22.7 खेल पुरस्कार और खिलाड़ी Notes

22.7 खेल पुरस्कार और खिलाड़ी

विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: सामान्य जागरूकता – अर्थव्यवस्था खेल और विज्ञान विषय-वस्तु: 22.7 खेल पुरस्कार और खिलाड़ी

1. परिचय

खेल पुरस्कार किसी भी देश में खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मानित करने का माध्यम हैं। भारत में खेल पुरस्कारों की शुरुआत सन् 1961 में हुई, जब अर्जुन पुरस्कार प्रदान किए जाने लगे। भारत का सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न था, जिसे सन् 2021 में बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया गया। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की सामान्य जागरूकता में खेल पुरस्कारों के नाम, प्रारंभ वर्ष, नकद राशि और पुरस्कार विजेताओं के नाम से प्रश्न पूछे जाते हैं। खेल पुरस्कारों के अंतर्गत द्रोणाचार्य पुरस्कार (कोचिंग), ध्यानचंद पुरस्कार (आजीवन उपलब्धि) और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न (सर्वोच्च) प्रमुख हैं।

भारत में खेल पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) के अवसर पर की जाती है, जो हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती है। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्वारा खेल पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। पुरस्कारों की घोषणा खेल मंत्रालय द्वारा की जाती है। इसके अतिरिक्त अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी विभिन्न खेलों में प्रतिष्ठित पुरस्कार और ट्रॉफियाँ प्रदान की जाती हैं। खेल पुरस्कारों के साथ-साथ प्रसिद्ध खिलाड़ियों के नाम और उनके खेलों का मिलान करने वाले प्रश्न भी परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं।

इस अध्याय में हम भारत के राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों, उनके प्रारंभ वर्षों और विजेताओं के साथ-साथ प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों का अध्ययन करेंगे। प्रसिद्ध खिलाड़ियों में ध्यानचंद, पी.टी. उषा, मिल्खा सिंह, मैरी कॉम, साइना नेहवाल, पी.वी. सिंधु और नीरज चोपड़ा के नाम उल्लेखनीय हैं। अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों में ओलंपिक पदक, विश्व चैंपियनशिप और प्रतिष्ठित ट्रॉफियों का ज्ञान भी आवश्यक है। अंत में तालिकाओं, माइंड मैप और चित्रों के माध्यम से खेल पुरस्कारों की संपूर्ण पुनरावृत्ति की जाएगी।

2. राष्ट्रीय खेल पुरस्कार

भारत के चार मुख्य राष्ट्रीय खेल पुरस्कार हैं — मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार और ध्यानचंद पुरस्कार। मेजर ध्यानचंद खेल रत्न भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान है, जो किसी खिलाड़ी को वर्ष में सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। इस पुरस्कार का प्रारंभ 1991-92 में राजीव गांधी खेल रत्न के रूप में हुआ था। सन् 2021 में इसे मेजर ध्यानचंद खेल रत्न का नाम दिया गया। इस पुरस्कार के पहले प्राप्तकर्ता शतरंज के विश्वनाथन आनंद (1991-92) थे। पुरस्कार की नकद राशि 25 लाख रुपये है। हाल के प्राप्तकर्ताओं में नीरज चोपड़ा, मनु भाकर और साथी भारतीय शूटर शामिल हैं।

अर्जुन पुरस्कार भारत का दूसरा सबसे बड़ा खेल सम्मान है, जो उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है। अर्जुन पुरस्कार का प्रारंभ 1961 में हुआ। यह पुरस्कार उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया है। अर्जुन पुरस्कार के साथ 15 लाख रुपये की नकद राशि और प्रतिमा प्रदान की जाती है। द्रोणाचार्य पुरस्कार उत्कृष्ट कोचों को दिया जाता है, जिसका प्रारंभ 1985 में हुआ। इसका नाम प्राचीन गुरु द्रोणाचार्य के नाम पर रखा गया है। ध्यानचंद पुरस्कार (आजीवन उपलब्धि) उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने खेल कैरियर में दीर्घकालिक योगदान दिया है, जिसका प्रारंभ 2002 में हुआ। द्रोणाचार्य पुरस्कार की राशि 15 लाख और ध्यानचंद पुरस्कार की 10 लाख रुपये है।

