विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: रसायन विज्ञान – पदार्थ और परमाणु संरचना विषय-वस्तु: 14.1 पदार्थ और उसके गुण
रसायन विज्ञान की सबसे बुनियादी अवधारणा पदार्थ है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में पदार्थ से संबंधित प्रश्न वर्गीकरण, गुणधर्मों तथा अवस्थाओं के आधार पर पूछे जाते हैं। जो कुछ भी स्थान घेरता है, द्रव्यमान रखता है और जिसे स्पर्श किया जा सकता है, उसे पदार्थ कहते हैं। उदाहरण के लिए हवा, जल, पत्थर, लोहा, लकड़ी, प्लास्टिक आदि सभी पदार्थ हैं। रेलवे में प्रयुक्त रेल की पटरियाँ, बोगी, केबल, ब्रेक द्रव तथा इंजन तेल सभी पदार्थों के ही विभिन्न रूप हैं, इसलिए पदार्थ की समझ टेक्नीशियन के दैनिक कार्य से सीधे जुड़ी है।
पदार्थ की परिभाषा में तीन प्रमुख बिंदु होते हैं — स्थान घेरना, द्रव्यमान रखना और जड़ता का गुण। जिस प्रकार गणित में संख्याओं का वर्गीकरण होता है, उसी प्रकार रसायन विज्ञान में पदार्थ का वर्गीकरण होता है। पदार्थ मुख्यतः दो श्रेणियों में बाँटा जाता है — शुद्ध पदार्थ और मिश्रण। शुद्ध पदार्थ में तत्व और यौगिक आते हैं, जबकि मिश्रण समांगी (homogeneous) और विषमांगी (heterogeneous) दो प्रकार के होते हैं। परीक्षा में प्रायः यह पूछा जाता है कि जल शुद्ध पदार्थ है या मिश्रण, तथा वायु शुद्ध पदार्थ है या नहीं।
इस अध्याय में हम पदार्थ की परिभाषा, उसके भौतिक एवं रासायनिक गुणों, पदार्थ के वर्गीकरण तथा पदार्थ की संरचना का विस्तार से अध्ययन करेंगे। रेलवे परीक्षा में इस विषय से दो से तीन प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं, जिन्हें सही समझ के अभाव में अभ्यर्थी गलत कर देते हैं। वर्गीकरण और गुणों की पकड़ ही आगे के सभी रसायन अध्यायों — परमाणु संरचना, रासायनिक अभिक्रियाएँ तथा संयोजकता — की नींव है।
पदार्थ की परिभाषा: जो वस्तु स्थान घेरती है, द्रव्यमान रखती है तथा प्रतिरोध (जड़त्व) दर्शाती है, उसे पदार्थ कहते हैं। पदार्थ से संबंधित वैज्ञानिक अवधारणा को द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध द्वारा भी समझा जाता है, परंतु परीक्षा की दृष्टि से स्थान घेरना और द्रव्यमान रखना ही मुख्य हैं।
भौतिक गुण (Physical Properties): वे गुण जिन्हें पदार्थ की पहचान बदले बिना देखा या मापा जा सकता है, भौतिक गुण कहलाते हैं। रंग, गंध, स्वाद, अवस्था (ठोस, द्रव, गैस), घनत्व, गलनांक, क्वथनांक, विद्युत चालकता, ऊष्मा चालकता, कठोरता तथा विलेयता प्रमुख भौतिक गुण हैं। इन गुणों को मापने पर पदार्थ की रासायनिक पहचान नहीं बदलती।
रासायनिक गुण (Chemical Properties): वे गुण जो किसी पदार्थ की रासायनिक संरचना में परिवर्तन लाने की क्षमता दर्शाते हैं, रासायनिक गुण कहलाते हैं। दहनशीलता (जलने की क्षमता), अम्ल से क्रिया, ऑक्सीकरण, अपचयन, अम्लीयता, क्षारीयता तथा अभिक्रियाशीलता प्रमुख रासायनिक गुण हैं। उदाहरण के लिए लोहे का ऑक्सीकरण होकर जंग लगना रासायनिक गुण है।
