विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: सामान्य जागरूकता – अर्थव्यवस्था खेल और विज्ञान विषय-वस्तु: 22.10 उभरती तकनीक
उभरती तकनीक वे नई प्रौद्योगिकियाँ हैं जो आज की दुनिया में तेजी से विकसित हो रही हैं और हमारे जीवन के हर पहलू को बदल रही हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), 5G संचार और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें वर्तमान युग की प्रमुख उभरती तकनीकें हैं। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की सामान्य जागरूकता में डिजिटल तकनीक, साइबर सुरक्षा और नवीनतम वैज्ञानिक विकास से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम 2015 में शुरू हुआ, जिसने देश को डिजिटल माध्यमों से जोड़ा। उभरती तकनीक का ज्ञान न केवल परीक्षा के लिए बल्कि करियर के विकास के लिए भी आवश्यक है।
प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। आधार प्रणाली विश्व की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है, जो 2009 में शुरू हुई। भारतीय रेलवे भी तकनीकी सुधारों को अपना रहा है, जिसमें स्वचालित सिग्नलिंग, कवच (स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली) और डिजिटल टिकटिंग शामिल हैं। कवच प्रणाली दो ट्रेनों की टक्कर रोकने वाली स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसे रेलवे द्वारा विकसित किया गया। वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की पहली स्वदेशी सेमी-हाईस्पीड ट्रेन है। इन तकनीकी विकासों की समझ रेलवे परीक्षा के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
इस अध्याय में हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 5G और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों का अध्ययन करेंगे। साइबर सुरक्षा और डिजिटल भुगतान की तकनीक भी महत्वपूर्ण है। भारत में उभरती तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति, भारतनेट और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन जैसी पहलें चल रही हैं। परीक्षा की दृष्टि से तकनीकों की परिभाषा, उनके उपयोग और भारतीय पहलों के नाम महत्वपूर्ण हैं। अंत में तालिकाओं, माइंड मैप और चित्रों के माध्यम से उभरती तकनीक की संपूर्ण पुनरावृत्ति की जाएगी।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) कंप्यूटर प्रणालियों की वह क्षमता है जिससे वे मानव जैसी सोच और निर्णय ले सकते हैं। AI का उपयोग चैटबॉट, भाषण पहचान, चेहरा पहचान, स्वचालित वाहन और स्वास्थ्य निदान में होता है। मशीन लर्निंग (ML) AI का उपप्रकार है, जिसमें मशीनें अनुभव से सीखती हैं और भविष्य में बेहतर निर्णय लेती हैं। डीप लर्निंग ML का और उन्नत रूप है, जो तंत्रिका नेटवर्क का उपयोग करता है। परीक्षा में AI और ML की परिभाषाएँ और उनके अनुप्रयोग पूछे जाते हैं। भारत में AI को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग ने 2018 में राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति जारी की।
AI के अनुप्रयोग रेलवे में भी बढ़ रहे हैं। भारतीय रेलवे ट्रैक निरीक्षण, अनुसूची प्रबंधन और यात्री सेवाओं में AI का उपयोग कर रहा है। AI आधारित चैटबॉट रेलवे यात्रियों की पूछताछ का उत्तर देते हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में AI कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियों का निदान करने में सहायक है। कृषि में AI फसल उत्पादन की भविष्यवाणी करता है। बैंकिंग में AI से धोखाधड़ी का पता लगाया जाता है। रक्षा क्षेत्र में AI आधारित ड्रोन और निगरानी प्रणालियाँ विकसित की जा रही हैं। परीक्षा में AI के उपयोग के क्षेत्र और भारतीय AI पहलों के नाम पूछे जाते हैं। भारत में AI शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालयों में AI पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं।
