विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: गणित – ज्यामिति और क्षेत्रमिति विषय-वस्तु: 4.10 ठोस क्षेत्रमिति
रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में ठोस क्षेत्रमिति एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इस विषय के अंतर्गत हम त्रि-आयामी आकृतियों जैसे घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोला, अर्धगोला और बेलन के आयतन तथा पृष्ठीय क्षेत्रफल का अध्ययन करते हैं। पिछली कक्षाओं में हमने द्वि-आयामी आकृतियों के क्षेत्रफल और परिमाप पढ़े थे। ठोस क्षेत्रमिति में ये आकृतियाँ त्रि-आयामी रूप में प्रस्तुत होती हैं, जिनके तीन विमाएँ लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई होती हैं। परीक्षा में इस अध्याय से लगभग हमेशा 2 से 4 प्रश्न पूछे जाते हैं, अतः इसकी पूरी तैयारी आवश्यक है।
ठोस क्षेत्रमिति की दो मुख्य अवधारणाएँ हैं — पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन। पृष्ठीय क्षेत्रफल किसी ठोस की बाहरी सतह का कुल क्षेत्रफल होता है, जिसे वर्ग इकाइयों में मापा जाता है। आयतन किसी ठोस द्वारा घेरा गया स्थान होता है, जिसे घन इकाइयों में मापा जाता है। पृष्ठीय क्षेत्रफल दो प्रकार का होता है — वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (केवल वक्र सतह) और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (सभी सतहों का योग)। उदाहरण के लिए बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 2πrh तथा कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 2πr(r + h) होता है।
इस अध्याय में हम घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोले और अर्धगोले के सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल, वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन के सूत्र सीखेंगे। साथ ही विभिन्न प्रकार के प्रश्नों जैसे पेंटिंग का खर्च, पानी भरने का समय, धातु पिघलाकर नई आकृति बनाना आदि को हल करेंगे। इसके अलावा संयुक्त आकृतियों का क्षेत्रफल एवं आयतन भी ज्ञात करेंगे, जो रेलवे की परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं। सूत्रों के साथ-साथ इकाइयों के रूपांतरण की भी विशेष पकड़ होनी चाहिए।
घन वह घनाभ है जिसकी सभी भुजाएँ समान होती हैं। यदि घन की भुजा a हो, तो घन का आयतन a³ होता है। घन का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल 6a² होता है, क्योंकि घन की 6 फलक होते हैं और प्रत्येक फलक a² क्षेत्रफल का वर्ग होता है। घन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 4a² होता है। घन की भुजा, विकर्ण और आयतन में संबंध के आधार पर प्रश्न बनाए जाते हैं। घन का विकर्ण a√3 होता है। यदि घन का आयतन दिया हो तो भुजा निकालने के लिए घनमूल निकालना पड़ता है।
घनाभ की तीन विमाएँ लंबाई l, चौड़ाई b और ऊँचाई h होती हैं। घनाभ का आयतन l × b × h होता है। घनाभ का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल 2(lb + bh + hl) होता है। घनाभ का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 2h(l + b) होता है। घनाभ के विकर्ण की लंबाई √(l² + b² + h²) होती है। यदि किसी टंकी को भरने का समय ज्ञात करना हो तो आयतन को प्रवाह दर से भाग देते हैं। उदाहरण के लिए यदि एक घनाभाकार टंकी 8 × 5 × 4 मीटर की है तथा पानी का प्रवाह 8 घन मीटर प्रति मिनट है, तो भरने में 160 मिनट लगेंगे।
उदाहरण 1: एक घन की भुजा 6 सेमी है। उसका आयतन और सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: घन का आयतन = a³ = 6³ = 216 घन सेमी।
घन का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a² = 6 × 36 = 216 वर्ग सेमी।