खेल पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस पर की जाती है। राष्ट्रीय खेल दिवस मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। ध्यानचंद ने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक में भारत को स्वर्ण दिलाया। खेल पुरस्कारों के अलावा युवा खिलाड़ियों के लिए मंत्रालय द्वारा विभिन्न योजनाएँ चलाई जाती हैं। परीक्षा में पुरस्कारों के प्रारंभ वर्ष, पुरस्कार राशि और पुरस्कार के प्राप्तकर्ताओं के नाम पूछे जाते हैं। खेल मंत्रालय द्वारा हर वर्ष जारी की जाने वाली पुरस्कार सूची भी महत्वपूर्ण होती है, जिसमें विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों और कोचों के नाम होते हैं।

3. प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ी

भारत के खेल इतिहास में कई महान खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया है। मेजर ध्यानचंद हॉकी के जादूगर कहे जाते हैं, जिन्होंने ओलंपिक में भारत को तीन स्वर्ण पदक (1928, 1932, 1936) दिलाए। मिल्खा सिंह (फ्लाइंग सिख) ने एथलेटिक्स में 1958 और 1962 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते और 1960 रोम ओलंपिक में 400 मीटर में चौथा स्थान प्राप्त किया। पी.टी. उषा (पय्योली एक्सप्रेस) एशियाई खेलों में कई स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रसिद्ध धाविका हैं, जिन्हें 1984 ओलंपिक में चौथे स्थान के लिए याद किया जाता है। कर्णम मल्लेश्वरी पहली भारतीय महिला थीं जिन्होंने सिडनी 2000 ओलंपिक में भारोत्तोलन में कांस्य पदक जीता। सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है।

मुक्केबाजी में मैरी कॉम ने 6 बार विश्व चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रचा। बैडमिंटन में साइना नेहवाल और पी.वी. सिंधु ने विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। पी.वी. सिंधु ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। कुश्ती में सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त, बजरंग पुनिया और रवि दहिया ने ओलंपिक पदक जीते। भारोत्तोलन में मीराबाई चानू ने टोक्यो 2020 में रजत पदक जीता। टेनिस में सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्ना ने ग्रैंड स्लैम खिताब जीते। शतरंज में विश्वनाथन आनंद ने पाँच बार विश्व चैंपियनशिप जीती। एथलेटिक्स में नीरज चोपड़ा ने टोक्यो 2020 ओलंपिक में स्वर्ण और पेरिस 2024 में रजत पदक जीता।

हाल के वर्षों में शूटिंग में भारत ने कई ओलंपिक पदक जीते हैं। अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग 2008 में भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण जीता। मनु भाकर ने पेरिस 2024 में दो कांस्य पदक जीते। गगन नारंग, विजय कुमार और सौरभ चौधरी जैसे निशानेबाजों ने भी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते। पैरालिंपिक में देवेंद्र झाझरिया, मरियप्पन थंगावेलु और अवनि लेखरा ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीते। रेलवे ने भी खेलों में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों को खेल कोटा में भर्ती किया है। परीक्षा में खिलाड़ी-खेल-पदक का मिलान सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न प्रारूप है, इसलिए इनका सटीक ज्ञान आवश्यक है।

4. अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार और ट्रॉफियाँ

खेल पुरस्कारों के साथ-साथ विभिन्न खेलों की ट्रॉफियाँ भी परीक्षा में पूछी जाती हैं। क्रिकेट में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (भारत-ऑस्ट्रेलिया), ऐशेज़ (इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया), विश्व टेस्ट चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रमुख हैं। टेनिस में विंबलडन की ट्रॉफी जेंटलमैन्स सिंगल्स के लिए है। फुटबॉल में फीफा विश्व कप ट्रॉफी और डूरंड कप प्रमुख हैं। हॉकी में हॉकी विश्व कप ट्रॉफी और राष्ट्रमंडल खेलों की ट्रॉफियाँ शामिल हैं। बैडमिंटन में थॉमस कप और उबर कप प्रतिष्ठित हैं। एथलेटिक्स में ओलंपिक पदक सर्वोच्च सम्मान हैं। इन ट्रॉफियों के खेलों के साथ मिलान करने वाले प्रश्न परीक्षा में नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय खेल संगठनों में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) 1894 में स्थापित हुई, जिसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के लॉज़ेन में है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की स्थापना 1909 में हुई, जिसका मुख्यालय दुबई में है। फीफा (FIFA) की स्थापना 1904 में हुई, जिसका मुख्यालय ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड) में है। विश्व शतरंज महासंघ (FIDE) की स्थापना 1924 में हुई। अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स संघ (World Athletics) का मुख्यालय मोनाको में है। इन संस्थाओं की स्थापना वर्ष और मुख्यालय परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। खेल पुरस्कारों के अंतर्गत विभिन्न देशों के सर्वोच्च सम्मान भी पूछे जाते हैं, जैसे अमेरिका का प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम।

पुरस्कारों के अंतर्गत प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय खेल सम्मानों में ओलंपिक ऑर्डर, लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवार्ड्स और एस्पीस्पोर्ट्स अवार्ड्स शामिल हैं। लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवार्ड को खेलों का ऑस्कर कहा जाता है। इस पुरस्कार में नीरज चोपड़ा और अन्य भारतीय खिलाड़ियों को नामांकित किया गया है। परीक्षा में पूछा जाता है कि ओलंपिक आदर्श वाक्य क्या है और ओलंपिक ज्वाला कहाँ से प्रज्वलित होती है। ओलंपिक ज्वाला ग्रीस के ओलंपिया से प्रज्वलित होकर मेजबान देश तक पहुँचती है। इन सभी तथ्यों की समझ से खेल पुरस्कारों और खिलाड़ियों के अध्याय को पूर्ण रूप से तैयार किया जा सकता है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: राष्ट्रीय खेल पुरस्कार

पुरस्कार प्रारंभ वर्ष मुख्य विवरण
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न 1991-92 सर्वोच्च पुरस्कार, 25 लाख
अर्जुन पुरस्कार 1961 उत्कृष्ट प्रदर्शन, 15 लाख
द्रोणाचार्य पुरस्कार 1985 कोचिंग, 15 लाख
ध्यानचंद पुरस्कार 2002 आजीवन उपलब्धि, 10 लाख

तालिका 2: प्रसिद्ध खिलाड़ी और उनकी उपलब्धियाँ

खिलाड़ी खेल उपलब्धि
ध्यानचंद हॉकी 3 ओलंपिक स्वर्ण
सचिन तेंदुलकर क्रिकेट अंतर्राष्ट्रीय रिकॉर्ड
अभिनव बिंद्रा शूटिंग पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण
नीरज चोपड़ा भाला फेंक टोक्यो 2020 स्वर्ण
पी.वी. सिंधु बैडमिंटन ओलंपिक रजत
विश्वनाथन आनंद शतरंज 5 बार विश्व चैंपियन

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[खेल पुरस्कार और खिलाड़ी] --> B[राष्ट्रीय पुरस्कार]
    A --> C[अंतर्राष्ट्रीय संगठन]
    A --> D[प्रसिद्ध खिलाड़ी]
    B --> B1[खेल रत्न 1991-92]
    B --> B2[अर्जुन 1961]
    B --> B3[द्रोणाचार्य 1985]
    B --> B4[ध्यानचंद 2002]
    C --> C1[IOC 1894]
    C --> C2[ICC 1909]
    C --> C3[FIFA 1904]
    C --> C4[FIDE 1924]
    D --> D1[ध्यानचंद हॉकी]
    D --> D2[नीरज चोपड़ा भाला]
    D --> D3[अभिनव बिंद्रा शूटिंग]
    D --> D4[मैरी कॉम मुक्केबाजी]

7. महत्वपूर्ण चित्र (SVG)