मशीन लर्निंग के अनुप्रयोगों में सिफारिश प्रणाली (जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म सुझाव), स्पैम फिल्टर और वाहन नेविगेशन शामिल हैं। जनरेटिव AI एक नई तकनीक है जो चित्र, संगीत और पाठ उत्पन्न कर सकती है। चैटजीपीटी जैसे उपकरण जनरेटिव AI के उदाहरण हैं। रोबोटिक्स में AI आधारित रोबोट कारखानों और अस्पतालों में कार्य कर रहे हैं। परीक्षा में जनरेटिव AI, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (NLP) और कंप्यूटर विज़न जैसे शब्दों की समझ आवश्यक है। AI के नैतिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दे भी चर्चा में हैं, जिसके लिए सरकार नीतियाँ बना रही है। इन तकनीकी संकल्पनाओं की स्पष्ट समझ से परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
ब्लॉकचेन एक वितरित खाता प्रौद्योगिकी (Distributed Ledger Technology) है, जिसमें डेटा को ब्लॉकों में संग्रहीत कर एक श्रृंखला में जोड़ा जाता है। ब्लॉकचेन में डेटा को बदलना लगभग असंभव होता है, इसलिए यह सुरक्षित और पारदर्शी मानी जाती है। ब्लॉकचेन का उपयोग क्रिप्टोकरेंसी, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट, सप्लाई चेन और स्वास्थ्य रिकॉर्ड में होता है। क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल मुद्रा है जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होती है। बिटकॉइन पहली और सबसे प्रसिद्ध क्रिप्टोकरेंसी है, जिसे 2009 में सातोशी नाकामोटो ने बनाया। परीक्षा में ब्लॉकचेन की परिभाषा और क्रिप्टोकरेंसी के नाम पूछे जाते हैं। भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर कड़े कर नियम लागू हैं।
भारत में क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल मुद्रा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण विकास हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल रुपया (eRupee) लॉन्च किया है, जो भारत की आधिकारिक डिजिटल मुद्रा है। डिजिटल रुपया ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है और इसका नियंत्रण RBI के पास होता है। क्रिप्टोकरेंसी के विपरीत डिजिटल रुपया केंद्रीय बैंक की ओर से जारी होती है, इसलिए इसे CBDC (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) कहा जाता है। परीक्षा में डिजिटल रुपया और CBDC की अवधारणा से प्रश्न पूछे जाते हैं। ब्लॉकचेन की विकेंद्रीकृत प्रकृति को समझना आवश्यक है, जो इसे पारंपरिक प्रणालियों से अलग बनाती है।
ब्लॉकचेन के लाभों में पारदर्शिता, सुरक्षा और डेटा की अमूल्यता शामिल हैं। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट ब्लॉकचेन पर स्वचालित रूप से निष्पादित होने वाले अनुबंध हैं। भारत में ब्लॉकचेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षण परियोजनाएँ शुरू की हैं। कुछ राज्य सरकारें भूमि रिकॉर्ड और प्रमाण पत्र जारी करने में ब्लॉकचेन का उपयोग कर रही हैं। ब्लॉकचेन का उपयोग चुनावी प्रक्रिया और पहचान प्रबंधन में भी किया जा सकता है। परीक्षा की दृष्टि से ब्लॉकचेन के लाभ, क्रिप्टोकरेंसी के प्रकार और भारतीय डिजिटल मुद्रा के नाम महत्वपूर्ण हैं। इन तकनीकी विवरणों की समझ से अंक प्राप्त करना सरल हो जाता है।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) वह तकनीक है जिसमें सामान्य वस्तुएँ (जैसे घड़ी, घरेलू उपकरण, सेंसर) इंटरनेट से जुड़कर डेटा साझा करती हैं। IoT का उपयोग स्मार्ट घर, स्मार्ट सिटी, स्वास्थ्य निगरानी और कृषि में होता है। स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत IoT का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। भारत सरकार की स्मार्ट सिटी मिशन 2015 में शुरू हुआ। रेलवे में IoT का उपयोग ट्रैक सेंसर, यात्री सूचना प्रणाली और रखरखाव की निगरानी में किया जा रहा है। IoT से जुड़े प्रश्न परीक्षा में पूछे जाते हैं, इसलिए इसकी परिभाषा और अनुप्रयोगों की समझ आवश्यक है। IoT को वस्तुओं का इंटरनेट भी कहा जाता है।
