20.6 कला और साहित्य Notes

20.6 कला और साहित्य

विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: सामान्य जागरूकता – इतिहास और संस्कृति विषय-वस्तु: 20.6 कला और साहित्य

1. परिचय

भारतीय कला और साहित्य की परंपरा चार हज़ार वर्षों से भी अधिक पुरानी है। संस्कृत साहित्य विश्व का सबसे समृद्ध प्राचीन साहित्य माना जाता है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में साहित्य, साहित्यकार, पुरस्कार और कला के क्षेत्र से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इस अध्याय में वैदिक साहित्य, संस्कृत महाकाव्य, प्राचीन नाटककार, हिन्दी साहित्य के काल, भक्ति काल के कवि, आधुनिक साहित्य और साहित्यिक पुरस्कारों का अध्ययन किया जाएगा।

भारतीय साहित्य की शुरुआत वेदों से होती है। चार वेदों में ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद हैं। वेदों के बाद ब्राह्मण ग्रंथ, आरण्यक और उपनिषद आते हैं। रामायण और महाभारत को भारतीय महाकाव्य कहा जाता है। वाल्मीकि को "आदि कवि" कहा जाता है और रामायण के रचयिता हैं। वेदव्यास ने महाभारत की रचना की। महाभारत में एक लाख श्लोक हैं, इसलिए इसे "शतसहस्री संहिता" भी कहा जाता है। महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में लड़ा गया था जिसमें गीता का उपदेश भगवान कृष्ण ने अर्जुन को दिया था।

कालिदास को संस्कृत साहित्य का सबसे महान कवि और नाटककार माना जाता है। उन्होंने "अभिज्ञानशाकुंतलम्", "विक्रमोर्वशीयम्", "मालविकाग्निमित्रम्", "कुमारसंभवम्" और "रघुवंशम्" जैसी अमर रचनाएँ कीं। कालिदास को "भारत का शेक्सपियर" भी कहा जाता है। इसके अलावा भास, भवभूति, बाणभट्ट और जयदेव जैसे संस्कृत साहित्यकार प्रसिद्ध हैं। भवभूति ने "उत्तररामचरितम्" लिखा जो कालिदास के बाद सबसे प्रसिद्ध नाटक माना जाता है। रेलवे परीक्षा में साहित्यकार और रचना का मिलान पूछा जाता है।

2. संस्कृत और प्राचीन साहित्य

संस्कृत साहित्य की सबसे प्राचीन रचनाएँ वेद हैं। ऋग्वेद में 1028 सूक्त हैं। सामवेद को "संगीत का जनक" कहा जाता है क्योंकि इसमें गायन का विस्तार है। अथर्ववेद में मंत्र और आयुर्वेद से संबंधित जानकारी है। पंचतंत्र विष्णु शर्मा द्वारा रचित है जिसमें नीति कथाएँ हैं। चाणक्य (कौटिल्य) ने "अर्थशास्त्र" की रचना की। पतंजलि ने "महाभाष्य" (व्याकरण) की रचना की। पाणिनि ने "अष्टाध्यायी" की रचना की जो संस्कृत व्याकरण का सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ है।

महाकाव्य: वाल्मीकि की रामायण में 24,000 श्लोक हैं और इसमें भगवान राम की कथा है। तुलसीदास ने अवधी भाषा में "रामचरितमानस" की रचना की। महाभारत के रचयिता वेदव्यास हैं और इसमें 18 पर्व हैं। महाभारत की कथा पांडवों और कौरवों के बीच संघर्ष पर आधारित है। भगवद गीता महाभारत का एक अंश है जिसमें 700 श्लोक हैं।

संस्कृत नाटक और काव्य: कालिदास की "अभिज्ञानशाकुंतलम्" को संस्कृत का सबसे श्रेष्ठ नाटक माना जाता है। भवभूति के नाटकों में "मालतीमाधव" और "उत्तररामचरितम्" प्रसिद्ध हैं। भास के "स्वप्नवासवदत्तम्" को महत्वपूर्ण नाटक माना जाता है। हर्षवर्धन ने "नागानंद", "रत्नावली" और "प्रियदर्शिका" जैसे नाटक लिखे। बाणभट्ट ने "हर्षचरित" और "कादम्बरी" की रचना की। जयदेव ने "गीतगोविंद" की रचना की जो कृष्ण की भक्ति और राधा के प्रेम पर आधारित है।