भारत के राष्ट्रीय खेल पुरस्कार मेजर ध्यानचंद खेल रत्न 1991-92 से, 25 लाख, सर्वोच्च अर्जुन पुरस्कार 1961 से, 15 लाख द्रोणाचार्य पुरस्कार 1985 से, कोचों के लिए ध्यानचंद पुरस्कार 2002 से, आजीवन उपलब्धि राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त (ध्यानचंद जयंती) पुरस्कार घोषणा - खेल मंत्रालय प्रदान - राष्ट्रपति भवन स्वर्ण नियम खेल रत्न 1991-92 से, प्रथम प्राप्तकर्ता विश्वनाथन आनंद थे।

ओलंपिक पदक विजेता भारतीय अभिनव बिंद्रा बीजिंग 2008 - स्वर्ण (शूटिंग) नीरज चोपड़ा टोक्यो 2020 - स्वर्ण (भाला) पी.वी. सिंधु रियो 2016 - रजत (बैडमिंटन) मीराबाई चानू टोक्यो 2020 - रजत (भारोत्तोलन) साक्षी मलिक रियो 2016 - कांस्य (कुश्ती) मनु भाकर पेरिस 2024 - कांस्य (2) (शूटिंग) स्वर्ण नियम भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण बीजिंग 2008 में अभिनव बिंद्रा ने जीता।

8. सामान्य त्रुटियाँ

  1. मेजर ध्यानचंद खेल रत्न को राजीव गांधी खेल रत्न का पुराना नाम न पहचानना।
  2. अर्जुन पुरस्कार का प्रारंभ वर्ष 1961 के स्थान पर 1960 लिखना।
  3. द्रोणाचार्य पुरस्कार को खिलाड़ियों के लिए मान लेना, जबकि यह कोचों के लिए है।
  4. ध्यानचंद के ओलंपिक स्वर्ण की संख्या को 2 मान लेना, जबकि वे 3 स्वर्ण हैं।
  5. पी.वी. सिंधु को ओलंपिक स्वर्ण जीतने वाली मान लेना, जबकि उनका पदक रजत (रियो 2016) है।
  6. खेल रत्न की नकद राशि को 25 लाख के स्थान पर 50 लाख लिखना।
  7. IOC का मुख्यालय लॉज़ेन (स्विट्जरलैंड) के स्थान पर पेरिस लिखना।
  8. सचिन तेंदुलकर को हॉकी खिलाड़ी मान लेना।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. चारों राष्ट्रीय पुरस्कारों के प्रारंभ वर्ष — 1991-92, 1961, 1985, 2002 याद रखें।
  2. खिलाड़ी-खेल-पदक का मिलान करने वाले प्रश्नों का अधिक अभ्यास करें।
  3. ध्यानचंद के 3 ओलंपिक स्वर्ण और हॉकी के जादूगर उपनाम को याद रखें।
  4. राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त और ध्यानचंद जयंती को एक साथ स्मरण करें।
  5. अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की स्थापना वर्ष — IOC 1894, ICC 1909, FIFA 1904, FIDE 1924।
  6. पुरस्कार राशियाँ याद रखें — खेल रत्न 25 लाख, अर्जुन 15 लाख, ध्यानचंद 10 लाख।
  7. मैरी कॉम की 6 विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप और विश्वनाथन आनंद की 5 विश्व शतरंज चैंपियनशिप।
  8. नीरज चोपड़ा टोक्यो 2020 स्वर्ण, पेरिस 2024 रजत याद रखें।

10. निष्कर्ष

खेल पुरस्कार और खिलाड़ी सामान्य जागरूकता का महत्वपूर्ण खंड है, जिसमें तथ्यों के सटीक ज्ञान से आसानी से अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। इस अध्याय में हमने मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, अर्जुन, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद पुरस्कारों की जानकारी प्राप्त की। प्रसिद्ध खिलाड़ियों ध्यानचंद, मिल्खा सिंह, अभिनव बिंद्रा, नीरज चोपड़ा और पी.वी. सिंधु की उपलब्धियाँ भारतीय खेलों का गौरव हैं। अंतर्राष्ट्रीय संगठनों IOC, ICC, FIFA और FIDE की स्थापना और भूमिकाएँ भी समझी गईं। त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाओं और माइंड मैप की सहायता से इन तथ्यों को दोहराकर परीक्षा में निश्चित अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। नियमित अभ्यास के साथ यह अध्याय पूर्ण रूप से तैयार किया जा सकता है।