उदाहरण 2: एक घनाभ की विमाएँ 12 मीटर, 8 मीटर और 5 मीटर हैं। इसका आयतन और सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: आयतन = l × b × h = 12 × 8 × 5 = 480 घन मीटर।
सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl) = 2(12×8 + 8×5 + 5×12) = 2(96 + 40 + 60) = 2 × 196 = 392 वर्ग मीटर।
बेलन दो समान वृत्ताकार सिरों वाली आकृति है। यदि बेलन की त्रिज्या r और ऊँचाई h हो, तो बेलन का आयतन πr²h होता है। बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 2πrh तथा कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 2πr(r + h) होता है। यदि केवल आधार का क्षेत्रफल πr² आवश्यक हो तो उसे खुले बर्तन की स्थिति में जोड़ा नहीं जाता। बेलन पर लागू होने वाले प्रश्नों में आमतौर पर पाइप, टंकी, रोलर, तार आदि का उपयोग होता है। धातु के तार को पिघलाकर बेलन बनाने के प्रश्नों में आयतन की बराबरी करके आवश्यक विमाएँ ज्ञात की जाती हैं।
शंकु की त्रिज्या r, ऊँचाई h और तिर्यक ऊँचाई l होती है, जहाँ l = √(r² + h²) होता है। शंकु का आयतन (1/3)πr²h होता है, जो समान आधार और ऊँचाई वाले बेलन के आयतन का एक-तिहाई होता है। शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल πrl तथा कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल πr(l + r) होता है। शंकु के प्रश्नों में तिर्यक ऊँचाई की गणना में पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग होता है। टेंट, शंकु के आकार के ढक्कन आदि इसके व्यावहारिक उदाहरण हैं।
गोले की त्रिज्या r हो तो गोले का आयतन (4/3)πr³ और पृष्ठीय क्षेत्रफल 4πr² होता है। अर्धगोले का आयतन (2/3)πr³ तथा वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 2πr² और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 3πr² होता है। गोले से संबंधित प्रश्नों में गोलियों (गोल्ड स्मिथ के बटन), गेंद, गोलाकार टंकी आदि के उदाहरण हैं। जब एक ठोस को पिघलाकर दूसरी आकृति बनाई जाती है, तो दोनों के आयतन बराबर होते हैं। यह अवधारणा संयुक्त आकृतियों के प्रश्नों में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उदाहरण 3: एक बेलन की त्रिज्या 7 सेमी और ऊँचाई 10 सेमी है। उसका आयतन ज्ञात कीजिए। (π = 22/7 लीजिए)
हल: आयतन = πr²h = (22/7) × 7 × 7 × 10 = 1540 घन सेमी।
उदाहरण 4: एक शंकु की त्रिज्या 6 सेमी और ऊँचाई 8 सेमी है। तिर्यक ऊँचाई तथा आयतन ज्ञात कीजिए।
हल: तिर्यक ऊँचाई l = √(r² + h²) = √(36 + 64) = √100 = 10 सेमी।
आयतन = (1/3)πr²h = (1/3) × 3.14 × 36 × 8 = 301.44 घन सेमी।
संयुक्त ठोस का क्षेत्रफल और आयतन निकालने के लिए उसे ज्ञात भागों में विभाजित किया जाता है। उदाहरण के लिए, एक बेलन पर अर्धगोला चढ़ा हो तो कुल आयतन दोनों के आयतनों का योग होता है। इसी प्रकार कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि जुड़ने वाला भाग (जैसे बेलन का ऊपरी वृत्त) बाहरी सतह का हिस्सा नहीं बनेगा। रेलवे की परीक्षा में संयुक्त आकृतियों पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, जिनमें ध्यान से चित्र बनाकर ही हल करना चाहिए।
व्यावहारिक प्रश्नों में पेंटिंग का खर्च निकालने के लिए पहले पेंट होने वाली सतह का क्षेत्रफल निकाला जाता है, फिर दर से गुणा किया जाता है। टंकी भरने के प्रश्न में आयतन को प्रवाह दर से भाग देते हैं। पिघलाकर नई आकृति बनाने के प्रश्न में आयतन की बराबरी की जाती है। यदि कई छोटे गोले मिलाकर बड़ा गोला बनाया जाए, तो छोटे गोलों के आयतनों का योग बड़े गोले के आयतन के बराबर होता है। इसी आधार पर गोलों की संख्या निकाली जाती है।
उदाहरण 5: 3 सेमी त्रिज्या की धातु की गेंदों को पिघलाकर 9 सेमी त्रिज्या की एक बड़ी गेंद बनाई जाती है। कितनी छोटी गेंदें आवश्यक होंगी?
