विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: रसायन विज्ञान – पदार्थ और परमाणु संरचना विषय-वस्तु: 14.4 तत्व यौगिक और मिश्रण
रसायन विज्ञान में पदार्थ का वर्गीकरण तत्व, यौगिक और मिश्रण के रूप में किया जाता है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में इस अध्याय से वर्गीकरण, उदाहरण, तथा तत्व-यौगिक-मिश्रण के बीच अंतर से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। तत्व वह शुद्ध पदार्थ है जिसे सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता। यौगिक दो या अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोग से बनता है। मिश्रण दो या अधिक पदार्थों का भौतिक संयोग है जिसमें अवयव अपने गुण बनाए रखते हैं। इन तीनों की स्पष्ट समझ ही रासायनिक सूत्र और समीकरणों की नींव है।
परीक्षा में प्रायः ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें किसी पदार्थ को देखकर बताना होता है कि वह तत्व है, यौगिक है या मिश्रण। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है — पदार्थ को सरल भागों में बाँटा जा सकता है या नहीं, और यदि बाँटा जा सकता है तो अवयव रासायनिक रूप से संयुक्त हैं या भौतिक रूप से मिश्रित। तत्वों को किसी भी रासायनिक विधि से सरल पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता, जबकि यौगिक को तोड़ा जा सकता है। मिश्रण को भौतिक विधियों से अलग किया जा सकता है।
इस अध्याय में हम तत्व, यौगिक और मिश्रण की परिभाषाओं, उदाहरणों, तत्वों के प्रकार (धातु, अधातु, उपधातु), धातुओं के गुण, यौगिकों के लक्षण, मिश्रण के प्रकार (समांगी-विषमांगी) तथा पृथक्करण विधियों का विस्तार से अध्ययन करेंगे। रेलवे परीक्षा में इस विषय से 2 से 3 प्रश्न पूछे जाते हैं और यह अध्याय आगे की परमाणु संरचना की नींव भी है।
तत्व वह शुद्ध पदार्थ है जो एक ही प्रकार के परमाणुओं से बना होता है और जिसे रासायनिक विधियों द्वारा सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता। लोहा (Fe), सोना (Au), ताँबा (Cu), ऑक्सीजन (O), हाइड्रोजन (H), नाइट्रोजन (N), कार्बन (C), सल्फर (S) आदि तत्व हैं।
तत्वों का वर्गीकरण: तत्वों को मुख्यतः तीन वर्गों में बाँटा जाता है — धातु, अधातु और उपधातु। धातुएँ चमकीली होती हैं, विद्युत और ऊष्मा की सुचालक होती हैं, आघातवर्ध्य तथा तन्य होती हैं। लोहा, ताँबा, सोना, एलुमिनियम, चाँदी धातुएँ हैं। अधातुएँ न तो चमकीली होती हैं न सुचालक; ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, कार्बन, सल्फर, नाइट्रोजन अधातुएँ हैं। उपधातुओं (मेटलॉयड) में धातुओं और अधातुओं दोनों के गुण पाए जाते हैं, जैसे सिलिकॉन, जर्मेनियम, आर्सेनिक, बोरॉन।
तत्वों की संख्या: अभी तक कुल 118 तत्व ज्ञात हैं, जिनमें से 94 तत्व प्राकृतिक रूप से पृथ्वी पर पाए जाते हैं तथा शेष प्रयोगशाला में बनाए गए हैं। रेलवे की दृष्टि से महत्वपूर्ण तत्व लोहा (Fe), एलुमिनियम (Al), ताँबा (Cu), कार्बन (C) हैं।
