002 आजीवन योगदान
खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2009 संस्थाएँ
आज़ाद ट्रॉफी 1956-57 विश्वविद्यालय

तालिका 2

तथ्य विवरण
पहला खेल रत्न विश्वनाथन आनंद (1991-92)
पहला अर्जुन पुरस्कार वर्ष 1961
राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त
खेल रत्न का पुराना नाम राजीव गांधी खेल रत्न
नाम बदलने का वर्ष 2021
अभिनव बिंद्रा का खेल रत्न 2008
नीरज चोपड़ा का खेल रत्न 2021
वितरण दिवस 29 अगस्त (खेल दिवस)

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[प्रमुख खेल पुरस्कार] --> B[खेल रत्न]
    B --> B1[1991-92 शुरुआत]
    B --> B2[2021 नया नाम]
    B --> B3[विश्वनाथन आनंद पहले]
    A --> C[अर्जुन 1961]
    C --> C1[उत्कृष्ट खिलाड़ी]
    A --> D[द्रोणाचार्य 1985]
    D --> D1[प्रशिक्षकों के लिए]
    A --> E[ध्यानचंद 2002]
    E --> E1[आजीवन योगदान]
    A --> F[अन्य]
    F --> F1[खेल प्रोत्साहन 2009]
    F --> F2[आज़ाद ट्रॉफी 1956-57]
    A --> G[महत्वपूर्ण तथ्य]
    G --> G1[29 अगस्त खेल दिवस]
    G --> G2[लॉरेस आनंद 2007]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

राष्ट्रीय खेल पुरस्कार खेल रत्न 1991-92 सर्वोच्च खेल सम्मान विश्वनाथन आनंद पहले अर्जुन 1961 उत्कृष्ट खिलाड़ी सबसे पुराना खेल पुरस्कार द्रोणाचार्य 1985 प्रशिक्षकों के लिए उत्कृष्ट कोच ध्यानचंद 2002 आजीवन योगदान वरिष्ठ खिलाड़ी वितरण 29 अगस्त खेल दिवस पर खेल मंत्रालय द्वारा सम्मान स्वर्ण नियम खेल रत्न 1991-92, अर्जुन 1961, द्रोणाचार्य 1985, ध्यानचंद 2002।

खेल रत्न के प्रमुख प्राप्तकर्ता विश्वनाथन आनंद 1991-92 पहला प्राप्तकर्ता अभिनव बिंद्रा 2008 ओलंपिक स्वर्ण सचिन तेंदुलकर 2013 खेल रत्न विराट कोहली 2018 खेल रत्न पी.वी. सिंधु 2016 रजत पदक नीरज चोपड़ा 2021 ओलंपिक स्वर्ण स्वर्ण नियम पहला खेल रत्न विश्वनाथन आनंद, नीरज चोपड़ा को 2021 में मिला।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. गलती: खेल रत्न का प्रारंभ वर्ष 1991-92 के स्थान पर 1985 बताना। खेल रत्न 1991-92 में शुरू हुआ।
  2. गलती: अर्जुन पुरस्कार को 1961 के स्थान पर 1957 बताना। अर्जुन पुरस्कार 1961 में शुरू हुआ।
  3. गलती: द्रोणाचार्य पुरस्कार को खिलाड़ियों का पुरस्कार समझना। यह प्रशिक्षकों (कोच) के लिए है।
  4. गलती: खेल रत्न का पहला प्राप्तकर्ता सचिन तेंदुलकर बताना। पहला प्राप्तकर्ता विश्वनाथन आनंद है।
  5. गलती: राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त के स्थान पर 29 जनवरी बताना। 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद की जयंती पर खेल दिवस मनाया जाता है।
  6. गलती: ध्यानचंद पुरस्कार को प्रशिक्षकों के लिए मान लेना। यह आजीवन खेल योगदान के लिए है, जबकि द्रोणाचार्य प्रशिक्षकों के लिए है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. चार मुख्य पुरस्कारों (खेल रत्न, अर्जुन, द्रोणाचार्य, ध्यानचंद) के वर्ष और उद्देश्य को जोड़कर याद रखें।
  2. 'पहला प्राप्तकर्ता' से जुड़े प्रश्नों के लिए विश्वनाथन आनंद (खेल रत्न) को स्मरण रखें।
  3. हाल के खेल रत्न प्राप्तकर्ताओं (नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू) की सूची ताजा रखें।
  4. 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में ही याद रखें।
  5. पुरस्कार वितरण खेल मंत्रालय द्वारा होता है—यह तथ्य भी याद रखें।
  6. आज़ाद ट्रॉफी (विश्वविद्यालय) और खेल प्रोत्साहन पुरस्कार (संस्था) का अंतर स्पष्ट रखें।

10. निष्कर्ष

भारत के खेल पुरस्कार खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के समर्पण को सम्मानित करने का माध्यम हैं। मेजर ध्यानचंद खेल रत्न सर्वोच्च सम्मान है, जबकि अर्जुन, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद पुरस्कार विभिन्न योगदानों को मान्यता देते हैं। 1991-92 से 2021 तक खेल रत्न का सफर और विश्वनाथन आनंद से नीरज चोपड़ा तक के प्राप्तकर्ता परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। तालिकाओं और चित्रों से इन्हें पढ़ने पर यह अध्याय सरल बन जाता है। नियमित पुनरावृत्ति के साथ खेल पुरस्कारों का ज्ञान NTPC परीक्षा में निश्चित अंक दिलाता है।