हल: छोटे गोले का आयतन = (4/3)π(3)³ = 36π घन सेमी।
बड़े गोले का आयतन = (4/3)π(9)³ = 972π घन सेमी।
गेंदों की संख्या = 972π / 36π = 27।
उदाहरण 6: एक बेलनाकार टंकी की त्रिज्या 1.4 मीटर और ऊँचाई 5 मीटर है। टंकी की धारिता लीटर में ज्ञात कीजिए। (π = 22/7 लीजिए)
हल: आयतन = πr²h = (22/7) × 1.4 × 1.4 × 5 = 30.8 घन मीटर।
1 घन मीटर = 1000 लीटर, अतः धारिता = 30.8 × 1000 = 30800 लीटर।
| आकृति | आयतन | वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल | सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल |
|---|---|---|---|
| घन (भुजा a) | a³ | 4a² | 6a² |
| घनाभ (l, b, h) | l × b × h | 2h(l + b) | 2(lb + bh + hl) |
| बेलन (r, h) | πr²h | 2πrh | 2πr(r + h) |
| शंकु (r, h, l) | (1/3)πr²h | πrl | πr(l + r) |
| गोला (r) | (4/3)πr³ | 4πr² | 4πr² |
| अर्धगोला (r) | (2/3)πr³ | 2πr² | 3πr² |
| संकल्पना | सूत्र / तथ्य |
|---|---|
| घन का विकर्ण | a√3 |
| घनाभ का विकर्ण | √(l² + b² + h²) |
| शंकु की तिर्यक ऊँचाई | l = √(r² + h²) |
| 1 घन मीटर | 1000 लीटर |
| 1 घन सेमी | 1 मिलीलीटर |
| शंकु और बेलन का आयतन संबंध | शंकु का आयतन = (1/3) × बेलन का आयतन |
| पिघलाने का नियम | दोनों आकृतियों के आयतन बराबर |
flowchart TD
A[ठोस क्षेत्रमिति] --> B[घन एवं घनाभ]
A --> C[बेलन]
A --> D[शंकु]
A --> E[गोला एवं अर्धगोला]
A --> F[संयुक्त ठोस]
B --> B1[आयतन a³ तथा l×b×h]
B --> B2[पृष्ठीय क्षेत्रफल 6a² तथा 2(lb+bh+hl)]
C --> C1[आयतन πr²h]
C --> C2[क्षेत्रफल 2πr(r+h)]
D --> D1[आयतन (1/3)πr²h]
D --> D2[तिर्यक ऊँचाई √(r²+h²)]
E --> E1[आयतन (4/3)πr³]
E --> E2[क्षेत्रफल 4πr²]
F --> F1[भागों में बाँटकर योग]
F --> F2[पिघलाने पर आयतन बराबर]
1/3 गुणा करना भूल जाना सबसे आम गलती है।2πr² लिखना, जबकि सही सूत्र 3πr² है (वृत्ताकार आधार भी शामिल होता है)।h आती है।π का मान प्रश्न में दिया गया है वही प्रयोग करें, अन्यथा 22/7 उपयुक्त रहेगा।ठोस क्षेत्रमिति रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की गणित परीक्षा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। इस अध्याय में हमने घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोले और अर्धगोले के आयतन तथा पृष्ठीय क्षेत्रफल के सभी सूत्रों को विस्तार से समझा। हमने शंकु की तिर्यक ऊँचाई, घन और घनाभ के विकर्ण तथा इकाइयों के रूपांतरण की अवधारणा सीखी। संयुक्त ठोस आकृतियों के आयतन और क्षेत्रफल की गणना तथा पिघलाकर नई आकृति बनाने के प्रश्नों को हल करने की विधि भी सीखी। व्यावहारिक प्रश्नों जैसे पेंटिंग का खर्च, टंकी की धारिता और गोलों की संख्या ज्ञात करना भी इस अध्याय का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नियमित अभ्यास और सूत्रों की पकड़ से इस अध्याय के प्रश्नों को तेजी से और शुद्ध रूप से हल किया जा सकता है, जिससे परीक्षा में पूर्ण अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।