विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: गणित – अंकगणित विषय-वस्तु: 2.3 लाभ हानि और बट्टा
लाभ और हानि अंकगणित का व्यावहारिक अध्याय है जिसमें वस्तुओं के क्रय और विक्रय से जुड़ी गणनाएँ की जाती हैं। क्रय मूल्य (Cost Price, CP) वह मूल्य है जिस पर वस्तु खरीदी जाती है और विक्रय मूल्य (Selling Price, SP) वह मूल्य है जिस पर वस्तु बेची जाती है। यदि विक्रय मूल्य क्रय मूल्य से अधिक हो तो लाभ होता है और यदि कम हो तो हानि होती है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में लाभ-हानि से प्रत्येक वर्ष 2 से 3 प्रश्न आते हैं। इन प्रश्नों में बट्टा (discount), क्रमागत बट्टा और अंकित मूल्य की अवधारणाएँ भी सम्मिलित होती हैं।
लाभ = विक्रय मूल्य - क्रय मूल्य, हानि = क्रय मूल्य - विक्रय मूल्य। लाभ प्रतिशत = (लाभ/क्रय मूल्य) × 100 तथा हानि प्रतिशत = (हानि/क्रय मूल्य) × 100। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि लाभ-हानि का प्रतिशत सदैव क्रय मूल्य पर ही आधारित होता है, जबकि बट्टा अंकित मूल्य पर आधारित होता है। यहीं सबसे अधिक त्रुटियाँ होती हैं।
इस अध्याय में हम लाभ-हानि के मूल सूत्र, विक्रय मूल्य और क्रय मूल्य ज्ञात करने की विधि, अंकित मूल्य और बट्टा, क्रमागत बट्टा, वस्तुओं के क्रय-विक्रय की संख्या में अंतर (जैसे 12 वस्तुएँ क्रय मूल्य पर बेचना), और लाभ-हानि पर आधारित विविध प्रश्नों का विस्तृत अध्ययन करेंगे। इनमें से "क्रय मूल्य पर वस्तुएँ बेचना" वाले प्रश्न रेलवे परीक्षा में नियमित पूछे जाते हैं।
मूल सूत्र — लाभ = SP - CP, हानि = CP - SP। यदि लाभ प्रतिशत x% दिया हो तो SP = CP × (100 + x)/100। यदि हानि प्रतिशत x% दिया हो तो SP = CP × (100 - x)/100।
उदाहरण 1: एक वस्तु ₹450 में खरीदकर ₹540 में बेची गई। लाभ प्रतिशत ज्ञात कीजिए।
हल: लाभ = 540 - 450 = ₹90। लाभ प्रतिशत = (90/450) × 100 = 20%। अतः लाभ 20% है।
उदाहरण 2: एक वस्तु ₹800 में खरीदकर 15% हानि पर बेची गई। विक्रय मूल्य ज्ञात कीजिए।
हल: SP = 800 × (100 - 15)/100 = 800 × 85/100 = ₹680। अतः विक्रय मूल्य ₹680 है।
अंकित मूल्य (Marked Price, MP) वह मूल्य है जो वस्तु पर लिखा या चिह्नित किया जाता है। बट्टा (Discount) अंकित मूल्य पर दिया जाता है। विक्रय मूल्य = अंकित मूल्य - बट्टा। बट्टा प्रतिशत = (बट्टा/अंकित मूल्य) × 100।
उदाहरण 3: एक वस्तु का अंकित मूल्य ₹500 है और उस पर 20% बट्टा दिया गया। विक्रय मूल्य ज्ञात कीजिए।
हल: बट्टा = 500 × 20/100 = ₹100। विक्रय मूल्य = 500 - 100 = ₹400। अतः विक्रय मूल्य ₹400 है।
क्रमागत बट्टा: यदि अंकित मूल्य पर पहले a% और फिर b% का क्रमागत बट्टा दिया जाए, तो प्रभावी बट्टा = a + b - ab/100 होता है।