धातुओं के भौतिक गुण: धातुएँ चमकीली (दीप्तिमान) होती हैं। ये विद्युत तथा ऊष्मा की अच्छी सुचालक होती हैं। इन्हें पीटकर पतली चादर बनाई जा सकती है (आघातवर्ध्य) और खींचकर तार बनाए जा सकते हैं (तन्य)। धातुओं के घनत्व और गलनांक प्रायः उच्च होते हैं। पारा एकमात्र धातु है जो सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में रहती है।
अधातुओं के गुण: अधातुएँ चमकीली नहीं होती, विद्युत और ऊष्मा की कुचालक होती हैं, भंगुर होती हैं तथा इनका घनत्व कम होता है। अपवाद: हीरा (कार्बन का रूप) विद्युत का कुचालक है पर ऊष्मा का अच्छा चालक है, और ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक है।
रेलवे संदर्भ: रेल पटरियाँ स्टील (लोहा + कार्बन) से बनती हैं। विद्युत लाइनें ताँबे या एलुमिनियम से। बोगी के फ्रेम में लोहा, स्टील, एलुमिनियम धातुएँ उपयोग होती हैं। ब्रेक शू में लोहे का उपयोग होता है।
यौगिक वह शुद्ध पदार्थ है जो दो या अधिक भिन्न तत्वों के निश्चित द्रव्यमान अनुपात में रासायनिक संयोग से बनता है। यौगिक के गुण उसके अवयव तत्वों के गुणों से बिल्कुल भिन्न होते हैं। यौगिक का निर्माण रासायनिक अभिक्रिया द्वारा होता है।
यौगिक के लक्षण: यौगिक में अवयव निश्चित अनुपात में होते हैं। यौगिक को भौतिक विधियों से अलग नहीं किया जा सकता, केवल रासायनिक विधियों से। यौगिक के गुण अवयवों के गुणों से भिन्न होते हैं। यौगिक की संरचना सदैव निश्चित होती है।
यौगिकों के उदाहरण: जल (H2O) हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बना है, द्रव्यमान अनुपात 1:8। कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) कार्बन और ऑक्सीजन से। सोडियम क्लोराइड (NaCl) सोडियम और क्लोरीन से, द्रव्यमान अनुपात 23:35.5। अमोनिया (NH3) नाइट्रोजन और हाइड्रोजन से। सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) हाइड्रोजन, सल्फर, ऑक्सीजन से।
यौगिक बनाम तत्व: तत्व को रासायनिक रूप से नहीं तोड़ा जा सकता, जबकि यौगिक को तोड़ा जा सकता है। जल का विद्युत अपघटन करने पर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसें प्राप्त होती हैं, यह सिद्ध करता है कि जल एक यौगिक है। नमक (NaCl) को पिघलाकर विद्युत अपघटन करने पर सोडियम धातु और क्लोरीन गैस मिलते हैं।
निश्चित अनुपात का नियम (Law of Constant Proportion): किसी यौगिक में अवयव सदैव निश्चित द्रव्यमान अनुपात में होते हैं। जल में हाइड्रोजन : ऑक्सीजन = 1 : 8 द्रव्यमान अनुपात हमेशा होता है चाहे जल कहीं से भी लिया जाए। यह यौगिक की मुख्य पहचान है।
मिश्रण दो या अधिक पदार्थों का भौतिक संयोग है जिसमें अवयव अपने गुणों को बनाए रखते हैं। मिश्रण में अवयवों का अनुपात कोई भी हो सकता है तथा इन्हें भौतिक विधियों से अलग किया जा सकता है।
समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture): इसमें अवयव पूर्णतः मिले होते हैं और मिश्रण के प्रत्येक भाग की संरचना समान होती है। हवा, नमक का जल में घोल, चीनी का घोल, पीतल (ताँबा+जस्ता), स्टील (लोहा+कार्बन) समांगी मिश्रण हैं। समांगी मिश्रण को नग्न आँखों से देखकर अवयव अलग-अलग नहीं दिखते।
विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): इसमें अवयव समान रूप से नहीं मिले होते और मिश्रण के विभिन्न भागों की संरचना भिन्न होती है। रेत और लोहे के बुरादे का मिश्रण, जल और तेल, चटनी में धनिया, नमक, मिर्च, अनाज व भूसा विषमांगी मिश्रण हैं। इनके अवयव नग्न आँखों से दिखाई देते हैं।
पृथक्करण विधियाँ: मिश्रण के अवयवों को भौतिक विधियों से अलग किया जाता है। चुम्बकीय पृथक्करण से लोहे के बुरादे को रेत से अलग किया जा सकता है। हाथ से चुनकर बड़े कण अलग किए जाते हैं। छानने (filtration) से ठोस को द्रव से अलग किया जाता है। वाष्पीकरण से घोल से नमक प्राप्त होता है। आसवन (distillation) से जल से अशुद्धियाँ अलग होती हैं। घूर्णन (centrifugation) से दही से मक्खन अलग होता है। अवसादन-निस्तारण से मैली जल शुद्ध होता है। ऊर्ध्वपातन से कपूर को रेत से अलग किया जाता है।
तत्व यौगिक और मिश्रण में अंतर: तत्व एक ही प्रकार के परमाणुओं से बना होता है, यौगिक निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन है, मिश्रण अनिश्चित अनुपात का भौतिक संयोग है। तत्व नहीं टूटता, यौगिक रासायनिक विधि से टूटता है, मिश्रण भौतिक विधि से अलग होता है।
रेलवे संदर्भ: स्टील और पीतल मिश्र धातुएँ हैं (समांगी मिश्रण)। बॉयलर जल में अशुद्धियाँ विलेय और अविलेय मिश्रण होती हैं। वायु (समांगी मिश्रण) में ऑक्सीजन का संघटन इंजन के दहन के लिए आवश्यक है।
| आधार | तत्व | यौगिक | मिश्रण |
|---|---|---|---|
| संरचना | एक ही प्रकार के परमाणु | निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन | अनिश्चित अनुपात में भौतिक संयोग |
| पृथक्करण | संभव नहीं | रासायनिक विधि से | भौतिक विधि से |
| गुण | अवयवों के गुण | अवयवों से भिन्न | अवयवों के गुण बने रहते हैं |
| उदाहरण | लोहा, सोना, ऑक्सीजन | जल, नमक, CO2 | हवा, स्टील, पीतल |
| गुण | धातु | अधातु |
|---|---|---|
| चमक | चमकीली | नहीं |
| विद्युत चालकता | सुचालक | कुचालक |
| आघातवर्ध्यता | हाँ | नहीं (भंगुर) |
| तन्यता | हाँ | नहीं |
| घनत्व | उच्च | निम्न |
| उदाहरण | लोहा, ताँबा, सोना | ऑक्सीजन, सल्फर, कार्बन |
flowchart TD
A[पदार्थ] --> B[शुद्ध पदार्थ]
A --> C[मिश्रण]
B --> D[तत्व]
B --> E[यौगिक]
C --> F[समांगी मिश्रण]
C --> G[विषमांगी मिश्रण]
D --> D1[धातु]
D --> D2[अधातु]
D --> D3[उपधातु]
E --> E1[जल H2O]
E --> E2[नमक NaCl]
E --> E3[CO2]
F --> F1[हवा, स्टील, पीतल]
G --> G1[रेत व बुरादा, जल व तेल]
D1 --> D11[सुचालक, चमकीला]
D2 --> D21[कुचालक, भंगुर]
तत्व, यौगिक और मिश्रण की अवधारणा पदार्थ के वर्गीकरण का आधार है। इस अध्याय में हमने तत्व की परिभाषा — एक ही प्रकार के परमाणुओं से बना अविभाज्य शुद्ध पदार्थ — तथा उसके प्रकार (धातु, अधातु, उपधातु) का अध्ययन किया। यौगिक को निश्चित अनुपात के रासायनिक संयोजन के रूप में समझा, जिसके गुण अवयवों से भिन्न होते हैं। मिश्रण को भौतिक संयोग माना जिसके अवयव भौतिक विधियों से अलग होते हैं। स्टील, पीतल, हवा, नमक, जल जैसे दैनिक पदार्थों का सही वर्गीकरण सीखा। यह अध्याय परमाणु, अणु तथा रासायनिक सूत्रों की नींव है। रेलवे परीक्षा में इस अध्याय से पूछे गए प्रश्न सीधे और अंक दिलाने वाले होते हैं, अतः वर्गीकरण तथा उदाहरणों का अभ्यास आवश्यक है।