5G पाँचवीं पीढ़ी का मोबाइल संचार तकनीक है, जो 4G से कई गुना तेज गति प्रदान करती है। 5G का उपयोग तेज इंटरनेट, स्वचालित वाहन, टेलीमेडिसिन और औद्योगिक स्वचालन में होता है। भारत में 5G सेवाएँ 2022 में शुरू हुईं, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। भारतीय दूरसंचार कंपनियाँ जियो और एयरटेल ने 5G सेवाएँ लॉन्च कीं। 6G तकनीक पर अनुसंधान भी शुरू हो गया है, जिसमें भारत की सहभागिता बढ़ रही है। परीक्षा में 5G की गति, शुरुआत का वर्ष और उपयोग के क्षेत्र पूछे जाते हैं। भारत में डिजिटल संचार की क्रांति भारतनेट परियोजना से भी जुड़ी है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में ऑप्टिकल फाइबर पहुँचाने की योजना है।
क्वांटम कंप्यूटिंग एक अत्याधुनिक तकनीक है जो पारंपरिक कंप्यूटरों की तुलना में बहुत तेज गति से जटिल गणनाएँ कर सकती है। क्वांटम कंप्यूटिंग क्वांटम बिट्स (क्यूबिट्स) का उपयोग करती है। इस तकनीक का उपयोग दवा खोज, मौसम पूर्वानुमान, क्रिप्टोग्राफी और सैन्य गणना में होगा। भारत सरकार ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन शुरू किया है, जिसकी घोषणा बजट 2023-24 में की गई। रक्षा क्षेत्र में DRDO क्वांटम कंप्यूटिंग पर अनुसंधान कर रहा है। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में क्वांटम तकनीक अहम भूमिका निभाएगी। परीक्षा में क्वांटम कंप्यूटिंग की परिभाषा, क्यूबिट और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन से प्रश्न पूछे जाते हैं। उभरती तकनीकों का यह व्यापक ज्ञान परीक्षा में सहायक है।
| तकनीक | परिभाषा | मुख्य उपयोग |
|---|---|---|
| AI | मानव जैसी सोच वाली प्रणाली | चैटबॉट, निदान |
| मशीन लर्निंग | अनुभव से सीखने वाली प्रणाली | सिफारिश, पूर्वानुमान |
| ब्लॉकचेन | वितरित खाता तकनीक | क्रिप्टोकरेंसी, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट |
| IoT | इंटरनेट से जुड़ी वस्तुएँ | स्मार्ट घर, सेंसर |
| 5G | पाँचवीं पीढ़ी संचार | तेज इंटरनेट, स्वचालन |
| क्वांटम कंप्यूटिंग | क्यूबिट आधारित गणना | दवा खोज, क्रिप्टोग्राफी |
| पहल | वर्ष | विवरण |
|---|---|---|
| डिजिटल इंडिया | 2015 | डिजिटल सशक्तिकरण |
| आधार | 2009 | बायोमेट्रिक पहचान |
| स्मार्ट सिटी मिशन | 2015 | शहरी विकास |
| राष्ट्रीय AI रणनीति | 2018 | AI को बढ़ावा |
| राष्ट्रीय क्वांटम मिशन | 2023-24 | क्वांटम अनुसंधान |
| 5G सेवाएँ | 2022 | तेज संचार |
flowchart TD
A[उभरती तकनीक] --> B[AI और ML]
A --> C[ब्लॉकचेन]
A --> D[IoT]
A --> E[5G]
A --> F[क्वांटम कंप्यूटिंग]
A --> G[भारतीय पहलें]
B --> B1[चैटबॉट, निदान]
C --> C1[क्रिप्टोकरेंसी]
C --> C2[डिजिटल रुपया]
D --> D1[स्मार्ट सिटी]
E --> E1[2022 से सेवा]
F --> F1[क्यूबिट]
G --> G1[डिजिटल इंडिया 2015]
G --> G2[क्वांटम मिशन]
G --> G3[भारतनेट]
उभरती तकनीक आधुनिक युग की परिभाषा है और इसका ज्ञान परीक्षा के साथ-साथ सामान्य समझ के लिए भी आवश्यक है। इस अध्याय में हमने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 5G और क्वांटम कंप्यूटिंग का अध्ययन किया। भारत की तकनीकी पहलें — डिजिटल इंडिया, आधार, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और भारतनेट — देश को डिजिटल युग में आगे ले जा रही हैं। रेलवे के क्षेत्र में कवच, वंदे भारत और स्वचालित सिग्नलिंग जैसे तकनीकी विकास विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। डिजिटल रुपया और CBDC की अवधारणा भी परीक्षा के लिए आवश्यक है। त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाओं और माइंड मैप की सहायता से इन तथ्यों को दोहराकर परीक्षा में निश्चित अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।