दक्षिण भारतीय साहित्य: तमिल साहित्य में संगम साहित्य प्रसिद्ध है। तिरुवल्लुवर ने "तिरुक्कुरल" की रचना की। इलंगो अडिगल ने "शिलप्पदिकारम" की रचना की। मिलारेपा, कंबन और तेलुगु के नन्नया जैसे साहित्यकार दक्षिण भारतीय साहित्य में प्रमुख हैं। कंबन ने तमिल में "रामावतारम" (कंब रामायण) की रचना की।

3. हिन्दी साहित्य के काल और कवि

हिन्दी साहित्य का इतिहास आदि काल (लगभग 1050-1375), भक्ति काल (1375-1700), रीति काल (1700-1900) और आधुनिक काल (1900 से अब तक) में विभाजित है। आदि काल में चंदबरदाई ने "पृथ्वीराज रासो" की रचना की जो हिन्दी का पहला महाकाव्य माना जाता है। अमीर खुसरो ने खड़ी बोली और उर्दू में रचनाएँ कीं। आदि काल को "वीरगाथा काल" भी कहा जाता है।

भक्ति काल: इस काल में संत कवियों और सूफी कवियों की रचनाएँ हुईं। कबीरदास निर्गुण भक्ति के प्रमुख कवि थे जिनके दोहे "बीजक" में संकलित हैं। तुलसीदास ने "रामचरितमानस", "गीतावली", "कवितावली" और "विनय पत्रिका" की रचना की। सूरदास ने "सूरसागर" की रचना की जो कृष्ण भक्ति पर आधारित है। मीराबाई कृष्ण भक्ति की प्रसिद्ध कवयित्री थीं। रहीम के दोहे नीति पर आधारित हैं। जायसी ने "पद्मावत" की रचना की। रसखान और नंददास भी भक्ति काल के प्रमुख कवि हैं।

रीति काल: इस काल में श्रृंगार रस की प्रधानता रही। बिहारी ने "बिहारी सतसई" की रचना की जिसमें 700 से अधिक दोहे हैं। घनानंद, मतिराम और केशवदास रीति काल के प्रमुख कवि हैं।

आधुनिक काल: आधुनिक हिन्दी साहित्य में भारतेंदु हरिश्चंद्र को "आधुनिक हिन्दी साहित्य का पिता" कहा जाता है। प्रेमचंद ने "गोदान", "गबन", "निर्मला" और "कर्मभूमि" जैसे उपन्यास लिखे। महादेवी वर्मा हिन्दी की छायावादी कवयित्री थीं। सुमित्रानंदन पंत, जयशंकर प्रसाद और सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' छायावाद के प्रमुख कवि हैं। जयशंकर प्रसाद ने "कामायनी" और "आंसू" की रचना की। मैथिलीशरण गुप्त ने "भारत-भारती" की रचना की जिसे "राष्ट्र कवि" भी कहा जाता है। नागार्जुन, फणीश्वर नाथ रेणु और मुंशी प्रेमचंद आधुनिक गद्य साहित्य के प्रमुख लेखक हैं।

4. आधुनिक साहित्य, पुरस्कार और कलाएँ

आधुनिक भारतीय साहित्य में उर्दू, बंगला, तमिल और अंग्रेजी साहित्य का भी योगदान रहा है। रवींद्रनाथ टैगोर को 1913 में "गीतांजलि" के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला। वे एशिया के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता थे। उन्होंने शांतिनिकेतन (विश्व भारती विश्वविद्यालय) की स्थापना की। उर्दू के प्रमुख कवियों में अल्लामा इकबाल, मिर्जा गालिब और फैज़ अहमद फैज़ हैं। मिर्जा गालिब दिल्ली में रहते थे और दीवान-ए-गालिब प्रसिद्ध है।