अभिलाक्षणिक गुण (Characteristic Properties): घनत्व, गलनांक, क्वथनांक तथा विलेयता ऐसे गुण हैं जिनकी सहायता से किसी शुद्ध पदार्थ की पहचान की जाती है। इन्हें अभिलाक्षणिक गुण कहते हैं। उदाहरण के लिए शुद्ध जल का क्वथनांक सदैव 100 डिग्री सेल्सियस तथा गलनांक 0 डिग्री सेल्सियस होता है।
उदाहरण: लोहा एक पदार्थ है जिसका घनत्व 7.87 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर है, गलनांक 1535 डिग्री सेल्सियस है और यह विद्युत तथा ऊष्मा का सुचालक है। ये सभी भौतिक गुण हैं। लोहे का जल और वायु की उपस्थिति में जंग लगना रासायनिक गुण है।
पदार्थ को संरचना के आधार पर दो मुख्य वर्गों में बाँटा जाता है — शुद्ध पदार्थ और मिश्रण।
शुद्ध पदार्थ (Pure Substance): वह पदार्थ जो एक ही प्रकार के कणों (परमाणु या अणु) से बना हो तथा जिसकी रचना सर्वत्र एक समान हो, शुद्ध पदार्थ कहलाता है। शुद्ध पदार्थ के गुण सर्वत्र समान रहते हैं। शुद्ध पदार्थ दो प्रकार के होते हैं — तत्व और यौगिक।
तत्व (Element): वह शुद्ध पदार्थ जिसे सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता तथा जो एक ही प्रकार के परमाणुओं से बना हो, तत्व कहलाता है। लोहा (Fe), सोना (Au), ऑक्सीजन (O), हाइड्रोजन (H), कार्बन (C) आदि तत्व हैं। अभी तक 118 तत्वों की खोज हो चुकी है, जिनमें से 94 प्राकृतिक रूप में मिलते हैं।
यौगिक (Compound): दो या अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोग से बना शुद्ध पदार्थ यौगिक कहलाता है। यौगिक के गुण उसके अवयव तत्वों के गुणों से भिन्न होते हैं। जल (H2O), कार्बन डाइऑक्साइड (CO2), सोडियम क्लोराइड (NaCl), एलुमिनियम ऑक्साइड (Al2O3) आदि यौगिक हैं।
मिश्रण (Mixture): दो या अधिक पदार्थों के भौतिक संयोग से बना पदार्थ जिसमें अवयव अपने गुणों को बनाए रखते हैं, मिश्रण कहलाता है। मिश्रण के अवयवों का अनुपात कोई भी हो सकता है। मिश्रण समांगी और विषमांगी दो प्रकार के होते हैं।
समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture): वह मिश्रण जिसके अवयव आपस में पूर्णतः मिले होते हैं और जिसके विभिन्न भागों की संरचना समान होती है, समांगी मिश्रण कहलाता है। हवा, चीनी का जल में घोल, नमक का घोल, पीतल, स्टील आदि समांगी मिश्रण हैं।
विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): वह मिश्रण जिसके अवयव आपस में समान रूप से नहीं मिले होते तथा जिसके विभिन्न भागों की संरचना भिन्न-भिन्न होती है, विषमांगी मिश्रण कहलाता है। रेत और लोहे के बुरादे का मिश्रण, जल और तेल, सलाद आदि विषमांगी मिश्रण हैं।
भौतिक गुणों में परिवर्तन होने पर पदार्थ की रासायनिक पहचान अपरिवर्तित रहती है, जबकि रासायनिक गुणों में परिवर्तन होने पर नया पदार्थ बनता है। इस अंतर को समझना परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भौतिक गुणों के उदाहरण: बर्फ का जल में पिघलना, जल का भाप बनना, चीनी का जल में घुलना, लकड़ी का टुकड़े-टुकड़े होना। इन परिवर्तनों में केवल अवस्था या आकार बदलता है, रासायनिक संरचना नहीं बदलती।