उदाहरण 4: एक वस्तु पर क्रमागत 10% और 20% का बट्टा दिया गया। प्रभावी बट्टा ज्ञात कीजिए।
हल: प्रभावी बट्टा = 10 + 20 - (10 × 20)/100 = 30 - 2 = 28%। अतः प्रभावी बट्टा 28% है।
जब कहा जाता है कि "12 वस्तुएँ क्रय मूल्य पर बेची गईं" या "x वस्तुओं का विक्रय मूल्य y वस्तुओं के क्रय मूल्य के बराबर है", तो ऐसे प्रश्नों में 1 वस्तु का क्रय मूल्य 1 रुपया मानकर या अनुपात विधि से हल किया जाता है।
उदाहरण 5: 15 वस्तुओं का विक्रय मूल्य 12 वस्तुओं के क्रय मूल्य के बराबर है। लाभ प्रतिशत ज्ञात कीजिए।
हल: माना 1 वस्तु का क्रय मूल्य ₹1। 12 वस्तुओं का क्रय मूल्य = ₹12 = 15 वस्तुओं का विक्रय मूल्य। 15 वस्तुओं का क्रय मूल्य = ₹15। लाभ = 15 - 12 = ₹3 (15 वस्तुओं पर)। लाभ प्रतिशत = (3/15) × 100 = 20%। अतः लाभ 20% है।
उदाहरण 6: एक दुकानदार 25% लाभ कमाना चाहता है। क्रय मूल्य ₹200 है, तो विक्रय मूल्य ज्ञात कीजिए।
हल: SP = 200 × (100 + 25)/100 = 200 × 125/100 = ₹250। अतः विक्रय मूल्य ₹250 है।
| परिभाषा | सूत्र |
|---|---|
| लाभ | SP - CP |
| हानि | CP - SP |
| लाभ प्रतिशत | (लाभ/CP) × 100 |
| हानि प्रतिशत | (हानि/CP) × 100 |
| x% लाभ पर SP | CP × (100 + x)/100 |
| x% हानि पर SP | CP × (100 - x)/100 |
| लाभ पर CP | SP × 100/(100 + x) |
| हानि पर CP | SP × 100/(100 - x) |
| परिभाषा | सूत्र |
|---|---|
| विक्रय मूल्य | MP - बट्टा |
| बट्टा प्रतिशत | (बट्टा/MP) × 100 |
| a% व b% क्रमागत बट्टा | a + b - ab/100 |
| MP दिया हो, बट्टा d% | SP = MP × (100 - d)/100 |
| एकल समतुल्य बट्टा | 100 - (100-a)(100-b)/100 |
flowchart TD
A[लाभ हानि और बट्टा] --> B[लाभ]
A --> C[हानि]
A --> D[बट्टा]
A --> E[विविध प्रश्न]
B --> B1[SP - CP]
B --> B2[लाभ% = (लाभ/CP)×100]
C --> C1[CP - SP]
C --> C2[हानि% = (हानि/CP)×100]
D --> D1[MP पर बट्टा]
D --> D2[क्रमागत बट्टा a+b-ab/100]
E --> E1[वस्तुएँ CP पर बेचना]
E --> E2[क्रय-विक्रय संख्या अंतर]
लाभ हानि और बट्टा अंकगणित का अत्यंत व्यावहारिक अध्याय है जो रोजमर्रा के व्यापार से सीधे जुड़ा है। इस अध्याय में हमने क्रय-विक्रय मूल्य, लाभ-हानि के सूत्र, अंकित मूल्य और बट्टा, क्रमागत बट्टा तथा वस्तुओं की संख्या वाले विविध प्रश्नों को हल करना सीखा। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में इन प्रश्नों की नियमित उपस्थिति होती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लाभ-हानि प्रतिशत क्रय मूल्य पर और बट्टा अंकित मूल्य पर लगता है। सूत्रों और सत्यापन की दृढ़ आदत से विद्यार्थी इन प्रश्नों को सटीकता के साथ हल कर सकता है और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकता है।