पुरस्कार: भारत में साहित्य के लिए "ज्ञानपीठ पुरस्कार" (1961 से) भारत का सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार है। "साहित्य अकादमी पुरस्कार" (1954 से) प्रत्येक अनुसूचित भाषा में दिया जाता है। भारत रत्न से भी साहित्यकारों को सम्मानित किया जाता है। रवींद्रनाथ टैगोर, सी. राजगोपालाचारी और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जैसे साहित्यकारों को भारत रत्न मिला।

चित्रकला और शिल्पकला: भारतीय चित्रकला की प्रमुख शैलियाँ मुगल लघु चित्रकला, राजपूत चित्रकला, पहाड़ी चित्रकला (कांगड़ा) और मुगल शैली हैं। अजंता की गुफाओं में बौद्ध काल की भित्ति चित्रकला देखने को मिलती है। मध्य प्रदेश के भीमबेटका में प्रागैतिहासिक गुफा चित्र मिले हैं। मुगल काल में मानसिंह, अबुल हसन जैसे चित्रकार प्रसिद्ध थे। अमृता शेरगिल को आधुनिक भारतीय चित्रकला का अग्रदूत माना जाता है। राजा रवि वर्मा ने भारतीय चित्रकला में यथार्थवाद का समावेश किया। रविंद्रनाथ टैगोर, अबानींद्रनाथ टैगोर और नंदलाल बोस ने आधुनिक चित्रकला को नई दिशा दी।

कला पुरस्कार: भारत में कला के लिए "संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार" दिया जाता है जो 1953 से शुरू हुआ। कला के क्षेत्र में भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री भी दिए जाते हैं। रेलवे परीक्षा में कलाकारों और उनकी विधाओं का मिलान पूछा जाता है। भारतीय फिल्म उद्योग (बॉलीवुड) में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (1969 से) सर्वोच्च फिल्म पुरस्कार है। दादा साहेब फाल्के को भारतीय सिनेमा का जनक कहा जाता है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: प्रमुख साहित्यकार और उनकी रचनाएँ

साहित्यकार रचना विधा
वाल्मीकि रामायण महाकाव्य
वेदव्यास महाभारत महाकाव्य
कालिदास अभिज्ञानशाकुंतलम् नाटक
तुलसीदास रामचरितमानस काव्य
प्रेमचंद गोदान उपन्यास
रवींद्रनाथ टैगोर गीतांजलि कविता

तालिका 2: हिन्दी साहित्य के काल

काल समय प्रमुख कवि/रचना
आदि काल 1050-1375 चंदबरदाई, पृथ्वीराज रासो
भक्ति काल 1375-1700 कबीर, तुलसीदास, मीरा
रीति काल 1700-1900 बिहारी, घनानंद
आधुनिक काल 1900-वर्तमान प्रेमचंद, महादेवी वर्मा

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[कला और साहित्य] --> B[संस्कृत साहित्य]
    A --> C[हिन्दी साहित्य]
    A --> D[आधुनिक साहित्य]
    A --> E[चित्रकला]
    B --> B1[वेद]
    B --> B2[रामायण - वाल्मीकि]
    B --> B3[महाभारत - वेदव्यास]
    B --> B4[कालिदास - शाकुंतलम्]
    C --> C1[भक्ति काल - कबीर, मीरा]
    C --> C2[रीति काल - बिहारी]
    D --> D1[प्रेमचंद - गोदान]
    D --> D2[टैगोर - नोबेल 1913]
    E --> E1[अजंता भित्ति चित्र]
    E --> E2[मुगल लघु चित्र]

7. महत्वपूर्ण चित्र (SVG)

भारतीय साहित्य का विकास वैदिक साहित्य ऋग्वेद, यजुर्वेद महाकाव्य रामायण, महाभारत संस्कृत नाटक कालिदास, भवभूति भक्ति काल कबीर, मीरा, तुलसी आधुनिक काल प्रेमचंद, निराला नोबेल विजेता टैगोर - 1913 कालिदास को भारत का शेक्सपियर कहा जाता है स्वर्ण नियम साहित्यकार और रचना का मिलान अनिवार्य रूप से याद रखें।