रासायनिक गुणों के उदाहरण: लकड़ी का जलकर राख बनना, लोहे का जंग लगना, दूध का दही बनना, कागज का जलना। इन परिवर्तनों में नए पदार्थ बनते हैं जिनके गुण मूल पदार्थ से भिन्न होते हैं।
मापनीय गुण: घनत्व = द्रव्यमान/आयतन के सूत्र द्वारा ज्ञात किया जाता है। शुद्ध जल का घनत्व 1 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है। सोने का घनत्व 19.3 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर है। रेलवे में रेल पटरियाँ बनाने के लिए स्टील (लोहा एवं कार्बन का मिश्र धातु) का उपयोग होता है जिसका घनत्व लगभग 7.8 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर है।
उदाहरण प्रश्न: एक धातु का द्रव्यमान 50 ग्राम है और आयतन 10 घन सेंटीमीटर है, तो घनत्व ज्ञात कीजिए। हल: घनत्व = 50/10 = 5 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर।
| आधार | भौतिक गुण | रासायनिक गुण |
|---|---|---|
| परिभाषा | पहचान बदले बिना देखे/मापे जाने वाले गुण | रासायनिक संरचना बदलने वाले गुण |
| उदाहरण | रंग, घनत्व, गलनांक, क्वथनांक, चालकता | दहनशीलता, ऑक्सीकरण, अम्ल से क्रिया |
| अवलोकन | देखकर या मापकर ज्ञात होते हैं | केवल क्रिया द्वारा ज्ञात होते हैं |
| परिवर्तन | नया पदार्थ नहीं बनता | नया पदार्थ बनता है |
| प्रत्यावर्तनीयता | प्रायः प्रत्यावर्तनीय | प्रायः अनुत्क्रमणीय |
| श्रेणी | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| तत्व | एक ही प्रकार के परमाणुओं से बना शुद्ध पदार्थ | लोहा, सोना, ऑक्सीजन |
| यौगिक | निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोग | जल, कार्बन डाइऑक्साइड, नमक |
| समांगी मिश्रण | एक समान संरचना वाला मिश्रण | हवा, स्टील, चीनी का घोल |
| विषमांगी मिश्रण | भिन्न-भिन्न संरचना वाला मिश्रण | रेत व लोहे का बुरादा, जल व तेल |
flowchart TD
A[पदार्थ] --> B[परिभाषा]
A --> C[गुण]
A --> D[वर्गीकरण]
B --> B1[स्थान घेरता है]
B --> B2[द्रव्यमान रखता है]
B --> B3[जड़त्व रखता है]
C --> C1[भौतिक गुण]
C --> C2[रासायनिक गुण]
C1 --> C11[रंग, घनत्व, गलनांक]
C2 --> C21[दहनशीलता, ऑक्सीकरण]
D --> D1[शुद्ध पदार्थ]
D --> D2[मिश्रण]
D1 --> D11[तत्व]
D1 --> D12[यौगिक]
D2 --> D21[समांगी]
D2 --> D22[विषमांगी]
पदार्थ रसायन विज्ञान का आधारभूत विषय है। इस अध्याय में हमने पदार्थ की परिभाषा, उसके भौतिक एवं रासायनिक गुणों तथा वर्गीकरण का विस्तार से अध्ययन किया। हमने सीखा कि पदार्थ शुद्ध पदार्थ (तत्व और यौगिक) तथा मिश्रण (समांगी और विषमांगी) में वर्गीकृत होता है। भौतिक गुणों में पदार्थ की पहचान बदलती नहीं, जबकि रासायनिक गुणों में नए पदार्थ का निर्माण होता है। घनत्व, गलनांक और क्वथनांक जैसे अभिलाक्षणिक गुणों से पदार्थ की पहचान की जाती है। इन आधारभूत अवधारणाओं की पकड़ ही परमाणु संरचना, रासायनिक अभिक्रियाओं तथा संयोजकता जैसे आगामी अध्यायों को समझने की कुंजी है। रेलवे परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय उच्च स्कोरिंग है, अतः अभ्यास करते समय वर्गीकरण तथा गुणों के उदाहरणों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।