हिन्दी साहित्य के चार काल आदि काल 1050-1375 चंदबरदाई - पृथ्वीराज रासो भक्ति काल 1375-1700 कबीर, तुलसीदास, मीरा रीति काल 1700-1900 बिहारी - सतसई आधुनिक काल 1900-अब प्रेमचंद, महादेवी वर्मा ज्ञानपीठ पुरस्कार - 1961 से साहित्य अकादमी पुरस्कार - 1954 से दादा साहेब फाल्के - 1969 से टैगोर - गीतांजलि नोबेल स्वर्ण नियम हिन्दी साहित्य के कालों और उनके प्रमुख कवियों को क्रमबद्ध याद रखें।

8. सामान्य त्रुटियाँ

  1. रामायण के रचयिता वाल्मीकि हैं जिन्हें आदि कवि कहा जाता है; इसे वेदव्यास से भ्रमित न करें।
  2. "गीतांजलि" के लिए रवींद्रनाथ टैगोर को 1913 में नोबेल मिला; यह भारत का नहीं बल्कि एशिया का पहला साहित्य नोबेल था।
  3. कालिदास "अभिज्ञानशाकुंतलम्" के रचयिता हैं; इसे कभी-कभी भवभूति की रचना समझ लिया जाता है।
  4. "रामचरितमानस" अवधी भाषा में तुलसीदास ने लिखा, संस्कृत में नहीं; यह सामान्य भ्रम है।
  5. बिहारी सतसई रीति काल की रचना है, इसे भक्ति काल से नहीं जोड़ना चाहिए।
  6. प्रेमचंद का जन्म हिन्दी और उर्दू दोनों भाषाओं में लिखने के लिए प्रसिद्ध है; "गोदान" हिन्दी उपन्यास है।
  7. सूरदास "सूरसागर" के रचयिता हैं जो कृष्ण भक्ति पर आधारित है; इसे तुलसीदास से नहीं जोड़ना चाहिए।
  8. आदि काल को वीरगाथा काल कहा जाता है, जबकि भक्ति काल को संत काव्य का काल; इन्हें मिलाना गलत है।
  9. महाभारत में 18 पर्व होते हैं, इसे रामायण के 7 कांड से भ्रमित न करें।
  10. दादा साहेब फाल्के भारतीय सिनेमा के जनक हैं, इसे भारतीय रंगमंच का जनक नहीं समझना चाहिए।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. प्रमुख साहित्यकारों और उनकी एक-एक प्रमुख रचना की तालिका बनाकर याद करें।
  2. हिन्दी साहित्य के चार काल और उनकी समयावधि तथा प्रमुख कवियों को क्रमबद्ध रटें।
  3. पुरस्कारों की स्थापना वर्ष (ज्ञानपीठ 1961, साहित्य अकादमी 1954, दादा साहेब फाल्के 1969) याद रखें।
  4. महाकाव्यों के रचयिता, श्लोक संख्या और मुख्य कथा को साथ में पढ़ें।
  5. भक्ति काल के कवियों की विचारधारा (निर्गुण/सगुण) का वर्गीकरण करें।
  6. चित्रकला की शैलियों (मुगल, राजपूत, पहाड़ी) और उनके विशेषताओं का मिलान करें।
  7. पिछले वर्षों के प्रश्नों में साहित्यकार-रचना मिलान वाले प्रश्नों का अभ्यास करें।

10. निष्कर्ष

भारतीय कला और साहित्य की परंपरा वेदों से लेकर आधुनिक काल तक निरंतर प्रवाहमान रही है। इस अध्याय में हमने संस्कृत साहित्य के महाकाव्यों, कालिदास और अन्य नाटककारों, हिन्दी साहित्य के चार कालों और उनके प्रमुख कवियों तथा आधुनिक साहित्यकारों और साहित्यिक पुरस्कारों का अध्ययन किया। रवींद्रनाथ टैगोर का नोबेल पुरस्कार भारतीय साहित्य को विश्व मंच पर ले गया। भारतीय चित्रकला की विभिन्न शैलियाँ और कला पुरस्कार इस विरासत को जीवंत रखते हैं। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा के लिए साहित्यकार-रचना का मिलान, कालों का क्रम और पुरस्कारों की तिथियाँ तालिकाओं के माध्यम से याद करें।